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संक्षेप में: चंद्रमा पूरे दिन तुला राशि में है (निरयन)। तिथि कृष्ण पक्ष की द्वादशी है, जो 6 दिसंबर, 00:52 बजे त्रयोदशी में बदलती है। दोपहर के आसपास चंद्रमा स्वाती नक्षत्र में है, जिसके देवता वायु हैं; यह चर नक्षत्र है, जो परंपरा से यात्रा, भाग-दौड़ और फेरबदल के लिए अच्छा माना जाता है। तुला में चंद्रमा के साथ शुक्र है।

आज का पंचांग

वार शनिवार — स्वामी शनि
तिथि कृष्ण पक्ष: द्वादशी 6 दिसंबर, 00:52 तक; फिर त्रयोदशी (सूर्योदय पर भद्रा तिथि)
नक्षत्र चित्रा 11:49 तक; फिर स्वाती
योग सौभाग्य 07:53 तक; फिर शोभन
करण कौलव 12:15 तक; तैतिल 6 दिसंबर, 00:52 तक; फिर गर
चंद्र राशि (निरयन) तुला
राशि परिवर्तन राहु 22:31 बजे मकर राशि में (केतु कर्क में)
वक्री ग्रह शनि
सूर्योदय / सूर्यास्त 06:59 / 17:23 (नई दिल्ली)
राहु काल 09:35–10:53 (नई दिल्ली)

राहु काल शनिवार को दिनमान के आठ बराबर भागों में से तीसरा भाग है, जो स्थानीय सूर्योदय से गिना जाता है — इसलिए इसका समय आपके शहर पर निर्भर करता है: आज नई दिल्ली में यह 09:35–10:53 बजे तक है। बहुत-से परिवार इसमें नया काम शुरू नहीं करते; अपने शहर का समय हिंदी पंचांग पर देखें।

चंद्र राशि के अनुसार राशिफल

मेष

पूरे दिन चंद्रमा आपके सातवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं विवाह, साथी और अनुबंध। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से सातवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन साझेदारी के लिए मददगार रहेगा। राहु (और उसके सामने केतु) 22:31 बजे आपके दसवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे करियर में महत्वाकांक्षा का असर आता है। उस भाव में चंद्रमा के साथ शुक्र है: अपनापन और सुंदरता की परख। आज के नक्षत्र स्वाती के स्वामी राहु हैं; आपकी राशि से वे ग्यारहवें भाव में हैं, जो दिन को लाभ और मित्रता से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके सातवें भाव में है, जो उसे साझेदारी से जोड़ता है। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके बारहवें भाव में है — ख़र्च और विश्राम की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: किसी समझौते की शर्तें दस्तख़त से पहले पढ़ें।

वृषभ

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके छठे भाव में बिताता है — काम, सेवा, सेहत की आदतें, क़र्ज़ और प्रतिस्पर्धा। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से छठे भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन काम और सेहत की आदतों के लिए मददगार रहेगा। राहु (और उसके सामने केतु) 22:31 बजे आपके नौवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे पढ़ाई, आस्था और यात्रा में महत्वाकांक्षा का असर आता है। उस भाव में चंद्रमा के साथ शुक्र है: अपनापन और सुंदरता की परख। आज के नक्षत्र स्वाती के स्वामी राहु हैं; आपकी राशि से वे दसवें भाव में हैं, जो दिन को करियर से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके छठे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग काम और सेहत की आदतों से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: कोई छोटा क़र्ज़ या विवाद शांति से सुलझाएँ।

मिथुन

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके पाँचवें भाव में बिताता है — संतान, रचनात्मकता, बुद्धि और पुण्य। चंद्रमा से पाँचवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; रचनात्मक कामों और संतान में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। राहु (और उसके सामने केतु) 22:31 बजे आपके आठवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे साझे धन और निजी बातों में महत्वाकांक्षा का असर आता है। वहाँ चंद्रमा का साथ शुक्र दे रहा है, जिससे अक्सर अपनापन और सुंदरता की परख रहता है। दिन का नक्षत्र स्वाती है, जिसका स्वामी राहु आपके नौवें भाव में है — इसलिए दिन में पढ़ाई, आस्था और यात्रा की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके पाँचवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग रचनात्मक कामों और संतान से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: मन को कुछ अच्छा पढ़ने दें।

कर्क

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके चौथे भाव में बिताता है — घर, माँ, संपत्ति और मन की शांति। चंद्रमा से चौथे भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; घर-परिवार में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। राहु (और उसके सामने केतु) 22:31 बजे आपके सातवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे साझेदारी में महत्वाकांक्षा का असर आता है। वहाँ चंद्रमा का साथ शुक्र दे रहा है, जिससे अक्सर अपनापन और सुंदरता की परख रहता है। आज के नक्षत्र स्वाती के स्वामी राहु हैं; आपकी राशि से वे आठवें भाव में हैं, जो दिन को साझे धन और निजी बातों से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके चौथे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग घर-परिवार से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: माँ या किसी बुज़ुर्ग के साथ इत्मीनान से समय बिताएँ।

सिंह

पूरे दिन चंद्रमा आपके तीसरे भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं साहस, भाई-बहन, हुनर और बातचीत। चंद्रमा से तीसरे भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — मेहनत और बातचीत के लिए सहायक पृष्ठभूमि। राहु (और उसके सामने केतु) 22:31 बजे आपके छठे भाव में प्रवेश करता है, जिससे काम और सेहत की आदतों में महत्वाकांक्षा का असर आता है। वहाँ चंद्रमा का साथ शुक्र दे रहा है, जिससे अक्सर अपनापन और सुंदरता की परख रहता है। दिन का नक्षत्र स्वाती है, जिसका स्वामी राहु आपके सातवें भाव में है — इसलिए दिन में साझेदारी की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके तीसरे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग मेहनत और बातचीत से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: जो संदेश या फ़ोन टाल रहे थे, आज कर लें।

कन्या

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके दूसरे भाव में बिताता है — धन, परिवार, भोजन और वाणी। चंद्रमा से दूसरे भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; धन और परिवार में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। राहु (और उसके सामने केतु) 22:31 बजे आपके पाँचवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे रचनात्मक कामों और संतान में महत्वाकांक्षा का असर आता है। वहाँ चंद्रमा का साथ शुक्र दे रहा है, जिससे अक्सर अपनापन और सुंदरता की परख रहता है। आज के नक्षत्र स्वाती के स्वामी राहु हैं; आपकी राशि से वे छठे भाव में हैं, जो दिन को काम और सेहत की आदतों से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके दूसरे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग धन और परिवार से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: परिवार का कोई छोटा मामला सुलझाएँ।

तुला

पूरे दिन चंद्रमा आपके पहले भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं शरीर, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व। आज चंद्रमा आपकी अपनी राशि में है, परंपरा से शुभ पर कोमल समय: जो कहना है साफ़ कहें और चाल धीमी रखें। राहु (और उसके सामने केतु) 22:31 बजे आपके चौथे भाव में प्रवेश करता है, जिससे घर-परिवार में महत्वाकांक्षा का असर आता है। वहाँ चंद्रमा का साथ शुक्र दे रहा है, जिससे अक्सर अपनापन और सुंदरता की परख रहता है। आज के नक्षत्र स्वाती के स्वामी राहु हैं; आपकी राशि से वे पाँचवें भाव में हैं, जो दिन को रचनात्मक कामों और संतान से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके पहले भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग निजी मामलों से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: वह एक काम करें जो सचमुच आपका है।

वृश्चिक

पूरे दिन चंद्रमा आपके बारहवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं ख़र्च, एकांत, विदेश और मोक्ष। परंपरा चंद्रमा से बारहवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए ख़र्च और विश्राम को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। राहु (और उसके सामने केतु) 22:31 बजे आपके तीसरे भाव में प्रवेश करता है, जिससे मेहनत और बातचीत में महत्वाकांक्षा का असर आता है। उस भाव में चंद्रमा के साथ शुक्र है: अपनापन और सुंदरता की परख। दिन का नक्षत्र स्वाती है, जिसका स्वामी राहु आपके चौथे भाव में है — इसलिए दिन में घर-परिवार की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके बारहवें भाव में है, जो उसे ख़र्च और विश्राम से जोड़ता है। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके पाँचवें भाव में है — रचनात्मक कामों और संतान की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: ख़र्च से पहले बजट देखें।

धनु

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके ग्यारहवें भाव में बिताता है — लाभ, मित्र, संपर्क और इच्छाएँ। चंद्रमा से ग्यारहवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — लाभ और मित्रता के लिए सहायक पृष्ठभूमि। राहु (और उसके सामने केतु) 22:31 बजे आपके दूसरे भाव में प्रवेश करता है, जिससे धन और परिवार में महत्वाकांक्षा का असर आता है। उस भाव में चंद्रमा के साथ शुक्र है: अपनापन और सुंदरता की परख। दिन का नक्षत्र स्वाती है, जिसका स्वामी राहु आपके तीसरे भाव में है — इसलिए दिन में मेहनत और बातचीत की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके ग्यारहवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग लाभ और मित्रता से आता है। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके चौथे भाव में है — घर-परिवार की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: जिसका इंतज़ार था, उस पर बात आगे बढ़ाएँ।

मकर

पूरे दिन चंद्रमा आपके दसवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं करियर, पद और कर्म। चंद्रमा से दसवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — करियर के लिए सहायक पृष्ठभूमि। राहु (और उसके सामने केतु) 22:31 बजे आपके पहले भाव में प्रवेश करता है, जिससे निजी मामलों में महत्वाकांक्षा का असर आता है। वहाँ चंद्रमा का साथ शुक्र दे रहा है, जिससे अक्सर अपनापन और सुंदरता की परख रहता है। दिन का नक्षत्र स्वाती है, जिसका स्वामी राहु आपके दूसरे भाव में है — इसलिए दिन में धन और परिवार की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके दसवें भाव में है, जो उसे करियर से जोड़ता है। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके तीसरे भाव में है — मेहनत और बातचीत की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: दिन का सबसे अच्छा घंटा अपने मुख्य काम को दें।

कुंभ

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके नौवें भाव में बिताता है — भाग्य, आस्था, गुरु और लंबी यात्राएँ। चंद्रमा से नौवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; पढ़ाई, आस्था और यात्रा में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। राहु (और उसके सामने केतु) 22:31 बजे आपके बारहवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे ख़र्च और विश्राम में महत्वाकांक्षा का असर आता है। उस भाव में चंद्रमा के साथ शुक्र है: अपनापन और सुंदरता की परख। आज के नक्षत्र स्वाती के स्वामी राहु हैं; आपकी राशि से वे पहले भाव में हैं, जो दिन को निजी मामलों से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके नौवें भाव में है, जो उसे पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जोड़ता है। दिन का अच्छा उपयोग: किसी ऐसे गुरु को पढ़ें या सुनें जिनका आप आदर करते हैं।

मीन

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके आठवें भाव में बिताता है — परिवर्तन, साझा धन और गुप्त बातें। मीन चंद्र राशि वालों के लिए यह चंद्राष्टम है (पूरे दिन): पंचांग की परंपरा ज़रूरी नई शुरुआत किसी और दिन के लिए रखती है, इसलिए साझे धन और निजी बातों में धीरे चलें। राहु (और उसके सामने केतु) 22:31 बजे आपके ग्यारहवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे लाभ और मित्रता में महत्वाकांक्षा का असर आता है। उस भाव में चंद्रमा के साथ शुक्र है: अपनापन और सुंदरता की परख। आज के नक्षत्र स्वाती के स्वामी राहु हैं; आपकी राशि से वे बारहवें भाव में हैं, जो दिन को ख़र्च और विश्राम से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके आठवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग साझे धन और निजी बातों से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: साझे पैसे के जोखिम भरे फ़ैसले टालें।

इस पेज को कैसे पढ़ें

दैनिक राशिफल चंद्रमा के साथ चलता है — सबसे तेज़ चलने वाला ग्रह — और आपकी राशि से गिने गए भावों में उसकी यात्रा पढ़ता है; आकाश रोज़ बदलता है, इसलिए फल भी रोज़ बदलता है। आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं ज़्यादा सटीक है: आपका दिन आपकी जन्म-कुंडली से हर दिन का पाठ देता है, और मुफ़्त कुंडली आपकी चंद्र राशि, लग्न और चल रही दशा दिखाती है। सूर्य राशि (पश्चिमी) के राशिफल अंग्रेज़ी पेज पर हैं।

स्रोत

  1. Sunyra engine (positions verified against NASA/JPL Horizons; panchang for New Delhi)
  2. Phaladeepika of Mantreswara, ch. 26 (transits from the Moon)
  3. Muhurta Chintamani of Rama Daivajna (nakshatra classes, tithi groups)
  4. Brihat Parashara Hora Shastra, ch. 26 (graha drishti) (Santhanam)

Sunyra संपादकीय द्वारा लिखित। ज्योतिष व्याख्या की एक परंपरा है; इसे मार्गदर्शन की तरह पढ़ें, पक्की भविष्यवाणी की तरह नहीं। अस्वीकरण (Disclaimer)।

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