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संक्षेप में: चंद्रमा पूरे दिन कन्या राशि में है (निरयन)। तिथि कृष्ण पक्ष की सप्तमी है, जो 12:37 बजे अष्टमी में बदलती है। दोपहर के आसपास चंद्रमा उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में है, जिसके देवता अर्यमा हैं; यह ध्रुव (स्थिर) नक्षत्र है, जो परंपरा से स्थायी शुरुआतों — नींव, समझौते, रोपण — के लिए चुना जाता है। इस राशि पर शनि की सातवीं दृष्टि है — जो गंभीरता और धीरज की माँग जोड़ती है।
आज का पंचांग
| वार | बुधवार — स्वामी बुध |
| तिथि | कृष्ण पक्ष: सप्तमी 12:37 तक; फिर अष्टमी (सूर्योदय पर भद्रा तिथि) |
| नक्षत्र | उत्तराफाल्गुनी 15:37 तक; फिर हस्त |
| योग | सौभाग्य 13:41 तक; फिर शोभन |
| करण | बव 12:37 तक; बालव 31 दिसंबर, 00:29 तक; फिर कौलव |
| चंद्र राशि (निरयन) | कन्या |
| वक्री ग्रह | गुरु |
| सूर्योदय / सूर्यास्त | 07:13 / 17:33 (नई दिल्ली) |
| राहु काल | 12:23–13:41 (नई दिल्ली) |
राहु काल बुधवार को दिनमान के आठ बराबर भागों में से पाँचवाँ भाग है, जो स्थानीय सूर्योदय से गिना जाता है — इसलिए इसका समय आपके शहर पर निर्भर करता है: आज नई दिल्ली में यह 12:23–13:41 बजे तक है। बहुत-से परिवार इसमें नया काम शुरू नहीं करते; अपने शहर का समय हिंदी पंचांग पर देखें।
चंद्र राशि के अनुसार राशिफल
मेष
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके छठे भाव में बिताता है — काम, सेवा, सेहत की आदतें, क़र्ज़ और प्रतिस्पर्धा। चंद्रमा से छठे भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — काम और सेहत की आदतों के लिए सहायक पृष्ठभूमि। दिन का नक्षत्र उत्तराफाल्गुनी है, जिसका स्वामी सूर्य आपके नौवें भाव में है — इसलिए दिन में पढ़ाई, आस्था और यात्रा की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी बुध आपके नौवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग पढ़ाई, आस्था और यात्रा से आता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके नौवें भाव में है — पढ़ाई, आस्था और यात्रा की ओर एक हल्का इशारा। आपके पाँचवें भाव में मंगल रचनात्मक कामों और संतान में ऊर्जा डालता है। दिन का अच्छा उपयोग: छूटी हुई सेहत की दिनचर्या फिर शुरू करें।
वृषभ
पूरे दिन चंद्रमा आपके पाँचवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं संतान, रचनात्मकता, बुद्धि और पुण्य। परंपरा चंद्रमा से पाँचवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए रचनात्मक कामों और संतान को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। दिन का नक्षत्र उत्तराफाल्गुनी है, जिसका स्वामी सूर्य आपके आठवें भाव में है — इसलिए दिन में साझे धन और निजी बातों की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी बुध आपके आठवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग साझे धन और निजी बातों से आता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके आठवें भाव में है — साझे धन और निजी बातों की ओर एक हल्का इशारा। शनि धीरे-धीरे आपके ग्यारहवें भाव से गुज़र रहा है और वहाँ धैर्य भरी मेहनत का फल देता है। दिन का अच्छा उपयोग: यदि आपकी साधना है, तो थोड़ी प्रार्थना या मंत्र-जप करें।
मिथुन
पूरे दिन चंद्रमा आपके चौथे भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं घर, माँ, संपत्ति और मन की शांति। परंपरा चंद्रमा से चौथे भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए घर-परिवार को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। दिन का नक्षत्र उत्तराफाल्गुनी है, जिसका स्वामी सूर्य आपके सातवें भाव में है — इसलिए दिन में साझेदारी की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी बुध आपके सातवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग साझेदारी से आता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके सातवें भाव में है — साझेदारी की ओर एक हल्का इशारा। पृष्ठभूमि में गुरु आपके तीसरे भाव में है, इसलिए उसकी मदद मेहनत के रास्ते आती है। आपके तीसरे भाव में मंगल मेहनत और बातचीत में ऊर्जा डालता है। दिन का अच्छा उपयोग: घर का एक कोना सहेजें।
कर्क
पूरे दिन चंद्रमा आपके तीसरे भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं साहस, भाई-बहन, हुनर और बातचीत। चंद्रमा से तीसरे भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — मेहनत और बातचीत के लिए सहायक पृष्ठभूमि। दिन का नक्षत्र उत्तराफाल्गुनी है, जिसका स्वामी सूर्य आपके छठे भाव में है — इसलिए दिन में काम और सेहत की आदतों की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी बुध आपके छठे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग काम और सेहत की आदतों से आता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके छठे भाव में है — काम और सेहत की आदतों की ओर एक हल्का इशारा। शनि धीरे-धीरे आपके नौवें भाव से गुज़र रहा है और पढ़ाई, आस्था और यात्रा में धीरज माँगता है। दिन का अच्छा उपयोग: आधा घंटा किसी हुनर के अभ्यास में लगाएँ।
सिंह
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके दूसरे भाव में बिताता है — धन, परिवार, भोजन और वाणी। परंपरा चंद्रमा से दूसरे भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए धन और परिवार को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। दिन का नक्षत्र उत्तराफाल्गुनी है, जिसका स्वामी सूर्य आपके पाँचवें भाव में है — इसलिए दिन में रचनात्मक कामों और संतान की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी बुध आपके पाँचवें भाव में है, जो उसे रचनात्मक कामों और संतान से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके पाँचवें भाव में है — रचनात्मक कामों और संतान की ओर एक हल्का इशारा। पृष्ठभूमि में गुरु आपके पहले भाव में है, इसलिए उसकी मदद मेहनत के रास्ते आती है। आपके पहले भाव में मंगल निजी मामलों में ऊर्जा डालता है। दिन का अच्छा उपयोग: परिवार का कोई छोटा मामला सुलझाएँ।
कन्या
पूरे दिन चंद्रमा आपके पहले भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं शरीर, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व। चंद्रमा आपकी अपनी राशि में लौटा है, इसलिए भावनाएँ सतह के क़रीब हैं; परंपरा इसे शुभ चंद्रमा मानती है, जो सरल और ईमानदार योजनाओं के लिए सबसे अच्छा है। आज के नक्षत्र उत्तराफाल्गुनी के स्वामी सूर्य हैं; आपकी राशि से वे चौथे भाव में हैं, जो दिन को घर-परिवार से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी बुध आपके चौथे भाव में है, जो उसे घर-परिवार से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके चौथे भाव में है — घर-परिवार की ओर एक हल्का इशारा। आपके बारहवें भाव में मंगल ख़र्च और विश्राम में ऊर्जा डालता है। पृष्ठभूमि में गुरु आपके बारहवें भाव में है, इसलिए उसकी मदद मेहनत के रास्ते आती है। दिन का अच्छा उपयोग: अपनी दिनचर्या सरल रखें और नींद-भोजन का ध्यान रखें।
तुला
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके बारहवें भाव में बिताता है — ख़र्च, एकांत, विदेश और मोक्ष। चंद्रमा से बारहवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; ख़र्च और विश्राम में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। आज के नक्षत्र उत्तराफाल्गुनी के स्वामी सूर्य हैं; आपकी राशि से वे तीसरे भाव में हैं, जो दिन को मेहनत और बातचीत से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी बुध आपके तीसरे भाव में है, जो उसे मेहनत और बातचीत से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके तीसरे भाव में है — मेहनत और बातचीत की ओर एक हल्का इशारा। पृष्ठभूमि में गुरु आपके ग्यारहवें भाव में है, जो एक सहायक स्थिति है। शनि धीरे-धीरे आपके छठे भाव से गुज़र रहा है और वहाँ धैर्य भरी मेहनत का फल देता है। दिन का अच्छा उपयोग: ख़र्च से पहले बजट देखें।
वृश्चिक
पूरे दिन चंद्रमा आपके ग्यारहवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं लाभ, मित्र, संपर्क और इच्छाएँ। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से ग्यारहवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन लाभ और मित्रता के लिए मददगार रहेगा। आज के नक्षत्र उत्तराफाल्गुनी के स्वामी सूर्य हैं; आपकी राशि से वे दूसरे भाव में हैं, जो दिन को धन और परिवार से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी बुध आपके दूसरे भाव में है, जो उसे धन और परिवार से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके दूसरे भाव में है — धन और परिवार की ओर एक हल्का इशारा। पृष्ठभूमि में गुरु आपके दसवें भाव में है, इसलिए उसकी मदद मेहनत के रास्ते आती है। आपके दसवें भाव में मंगल करियर में ऊर्जा डालता है। दिन का अच्छा उपयोग: किसी मित्र से फिर जुड़ें।
धनु
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके दसवें भाव में बिताता है — करियर, पद और कर्म। चंद्रमा से दसवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — करियर के लिए सहायक पृष्ठभूमि। दिन का नक्षत्र उत्तराफाल्गुनी है, जिसका स्वामी सूर्य आपके पहले भाव में है — इसलिए दिन में निजी मामलों की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी बुध आपके पहले भाव में है, जो उसे निजी मामलों से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके पहले भाव में है — निजी मामलों की ओर एक हल्का इशारा। आपके चौथे भाव से शनि का गोचर घर-परिवार में सावधानी माँगता है। आपके नौवें भाव में मंगल पढ़ाई, आस्था और यात्रा में ऊर्जा डालता है। पृष्ठभूमि में गुरु आपके नौवें भाव में है, जो एक सहायक स्थिति है। दिन का अच्छा उपयोग: किसी सार्वजनिक वादे को निभाएँ।
मकर
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके नौवें भाव में बिताता है — भाग्य, आस्था, गुरु और लंबी यात्राएँ। चंद्रमा से नौवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; पढ़ाई, आस्था और यात्रा में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। दिन का नक्षत्र उत्तराफाल्गुनी है, जिसका स्वामी सूर्य आपके बारहवें भाव में है — इसलिए दिन में ख़र्च और विश्राम की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी बुध आपके बारहवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग ख़र्च और विश्राम से आता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके बारहवें भाव में है — ख़र्च और विश्राम की ओर एक हल्का इशारा। आपके आठवें भाव में मंगल साझे धन और निजी बातों में ऊर्जा डालता है। दिन का अच्छा उपयोग: यात्रा की जल्दी के बजाय उसकी योजना बनाएँ।
कुंभ
पूरे दिन चंद्रमा आपके आठवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं परिवर्तन, साझा धन और गुप्त बातें। कुंभ चंद्र राशि वालों के लिए यह चंद्राष्टम है (पूरे दिन): पंचांग की परंपरा ज़रूरी नई शुरुआत किसी और दिन के लिए रखती है, इसलिए साझे धन और निजी बातों में धीरे चलें। आज के नक्षत्र उत्तराफाल्गुनी के स्वामी सूर्य हैं; आपकी राशि से वे ग्यारहवें भाव में हैं, जो दिन को लाभ और मित्रता से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी बुध आपके ग्यारहवें भाव में है, जो उसे लाभ और मित्रता से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके ग्यारहवें भाव में है — लाभ और मित्रता की ओर एक हल्का इशारा। आपके दूसरे भाव में शनि के कारण साढ़े साती चल रही है, इसलिए सधी हुई, सरल दिनचर्या मदद करती है। दिन का अच्छा उपयोग: योजनाएँ छोटी रखें और जो शुरू है उसे पूरा करें।
मीन
पूरे दिन चंद्रमा आपके सातवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं विवाह, साथी और अनुबंध। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से सातवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन साझेदारी के लिए मददगार रहेगा। आज के नक्षत्र उत्तराफाल्गुनी के स्वामी सूर्य हैं; आपकी राशि से वे दसवें भाव में हैं, जो दिन को करियर से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी बुध आपके दसवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग करियर से आता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके दसवें भाव में है — करियर की ओर एक हल्का इशारा। आपके छठे भाव में मंगल काम और सेहत की आदतों में ऊर्जा डालता है। पृष्ठभूमि में गुरु आपके छठे भाव में है, इसलिए उसकी मदद मेहनत के रास्ते आती है। दिन का अच्छा उपयोग: साथी की बात बोलने से ज़्यादा सुनें।
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दैनिक राशिफल चंद्रमा के साथ चलता है — सबसे तेज़ चलने वाला ग्रह — और आपकी राशि से गिने गए भावों में उसकी यात्रा पढ़ता है; आकाश रोज़ बदलता है, इसलिए फल भी रोज़ बदलता है। आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं ज़्यादा सटीक है: आपका दिन आपकी जन्म-कुंडली से हर दिन का पाठ देता है, और मुफ़्त कुंडली आपकी चंद्र राशि, लग्न और चल रही दशा दिखाती है। सूर्य राशि (पश्चिमी) के राशिफल अंग्रेज़ी पेज पर हैं।
स्रोत
- Sunyra engine (positions verified against NASA/JPL Horizons; panchang for New Delhi)
- Phaladeepika of Mantreswara, ch. 26 (transits from the Moon)
- Muhurta Chintamani of Rama Daivajna (nakshatra classes, tithi groups)
- Brihat Parashara Hora Shastra, ch. 26 (graha drishti) (Santhanam)
Sunyra संपादकीय द्वारा लिखित। ज्योतिष व्याख्या की एक परंपरा है; इसे मार्गदर्शन की तरह पढ़ें, पक्की भविष्यवाणी की तरह नहीं। अस्वीकरण (Disclaimer)।
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