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संक्षेप में: चंद्रमा 18:26 बजे तक वृषभ राशि में है, फिर मिथुन में (निरयन)। तिथि शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी है, जो 10:47 बजे पूर्णिमा में बदलती है। दोपहर के आसपास चंद्रमा मृगशिरा नक्षत्र में है, जिसके देवता सोम हैं; यह मृदु नक्षत्र है, जो परंपरा से कोमल कामों — मित्रता, कला, सेवा — के लिए अच्छा माना जाता है। इस राशि पर शनि की तीसरी दृष्टि है — जो गंभीरता और धीरज की माँग जोड़ती है। विष्टि करण (भद्रा), जिसे पंचांग शुभ शुरुआत के लिए टालते हैं, 10:47 से 20:53 बजे तक रहेगा। रिक्ता तिथि परंपरा से शुरू करने के बजाय समेटने और पूरा करने के लिए रखी जाती है।
आज का पंचांग
| वार | बुधवार — स्वामी बुध |
| तिथि | शुक्ल पक्ष: चतुर्दशी 10:47 तक; पूर्णिमा 24 दिसंबर, 06:58 तक; फिर प्रतिपदा (सूर्योदय पर रिक्ता तिथि) |
| नक्षत्र | रोहिणी 07:56 तक; मृगशिरा 24 दिसंबर, 04:53 तक; फिर आर्द्रा |
| योग | शुभ 17:15 तक; फिर शुक्ल |
| करण | वणिज 10:47 तक; विष्टि (भद्रा) 20:53 तक; बव 24 दिसंबर, 06:58 तक; फिर बालव |
| चंद्र राशि (निरयन) | वृषभ; 18:26 बजे से मिथुन |
| वक्री ग्रह | गुरु |
| सूर्योदय / सूर्यास्त | 07:10 / 17:29 (नई दिल्ली) |
| राहु काल | 12:20–13:37 (नई दिल्ली) |
राहु काल बुधवार को दिनमान के आठ बराबर भागों में से पाँचवाँ भाग है, जो स्थानीय सूर्योदय से गिना जाता है — इसलिए इसका समय आपके शहर पर निर्भर करता है: आज नई दिल्ली में यह 12:20–13:37 बजे तक है। बहुत-से परिवार इसमें नया काम शुरू नहीं करते; अपने शहर का समय हिंदी पंचांग पर देखें।
चंद्र राशि के अनुसार राशिफल
मेष
चंद्रमा 18:26 बजे तक आपके दूसरे भाव में है, जो धन और परिवार से जुड़ा है; फिर वह तीसरे भाव में आता है — साहस, भाई-बहन, हुनर और बातचीत। परंपरा चंद्रमा से दूसरे भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए धन और परिवार को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। दिन का नक्षत्र मृगशिरा है, जिसका स्वामी मंगल आपके पाँचवें भाव में है — इसलिए दिन में रचनात्मक कामों और संतान की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके सातवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग साझेदारी से आता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके नौवें भाव में है — पढ़ाई, आस्था और यात्रा की ओर एक हल्का इशारा। आपके पाँचवें भाव में मंगल रचनात्मक कामों और संतान में ऊर्जा डालता है। दिन का अच्छा उपयोग: घर का हिसाब देखें या परिवार के लिए कुछ पकाएँ।
वृषभ
चंद्रमा 18:26 बजे तक आपके पहले भाव में है, जो निजी मामलों से जुड़ा है; फिर वह दूसरे भाव में आता है — धन, परिवार, भोजन और वाणी। आज चंद्रमा आपकी अपनी राशि में है, परंपरा से शुभ पर कोमल समय: जो कहना है साफ़ कहें और चाल धीमी रखें। आज के नक्षत्र मृगशिरा के स्वामी मंगल हैं; आपकी राशि से वे चौथे भाव में हैं, जो दिन को घर-परिवार से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके छठे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग काम और सेहत की आदतों से आता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके आठवें भाव में है — साझे धन और निजी बातों की ओर एक हल्का इशारा। शनि धीरे-धीरे आपके ग्यारहवें भाव से गुज़र रहा है और वहाँ धैर्य भरी मेहनत का फल देता है। दिन का अच्छा उपयोग: अपनी दिनचर्या सरल रखें और नींद-भोजन का ध्यान रखें।
मिथुन
चंद्रमा 18:26 बजे तक आपके बारहवें भाव में है, जो ख़र्च और विश्राम से जुड़ा है; फिर वह पहले भाव में आता है — शरीर, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व। चंद्रमा से बारहवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; ख़र्च और विश्राम में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। आज के नक्षत्र मृगशिरा के स्वामी मंगल हैं; आपकी राशि से वे तीसरे भाव में हैं, जो दिन को मेहनत और बातचीत से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके पाँचवें भाव में है, जो उसे रचनात्मक कामों और संतान से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके सातवें भाव में है — साझेदारी की ओर एक हल्का इशारा। आपके तीसरे भाव में मंगल मेहनत और बातचीत में ऊर्जा डालता है। दिन का अच्छा उपयोग: ख़र्च से पहले बजट देखें।
कर्क
चंद्रमा 18:26 बजे तक आपके ग्यारहवें भाव में है, जो लाभ और मित्रता से जुड़ा है; फिर वह बारहवें भाव में आता है — ख़र्च, एकांत, विदेश और मोक्ष। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से ग्यारहवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन लाभ और मित्रता के लिए मददगार रहेगा। दिन का नक्षत्र मृगशिरा है, जिसका स्वामी मंगल आपके दूसरे भाव में है — इसलिए दिन में धन और परिवार की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके चौथे भाव में है, जो उसे घर-परिवार से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके छठे भाव में है — काम और सेहत की आदतों की ओर एक हल्का इशारा। शनि धीरे-धीरे आपके नौवें भाव से गुज़र रहा है और पढ़ाई, आस्था और यात्रा में धीरज माँगता है। दिन का अच्छा उपयोग: अपनी अच्छी ख़बर अपने लोगों से बाँटें।
सिंह
चंद्रमा 18:26 बजे तक आपके दसवें भाव में है, जो करियर से जुड़ा है; फिर वह ग्यारहवें भाव में आता है — लाभ, मित्र, संपर्क और इच्छाएँ। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से दसवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन करियर के लिए मददगार रहेगा। दिन का नक्षत्र मृगशिरा है, जिसका स्वामी मंगल आपके पहले भाव में है — इसलिए दिन में निजी मामलों की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके तीसरे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग मेहनत और बातचीत से आता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके पाँचवें भाव में है — रचनात्मक कामों और संतान की ओर एक हल्का इशारा। आपके पहले भाव में मंगल निजी मामलों में ऊर्जा डालता है। दिन का अच्छा उपयोग: हफ़्ते के कामों को व्यवस्थित करें।
कन्या
चंद्रमा 18:26 बजे तक आपके नौवें भाव में है, जो पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जुड़ा है; फिर वह दसवें भाव में आता है — करियर, पद और कर्म। चंद्रमा से नौवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; पढ़ाई, आस्था और यात्रा में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। आज के नक्षत्र मृगशिरा के स्वामी मंगल हैं; आपकी राशि से वे बारहवें भाव में हैं, जो दिन को ख़र्च और विश्राम से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके दूसरे भाव में है, जो उसे धन और परिवार से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके चौथे भाव में है — घर-परिवार की ओर एक हल्का इशारा। पृष्ठभूमि में गुरु आपके बारहवें भाव में है, इसलिए उसकी मदद मेहनत के रास्ते आती है। दिन का अच्छा उपयोग: पिता या किसी मार्गदर्शक के लिए कुछ अच्छा करें।
तुला
चंद्रमा 18:26 बजे तक आपके आठवें भाव में है, जो साझे धन और निजी बातों से जुड़ा है; फिर वह नौवें भाव में आता है — भाग्य, आस्था, गुरु और लंबी यात्राएँ। तुला चंद्र राशि वालों के लिए यह चंद्राष्टम है (18:26 बजे तक): पंचांग की परंपरा ज़रूरी नई शुरुआत किसी और दिन के लिए रखती है, इसलिए साझे धन और निजी बातों में धीरे चलें। दिन का नक्षत्र मृगशिरा है, जिसका स्वामी मंगल आपके ग्यारहवें भाव में है — इसलिए दिन में लाभ और मित्रता की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके पहले भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग निजी मामलों से आता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके तीसरे भाव में है — मेहनत और बातचीत की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: साझे पैसे के जोखिम भरे फ़ैसले टालें।
वृश्चिक
चंद्रमा 18:26 बजे तक आपके सातवें भाव में है, जो साझेदारी से जुड़ा है; फिर वह आठवें भाव में आता है — परिवर्तन, साझा धन और गुप्त बातें। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से सातवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन साझेदारी के लिए मददगार रहेगा। चंद्राष्टम 18:26 बजे शुरू होता है, इसलिए नई शुरुआत उसके पहले करें। दिन का नक्षत्र मृगशिरा है, जिसका स्वामी मंगल आपके दसवें भाव में है — इसलिए दिन में करियर की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके बारहवें भाव में है, जो उसे ख़र्च और विश्राम से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके दूसरे भाव में है — धन और परिवार की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: किसी समझौते की शर्तें दस्तख़त से पहले पढ़ें।
धनु
चंद्रमा 18:26 बजे तक आपके छठे भाव में है, जो काम और सेहत की आदतों से जुड़ा है; फिर वह सातवें भाव में आता है — विवाह, साथी और अनुबंध। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से छठे भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन काम और सेहत की आदतों के लिए मददगार रहेगा। आज के नक्षत्र मृगशिरा के स्वामी मंगल हैं; आपकी राशि से वे नौवें भाव में हैं, जो दिन को पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके ग्यारहवें भाव में है, जो उसे लाभ और मित्रता से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके पहले भाव में है — निजी मामलों की ओर एक हल्का इशारा। आपके चौथे भाव से शनि का गोचर घर-परिवार में सावधानी माँगता है। दिन का अच्छा उपयोग: कोई छोटा क़र्ज़ या विवाद शांति से सुलझाएँ।
मकर
चंद्रमा 18:26 बजे तक आपके पाँचवें भाव में है, जो रचनात्मक कामों और संतान से जुड़ा है; फिर वह छठे भाव में आता है — काम, सेवा, सेहत की आदतें, क़र्ज़ और प्रतिस्पर्धा। परंपरा चंद्रमा से पाँचवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए रचनात्मक कामों और संतान को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। आज के नक्षत्र मृगशिरा के स्वामी मंगल हैं; आपकी राशि से वे आठवें भाव में हैं, जो दिन को साझे धन और निजी बातों से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके दसवें भाव में है, जो उसे करियर से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके बारहवें भाव में है — ख़र्च और विश्राम की ओर एक हल्का इशारा। शनि धीरे-धीरे आपके तीसरे भाव से गुज़र रहा है और वहाँ धैर्य भरी मेहनत का फल देता है। दिन का अच्छा उपयोग: मन को कुछ अच्छा पढ़ने दें।
कुंभ
चंद्रमा 18:26 बजे तक आपके चौथे भाव में है, जो घर-परिवार से जुड़ा है; फिर वह पाँचवें भाव में आता है — संतान, रचनात्मकता, बुद्धि और पुण्य। परंपरा चंद्रमा से चौथे भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए घर-परिवार को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। आज के नक्षत्र मृगशिरा के स्वामी मंगल हैं; आपकी राशि से वे सातवें भाव में हैं, जो दिन को साझेदारी से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके नौवें भाव में है, जो उसे पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके ग्यारहवें भाव में है — लाभ और मित्रता की ओर एक हल्का इशारा। पृष्ठभूमि में गुरु आपके सातवें भाव में है, जो एक सहायक स्थिति है। दिन का अच्छा उपयोग: शाम घर पर आराम के लिए रखें।
मीन
चंद्रमा 18:26 बजे तक आपके तीसरे भाव में है, जो मेहनत और बातचीत से जुड़ा है; फिर वह चौथे भाव में आता है — घर, माँ, संपत्ति और मन की शांति। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से तीसरे भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन मेहनत और बातचीत के लिए मददगार रहेगा। आज के नक्षत्र मृगशिरा के स्वामी मंगल हैं; आपकी राशि से वे छठे भाव में हैं, जो दिन को काम और सेहत की आदतों से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके आठवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग साझे धन और निजी बातों से आता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके दसवें भाव में है — करियर की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: जो संदेश या फ़ोन टाल रहे थे, आज कर लें।
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दैनिक राशिफल चंद्रमा के साथ चलता है — सबसे तेज़ चलने वाला ग्रह — और आपकी राशि से गिने गए भावों में उसकी यात्रा पढ़ता है; आकाश रोज़ बदलता है, इसलिए फल भी रोज़ बदलता है। आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं ज़्यादा सटीक है: आपका दिन आपकी जन्म-कुंडली से हर दिन का पाठ देता है, और मुफ़्त कुंडली आपकी चंद्र राशि, लग्न और चल रही दशा दिखाती है। सूर्य राशि (पश्चिमी) के राशिफल अंग्रेज़ी पेज पर हैं।
स्रोत
- Sunyra engine (positions verified against NASA/JPL Horizons; panchang for New Delhi)
- Phaladeepika of Mantreswara, ch. 26 (transits from the Moon)
- Muhurta Chintamani of Rama Daivajna (nakshatra classes, tithi groups)
- Brihat Parashara Hora Shastra, ch. 26 (graha drishti) (Santhanam)
Sunyra संपादकीय द्वारा लिखित। ज्योतिष व्याख्या की एक परंपरा है; इसे मार्गदर्शन की तरह पढ़ें, पक्की भविष्यवाणी की तरह नहीं। अस्वीकरण (Disclaimer)।
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