इस पेज पर
संक्षेप में: चंद्रमा पूरे दिन धनु राशि में है (निरयन)। तिथि शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा है, जो 08:46 बजे द्वितीया में बदलती है। दोपहर के आसपास चंद्रमा मूल नक्षत्र में है, जिसके देवता निऋति हैं; यह तीक्ष्ण नक्षत्र है, जो परंपरा से पूरे हो चुके कामों को समेटने, खोज और सफ़ाई के लिए अच्छा माना जाता है। इस राशि पर गुरु की पाँचवीं दृष्टि और शनि की दसवीं दृष्टि है — जिसे परंपरा रक्षा करने वाली मानती है और जो गंभीरता और धीरज की माँग जोड़ती है। शूल और गण्ड योग मुहूर्त-ग्रंथों में नए काम की शुरुआत के लिए टाले जाते हैं; रोज़ का काम सामान्य रूप से चलता है।
आज का पंचांग
| वार | गुरुवार — स्वामी गुरु |
| तिथि | शुक्ल पक्ष: प्रतिपदा 08:46 तक; फिर द्वितीया (सूर्योदय पर नंदा तिथि) |
| नक्षत्र | मूल 23:58 तक; फिर पूर्वाषाढ़ा |
| योग | शूल 09:24 तक; फिर गण्ड |
| करण | बव 08:46 तक; बालव 22:03 तक; फिर कौलव |
| चंद्र राशि (निरयन) | धनु |
| वक्री ग्रह | शनि |
| सूर्योदय / सूर्यास्त | 07:02 / 17:24 (नई दिल्ली) |
| राहु काल | 13:31–14:49 (नई दिल्ली) |
राहु काल गुरुवार को दिनमान के आठ बराबर भागों में से छठा भाग है, जो स्थानीय सूर्योदय से गिना जाता है — इसलिए इसका समय आपके शहर पर निर्भर करता है: आज नई दिल्ली में यह 13:31–14:49 बजे तक है। बहुत-से परिवार इसमें नया काम शुरू नहीं करते; अपने शहर का समय हिंदी पंचांग पर देखें।
चंद्र राशि के अनुसार राशिफल
मेष
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके नौवें भाव में बिताता है — भाग्य, आस्था, गुरु और लंबी यात्राएँ। परंपरा चंद्रमा से नौवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए पढ़ाई, आस्था और यात्रा को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। दिन का नक्षत्र मूल है, जिसका स्वामी केतु आपके चौथे भाव में है — इसलिए दिन में घर-परिवार की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी गुरु आपके पाँचवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग रचनात्मक कामों और संतान से आता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके पाँचवें भाव में है — रचनात्मक कामों और संतान की ओर एक हल्का इशारा। आपके बारहवें भाव में शनि के कारण साढ़े साती चल रही है, इसलिए सधी हुई, सरल दिनचर्या मदद करती है। दिन का अच्छा उपयोग: पिता या किसी मार्गदर्शक के लिए कुछ अच्छा करें।
वृषभ
पूरे दिन चंद्रमा आपके आठवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं परिवर्तन, साझा धन और गुप्त बातें। वृषभ चंद्र राशि वालों के लिए यह चंद्राष्टम है (पूरे दिन): पंचांग की परंपरा ज़रूरी नई शुरुआत किसी और दिन के लिए रखती है, इसलिए साझे धन और निजी बातों में धीरे चलें। आज के नक्षत्र मूल के स्वामी केतु हैं; आपकी राशि से वे तीसरे भाव में हैं, जो दिन को मेहनत और बातचीत से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी गुरु आपके चौथे भाव में है, जो उसे घर-परिवार से जोड़ता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके चौथे भाव में है — घर-परिवार की ओर एक हल्का इशारा। शनि धीरे-धीरे आपके ग्यारहवें भाव से गुज़र रहा है और वहाँ धैर्य भरी मेहनत का फल देता है। दिन का अच्छा उपयोग: योजनाएँ छोटी रखें और जो शुरू है उसे पूरा करें।
मिथुन
पूरे दिन चंद्रमा आपके सातवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं विवाह, साथी और अनुबंध। चंद्रमा से सातवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — साझेदारी के लिए सहायक पृष्ठभूमि। आज के नक्षत्र मूल के स्वामी केतु हैं; आपकी राशि से वे दूसरे भाव में हैं, जो दिन को धन और परिवार से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी गुरु आपके तीसरे भाव में है, जो उसे मेहनत और बातचीत से जोड़ता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके तीसरे भाव में है — मेहनत और बातचीत की ओर एक हल्का इशारा। आपके तीसरे भाव में मंगल मेहनत और बातचीत में ऊर्जा डालता है। पृष्ठभूमि में गुरु आपके तीसरे भाव में है, इसलिए उसकी मदद मेहनत के रास्ते आती है। दिन का अच्छा उपयोग: साथी की बात बोलने से ज़्यादा सुनें।
कर्क
पूरे दिन चंद्रमा आपके छठे भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं काम, सेवा, सेहत की आदतें, क़र्ज़ और प्रतिस्पर्धा। चंद्रमा से छठे भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — काम और सेहत की आदतों के लिए सहायक पृष्ठभूमि। आज के नक्षत्र मूल के स्वामी केतु हैं; आपकी राशि से वे पहले भाव में हैं, जो दिन को निजी मामलों से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी गुरु आपके दूसरे भाव में है, जो उसे धन और परिवार से जोड़ता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके दूसरे भाव में है — धन और परिवार की ओर एक हल्का इशारा। शनि धीरे-धीरे आपके नौवें भाव से गुज़र रहा है और पढ़ाई, आस्था और यात्रा में धीरज माँगता है। दिन का अच्छा उपयोग: छूटी हुई सेहत की दिनचर्या फिर शुरू करें।
सिंह
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके पाँचवें भाव में बिताता है — संतान, रचनात्मकता, बुद्धि और पुण्य। परंपरा चंद्रमा से पाँचवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए रचनात्मक कामों और संतान को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। आज के नक्षत्र मूल के स्वामी केतु हैं; आपकी राशि से वे बारहवें भाव में हैं, जो दिन को ख़र्च और विश्राम से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी गुरु आपके पहले भाव में है, जो उसे निजी मामलों से जोड़ता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके पहले भाव में है — निजी मामलों की ओर एक हल्का इशारा। पृष्ठभूमि में गुरु आपके पहले भाव में है, इसलिए उसकी मदद मेहनत के रास्ते आती है। आपके आठवें भाव से शनि का गोचर साझे धन और निजी बातों में सावधानी माँगता है। दिन का अच्छा उपयोग: यदि आपकी साधना है, तो थोड़ी प्रार्थना या मंत्र-जप करें।
कन्या
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके चौथे भाव में बिताता है — घर, माँ, संपत्ति और मन की शांति। चंद्रमा से चौथे भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; घर-परिवार में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। दिन का नक्षत्र मूल है, जिसका स्वामी केतु आपके ग्यारहवें भाव में है — इसलिए दिन में लाभ और मित्रता की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी गुरु आपके बारहवें भाव में है, जो उसे ख़र्च और विश्राम से जोड़ता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके बारहवें भाव में है — ख़र्च और विश्राम की ओर एक हल्का इशारा। आपके बारहवें भाव में मंगल ख़र्च और विश्राम में ऊर्जा डालता है। शनि धीरे-धीरे आपके सातवें भाव से गुज़र रहा है और साझेदारी में धीरज माँगता है। दिन का अच्छा उपयोग: माँ या किसी बुज़ुर्ग के साथ इत्मीनान से समय बिताएँ।
तुला
पूरे दिन चंद्रमा आपके तीसरे भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं साहस, भाई-बहन, हुनर और बातचीत। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से तीसरे भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन मेहनत और बातचीत के लिए मददगार रहेगा। आज के नक्षत्र मूल के स्वामी केतु हैं; आपकी राशि से वे दसवें भाव में हैं, जो दिन को करियर से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी गुरु आपके ग्यारहवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग लाभ और मित्रता से आता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके ग्यारहवें भाव में है — लाभ और मित्रता की ओर एक हल्का इशारा। पृष्ठभूमि में गुरु आपके ग्यारहवें भाव में है, जो एक सहायक स्थिति है। आपके ग्यारहवें भाव में मंगल लाभ और मित्रता में ऊर्जा डालता है। दिन का अच्छा उपयोग: आधा घंटा किसी हुनर के अभ्यास में लगाएँ।
वृश्चिक
पूरे दिन चंद्रमा आपके दूसरे भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं धन, परिवार, भोजन और वाणी। चंद्रमा से दूसरे भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; धन और परिवार में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। आज के नक्षत्र मूल के स्वामी केतु हैं; आपकी राशि से वे नौवें भाव में हैं, जो दिन को पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी गुरु आपके दसवें भाव में है, जो उसे करियर से जोड़ता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके दसवें भाव में है — करियर की ओर एक हल्का इशारा। शनि धीरे-धीरे आपके पाँचवें भाव से गुज़र रहा है और रचनात्मक कामों और संतान में धीरज माँगता है। पृष्ठभूमि में गुरु आपके दसवें भाव में है, इसलिए उसकी मदद मेहनत के रास्ते आती है। दिन का अच्छा उपयोग: घर का हिसाब देखें या परिवार के लिए कुछ पकाएँ।
धनु
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके पहले भाव में बिताता है — शरीर, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व। आज चंद्रमा आपकी अपनी राशि में है, परंपरा से शुभ पर कोमल समय: जो कहना है साफ़ कहें और चाल धीमी रखें। आज के नक्षत्र मूल के स्वामी केतु हैं; आपकी राशि से वे आठवें भाव में हैं, जो दिन को साझे धन और निजी बातों से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी गुरु आपके नौवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग पढ़ाई, आस्था और यात्रा से आता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके नौवें भाव में है — पढ़ाई, आस्था और यात्रा की ओर एक हल्का इशारा। पृष्ठभूमि में गुरु आपके नौवें भाव में है, जो एक सहायक स्थिति है। दिन का अच्छा उपयोग: वह एक काम करें जो सचमुच आपका है।
मकर
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके बारहवें भाव में बिताता है — ख़र्च, एकांत, विदेश और मोक्ष। परंपरा चंद्रमा से बारहवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए ख़र्च और विश्राम को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। दिन का नक्षत्र मूल है, जिसका स्वामी केतु आपके सातवें भाव में है — इसलिए दिन में साझेदारी की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी गुरु आपके आठवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग साझे धन और निजी बातों से आता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके आठवें भाव में है — साझे धन और निजी बातों की ओर एक हल्का इशारा। पृष्ठभूमि में गुरु आपके आठवें भाव में है, इसलिए उसकी मदद मेहनत के रास्ते आती है। आपके आठवें भाव में मंगल साझे धन और निजी बातों में ऊर्जा डालता है। दिन का अच्छा उपयोग: ख़र्च से पहले बजट देखें।
कुंभ
पूरे दिन चंद्रमा आपके ग्यारहवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं लाभ, मित्र, संपर्क और इच्छाएँ। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से ग्यारहवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन लाभ और मित्रता के लिए मददगार रहेगा। दिन का नक्षत्र मूल है, जिसका स्वामी केतु आपके छठे भाव में है — इसलिए दिन में काम और सेहत की आदतों की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी गुरु आपके सातवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग साझेदारी से आता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके सातवें भाव में है — साझेदारी की ओर एक हल्का इशारा। आपके सातवें भाव में मंगल साझेदारी में ऊर्जा डालता है। आपके दूसरे भाव में शनि के कारण साढ़े साती चल रही है, इसलिए सधी हुई, सरल दिनचर्या मदद करती है। दिन का अच्छा उपयोग: जिसका इंतज़ार था, उस पर बात आगे बढ़ाएँ।
मीन
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके दसवें भाव में बिताता है — करियर, पद और कर्म। चंद्रमा से दसवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — करियर के लिए सहायक पृष्ठभूमि। आज के नक्षत्र मूल के स्वामी केतु हैं; आपकी राशि से वे पाँचवें भाव में हैं, जो दिन को रचनात्मक कामों और संतान से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी गुरु आपके छठे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग काम और सेहत की आदतों से आता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके छठे भाव में है — काम और सेहत की आदतों की ओर एक हल्का इशारा। आपके छठे भाव में मंगल काम और सेहत की आदतों में ऊर्जा डालता है। आपके पहले भाव में शनि के कारण साढ़े साती चल रही है, इसलिए सधी हुई, सरल दिनचर्या मदद करती है। दिन का अच्छा उपयोग: किसी सार्वजनिक वादे को निभाएँ।
इस पेज को कैसे पढ़ें
दैनिक राशिफल चंद्रमा के साथ चलता है — सबसे तेज़ चलने वाला ग्रह — और आपकी राशि से गिने गए भावों में उसकी यात्रा पढ़ता है; आकाश रोज़ बदलता है, इसलिए फल भी रोज़ बदलता है। आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं ज़्यादा सटीक है: आपका दिन आपकी जन्म-कुंडली से हर दिन का पाठ देता है, और मुफ़्त कुंडली आपकी चंद्र राशि, लग्न और चल रही दशा दिखाती है। सूर्य राशि (पश्चिमी) के राशिफल अंग्रेज़ी पेज पर हैं।
स्रोत
- Sunyra engine (positions verified against NASA/JPL Horizons; panchang for New Delhi)
- Phaladeepika of Mantreswara, ch. 26 (transits from the Moon)
- Muhurta Chintamani of Rama Daivajna (nakshatra classes, tithi groups)
- Brihat Parashara Hora Shastra, ch. 26 (graha drishti) (Santhanam)
Sunyra संपादकीय द्वारा लिखित। ज्योतिष व्याख्या की एक परंपरा है; इसे मार्गदर्शन की तरह पढ़ें, पक्की भविष्यवाणी की तरह नहीं। अस्वीकरण (Disclaimer)।
Last reviewed