होली दो दिन मनाई जाती है: फाल्गुन पूर्णिमा की शाम होलिका दहन, और अगली सुबह रंग (कुछ वर्षों में एक दिन बाद)। इस साल के दिन, नई दिल्ली के लिए गणना करके:
होली 2027 के दिन
होलिका दहन
फाल्गुन पूर्णिमा की शाम का अलाव: प्रह्लाद की आस्था आग से बच निकलती है, और साल की परेशानियाँ लपटों में चली जाती हैं। यह सूर्यास्त के बाद, भद्रा टालकर जलाया जाता है।
- तिथि: पूर्णिमा
- 18:22 – 16:13 (22 मार्च)
- सूर्यास्त
- 18:32
- प्रदोष काल
- 18:32 – 20:54
- भद्रा (विष्टि करण)
- 18:22 – 05:15 (22 मार्च)
- भद्रा समाप्त (इस साल भद्रा पूरी शाम है: पंचांग इसके बाद या इसके अंतिम भाग, भद्रा पुच्छ, में दहन बताते हैं; अपने परिवार की परंपरा मानें)
- 05:15 (22 मार्च)
होली · रंगवाली होली
रंगों की सुबह: गुलाल, पानी, मिठाई और मेल-मिलाप; पुराने गिले-शिकवे भुला दिए जाते हैं।
- तिथि: कृष्ण प्रतिपदा
- 16:13 – 14:28 (23 मार्च)
समय नई दिल्ली के हैं (UTC+5:30), सुन्यरा इंजन से गणना (निरयन, लाहिड़ी)। सूर्योदय, सूर्यास्त और लग्न आपके शहर के हिसाब से एक घंटे तक बदल सकते हैं: अपने शहर का पंचांग देखें। अपने शहर का पंचांग →