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संक्षेप में: चंद्रमा 17:33 बजे तक मिथुन राशि में है, फिर कर्क में (निरयन)। तिथि कृष्ण पक्ष की द्वितीया है, जो 23:26 बजे तृतीया में बदलती है। दोपहर के आसपास चंद्रमा पुनर्वसु नक्षत्र में है, जिसके देवता अदिति हैं; यह चर नक्षत्र है, जो परंपरा से यात्रा, भाग-दौड़ और फेरबदल के लिए अच्छा माना जाता है। इस राशि पर सूर्य की सातवीं दृष्टि और बुध की सातवीं दृष्टि है — जो स्वाभिमान और उद्देश्य जोड़ती है और जो जिज्ञासा जोड़ती है।

आज का पंचांग

वार शुक्रवार — स्वामी शुक्र
तिथि कृष्ण पक्ष: द्वितीया 23:26 तक; फिर तृतीया (सूर्योदय पर भद्रा तिथि)
नक्षत्र पुनर्वसु 22:50 तक; फिर पुष्य
योग ब्रह्म 08:28 तक; इन्द्र 26 दिसंबर, 04:16 तक; फिर वैधृति
करण तैतिल 13:15 तक; गर 23:26 तक; फिर वणिज
चंद्र राशि (निरयन) मिथुन; 17:33 बजे से कर्क
वक्री ग्रह गुरु
सूर्योदय / सूर्यास्त 07:11 / 17:30 (नई दिल्ली)
राहु काल 11:03–12:21 (नई दिल्ली)

राहु काल शुक्रवार को दिनमान के आठ बराबर भागों में से चौथा भाग है, जो स्थानीय सूर्योदय से गिना जाता है — इसलिए इसका समय आपके शहर पर निर्भर करता है: आज नई दिल्ली में यह 11:03–12:21 बजे तक है। बहुत-से परिवार इसमें नया काम शुरू नहीं करते; अपने शहर का समय हिंदी पंचांग पर देखें।

चंद्र राशि के अनुसार राशिफल

मेष

चंद्रमा 17:33 बजे तक आपके तीसरे भाव में है, जो मेहनत और बातचीत से जुड़ा है; फिर वह चौथे भाव में आता है — घर, माँ, संपत्ति और मन की शांति। चंद्रमा से तीसरे भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — मेहनत और बातचीत के लिए सहायक पृष्ठभूमि। दिन का नक्षत्र पुनर्वसु है, जिसका स्वामी गुरु आपके पाँचवें भाव में है — इसलिए दिन में रचनात्मक कामों और संतान की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी बुध आपके नौवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग पढ़ाई, आस्था और यात्रा से आता है। आज शुक्रवार है, जिसका स्वामी शुक्र आपके सातवें भाव में है — साझेदारी की ओर एक हल्का इशारा। आपके बारहवें भाव में शनि के कारण साढ़े साती चल रही है, इसलिए सधी हुई, सरल दिनचर्या मदद करती है। दिन का अच्छा उपयोग: आधा घंटा किसी हुनर के अभ्यास में लगाएँ।

वृषभ

चंद्रमा 17:33 बजे तक आपके दूसरे भाव में है, जो धन और परिवार से जुड़ा है; फिर वह तीसरे भाव में आता है — साहस, भाई-बहन, हुनर और बातचीत। चंद्रमा से दूसरे भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; धन और परिवार में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। आज के नक्षत्र पुनर्वसु के स्वामी गुरु हैं; आपकी राशि से वे चौथे भाव में हैं, जो दिन को घर-परिवार से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी बुध आपके आठवें भाव में है, जो उसे साझे धन और निजी बातों से जोड़ता है। आज शुक्रवार है, जिसका स्वामी शुक्र आपके छठे भाव में है — काम और सेहत की आदतों की ओर एक हल्का इशारा। पृष्ठभूमि में गुरु आपके चौथे भाव में है, इसलिए उसकी मदद मेहनत के रास्ते आती है। दिन का अच्छा उपयोग: घर का हिसाब देखें या परिवार के लिए कुछ पकाएँ।

मिथुन

चंद्रमा 17:33 बजे तक आपके पहले भाव में है, जो निजी मामलों से जुड़ा है; फिर वह दूसरे भाव में आता है — धन, परिवार, भोजन और वाणी। यह आपका जन्म-चंद्र है — चंद्रमा आपकी अपनी राशि में — जिसे परंपरा अनुकूल मानती है; मन तेज़ रहेगा, इसलिए योजनाएँ सरल रखें। आज के नक्षत्र पुनर्वसु के स्वामी गुरु हैं; आपकी राशि से वे तीसरे भाव में हैं, जो दिन को मेहनत और बातचीत से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी बुध आपके सातवें भाव में है, जो उसे साझेदारी से जोड़ता है। आज शुक्रवार है, जिसका स्वामी शुक्र आपके पाँचवें भाव में है — रचनात्मक कामों और संतान की ओर एक हल्का इशारा। आपके तीसरे भाव में मंगल मेहनत और बातचीत में ऊर्जा डालता है। दिन का अच्छा उपयोग: वह एक काम करें जो सचमुच आपका है।

कर्क

चंद्रमा 17:33 बजे तक आपके बारहवें भाव में है, जो ख़र्च और विश्राम से जुड़ा है; फिर वह पहले भाव में आता है — शरीर, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व। परंपरा चंद्रमा से बारहवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए ख़र्च और विश्राम को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। आज के नक्षत्र पुनर्वसु के स्वामी गुरु हैं; आपकी राशि से वे दूसरे भाव में हैं, जो दिन को धन और परिवार से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी बुध आपके छठे भाव में है, जो उसे काम और सेहत की आदतों से जोड़ता है। आज शुक्रवार है, जिसका स्वामी शुक्र आपके चौथे भाव में है — घर-परिवार की ओर एक हल्का इशारा। पृष्ठभूमि में गुरु आपके दूसरे भाव में है, जो एक सहायक स्थिति है। दिन का अच्छा उपयोग: जहाँ ज़रूरत हो, चुपचाप मदद करें।

सिंह

चंद्रमा 17:33 बजे तक आपके ग्यारहवें भाव में है, जो लाभ और मित्रता से जुड़ा है; फिर वह बारहवें भाव में आता है — ख़र्च, एकांत, विदेश और मोक्ष। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से ग्यारहवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन लाभ और मित्रता के लिए मददगार रहेगा। आज के नक्षत्र पुनर्वसु के स्वामी गुरु हैं; आपकी राशि से वे पहले भाव में हैं, जो दिन को निजी मामलों से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी बुध आपके पाँचवें भाव में है, जो उसे रचनात्मक कामों और संतान से जोड़ता है। आज शुक्रवार है, जिसका स्वामी शुक्र आपके तीसरे भाव में है — मेहनत और बातचीत की ओर एक हल्का इशारा। आपके आठवें भाव से शनि का गोचर साझे धन और निजी बातों में सावधानी माँगता है। दिन का अच्छा उपयोग: जिसका इंतज़ार था, उस पर बात आगे बढ़ाएँ।

कन्या

चंद्रमा 17:33 बजे तक आपके दसवें भाव में है, जो करियर से जुड़ा है; फिर वह ग्यारहवें भाव में आता है — लाभ, मित्र, संपर्क और इच्छाएँ। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से दसवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन करियर के लिए मददगार रहेगा। दिन का नक्षत्र पुनर्वसु है, जिसका स्वामी गुरु आपके बारहवें भाव में है — इसलिए दिन में ख़र्च और विश्राम की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी बुध आपके चौथे भाव में है, जो उसे घर-परिवार से जोड़ता है। आज शुक्रवार है, जिसका स्वामी शुक्र आपके दूसरे भाव में है — धन और परिवार की ओर एक हल्का इशारा। शनि धीरे-धीरे आपके सातवें भाव से गुज़र रहा है और साझेदारी में धीरज माँगता है। दिन का अच्छा उपयोग: हफ़्ते के कामों को व्यवस्थित करें।

तुला

चंद्रमा 17:33 बजे तक आपके नौवें भाव में है, जो पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जुड़ा है; फिर वह दसवें भाव में आता है — करियर, पद और कर्म। परंपरा चंद्रमा से नौवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए पढ़ाई, आस्था और यात्रा को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। आज के नक्षत्र पुनर्वसु के स्वामी गुरु हैं; आपकी राशि से वे ग्यारहवें भाव में हैं, जो दिन को लाभ और मित्रता से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी बुध आपके तीसरे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग मेहनत और बातचीत से आता है। आज शुक्रवार है, जिसका स्वामी शुक्र आपके पहले भाव में है — निजी मामलों की ओर एक हल्का इशारा। आपके ग्यारहवें भाव में मंगल लाभ और मित्रता में ऊर्जा डालता है। दिन का अच्छा उपयोग: पिता या किसी मार्गदर्शक के लिए कुछ अच्छा करें।

वृश्चिक

चंद्रमा 17:33 बजे तक आपके आठवें भाव में है, जो साझे धन और निजी बातों से जुड़ा है; फिर वह नौवें भाव में आता है — भाग्य, आस्था, गुरु और लंबी यात्राएँ। वृश्चिक चंद्र राशि वालों के लिए यह चंद्राष्टम है (17:33 बजे तक): पंचांग की परंपरा ज़रूरी नई शुरुआत किसी और दिन के लिए रखती है, इसलिए साझे धन और निजी बातों में धीरे चलें। आज के नक्षत्र पुनर्वसु के स्वामी गुरु हैं; आपकी राशि से वे दसवें भाव में हैं, जो दिन को करियर से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी बुध आपके दूसरे भाव में है, जो उसे धन और परिवार से जोड़ता है। आज शुक्रवार है, जिसका स्वामी शुक्र आपके बारहवें भाव में है — ख़र्च और विश्राम की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: कुछ समय मनन या अध्ययन में बिताएँ।

धनु

चंद्रमा 17:33 बजे तक आपके सातवें भाव में है, जो साझेदारी से जुड़ा है; फिर वह आठवें भाव में आता है — परिवर्तन, साझा धन और गुप्त बातें। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से सातवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन साझेदारी के लिए मददगार रहेगा। चंद्राष्टम 17:33 बजे शुरू होता है, इसलिए नई शुरुआत उसके पहले करें। दिन का नक्षत्र पुनर्वसु है, जिसका स्वामी गुरु आपके नौवें भाव में है — इसलिए दिन में पढ़ाई, आस्था और यात्रा की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी बुध आपके पहले भाव में है, जो उसे निजी मामलों से जोड़ता है। आज शुक्रवार है, जिसका स्वामी शुक्र आपके ग्यारहवें भाव में है — लाभ और मित्रता की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: किसी सहकर्मी के साथ बीच का रास्ता निकालें।

मकर

चंद्रमा 17:33 बजे तक आपके छठे भाव में है, जो काम और सेहत की आदतों से जुड़ा है; फिर वह सातवें भाव में आता है — विवाह, साथी और अनुबंध। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से छठे भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन काम और सेहत की आदतों के लिए मददगार रहेगा। आज के नक्षत्र पुनर्वसु के स्वामी गुरु हैं; आपकी राशि से वे आठवें भाव में हैं, जो दिन को साझे धन और निजी बातों से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी बुध आपके बारहवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग ख़र्च और विश्राम से आता है। आज शुक्रवार है, जिसका स्वामी शुक्र आपके दसवें भाव में है — करियर की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: काम का कोई रुका हुआ काम निपटाएँ।

कुंभ

चंद्रमा 17:33 बजे तक आपके पाँचवें भाव में है, जो रचनात्मक कामों और संतान से जुड़ा है; फिर वह छठे भाव में आता है — काम, सेवा, सेहत की आदतें, क़र्ज़ और प्रतिस्पर्धा। चंद्रमा से पाँचवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; रचनात्मक कामों और संतान में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। दिन का नक्षत्र पुनर्वसु है, जिसका स्वामी गुरु आपके सातवें भाव में है — इसलिए दिन में साझेदारी की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी बुध आपके ग्यारहवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग लाभ और मित्रता से आता है। आज शुक्रवार है, जिसका स्वामी शुक्र आपके नौवें भाव में है — पढ़ाई, आस्था और यात्रा की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: बच्चों, पढ़ाई या किसी रचनात्मक काम को समय दें।

मीन

चंद्रमा 17:33 बजे तक आपके चौथे भाव में है, जो घर-परिवार से जुड़ा है; फिर वह पाँचवें भाव में आता है — संतान, रचनात्मकता, बुद्धि और पुण्य। परंपरा चंद्रमा से चौथे भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए घर-परिवार को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। दिन का नक्षत्र पुनर्वसु है, जिसका स्वामी गुरु आपके छठे भाव में है — इसलिए दिन में काम और सेहत की आदतों की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी बुध आपके दसवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग करियर से आता है। आज शुक्रवार है, जिसका स्वामी शुक्र आपके आठवें भाव में है — साझे धन और निजी बातों की ओर एक हल्का इशारा। आपके छठे भाव में मंगल काम और सेहत की आदतों में ऊर्जा डालता है। दिन का अच्छा उपयोग: शाम घर पर आराम के लिए रखें।

इस पेज को कैसे पढ़ें

दैनिक राशिफल चंद्रमा के साथ चलता है — सबसे तेज़ चलने वाला ग्रह — और आपकी राशि से गिने गए भावों में उसकी यात्रा पढ़ता है; आकाश रोज़ बदलता है, इसलिए फल भी रोज़ बदलता है। आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं ज़्यादा सटीक है: आपका दिन आपकी जन्म-कुंडली से हर दिन का पाठ देता है, और मुफ़्त कुंडली आपकी चंद्र राशि, लग्न और चल रही दशा दिखाती है। सूर्य राशि (पश्चिमी) के राशिफल अंग्रेज़ी पेज पर हैं।

स्रोत

  1. Sunyra engine (positions verified against NASA/JPL Horizons; panchang for New Delhi)
  2. Phaladeepika of Mantreswara, ch. 26 (transits from the Moon)
  3. Muhurta Chintamani of Rama Daivajna (nakshatra classes, tithi groups)
  4. Brihat Parashara Hora Shastra, ch. 26 (graha drishti) (Santhanam)

Sunyra संपादकीय द्वारा लिखित। ज्योतिष व्याख्या की एक परंपरा है; इसे मार्गदर्शन की तरह पढ़ें, पक्की भविष्यवाणी की तरह नहीं। अस्वीकरण (Disclaimer)।

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