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संक्षेप में: चंद्रमा पूरे दिन वृषभ राशि में है (निरयन)। तिथि शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी है, जो 14:24 बजे चतुर्दशी में बदलती है। दोपहर के आसपास चंद्रमा रोहिणी नक्षत्र में है, जिसके देवता प्रजापति (ब्रह्मा) हैं; यह ध्रुव (स्थिर) नक्षत्र है, जो परंपरा से स्थायी शुरुआतों — नींव, समझौते, रोपण — के लिए चुना जाता है। इस राशि पर शनि की तीसरी दृष्टि है — जो गंभीरता और धीरज की माँग जोड़ती है।
आज का पंचांग
| वार | मंगलवार — स्वामी मंगल |
| तिथि | शुक्ल पक्ष: त्रयोदशी 14:24 तक; फिर चतुर्दशी (सूर्योदय पर जया तिथि) |
| नक्षत्र | कृत्तिका 10:45 तक; फिर रोहिणी |
| योग | साध्य 21:32 तक; फिर शुभ |
| करण | तैतिल 14:24 तक; गर 23 दिसंबर, 00:38 तक; फिर वणिज |
| चंद्र राशि (निरयन) | वृषभ |
| राशि परिवर्तन | बुध 07:40 बजे धनु राशि में |
| वक्री ग्रह | गुरु |
| सूर्योदय / सूर्यास्त | 07:09 / 17:29 (नई दिल्ली) |
| राहु काल | 14:54–16:11 (नई दिल्ली) |
राहु काल मंगलवार को दिनमान के आठ बराबर भागों में से सातवाँ भाग है, जो स्थानीय सूर्योदय से गिना जाता है — इसलिए इसका समय आपके शहर पर निर्भर करता है: आज नई दिल्ली में यह 14:54–16:11 बजे तक है। बहुत-से परिवार इसमें नया काम शुरू नहीं करते; अपने शहर का समय हिंदी पंचांग पर देखें।
चंद्र राशि के अनुसार राशिफल
मेष
पूरे दिन चंद्रमा आपके दूसरे भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं धन, परिवार, भोजन और वाणी। परंपरा चंद्रमा से दूसरे भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए धन और परिवार को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। बुध 07:40 बजे आपके नौवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे पढ़ाई, आस्था और यात्रा में सोच और बातचीत का असर आता है। आज के नक्षत्र रोहिणी के स्वामी चंद्रमा हैं; आपकी राशि से वे दूसरे भाव में हैं, जो दिन को धन और परिवार से जोड़ता है। कल 18:26 बजे चंद्रमा आपके तीसरे भाव में जाएगा, जो मेहनत और बातचीत से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके सातवें भाव में है, जो उसे साझेदारी से जोड़ता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके पाँचवें भाव में है — रचनात्मक कामों और संतान की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: शब्द सोच-समझकर चुनें; आज वाणी का वज़न है।
वृषभ
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके पहले भाव में बिताता है — शरीर, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व। आज चंद्रमा आपकी अपनी राशि में है, परंपरा से शुभ पर कोमल समय: जो कहना है साफ़ कहें और चाल धीमी रखें। बुध 07:40 बजे आपके आठवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे साझे धन और निजी बातों में सोच और बातचीत का असर आता है। आज के नक्षत्र रोहिणी के स्वामी चंद्रमा हैं; आपकी राशि से वे पहले भाव में हैं, जो दिन को निजी मामलों से जोड़ता है। कल 18:26 बजे चंद्रमा आपके दूसरे भाव में जाएगा, जो धन और परिवार से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके छठे भाव में है, जो उसे काम और सेहत की आदतों से जोड़ता है। दिन का अच्छा उपयोग: वह एक काम करें जो सचमुच आपका है।
मिथुन
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके बारहवें भाव में बिताता है — ख़र्च, एकांत, विदेश और मोक्ष। चंद्रमा से बारहवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; ख़र्च और विश्राम में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। बुध 07:40 बजे आपके सातवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे साझेदारी में सोच और बातचीत का असर आता है। दिन का नक्षत्र रोहिणी है, जिसका स्वामी चंद्रमा आपके बारहवें भाव में है — इसलिए दिन में ख़र्च और विश्राम की भी भूमिका रहती है। कल 18:26 बजे चंद्रमा आपके पहले भाव में जाएगा, जो निजी मामलों से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके पाँचवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग रचनात्मक कामों और संतान से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: आराम करें, सरल रखें और एक चीज़ छोड़ दें।
कर्क
पूरे दिन चंद्रमा आपके ग्यारहवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं लाभ, मित्र, संपर्क और इच्छाएँ। चंद्रमा से ग्यारहवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — लाभ और मित्रता के लिए सहायक पृष्ठभूमि। बुध 07:40 बजे आपके छठे भाव में प्रवेश करता है, जिससे काम और सेहत की आदतों में सोच और बातचीत का असर आता है। दिन का नक्षत्र रोहिणी है, जिसका स्वामी चंद्रमा आपके ग्यारहवें भाव में है — इसलिए दिन में लाभ और मित्रता की भी भूमिका रहती है। कल 18:26 बजे चंद्रमा आपके बारहवें भाव में जाएगा, जो ख़र्च और विश्राम से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके चौथे भाव में है, जो उसे घर-परिवार से जोड़ता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके दूसरे भाव में है — धन और परिवार की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: जिसका इंतज़ार था, उस पर बात आगे बढ़ाएँ।
सिंह
पूरे दिन चंद्रमा आपके दसवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं करियर, पद और कर्म। चंद्रमा से दसवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — करियर के लिए सहायक पृष्ठभूमि। बुध 07:40 बजे आपके पाँचवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे रचनात्मक कामों और संतान में सोच और बातचीत का असर आता है। आज के नक्षत्र रोहिणी के स्वामी चंद्रमा हैं; आपकी राशि से वे दसवें भाव में हैं, जो दिन को करियर से जोड़ता है। कल 18:26 बजे चंद्रमा आपके ग्यारहवें भाव में जाएगा, जो लाभ और मित्रता से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके तीसरे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग मेहनत और बातचीत से आता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके पहले भाव में है — निजी मामलों की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: दिन का सबसे अच्छा घंटा अपने मुख्य काम को दें।
कन्या
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके नौवें भाव में बिताता है — भाग्य, आस्था, गुरु और लंबी यात्राएँ। परंपरा चंद्रमा से नौवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए पढ़ाई, आस्था और यात्रा को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। बुध 07:40 बजे आपके चौथे भाव में प्रवेश करता है, जिससे घर-परिवार में सोच और बातचीत का असर आता है। आज के नक्षत्र रोहिणी के स्वामी चंद्रमा हैं; आपकी राशि से वे नौवें भाव में हैं, जो दिन को पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जोड़ता है। कल 18:26 बजे चंद्रमा आपके दसवें भाव में जाएगा, जो करियर से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके दूसरे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग धन और परिवार से आता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके बारहवें भाव में है — ख़र्च और विश्राम की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: किसी ऐसे गुरु को पढ़ें या सुनें जिनका आप आदर करते हैं।
तुला
पूरे दिन चंद्रमा आपके आठवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं परिवर्तन, साझा धन और गुप्त बातें। तुला चंद्र राशि वालों के लिए यह चंद्राष्टम है (पूरे दिन): पंचांग की परंपरा ज़रूरी नई शुरुआत किसी और दिन के लिए रखती है, इसलिए साझे धन और निजी बातों में धीरे चलें। बुध 07:40 बजे आपके तीसरे भाव में प्रवेश करता है, जिससे मेहनत और बातचीत में सोच और बातचीत का असर आता है। दिन का नक्षत्र रोहिणी है, जिसका स्वामी चंद्रमा आपके आठवें भाव में है — इसलिए दिन में साझे धन और निजी बातों की भी भूमिका रहती है। कल 18:26 बजे चंद्रमा आपके नौवें भाव में जाएगा, जो पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके पहले भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग निजी मामलों से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: साझे पैसे के जोखिम भरे फ़ैसले टालें।
वृश्चिक
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके सातवें भाव में बिताता है — विवाह, साथी और अनुबंध। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से सातवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन साझेदारी के लिए मददगार रहेगा। बुध 07:40 बजे आपके दूसरे भाव में प्रवेश करता है, जिससे धन और परिवार में सोच और बातचीत का असर आता है। दिन का नक्षत्र रोहिणी है, जिसका स्वामी चंद्रमा आपके सातवें भाव में है — इसलिए दिन में साझेदारी की भी भूमिका रहती है। कल 18:26 बजे चंद्रमा आपके आठवें भाव में जाएगा, जो साझे धन और निजी बातों से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके बारहवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग ख़र्च और विश्राम से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: किसी सहकर्मी के साथ बीच का रास्ता निकालें।
धनु
पूरे दिन चंद्रमा आपके छठे भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं काम, सेवा, सेहत की आदतें, क़र्ज़ और प्रतिस्पर्धा। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से छठे भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन काम और सेहत की आदतों के लिए मददगार रहेगा। बुध 07:40 बजे आपके पहले भाव में प्रवेश करता है, जिससे निजी मामलों में सोच और बातचीत का असर आता है। दिन का नक्षत्र रोहिणी है, जिसका स्वामी चंद्रमा आपके छठे भाव में है — इसलिए दिन में काम और सेहत की आदतों की भी भूमिका रहती है। कल 18:26 बजे चंद्रमा आपके सातवें भाव में जाएगा, जो साझेदारी से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके ग्यारहवें भाव में है, जो उसे लाभ और मित्रता से जोड़ता है। दिन का अच्छा उपयोग: कोई छोटा क़र्ज़ या विवाद शांति से सुलझाएँ।
मकर
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके पाँचवें भाव में बिताता है — संतान, रचनात्मकता, बुद्धि और पुण्य। परंपरा चंद्रमा से पाँचवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए रचनात्मक कामों और संतान को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। बुध 07:40 बजे आपके बारहवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे ख़र्च और विश्राम में सोच और बातचीत का असर आता है। दिन का नक्षत्र रोहिणी है, जिसका स्वामी चंद्रमा आपके पाँचवें भाव में है — इसलिए दिन में रचनात्मक कामों और संतान की भी भूमिका रहती है। कल 18:26 बजे चंद्रमा आपके छठे भाव में जाएगा, जो काम और सेहत की आदतों से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके दसवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग करियर से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: यदि आपकी साधना है, तो थोड़ी प्रार्थना या मंत्र-जप करें।
कुंभ
पूरे दिन चंद्रमा आपके चौथे भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं घर, माँ, संपत्ति और मन की शांति। चंद्रमा से चौथे भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; घर-परिवार में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। बुध 07:40 बजे आपके ग्यारहवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे लाभ और मित्रता में सोच और बातचीत का असर आता है। आज के नक्षत्र रोहिणी के स्वामी चंद्रमा हैं; आपकी राशि से वे चौथे भाव में हैं, जो दिन को घर-परिवार से जोड़ता है। कल 18:26 बजे चंद्रमा आपके पाँचवें भाव में जाएगा, जो रचनात्मक कामों और संतान से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके नौवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग पढ़ाई, आस्था और यात्रा से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: शाम घर पर आराम के लिए रखें।
मीन
पूरे दिन चंद्रमा आपके तीसरे भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं साहस, भाई-बहन, हुनर और बातचीत। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से तीसरे भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन मेहनत और बातचीत के लिए मददगार रहेगा। बुध 07:40 बजे आपके दसवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे करियर में सोच और बातचीत का असर आता है। दिन का नक्षत्र रोहिणी है, जिसका स्वामी चंद्रमा आपके तीसरे भाव में है — इसलिए दिन में मेहनत और बातचीत की भी भूमिका रहती है। कल 18:26 बजे चंद्रमा आपके चौथे भाव में जाएगा, जो घर-परिवार से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके आठवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग साझे धन और निजी बातों से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: भाई-बहन या पड़ोसी की किसी छोटी बात में मदद करें।
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दैनिक राशिफल चंद्रमा के साथ चलता है — सबसे तेज़ चलने वाला ग्रह — और आपकी राशि से गिने गए भावों में उसकी यात्रा पढ़ता है; आकाश रोज़ बदलता है, इसलिए फल भी रोज़ बदलता है। आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं ज़्यादा सटीक है: आपका दिन आपकी जन्म-कुंडली से हर दिन का पाठ देता है, और मुफ़्त कुंडली आपकी चंद्र राशि, लग्न और चल रही दशा दिखाती है। सूर्य राशि (पश्चिमी) के राशिफल अंग्रेज़ी पेज पर हैं।
स्रोत
- Sunyra engine (positions verified against NASA/JPL Horizons; panchang for New Delhi)
- Phaladeepika of Mantreswara, ch. 26 (transits from the Moon)
- Muhurta Chintamani of Rama Daivajna (nakshatra classes, tithi groups)
- Brihat Parashara Hora Shastra, ch. 26 (graha drishti) (Santhanam)
Sunyra संपादकीय द्वारा लिखित। ज्योतिष व्याख्या की एक परंपरा है; इसे मार्गदर्शन की तरह पढ़ें, पक्की भविष्यवाणी की तरह नहीं। अस्वीकरण (Disclaimer)।
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