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संक्षेप में: चंद्रमा 15:58 बजे तक मीन राशि में है, फिर मेष में (निरयन)। तिथि शुक्ल पक्ष की दशमी है, जो 22:09 बजे एकादशी में बदलती है। दोपहर के आसपास चंद्रमा रेवती नक्षत्र में है, जिसके देवता पूषा हैं; यह मृदु नक्षत्र है, जो परंपरा से कोमल कामों — मित्रता, कला, सेवा — के लिए अच्छा माना जाता है। मीन में चंद्रमा के साथ शनि है। इस राशि पर मंगल की आठवीं दृष्टि है — जो गर्मी जोड़ती है, इसलिए रफ़्तार सँभालें। परिघ योग मुहूर्त-ग्रंथों में नए काम की शुरुआत के लिए टाला जाता है; रोज़ का काम सामान्य रूप से चलता है।

आज का पंचांग

वार शनिवार — स्वामी शनि
तिथि शुक्ल पक्ष: दशमी 22:09 तक; फिर एकादशी (सूर्योदय पर पूर्णा तिथि)
नक्षत्र रेवती 15:58 तक; फिर अश्विनी
योग वरीयान 10:35 तक; फिर परिघ
करण तैतिल 10:48 तक; गर 22:09 तक; फिर वणिज
चंद्र राशि (निरयन) मीन; 15:58 बजे से मेष
वक्री ग्रह गुरु
सूर्योदय / सूर्यास्त 07:08 / 17:27 (नई दिल्ली)
राहु काल 09:43–11:00 (नई दिल्ली)

राहु काल शनिवार को दिनमान के आठ बराबर भागों में से तीसरा भाग है, जो स्थानीय सूर्योदय से गिना जाता है — इसलिए इसका समय आपके शहर पर निर्भर करता है: आज नई दिल्ली में यह 09:43–11:00 बजे तक है। बहुत-से परिवार इसमें नया काम शुरू नहीं करते; अपने शहर का समय हिंदी पंचांग पर देखें।

चंद्र राशि के अनुसार राशिफल

मेष

चंद्रमा 15:58 बजे तक आपके बारहवें भाव में है, जो ख़र्च और विश्राम से जुड़ा है; फिर वह पहले भाव में आता है — शरीर, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व। परंपरा चंद्रमा से बारहवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए ख़र्च और विश्राम को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। वहाँ चंद्रमा का साथ शनि दे रहा है, जिससे अक्सर गंभीर, कर्तव्य से भरा मन रहता है। आज के नक्षत्र रेवती के स्वामी बुध हैं; आपकी राशि से वे आठवें भाव में हैं, जो दिन को साझे धन और निजी बातों से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी गुरु आपके पाँचवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग रचनात्मक कामों और संतान से आता है। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके बारहवें भाव में है — ख़र्च और विश्राम की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: आराम करें, सरल रखें और एक चीज़ छोड़ दें।

वृषभ

चंद्रमा 15:58 बजे तक आपके ग्यारहवें भाव में है, जो लाभ और मित्रता से जुड़ा है; फिर वह बारहवें भाव में आता है — ख़र्च, एकांत, विदेश और मोक्ष। चंद्रमा से ग्यारहवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — लाभ और मित्रता के लिए सहायक पृष्ठभूमि। वहाँ चंद्रमा का साथ शनि दे रहा है, जिससे अक्सर गंभीर, कर्तव्य से भरा मन रहता है। आज के नक्षत्र रेवती के स्वामी बुध हैं; आपकी राशि से वे सातवें भाव में हैं, जो दिन को साझेदारी से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी गुरु आपके चौथे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग घर-परिवार से आता है। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके ग्यारहवें भाव में है — लाभ और मित्रता की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: किसी मित्र से फिर जुड़ें।

मिथुन

चंद्रमा 15:58 बजे तक आपके दसवें भाव में है, जो करियर से जुड़ा है; फिर वह ग्यारहवें भाव में आता है — लाभ, मित्र, संपर्क और इच्छाएँ। चंद्रमा से दसवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — करियर के लिए सहायक पृष्ठभूमि। उस भाव में चंद्रमा के साथ शनि है: गंभीर, कर्तव्य से भरा मन। आज के नक्षत्र रेवती के स्वामी बुध हैं; आपकी राशि से वे छठे भाव में हैं, जो दिन को काम और सेहत की आदतों से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी गुरु आपके तीसरे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग मेहनत और बातचीत से आता है। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके दसवें भाव में है — करियर की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: दिन का सबसे अच्छा घंटा अपने मुख्य काम को दें।

कर्क

चंद्रमा 15:58 बजे तक आपके नौवें भाव में है, जो पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जुड़ा है; फिर वह दसवें भाव में आता है — करियर, पद और कर्म। परंपरा चंद्रमा से नौवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए पढ़ाई, आस्था और यात्रा को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। उस भाव में चंद्रमा के साथ शनि है: गंभीर, कर्तव्य से भरा मन। दिन का नक्षत्र रेवती है, जिसका स्वामी बुध आपके पाँचवें भाव में है — इसलिए दिन में रचनात्मक कामों और संतान की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी गुरु आपके दूसरे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग धन और परिवार से आता है। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके नौवें भाव में है — पढ़ाई, आस्था और यात्रा की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: किसी ऐसे गुरु को पढ़ें या सुनें जिनका आप आदर करते हैं।

सिंह

चंद्रमा 15:58 बजे तक आपके आठवें भाव में है, जो साझे धन और निजी बातों से जुड़ा है; फिर वह नौवें भाव में आता है — भाग्य, आस्था, गुरु और लंबी यात्राएँ। सिंह चंद्र राशि वालों के लिए यह चंद्राष्टम है (15:58 बजे तक): पंचांग की परंपरा ज़रूरी नई शुरुआत किसी और दिन के लिए रखती है, इसलिए साझे धन और निजी बातों में धीरे चलें। वहाँ चंद्रमा का साथ शनि दे रहा है, जिससे अक्सर गंभीर, कर्तव्य से भरा मन रहता है। दिन का नक्षत्र रेवती है, जिसका स्वामी बुध आपके चौथे भाव में है — इसलिए दिन में घर-परिवार की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी गुरु आपके पहले भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग निजी मामलों से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: कुछ समय मनन या अध्ययन में बिताएँ।

कन्या

चंद्रमा 15:58 बजे तक आपके सातवें भाव में है, जो साझेदारी से जुड़ा है; फिर वह आठवें भाव में आता है — परिवर्तन, साझा धन और गुप्त बातें। चंद्रमा से सातवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — साझेदारी के लिए सहायक पृष्ठभूमि। चंद्राष्टम 15:58 बजे शुरू होता है, इसलिए नई शुरुआत उसके पहले करें। वहाँ चंद्रमा का साथ शनि दे रहा है, जिससे अक्सर गंभीर, कर्तव्य से भरा मन रहता है। आज के नक्षत्र रेवती के स्वामी बुध हैं; आपकी राशि से वे तीसरे भाव में हैं, जो दिन को मेहनत और बातचीत से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी गुरु आपके बारहवें भाव में है, जो उसे ख़र्च और विश्राम से जोड़ता है। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके सातवें भाव में है — साझेदारी की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: किसी सहकर्मी के साथ बीच का रास्ता निकालें।

तुला

चंद्रमा 15:58 बजे तक आपके छठे भाव में है, जो काम और सेहत की आदतों से जुड़ा है; फिर वह सातवें भाव में आता है — विवाह, साथी और अनुबंध। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से छठे भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन काम और सेहत की आदतों के लिए मददगार रहेगा। उस भाव में चंद्रमा के साथ शनि है: गंभीर, कर्तव्य से भरा मन। दिन का नक्षत्र रेवती है, जिसका स्वामी बुध आपके दूसरे भाव में है — इसलिए दिन में धन और परिवार की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी गुरु आपके ग्यारहवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग लाभ और मित्रता से आता है। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके छठे भाव में है — काम और सेहत की आदतों की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: कोई छोटा क़र्ज़ या विवाद शांति से सुलझाएँ।

वृश्चिक

चंद्रमा 15:58 बजे तक आपके पाँचवें भाव में है, जो रचनात्मक कामों और संतान से जुड़ा है; फिर वह छठे भाव में आता है — काम, सेवा, सेहत की आदतें, क़र्ज़ और प्रतिस्पर्धा। परंपरा चंद्रमा से पाँचवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए रचनात्मक कामों और संतान को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। वहाँ चंद्रमा का साथ शनि दे रहा है, जिससे अक्सर गंभीर, कर्तव्य से भरा मन रहता है। आज के नक्षत्र रेवती के स्वामी बुध हैं; आपकी राशि से वे पहले भाव में हैं, जो दिन को निजी मामलों से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी गुरु आपके दसवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग करियर से आता है। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके पाँचवें भाव में है — रचनात्मक कामों और संतान की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: बच्चों, पढ़ाई या किसी रचनात्मक काम को समय दें।

धनु

चंद्रमा 15:58 बजे तक आपके चौथे भाव में है, जो घर-परिवार से जुड़ा है; फिर वह पाँचवें भाव में आता है — संतान, रचनात्मकता, बुद्धि और पुण्य। परंपरा चंद्रमा से चौथे भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए घर-परिवार को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। वहाँ चंद्रमा का साथ शनि दे रहा है, जिससे अक्सर गंभीर, कर्तव्य से भरा मन रहता है। आज के नक्षत्र रेवती के स्वामी बुध हैं; आपकी राशि से वे बारहवें भाव में हैं, जो दिन को ख़र्च और विश्राम से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी गुरु आपके नौवें भाव में है, जो उसे पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जोड़ता है। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके चौथे भाव में है — घर-परिवार की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: घर का एक कोना सहेजें।

मकर

चंद्रमा 15:58 बजे तक आपके तीसरे भाव में है, जो मेहनत और बातचीत से जुड़ा है; फिर वह चौथे भाव में आता है — घर, माँ, संपत्ति और मन की शांति। चंद्रमा से तीसरे भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — मेहनत और बातचीत के लिए सहायक पृष्ठभूमि। वहाँ चंद्रमा का साथ शनि दे रहा है, जिससे अक्सर गंभीर, कर्तव्य से भरा मन रहता है। आज के नक्षत्र रेवती के स्वामी बुध हैं; आपकी राशि से वे ग्यारहवें भाव में हैं, जो दिन को लाभ और मित्रता से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी गुरु आपके आठवें भाव में है, जो उसे साझे धन और निजी बातों से जोड़ता है। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके तीसरे भाव में है — मेहनत और बातचीत की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: जो संदेश या फ़ोन टाल रहे थे, आज कर लें।

कुंभ

चंद्रमा 15:58 बजे तक आपके दूसरे भाव में है, जो धन और परिवार से जुड़ा है; फिर वह तीसरे भाव में आता है — साहस, भाई-बहन, हुनर और बातचीत। चंद्रमा से दूसरे भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; धन और परिवार में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। उस भाव में चंद्रमा के साथ शनि है: गंभीर, कर्तव्य से भरा मन। आज के नक्षत्र रेवती के स्वामी बुध हैं; आपकी राशि से वे दसवें भाव में हैं, जो दिन को करियर से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी गुरु आपके सातवें भाव में है, जो उसे साझेदारी से जोड़ता है। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके दूसरे भाव में है — धन और परिवार की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: शब्द सोच-समझकर चुनें; आज वाणी का वज़न है।

मीन

चंद्रमा 15:58 बजे तक आपके पहले भाव में है, जो निजी मामलों से जुड़ा है; फिर वह दूसरे भाव में आता है — धन, परिवार, भोजन और वाणी। आज चंद्रमा आपकी अपनी राशि में है, परंपरा से शुभ पर कोमल समय: जो कहना है साफ़ कहें और चाल धीमी रखें। वहाँ चंद्रमा का साथ शनि दे रहा है, जिससे अक्सर गंभीर, कर्तव्य से भरा मन रहता है। आज के नक्षत्र रेवती के स्वामी बुध हैं; आपकी राशि से वे नौवें भाव में हैं, जो दिन को पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी गुरु आपके छठे भाव में है, जो उसे काम और सेहत की आदतों से जोड़ता है। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके पहले भाव में है — निजी मामलों की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: वह एक काम करें जो सचमुच आपका है।

इस पेज को कैसे पढ़ें

दैनिक राशिफल चंद्रमा के साथ चलता है — सबसे तेज़ चलने वाला ग्रह — और आपकी राशि से गिने गए भावों में उसकी यात्रा पढ़ता है; आकाश रोज़ बदलता है, इसलिए फल भी रोज़ बदलता है। आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं ज़्यादा सटीक है: आपका दिन आपकी जन्म-कुंडली से हर दिन का पाठ देता है, और मुफ़्त कुंडली आपकी चंद्र राशि, लग्न और चल रही दशा दिखाती है। सूर्य राशि (पश्चिमी) के राशिफल अंग्रेज़ी पेज पर हैं।

स्रोत

  1. Sunyra engine (positions verified against NASA/JPL Horizons; panchang for New Delhi)
  2. Phaladeepika of Mantreswara, ch. 26 (transits from the Moon)
  3. Muhurta Chintamani of Rama Daivajna (nakshatra classes, tithi groups)
  4. Brihat Parashara Hora Shastra, ch. 26 (graha drishti) (Santhanam)

Sunyra संपादकीय द्वारा लिखित। ज्योतिष व्याख्या की एक परंपरा है; इसे मार्गदर्शन की तरह पढ़ें, पक्की भविष्यवाणी की तरह नहीं। अस्वीकरण (Disclaimer)।

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