इस पेज पर
संक्षेप में: चंद्रमा 21:00 बजे तक वृश्चिक राशि में है, फिर धनु में (निरयन)। तिथि शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा है। दोपहर के आसपास चंद्रमा ज्येष्ठा नक्षत्र में है, जिसके देवता इंद्र हैं; यह तीक्ष्ण नक्षत्र है, जो परंपरा से पूरे हो चुके कामों को समेटने, खोज और सफ़ाई के लिए अच्छा माना जाता है। वृश्चिक में चंद्रमा के साथ सूर्य और बुध हैं। इस राशि पर मंगल की चौथी दृष्टि है — जो गर्मी जोड़ती है, इसलिए रफ़्तार सँभालें। शूल योग मुहूर्त-ग्रंथों में नए काम की शुरुआत के लिए टाला जाता है; रोज़ का काम सामान्य रूप से चलता है।
आज का पंचांग
| वार | बुधवार — स्वामी बुध |
| तिथि | शुक्ल पक्ष: फिर प्रतिपदा (सूर्योदय पर नंदा तिथि) |
| नक्षत्र | ज्येष्ठा 21:00 तक; फिर मूल |
| योग | धृति 08:40 तक; फिर शूल |
| करण | किंस्तुघ्न 19:32 तक; फिर बव |
| चंद्र राशि (निरयन) | वृश्चिक; 21:00 बजे से धनु |
| चंद्र कला | अमावस्या 06:21 बजे (चंद्रमा निरयन वृश्चिक में) |
| वक्री ग्रह | शनि |
| सूर्योदय / सूर्यास्त | 07:02 / 17:24 (नई दिल्ली) |
| राहु काल | 12:13–13:31 (नई दिल्ली) |
राहु काल बुधवार को दिनमान के आठ बराबर भागों में से पाँचवाँ भाग है, जो स्थानीय सूर्योदय से गिना जाता है — इसलिए इसका समय आपके शहर पर निर्भर करता है: आज नई दिल्ली में यह 12:13–13:31 बजे तक है। बहुत-से परिवार इसमें नया काम शुरू नहीं करते; अपने शहर का समय हिंदी पंचांग पर देखें।
चंद्र राशि के अनुसार राशिफल
मेष
चंद्रमा 21:00 बजे तक आपके आठवें भाव में है, जो साझे धन और निजी बातों से जुड़ा है; फिर वह नौवें भाव में आता है — भाग्य, आस्था, गुरु और लंबी यात्राएँ। मेष चंद्र राशि वालों के लिए यह चंद्राष्टम है (21:00 बजे तक): पंचांग की परंपरा ज़रूरी नई शुरुआत किसी और दिन के लिए रखती है, इसलिए साझे धन और निजी बातों में धीरे चलें। उस भाव में चंद्रमा के साथ सूर्य और बुध हैं: आराम से ज़्यादा उद्देश्य और व्यस्त, बातूनी मन। दिन का नक्षत्र ज्येष्ठा है, जिसका स्वामी बुध आपके आठवें भाव में है — इसलिए दिन में साझे धन और निजी बातों की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी मंगल आपके पाँचवें भाव में है, जो उसे रचनात्मक कामों और संतान से जोड़ता है। दिन का अच्छा उपयोग: साझे पैसे के जोखिम भरे फ़ैसले टालें।
वृषभ
चंद्रमा 21:00 बजे तक आपके सातवें भाव में है, जो साझेदारी से जुड़ा है; फिर वह आठवें भाव में आता है — परिवर्तन, साझा धन और गुप्त बातें। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से सातवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन साझेदारी के लिए मददगार रहेगा। चंद्राष्टम 21:00 बजे शुरू होता है, इसलिए नई शुरुआत उसके पहले करें। वहाँ चंद्रमा का साथ सूर्य और बुध दे रहे हैं, जिससे अक्सर आराम से ज़्यादा उद्देश्य और व्यस्त, बातूनी मन रहता है। दिन का नक्षत्र ज्येष्ठा है, जिसका स्वामी बुध आपके सातवें भाव में है — इसलिए दिन में साझेदारी की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी मंगल आपके चौथे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग घर-परिवार से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: किसी सहकर्मी के साथ बीच का रास्ता निकालें।
मिथुन
चंद्रमा 21:00 बजे तक आपके छठे भाव में है, जो काम और सेहत की आदतों से जुड़ा है; फिर वह सातवें भाव में आता है — विवाह, साथी और अनुबंध। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से छठे भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन काम और सेहत की आदतों के लिए मददगार रहेगा। उस भाव में चंद्रमा के साथ सूर्य और बुध हैं: आराम से ज़्यादा उद्देश्य और व्यस्त, बातूनी मन। आज के नक्षत्र ज्येष्ठा के स्वामी बुध हैं; आपकी राशि से वे छठे भाव में हैं, जो दिन को काम और सेहत की आदतों से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी मंगल आपके तीसरे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग मेहनत और बातचीत से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: काम का कोई रुका हुआ काम निपटाएँ।
कर्क
चंद्रमा 21:00 बजे तक आपके पाँचवें भाव में है, जो रचनात्मक कामों और संतान से जुड़ा है; फिर वह छठे भाव में आता है — काम, सेवा, सेहत की आदतें, क़र्ज़ और प्रतिस्पर्धा। परंपरा चंद्रमा से पाँचवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए रचनात्मक कामों और संतान को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। उस भाव में चंद्रमा के साथ सूर्य और बुध हैं: आराम से ज़्यादा उद्देश्य और व्यस्त, बातूनी मन। आज के नक्षत्र ज्येष्ठा के स्वामी बुध हैं; आपकी राशि से वे पाँचवें भाव में हैं, जो दिन को रचनात्मक कामों और संतान से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी मंगल आपके दूसरे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग धन और परिवार से आता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके पाँचवें भाव में है — रचनात्मक कामों और संतान की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: बच्चों, पढ़ाई या किसी रचनात्मक काम को समय दें।
सिंह
चंद्रमा 21:00 बजे तक आपके चौथे भाव में है, जो घर-परिवार से जुड़ा है; फिर वह पाँचवें भाव में आता है — संतान, रचनात्मकता, बुद्धि और पुण्य। चंद्रमा से चौथे भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; घर-परिवार में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। वहाँ चंद्रमा का साथ सूर्य और बुध दे रहे हैं, जिससे अक्सर आराम से ज़्यादा उद्देश्य और व्यस्त, बातूनी मन रहता है। आज के नक्षत्र ज्येष्ठा के स्वामी बुध हैं; आपकी राशि से वे चौथे भाव में हैं, जो दिन को घर-परिवार से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी मंगल आपके पहले भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग निजी मामलों से आता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके चौथे भाव में है — घर-परिवार की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: माँ या किसी बुज़ुर्ग के साथ इत्मीनान से समय बिताएँ।
कन्या
चंद्रमा 21:00 बजे तक आपके तीसरे भाव में है, जो मेहनत और बातचीत से जुड़ा है; फिर वह चौथे भाव में आता है — घर, माँ, संपत्ति और मन की शांति। चंद्रमा से तीसरे भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — मेहनत और बातचीत के लिए सहायक पृष्ठभूमि। उस भाव में चंद्रमा के साथ सूर्य और बुध हैं: आराम से ज़्यादा उद्देश्य और व्यस्त, बातूनी मन। आज के नक्षत्र ज्येष्ठा के स्वामी बुध हैं; आपकी राशि से वे तीसरे भाव में हैं, जो दिन को मेहनत और बातचीत से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी मंगल आपके बारहवें भाव में है, जो उसे ख़र्च और विश्राम से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके तीसरे भाव में है — मेहनत और बातचीत की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: भाई-बहन या पड़ोसी की किसी छोटी बात में मदद करें।
तुला
चंद्रमा 21:00 बजे तक आपके दूसरे भाव में है, जो धन और परिवार से जुड़ा है; फिर वह तीसरे भाव में आता है — साहस, भाई-बहन, हुनर और बातचीत। चंद्रमा से दूसरे भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; धन और परिवार में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। वहाँ चंद्रमा का साथ सूर्य और बुध दे रहे हैं, जिससे अक्सर आराम से ज़्यादा उद्देश्य और व्यस्त, बातूनी मन रहता है। दिन का नक्षत्र ज्येष्ठा है, जिसका स्वामी बुध आपके दूसरे भाव में है — इसलिए दिन में धन और परिवार की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी मंगल आपके ग्यारहवें भाव में है, जो उसे लाभ और मित्रता से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके दूसरे भाव में है — धन और परिवार की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: घर का हिसाब देखें या परिवार के लिए कुछ पकाएँ।
वृश्चिक
चंद्रमा 21:00 बजे तक आपके पहले भाव में है, जो निजी मामलों से जुड़ा है; फिर वह दूसरे भाव में आता है — धन, परिवार, भोजन और वाणी। चंद्रमा आपकी अपनी राशि में लौटा है, इसलिए भावनाएँ सतह के क़रीब हैं; परंपरा इसे शुभ चंद्रमा मानती है, जो सरल और ईमानदार योजनाओं के लिए सबसे अच्छा है। वहाँ चंद्रमा का साथ सूर्य और बुध दे रहे हैं, जिससे अक्सर आराम से ज़्यादा उद्देश्य और व्यस्त, बातूनी मन रहता है। आज के नक्षत्र ज्येष्ठा के स्वामी बुध हैं; आपकी राशि से वे पहले भाव में हैं, जो दिन को निजी मामलों से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी मंगल आपके दसवें भाव में है, जो उसे करियर से जोड़ता है। दिन का अच्छा उपयोग: अपनी दिनचर्या सरल रखें और नींद-भोजन का ध्यान रखें।
धनु
चंद्रमा 21:00 बजे तक आपके बारहवें भाव में है, जो ख़र्च और विश्राम से जुड़ा है; फिर वह पहले भाव में आता है — शरीर, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व। परंपरा चंद्रमा से बारहवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए ख़र्च और विश्राम को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। वहाँ चंद्रमा का साथ सूर्य और बुध दे रहे हैं, जिससे अक्सर आराम से ज़्यादा उद्देश्य और व्यस्त, बातूनी मन रहता है। दिन का नक्षत्र ज्येष्ठा है, जिसका स्वामी बुध आपके बारहवें भाव में है — इसलिए दिन में ख़र्च और विश्राम की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी मंगल आपके नौवें भाव में है, जो उसे पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके बारहवें भाव में है — ख़र्च और विश्राम की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: आराम करें, सरल रखें और एक चीज़ छोड़ दें।
मकर
चंद्रमा 21:00 बजे तक आपके ग्यारहवें भाव में है, जो लाभ और मित्रता से जुड़ा है; फिर वह बारहवें भाव में आता है — ख़र्च, एकांत, विदेश और मोक्ष। चंद्रमा से ग्यारहवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — लाभ और मित्रता के लिए सहायक पृष्ठभूमि। उस भाव में चंद्रमा के साथ सूर्य और बुध हैं: आराम से ज़्यादा उद्देश्य और व्यस्त, बातूनी मन। आज के नक्षत्र ज्येष्ठा के स्वामी बुध हैं; आपकी राशि से वे ग्यारहवें भाव में हैं, जो दिन को लाभ और मित्रता से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी मंगल आपके आठवें भाव में है, जो उसे साझे धन और निजी बातों से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके ग्यारहवें भाव में है — लाभ और मित्रता की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: किसी मित्र से फिर जुड़ें।
कुंभ
चंद्रमा 21:00 बजे तक आपके दसवें भाव में है, जो करियर से जुड़ा है; फिर वह ग्यारहवें भाव में आता है — लाभ, मित्र, संपर्क और इच्छाएँ। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से दसवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन करियर के लिए मददगार रहेगा। वहाँ चंद्रमा का साथ सूर्य और बुध दे रहे हैं, जिससे अक्सर आराम से ज़्यादा उद्देश्य और व्यस्त, बातूनी मन रहता है। दिन का नक्षत्र ज्येष्ठा है, जिसका स्वामी बुध आपके दसवें भाव में है — इसलिए दिन में करियर की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी मंगल आपके सातवें भाव में है, जो उसे साझेदारी से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके दसवें भाव में है — करियर की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: हफ़्ते के कामों को व्यवस्थित करें।
मीन
चंद्रमा 21:00 बजे तक आपके नौवें भाव में है, जो पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जुड़ा है; फिर वह दसवें भाव में आता है — करियर, पद और कर्म। परंपरा चंद्रमा से नौवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए पढ़ाई, आस्था और यात्रा को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। उस भाव में चंद्रमा के साथ सूर्य और बुध हैं: आराम से ज़्यादा उद्देश्य और व्यस्त, बातूनी मन। आज के नक्षत्र ज्येष्ठा के स्वामी बुध हैं; आपकी राशि से वे नौवें भाव में हैं, जो दिन को पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी मंगल आपके छठे भाव में है, जो उसे काम और सेहत की आदतों से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके नौवें भाव में है — पढ़ाई, आस्था और यात्रा की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: किसी ऐसे गुरु को पढ़ें या सुनें जिनका आप आदर करते हैं।
इस पेज को कैसे पढ़ें
दैनिक राशिफल चंद्रमा के साथ चलता है — सबसे तेज़ चलने वाला ग्रह — और आपकी राशि से गिने गए भावों में उसकी यात्रा पढ़ता है; आकाश रोज़ बदलता है, इसलिए फल भी रोज़ बदलता है। आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं ज़्यादा सटीक है: आपका दिन आपकी जन्म-कुंडली से हर दिन का पाठ देता है, और मुफ़्त कुंडली आपकी चंद्र राशि, लग्न और चल रही दशा दिखाती है। सूर्य राशि (पश्चिमी) के राशिफल अंग्रेज़ी पेज पर हैं।
स्रोत
- Sunyra engine (positions verified against NASA/JPL Horizons; panchang for New Delhi)
- Phaladeepika of Mantreswara, ch. 26 (transits from the Moon)
- Muhurta Chintamani of Rama Daivajna (nakshatra classes, tithi groups)
- Brihat Parashara Hora Shastra, ch. 26 (graha drishti) (Santhanam)
Sunyra संपादकीय द्वारा लिखित। ज्योतिष व्याख्या की एक परंपरा है; इसे मार्गदर्शन की तरह पढ़ें, पक्की भविष्यवाणी की तरह नहीं। अस्वीकरण (Disclaimer)।
Last reviewed