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संक्षेप में: चंद्रमा पूरे दिन कर्क राशि में है (निरयन)। तिथि कृष्ण पक्ष की तृतीया है, जो 20:05 बजे चतुर्थी में बदलती है। दोपहर के आसपास चंद्रमा पुष्य नक्षत्र में है, जिसके देवता बृहस्पति हैं; यह क्षिप्र (लघु) नक्षत्र है, जो परंपरा से जल्दी होने वाले व्यावहारिक कामों — पढ़ाई, व्यापार, छोटी यात्राओं — के लिए अच्छा माना जाता है। कर्क में चंद्रमा के साथ केतु है। विष्टि करण (भद्रा), जिसे पंचांग शुभ शुरुआत के लिए टालते हैं, 09:42 से 20:05 बजे तक रहेगा। वैधृति योग मुहूर्त-ग्रंथों में नए काम की शुरुआत के लिए टाला जाता है; रोज़ का काम सामान्य रूप से चलता है।

आज का पंचांग

वार शनिवार — स्वामी शनि
तिथि कृष्ण पक्ष: तृतीया 20:05 तक; फिर चतुर्थी (सूर्योदय पर जया तिथि)
नक्षत्र पुष्य 20:13 तक; फिर आश्लेषा
योग वैधृति 27 दिसंबर, 00:22 तक; फिर विष्कुम्भ
करण वणिज 09:42 तक; विष्टि (भद्रा) 20:05 तक; बव 27 दिसंबर, 06:35 तक; फिर बालव
चंद्र राशि (निरयन) कर्क
वक्री ग्रह गुरु
सूर्योदय / सूर्यास्त 07:11 / 17:31 (नई दिल्ली)
राहु काल 09:46–11:04 (नई दिल्ली)

राहु काल शनिवार को दिनमान के आठ बराबर भागों में से तीसरा भाग है, जो स्थानीय सूर्योदय से गिना जाता है — इसलिए इसका समय आपके शहर पर निर्भर करता है: आज नई दिल्ली में यह 09:46–11:04 बजे तक है। बहुत-से परिवार इसमें नया काम शुरू नहीं करते; अपने शहर का समय हिंदी पंचांग पर देखें।

चंद्र राशि के अनुसार राशिफल

मेष

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके चौथे भाव में बिताता है — घर, माँ, संपत्ति और मन की शांति। चंद्रमा से चौथे भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; घर-परिवार में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। वहाँ चंद्रमा का साथ केतु दे रहा है, जिससे अक्सर शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन रहता है। आज के नक्षत्र पुष्य के स्वामी शनि हैं; आपकी राशि से वे बारहवें भाव में हैं, जो दिन को ख़र्च और विश्राम से जोड़ता है। कल 18:05 बजे चंद्रमा आपके पाँचवें भाव में जाएगा, जो रचनात्मक कामों और संतान से जुड़ा है। चौथा भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके बारहवें भाव में है — ख़र्च और विश्राम की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: माँ या किसी बुज़ुर्ग के साथ इत्मीनान से समय बिताएँ।

वृषभ

पूरे दिन चंद्रमा आपके तीसरे भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं साहस, भाई-बहन, हुनर और बातचीत। चंद्रमा से तीसरे भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — मेहनत और बातचीत के लिए सहायक पृष्ठभूमि। वहाँ चंद्रमा का साथ केतु दे रहा है, जिससे अक्सर शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन रहता है। दिन का नक्षत्र पुष्य है, जिसका स्वामी शनि आपके ग्यारहवें भाव में है — इसलिए दिन में लाभ और मित्रता की भी भूमिका रहती है। कल 18:05 बजे चंद्रमा आपके चौथे भाव में जाएगा, जो घर-परिवार से जुड़ा है। तीसरा भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके ग्यारहवें भाव में है — लाभ और मित्रता की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: जो संदेश या फ़ोन टाल रहे थे, आज कर लें।

मिथुन

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके दूसरे भाव में बिताता है — धन, परिवार, भोजन और वाणी। परंपरा चंद्रमा से दूसरे भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए धन और परिवार को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। वहाँ चंद्रमा का साथ केतु दे रहा है, जिससे अक्सर शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन रहता है। दिन का नक्षत्र पुष्य है, जिसका स्वामी शनि आपके दसवें भाव में है — इसलिए दिन में करियर की भी भूमिका रहती है। कल 18:05 बजे चंद्रमा आपके तीसरे भाव में जाएगा, जो मेहनत और बातचीत से जुड़ा है। दूसरा भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके दसवें भाव में है — करियर की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: शब्द सोच-समझकर चुनें; आज वाणी का वज़न है।

कर्क

पूरे दिन चंद्रमा आपके पहले भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं शरीर, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व। यह आपका जन्म-चंद्र है — चंद्रमा आपकी अपनी राशि में — जिसे परंपरा अनुकूल मानती है; मन तेज़ रहेगा, इसलिए योजनाएँ सरल रखें। उस भाव में चंद्रमा के साथ केतु है: शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन। दिन का नक्षत्र पुष्य है, जिसका स्वामी शनि आपके नौवें भाव में है — इसलिए दिन में पढ़ाई, आस्था और यात्रा की भी भूमिका रहती है। कल 18:05 बजे चंद्रमा आपके दूसरे भाव में जाएगा, जो धन और परिवार से जुड़ा है। पहला भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके नौवें भाव में है — पढ़ाई, आस्था और यात्रा की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: वह एक काम करें जो सचमुच आपका है।

सिंह

पूरे दिन चंद्रमा आपके बारहवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं ख़र्च, एकांत, विदेश और मोक्ष। चंद्रमा से बारहवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; ख़र्च और विश्राम में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। उस भाव में चंद्रमा के साथ केतु है: शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन। आज के नक्षत्र पुष्य के स्वामी शनि हैं; आपकी राशि से वे आठवें भाव में हैं, जो दिन को साझे धन और निजी बातों से जोड़ता है। कल 18:05 बजे चंद्रमा आपके पहले भाव में जाएगा, जो निजी मामलों से जुड़ा है। बारहवाँ भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके आठवें भाव में है — साझे धन और निजी बातों की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: जहाँ ज़रूरत हो, चुपचाप मदद करें।

कन्या

पूरे दिन चंद्रमा आपके ग्यारहवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं लाभ, मित्र, संपर्क और इच्छाएँ। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से ग्यारहवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन लाभ और मित्रता के लिए मददगार रहेगा। उस भाव में चंद्रमा के साथ केतु है: शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन। आज के नक्षत्र पुष्य के स्वामी शनि हैं; आपकी राशि से वे सातवें भाव में हैं, जो दिन को साझेदारी से जोड़ता है। कल 18:05 बजे चंद्रमा आपके बारहवें भाव में जाएगा, जो ख़र्च और विश्राम से जुड़ा है। ग्यारहवाँ भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके सातवें भाव में है — साझेदारी की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: किसी मित्र से फिर जुड़ें।

तुला

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके दसवें भाव में बिताता है — करियर, पद और कर्म। चंद्रमा से दसवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — करियर के लिए सहायक पृष्ठभूमि। उस भाव में चंद्रमा के साथ केतु है: शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन। आज के नक्षत्र पुष्य के स्वामी शनि हैं; आपकी राशि से वे छठे भाव में हैं, जो दिन को काम और सेहत की आदतों से जोड़ता है। कल 18:05 बजे चंद्रमा आपके ग्यारहवें भाव में जाएगा, जो लाभ और मित्रता से जुड़ा है। दसवाँ भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके छठे भाव में है — काम और सेहत की आदतों की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: दिन का सबसे अच्छा घंटा अपने मुख्य काम को दें।

वृश्चिक

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके नौवें भाव में बिताता है — भाग्य, आस्था, गुरु और लंबी यात्राएँ। परंपरा चंद्रमा से नौवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए पढ़ाई, आस्था और यात्रा को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। वहाँ चंद्रमा का साथ केतु दे रहा है, जिससे अक्सर शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन रहता है। दिन का नक्षत्र पुष्य है, जिसका स्वामी शनि आपके पाँचवें भाव में है — इसलिए दिन में रचनात्मक कामों और संतान की भी भूमिका रहती है। कल 18:05 बजे चंद्रमा आपके दसवें भाव में जाएगा, जो करियर से जुड़ा है। नौवाँ भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके पाँचवें भाव में है — रचनात्मक कामों और संतान की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: किसी ऐसे गुरु को पढ़ें या सुनें जिनका आप आदर करते हैं।

धनु

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके आठवें भाव में बिताता है — परिवर्तन, साझा धन और गुप्त बातें। धनु चंद्र राशि वालों के लिए यह चंद्राष्टम है (पूरे दिन): पंचांग की परंपरा ज़रूरी नई शुरुआत किसी और दिन के लिए रखती है, इसलिए साझे धन और निजी बातों में धीरे चलें। वहाँ चंद्रमा का साथ केतु दे रहा है, जिससे अक्सर शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन रहता है। आज के नक्षत्र पुष्य के स्वामी शनि हैं; आपकी राशि से वे चौथे भाव में हैं, जो दिन को घर-परिवार से जोड़ता है। कल 18:05 बजे चंद्रमा आपके नौवें भाव में जाएगा, जो पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जुड़ा है। आठवाँ भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। दिन का अच्छा उपयोग: योजनाएँ छोटी रखें और जो शुरू है उसे पूरा करें।

मकर

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके सातवें भाव में बिताता है — विवाह, साथी और अनुबंध। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से सातवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन साझेदारी के लिए मददगार रहेगा। वहाँ चंद्रमा का साथ केतु दे रहा है, जिससे अक्सर शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन रहता है। दिन का नक्षत्र पुष्य है, जिसका स्वामी शनि आपके तीसरे भाव में है — इसलिए दिन में मेहनत और बातचीत की भी भूमिका रहती है। कल 18:05 बजे चंद्रमा आपके आठवें भाव में जाएगा, जो साझे धन और निजी बातों से जुड़ा है। सातवाँ भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके तीसरे भाव में है — मेहनत और बातचीत की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: किसी सहकर्मी के साथ बीच का रास्ता निकालें।

कुंभ

पूरे दिन चंद्रमा आपके छठे भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं काम, सेवा, सेहत की आदतें, क़र्ज़ और प्रतिस्पर्धा। चंद्रमा से छठे भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — काम और सेहत की आदतों के लिए सहायक पृष्ठभूमि। उस भाव में चंद्रमा के साथ केतु है: शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन। दिन का नक्षत्र पुष्य है, जिसका स्वामी शनि आपके दूसरे भाव में है — इसलिए दिन में धन और परिवार की भी भूमिका रहती है। कल 18:05 बजे चंद्रमा आपके सातवें भाव में जाएगा, जो साझेदारी से जुड़ा है। छठा भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके दूसरे भाव में है — धन और परिवार की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: छूटी हुई सेहत की दिनचर्या फिर शुरू करें।

मीन

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके पाँचवें भाव में बिताता है — संतान, रचनात्मकता, बुद्धि और पुण्य। परंपरा चंद्रमा से पाँचवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए रचनात्मक कामों और संतान को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। वहाँ चंद्रमा का साथ केतु दे रहा है, जिससे अक्सर शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन रहता है। दिन का नक्षत्र पुष्य है, जिसका स्वामी शनि आपके पहले भाव में है — इसलिए दिन में निजी मामलों की भी भूमिका रहती है। कल 18:05 बजे चंद्रमा आपके छठे भाव में जाएगा, जो काम और सेहत की आदतों से जुड़ा है। पाँचवाँ भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके पहले भाव में है — निजी मामलों की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: यदि आपकी साधना है, तो थोड़ी प्रार्थना या मंत्र-जप करें।

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दैनिक राशिफल चंद्रमा के साथ चलता है — सबसे तेज़ चलने वाला ग्रह — और आपकी राशि से गिने गए भावों में उसकी यात्रा पढ़ता है; आकाश रोज़ बदलता है, इसलिए फल भी रोज़ बदलता है। आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं ज़्यादा सटीक है: आपका दिन आपकी जन्म-कुंडली से हर दिन का पाठ देता है, और मुफ़्त कुंडली आपकी चंद्र राशि, लग्न और चल रही दशा दिखाती है। सूर्य राशि (पश्चिमी) के राशिफल अंग्रेज़ी पेज पर हैं।

स्रोत

  1. Sunyra engine (positions verified against NASA/JPL Horizons; panchang for New Delhi)
  2. Phaladeepika of Mantreswara, ch. 26 (transits from the Moon)
  3. Muhurta Chintamani of Rama Daivajna (nakshatra classes, tithi groups)
  4. Brihat Parashara Hora Shastra, ch. 26 (graha drishti) (Santhanam)

Sunyra संपादकीय द्वारा लिखित। ज्योतिष व्याख्या की एक परंपरा है; इसे मार्गदर्शन की तरह पढ़ें, पक्की भविष्यवाणी की तरह नहीं। अस्वीकरण (Disclaimer)।

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