इस पेज पर

संक्षेप में: चंद्रमा 22:36 बजे तक मकर राशि में है, फिर कुंभ में (निरयन)। तिथि शुक्ल पक्ष की पंचमी है, जो 19:16 बजे षष्ठी में बदलती है। दोपहर के आसपास चंद्रमा धनिष्ठा नक्षत्र में है, जिसके देवता अष्ट वसु हैं; यह चर नक्षत्र है, जो परंपरा से यात्रा, भाग-दौड़ और फेरबदल के लिए अच्छा माना जाता है। मकर में चंद्रमा के साथ राहु है। व्याघात योग मुहूर्त-ग्रंथों में नए काम की शुरुआत के लिए टाला जाता है; रोज़ का काम सामान्य रूप से चलता है।

आज का पंचांग

वार सोमवार — स्वामी चंद्रमा
तिथि शुक्ल पक्ष: पंचमी 19:16 तक; फिर षष्ठी (सूर्योदय पर पूर्णा तिथि)
नक्षत्र श्रवण 09:12 तक; फिर धनिष्ठा
योग व्याघात 13:04 तक; फिर हर्षण
करण बालव 19:16 तक; फिर कौलव
चंद्र राशि (निरयन) मकर; 22:36 बजे से कुंभ
वक्री ग्रह गुरु
सूर्योदय / सूर्यास्त 07:05 / 17:25 (नई दिल्ली)
राहु काल 08:22–09:40 (नई दिल्ली)

राहु काल सोमवार को दिनमान के आठ बराबर भागों में से दूसरा भाग है, जो स्थानीय सूर्योदय से गिना जाता है — इसलिए इसका समय आपके शहर पर निर्भर करता है: आज नई दिल्ली में यह 08:22–09:40 बजे तक है। बहुत-से परिवार इसमें नया काम शुरू नहीं करते; अपने शहर का समय हिंदी पंचांग पर देखें।

चंद्र राशि के अनुसार राशिफल

मेष

चंद्रमा 22:36 बजे तक आपके दसवें भाव में है, जो करियर से जुड़ा है; फिर वह ग्यारहवें भाव में आता है — लाभ, मित्र, संपर्क और इच्छाएँ। चंद्रमा से दसवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — करियर के लिए सहायक पृष्ठभूमि। उस भाव में चंद्रमा के साथ राहु है: बेचैनी और कुछ नया पाने की चाह। दिन का नक्षत्र धनिष्ठा है, जिसका स्वामी मंगल आपके पाँचवें भाव में है — इसलिए दिन में रचनात्मक कामों और संतान की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शनि आपके बारहवें भाव में है, जो उसे ख़र्च और विश्राम से जोड़ता है। आज सोमवार है, जिसका स्वामी चंद्रमा आपके दसवें भाव में है — करियर की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: हफ़्ते के कामों को व्यवस्थित करें।

वृषभ

चंद्रमा 22:36 बजे तक आपके नौवें भाव में है, जो पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जुड़ा है; फिर वह दसवें भाव में आता है — करियर, पद और कर्म। चंद्रमा से नौवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; पढ़ाई, आस्था और यात्रा में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। वहाँ चंद्रमा का साथ राहु दे रहा है, जिससे अक्सर बेचैनी और कुछ नया पाने की चाह रहता है। आज के नक्षत्र धनिष्ठा के स्वामी मंगल हैं; आपकी राशि से वे चौथे भाव में हैं, जो दिन को घर-परिवार से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी शनि आपके ग्यारहवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग लाभ और मित्रता से आता है। आज सोमवार है, जिसका स्वामी चंद्रमा आपके नौवें भाव में है — पढ़ाई, आस्था और यात्रा की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: किसी ऐसे गुरु को पढ़ें या सुनें जिनका आप आदर करते हैं।

मिथुन

चंद्रमा 22:36 बजे तक आपके आठवें भाव में है, जो साझे धन और निजी बातों से जुड़ा है; फिर वह नौवें भाव में आता है — भाग्य, आस्था, गुरु और लंबी यात्राएँ। मिथुन चंद्र राशि वालों के लिए यह चंद्राष्टम है (22:36 बजे तक): पंचांग की परंपरा ज़रूरी नई शुरुआत किसी और दिन के लिए रखती है, इसलिए साझे धन और निजी बातों में धीरे चलें। उस भाव में चंद्रमा के साथ राहु है: बेचैनी और कुछ नया पाने की चाह। आज के नक्षत्र धनिष्ठा के स्वामी मंगल हैं; आपकी राशि से वे तीसरे भाव में हैं, जो दिन को मेहनत और बातचीत से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी शनि आपके दसवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग करियर से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: योजनाएँ छोटी रखें और जो शुरू है उसे पूरा करें।

कर्क

चंद्रमा 22:36 बजे तक आपके सातवें भाव में है, जो साझेदारी से जुड़ा है; फिर वह आठवें भाव में आता है — परिवर्तन, साझा धन और गुप्त बातें। चंद्रमा से सातवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — साझेदारी के लिए सहायक पृष्ठभूमि। चंद्राष्टम 22:36 बजे शुरू होता है, इसलिए नई शुरुआत उसके पहले करें। वहाँ चंद्रमा का साथ राहु दे रहा है, जिससे अक्सर बेचैनी और कुछ नया पाने की चाह रहता है। आज के नक्षत्र धनिष्ठा के स्वामी मंगल हैं; आपकी राशि से वे दूसरे भाव में हैं, जो दिन को धन और परिवार से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शनि आपके नौवें भाव में है, जो उसे पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जोड़ता है। दिन का अच्छा उपयोग: साथी की बात बोलने से ज़्यादा सुनें।

सिंह

चंद्रमा 22:36 बजे तक आपके छठे भाव में है, जो काम और सेहत की आदतों से जुड़ा है; फिर वह सातवें भाव में आता है — विवाह, साथी और अनुबंध। चंद्रमा से छठे भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — काम और सेहत की आदतों के लिए सहायक पृष्ठभूमि। वहाँ चंद्रमा का साथ राहु दे रहा है, जिससे अक्सर बेचैनी और कुछ नया पाने की चाह रहता है। दिन का नक्षत्र धनिष्ठा है, जिसका स्वामी मंगल आपके पहले भाव में है — इसलिए दिन में निजी मामलों की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शनि आपके आठवें भाव में है, जो उसे साझे धन और निजी बातों से जोड़ता है। आज सोमवार है, जिसका स्वामी चंद्रमा आपके छठे भाव में है — काम और सेहत की आदतों की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: काम का कोई रुका हुआ काम निपटाएँ।

कन्या

चंद्रमा 22:36 बजे तक आपके पाँचवें भाव में है, जो रचनात्मक कामों और संतान से जुड़ा है; फिर वह छठे भाव में आता है — काम, सेवा, सेहत की आदतें, क़र्ज़ और प्रतिस्पर्धा। चंद्रमा से पाँचवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; रचनात्मक कामों और संतान में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। वहाँ चंद्रमा का साथ राहु दे रहा है, जिससे अक्सर बेचैनी और कुछ नया पाने की चाह रहता है। आज के नक्षत्र धनिष्ठा के स्वामी मंगल हैं; आपकी राशि से वे बारहवें भाव में हैं, जो दिन को ख़र्च और विश्राम से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शनि आपके सातवें भाव में है, जो उसे साझेदारी से जोड़ता है। आज सोमवार है, जिसका स्वामी चंद्रमा आपके पाँचवें भाव में है — रचनात्मक कामों और संतान की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: मन को कुछ अच्छा पढ़ने दें।

तुला

चंद्रमा 22:36 बजे तक आपके चौथे भाव में है, जो घर-परिवार से जुड़ा है; फिर वह पाँचवें भाव में आता है — संतान, रचनात्मकता, बुद्धि और पुण्य। चंद्रमा से चौथे भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; घर-परिवार में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। उस भाव में चंद्रमा के साथ राहु है: बेचैनी और कुछ नया पाने की चाह। आज के नक्षत्र धनिष्ठा के स्वामी मंगल हैं; आपकी राशि से वे ग्यारहवें भाव में हैं, जो दिन को लाभ और मित्रता से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी शनि आपके छठे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग काम और सेहत की आदतों से आता है। आज सोमवार है, जिसका स्वामी चंद्रमा आपके चौथे भाव में है — घर-परिवार की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: घर का एक कोना सहेजें।

वृश्चिक

चंद्रमा 22:36 बजे तक आपके तीसरे भाव में है, जो मेहनत और बातचीत से जुड़ा है; फिर वह चौथे भाव में आता है — घर, माँ, संपत्ति और मन की शांति। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से तीसरे भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन मेहनत और बातचीत के लिए मददगार रहेगा। वहाँ चंद्रमा का साथ राहु दे रहा है, जिससे अक्सर बेचैनी और कुछ नया पाने की चाह रहता है। दिन का नक्षत्र धनिष्ठा है, जिसका स्वामी मंगल आपके दसवें भाव में है — इसलिए दिन में करियर की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शनि आपके पाँचवें भाव में है, जो उसे रचनात्मक कामों और संतान से जोड़ता है। आज सोमवार है, जिसका स्वामी चंद्रमा आपके तीसरे भाव में है — मेहनत और बातचीत की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: भाई-बहन या पड़ोसी की किसी छोटी बात में मदद करें।

धनु

चंद्रमा 22:36 बजे तक आपके दूसरे भाव में है, जो धन और परिवार से जुड़ा है; फिर वह तीसरे भाव में आता है — साहस, भाई-बहन, हुनर और बातचीत। चंद्रमा से दूसरे भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; धन और परिवार में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। उस भाव में चंद्रमा के साथ राहु है: बेचैनी और कुछ नया पाने की चाह। आज के नक्षत्र धनिष्ठा के स्वामी मंगल हैं; आपकी राशि से वे नौवें भाव में हैं, जो दिन को पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शनि आपके चौथे भाव में है, जो उसे घर-परिवार से जोड़ता है। आज सोमवार है, जिसका स्वामी चंद्रमा आपके दूसरे भाव में है — धन और परिवार की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: परिवार का कोई छोटा मामला सुलझाएँ।

मकर

चंद्रमा 22:36 बजे तक आपके पहले भाव में है, जो निजी मामलों से जुड़ा है; फिर वह दूसरे भाव में आता है — धन, परिवार, भोजन और वाणी। यह आपका जन्म-चंद्र है — चंद्रमा आपकी अपनी राशि में — जिसे परंपरा अनुकूल मानती है; मन तेज़ रहेगा, इसलिए योजनाएँ सरल रखें। वहाँ चंद्रमा का साथ राहु दे रहा है, जिससे अक्सर बेचैनी और कुछ नया पाने की चाह रहता है। दिन का नक्षत्र धनिष्ठा है, जिसका स्वामी मंगल आपके आठवें भाव में है — इसलिए दिन में साझे धन और निजी बातों की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शनि आपके तीसरे भाव में है, जो उसे मेहनत और बातचीत से जोड़ता है। आज सोमवार है, जिसका स्वामी चंद्रमा आपके पहले भाव में है — निजी मामलों की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: अपनी दिनचर्या सरल रखें और नींद-भोजन का ध्यान रखें।

कुंभ

चंद्रमा 22:36 बजे तक आपके बारहवें भाव में है, जो ख़र्च और विश्राम से जुड़ा है; फिर वह पहले भाव में आता है — शरीर, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व। परंपरा चंद्रमा से बारहवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए ख़र्च और विश्राम को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। वहाँ चंद्रमा का साथ राहु दे रहा है, जिससे अक्सर बेचैनी और कुछ नया पाने की चाह रहता है। दिन का नक्षत्र धनिष्ठा है, जिसका स्वामी मंगल आपके सातवें भाव में है — इसलिए दिन में साझेदारी की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी शनि आपके दूसरे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग धन और परिवार से आता है। आज सोमवार है, जिसका स्वामी चंद्रमा आपके बारहवें भाव में है — ख़र्च और विश्राम की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: जहाँ ज़रूरत हो, चुपचाप मदद करें।

मीन

चंद्रमा 22:36 बजे तक आपके ग्यारहवें भाव में है, जो लाभ और मित्रता से जुड़ा है; फिर वह बारहवें भाव में आता है — ख़र्च, एकांत, विदेश और मोक्ष। चंद्रमा से ग्यारहवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — लाभ और मित्रता के लिए सहायक पृष्ठभूमि। वहाँ चंद्रमा का साथ राहु दे रहा है, जिससे अक्सर बेचैनी और कुछ नया पाने की चाह रहता है। दिन का नक्षत्र धनिष्ठा है, जिसका स्वामी मंगल आपके छठे भाव में है — इसलिए दिन में काम और सेहत की आदतों की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी शनि आपके पहले भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग निजी मामलों से आता है। आज सोमवार है, जिसका स्वामी चंद्रमा आपके ग्यारहवें भाव में है — लाभ और मित्रता की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: किसी मित्र से फिर जुड़ें।

इस पेज को कैसे पढ़ें

दैनिक राशिफल चंद्रमा के साथ चलता है — सबसे तेज़ चलने वाला ग्रह — और आपकी राशि से गिने गए भावों में उसकी यात्रा पढ़ता है; आकाश रोज़ बदलता है, इसलिए फल भी रोज़ बदलता है। आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं ज़्यादा सटीक है: आपका दिन आपकी जन्म-कुंडली से हर दिन का पाठ देता है, और मुफ़्त कुंडली आपकी चंद्र राशि, लग्न और चल रही दशा दिखाती है। सूर्य राशि (पश्चिमी) के राशिफल अंग्रेज़ी पेज पर हैं।

स्रोत

  1. Sunyra engine (positions verified against NASA/JPL Horizons; panchang for New Delhi)
  2. Phaladeepika of Mantreswara, ch. 26 (transits from the Moon)
  3. Muhurta Chintamani of Rama Daivajna (nakshatra classes, tithi groups)
  4. Brihat Parashara Hora Shastra, ch. 26 (graha drishti) (Santhanam)

Sunyra संपादकीय द्वारा लिखित। ज्योतिष व्याख्या की एक परंपरा है; इसे मार्गदर्शन की तरह पढ़ें, पक्की भविष्यवाणी की तरह नहीं। अस्वीकरण (Disclaimer)।

Last reviewed