इस पेज पर

संक्षेप में: चंद्रमा पूरे दिन कुंभ राशि में है (निरयन)। तिथि शुक्ल पक्ष की सप्तमी है, जो 22:46 बजे अष्टमी में बदलती है। दोपहर के आसपास चंद्रमा शतभिषा नक्षत्र में है, जिसके देवता वरुण हैं; यह चर नक्षत्र है, जो परंपरा से यात्रा, भाग-दौड़ और फेरबदल के लिए अच्छा माना जाता है। इस राशि पर मंगल की सातवीं दृष्टि और गुरु की सातवीं दृष्टि है — जो गर्मी जोड़ती है, इसलिए रफ़्तार सँभालें और जिसे परंपरा रक्षा करने वाली मानती है। विष्टि करण (भद्रा), जिसे पंचांग शुभ शुरुआत के लिए टालते हैं, 22:46 बजे से रहेगा। वज्र योग मुहूर्त-ग्रंथों में नए काम की शुरुआत के लिए टाला जाता है; रोज़ का काम सामान्य रूप से चलता है।

आज का पंचांग

वार बुधवार — स्वामी बुध
तिथि शुक्ल पक्ष: सप्तमी 22:46 तक; फिर अष्टमी (सूर्योदय पर भद्रा तिथि)
नक्षत्र शतभिषा 14:02 तक; फिर पूर्वाभाद्रपद
योग वज्र 13:46 तक; फिर सिद्धि
करण गर 10:08 तक; वणिज 22:46 तक; फिर विष्टि (भद्रा)
चंद्र राशि (निरयन) कुंभ
राशि परिवर्तन सूर्य 10:25 बजे धनु राशि में
वक्री ग्रह गुरु
सूर्योदय / सूर्यास्त 07:06 / 17:26 (नई दिल्ली)
राहु काल 12:16–13:34 (नई दिल्ली)

राहु काल बुधवार को दिनमान के आठ बराबर भागों में से पाँचवाँ भाग है, जो स्थानीय सूर्योदय से गिना जाता है — इसलिए इसका समय आपके शहर पर निर्भर करता है: आज नई दिल्ली में यह 12:16–13:34 बजे तक है। बहुत-से परिवार इसमें नया काम शुरू नहीं करते; अपने शहर का समय हिंदी पंचांग पर देखें।

चंद्र राशि के अनुसार राशिफल

मेष

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके ग्यारहवें भाव में बिताता है — लाभ, मित्र, संपर्क और इच्छाएँ। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से ग्यारहवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन लाभ और मित्रता के लिए मददगार रहेगा। सूर्य 10:25 बजे आपके नौवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे पढ़ाई, आस्था और यात्रा में पहचान और ऊर्जा का असर आता है। आज के नक्षत्र शतभिषा के स्वामी राहु हैं; आपकी राशि से वे दसवें भाव में हैं, जो दिन को करियर से जोड़ता है। कल 09:13 बजे चंद्रमा आपके बारहवें भाव में जाएगा, जो ख़र्च और विश्राम से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी शनि आपके बारहवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग ख़र्च और विश्राम से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: किसी मित्र से फिर जुड़ें।

वृषभ

पूरे दिन चंद्रमा आपके दसवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं करियर, पद और कर्म। चंद्रमा से दसवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — करियर के लिए सहायक पृष्ठभूमि। सूर्य 10:25 बजे आपके आठवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे साझे धन और निजी बातों में पहचान और ऊर्जा का असर आता है। आज के नक्षत्र शतभिषा के स्वामी राहु हैं; आपकी राशि से वे नौवें भाव में हैं, जो दिन को पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जोड़ता है। कल 09:13 बजे चंद्रमा आपके ग्यारहवें भाव में जाएगा, जो लाभ और मित्रता से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शनि आपके ग्यारहवें भाव में है, जो उसे लाभ और मित्रता से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके सातवें भाव में है — साझेदारी की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: किसी सार्वजनिक वादे को निभाएँ।

मिथुन

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके नौवें भाव में बिताता है — भाग्य, आस्था, गुरु और लंबी यात्राएँ। चंद्रमा से नौवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; पढ़ाई, आस्था और यात्रा में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। सूर्य 10:25 बजे आपके सातवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे साझेदारी में पहचान और ऊर्जा का असर आता है। आज के नक्षत्र शतभिषा के स्वामी राहु हैं; आपकी राशि से वे आठवें भाव में हैं, जो दिन को साझे धन और निजी बातों से जोड़ता है। कल 09:13 बजे चंद्रमा आपके दसवें भाव में जाएगा, जो करियर से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शनि आपके दसवें भाव में है, जो उसे करियर से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके छठे भाव में है — काम और सेहत की आदतों की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: पिता या किसी मार्गदर्शक के लिए कुछ अच्छा करें।

कर्क

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके आठवें भाव में बिताता है — परिवर्तन, साझा धन और गुप्त बातें। कर्क चंद्र राशि वालों के लिए यह चंद्राष्टम है (पूरे दिन): पंचांग की परंपरा ज़रूरी नई शुरुआत किसी और दिन के लिए रखती है, इसलिए साझे धन और निजी बातों में धीरे चलें। सूर्य 10:25 बजे आपके छठे भाव में प्रवेश करता है, जिससे काम और सेहत की आदतों में पहचान और ऊर्जा का असर आता है। आज के नक्षत्र शतभिषा के स्वामी राहु हैं; आपकी राशि से वे सातवें भाव में हैं, जो दिन को साझेदारी से जोड़ता है। कल 09:13 बजे चंद्रमा आपके नौवें भाव में जाएगा, जो पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शनि आपके नौवें भाव में है, जो उसे पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जोड़ता है। दिन का अच्छा उपयोग: साझे पैसे के जोखिम भरे फ़ैसले टालें।

सिंह

पूरे दिन चंद्रमा आपके सातवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं विवाह, साथी और अनुबंध। चंद्रमा से सातवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — साझेदारी के लिए सहायक पृष्ठभूमि। सूर्य 10:25 बजे आपके पाँचवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे रचनात्मक कामों और संतान में पहचान और ऊर्जा का असर आता है। आज के नक्षत्र शतभिषा के स्वामी राहु हैं; आपकी राशि से वे छठे भाव में हैं, जो दिन को काम और सेहत की आदतों से जोड़ता है। कल 09:13 बजे चंद्रमा आपके आठवें भाव में जाएगा, जो साझे धन और निजी बातों से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शनि आपके आठवें भाव में है, जो उसे साझे धन और निजी बातों से जोड़ता है। दिन का अच्छा उपयोग: किसी सहकर्मी के साथ बीच का रास्ता निकालें।

कन्या

पूरे दिन चंद्रमा आपके छठे भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं काम, सेवा, सेहत की आदतें, क़र्ज़ और प्रतिस्पर्धा। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से छठे भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन काम और सेहत की आदतों के लिए मददगार रहेगा। सूर्य 10:25 बजे आपके चौथे भाव में प्रवेश करता है, जिससे घर-परिवार में पहचान और ऊर्जा का असर आता है। दिन का नक्षत्र शतभिषा है, जिसका स्वामी राहु आपके पाँचवें भाव में है — इसलिए दिन में रचनात्मक कामों और संतान की भी भूमिका रहती है। कल 09:13 बजे चंद्रमा आपके सातवें भाव में जाएगा, जो साझेदारी से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी शनि आपके सातवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग साझेदारी से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: छूटी हुई सेहत की दिनचर्या फिर शुरू करें।

तुला

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके पाँचवें भाव में बिताता है — संतान, रचनात्मकता, बुद्धि और पुण्य। परंपरा चंद्रमा से पाँचवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए रचनात्मक कामों और संतान को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। सूर्य 10:25 बजे आपके तीसरे भाव में प्रवेश करता है, जिससे मेहनत और बातचीत में पहचान और ऊर्जा का असर आता है। आज के नक्षत्र शतभिषा के स्वामी राहु हैं; आपकी राशि से वे चौथे भाव में हैं, जो दिन को घर-परिवार से जोड़ता है। कल 09:13 बजे चंद्रमा आपके छठे भाव में जाएगा, जो काम और सेहत की आदतों से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शनि आपके छठे भाव में है, जो उसे काम और सेहत की आदतों से जोड़ता है। दिन का अच्छा उपयोग: बच्चों, पढ़ाई या किसी रचनात्मक काम को समय दें।

वृश्चिक

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके चौथे भाव में बिताता है — घर, माँ, संपत्ति और मन की शांति। चंद्रमा से चौथे भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; घर-परिवार में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। सूर्य 10:25 बजे आपके दूसरे भाव में प्रवेश करता है, जिससे धन और परिवार में पहचान और ऊर्जा का असर आता है। आज के नक्षत्र शतभिषा के स्वामी राहु हैं; आपकी राशि से वे तीसरे भाव में हैं, जो दिन को मेहनत और बातचीत से जोड़ता है। कल 09:13 बजे चंद्रमा आपके पाँचवें भाव में जाएगा, जो रचनात्मक कामों और संतान से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी शनि आपके पाँचवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग रचनात्मक कामों और संतान से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: शाम घर पर आराम के लिए रखें।

धनु

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके तीसरे भाव में बिताता है — साहस, भाई-बहन, हुनर और बातचीत। चंद्रमा से तीसरे भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — मेहनत और बातचीत के लिए सहायक पृष्ठभूमि। सूर्य 10:25 बजे आपके पहले भाव में प्रवेश करता है, जिससे निजी मामलों में पहचान और ऊर्जा का असर आता है। आज के नक्षत्र शतभिषा के स्वामी राहु हैं; आपकी राशि से वे दूसरे भाव में हैं, जो दिन को धन और परिवार से जोड़ता है। कल 09:13 बजे चंद्रमा आपके चौथे भाव में जाएगा, जो घर-परिवार से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शनि आपके चौथे भाव में है, जो उसे घर-परिवार से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके बारहवें भाव में है — ख़र्च और विश्राम की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: जो संदेश या फ़ोन टाल रहे थे, आज कर लें।

मकर

पूरे दिन चंद्रमा आपके दूसरे भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं धन, परिवार, भोजन और वाणी। परंपरा चंद्रमा से दूसरे भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए धन और परिवार को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। सूर्य 10:25 बजे आपके बारहवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे ख़र्च और विश्राम में पहचान और ऊर्जा का असर आता है। आज के नक्षत्र शतभिषा के स्वामी राहु हैं; आपकी राशि से वे पहले भाव में हैं, जो दिन को निजी मामलों से जोड़ता है। कल 09:13 बजे चंद्रमा आपके तीसरे भाव में जाएगा, जो मेहनत और बातचीत से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी शनि आपके तीसरे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग मेहनत और बातचीत से आता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके ग्यारहवें भाव में है — लाभ और मित्रता की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: घर का हिसाब देखें या परिवार के लिए कुछ पकाएँ।

कुंभ

पूरे दिन चंद्रमा आपके पहले भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं शरीर, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व। यह आपका जन्म-चंद्र है — चंद्रमा आपकी अपनी राशि में — जिसे परंपरा अनुकूल मानती है; मन तेज़ रहेगा, इसलिए योजनाएँ सरल रखें। सूर्य 10:25 बजे आपके ग्यारहवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे लाभ और मित्रता में पहचान और ऊर्जा का असर आता है। आज के नक्षत्र शतभिषा के स्वामी राहु हैं; आपकी राशि से वे बारहवें भाव में हैं, जो दिन को ख़र्च और विश्राम से जोड़ता है। कल 09:13 बजे चंद्रमा आपके दूसरे भाव में जाएगा, जो धन और परिवार से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शनि आपके दूसरे भाव में है, जो उसे धन और परिवार से जोड़ता है। दिन का अच्छा उपयोग: अपनी दिनचर्या सरल रखें और नींद-भोजन का ध्यान रखें।

मीन

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके बारहवें भाव में बिताता है — ख़र्च, एकांत, विदेश और मोक्ष। परंपरा चंद्रमा से बारहवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए ख़र्च और विश्राम को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। सूर्य 10:25 बजे आपके दसवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे करियर में पहचान और ऊर्जा का असर आता है। आज के नक्षत्र शतभिषा के स्वामी राहु हैं; आपकी राशि से वे ग्यारहवें भाव में हैं, जो दिन को लाभ और मित्रता से जोड़ता है। कल 09:13 बजे चंद्रमा आपके पहले भाव में जाएगा, जो निजी मामलों से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शनि आपके पहले भाव में है, जो उसे निजी मामलों से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके नौवें भाव में है — पढ़ाई, आस्था और यात्रा की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: ख़र्च से पहले बजट देखें।

इस पेज को कैसे पढ़ें

दैनिक राशिफल चंद्रमा के साथ चलता है — सबसे तेज़ चलने वाला ग्रह — और आपकी राशि से गिने गए भावों में उसकी यात्रा पढ़ता है; आकाश रोज़ बदलता है, इसलिए फल भी रोज़ बदलता है। आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं ज़्यादा सटीक है: आपका दिन आपकी जन्म-कुंडली से हर दिन का पाठ देता है, और मुफ़्त कुंडली आपकी चंद्र राशि, लग्न और चल रही दशा दिखाती है। सूर्य राशि (पश्चिमी) के राशिफल अंग्रेज़ी पेज पर हैं।

स्रोत

  1. Sunyra engine (positions verified against NASA/JPL Horizons; panchang for New Delhi)
  2. Phaladeepika of Mantreswara, ch. 26 (transits from the Moon)
  3. Muhurta Chintamani of Rama Daivajna (nakshatra classes, tithi groups)
  4. Brihat Parashara Hora Shastra, ch. 26 (graha drishti) (Santhanam)

Sunyra संपादकीय द्वारा लिखित। ज्योतिष व्याख्या की एक परंपरा है; इसे मार्गदर्शन की तरह पढ़ें, पक्की भविष्यवाणी की तरह नहीं। अस्वीकरण (Disclaimer)।

Last reviewed