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संक्षेप में: गुरु आपके दूसरे भाव में (परंपरा से अनुकूल गोचर); 5 दिसंबर को राहु आपके सातवें भाव में और केतु आपके पहले भाव में; 11 दिसंबर को शनि मार्गी; 13 दिसंबर को गुरु वक्री। शुभ दिन: 3–4 दिसंबर, 10–11 दिसंबर, 20–23 दिसंबर और 30–31 दिसंबर।

दिसंबर 2026 एक नज़र में

तारीख़ (UTC+5:30) आकाश में आपकी राशि के लिए
2 दिसंबर बुध तुला से वृश्चिक में चौथा → पाँचवाँ भाव
5 दिसंबर राहु मकर में और केतु कर्क में (मध्यम राहु) राहु सातवाँ भाव, केतु पहला भाव
9 दिसंबर अमावस्या, वृश्चिक राशि, ज्येष्ठा नक्षत्र, 06:21 बजे पाँचवाँ भाव
11 दिसंबर शनि मीन में मार्गी नौवाँ भाव
13 दिसंबर गुरु सिंह में वक्री दूसरा भाव
16 दिसंबर सूर्य वृश्चिक से धनु में पाँचवाँ → छठा भाव
22 दिसंबर बुध वृश्चिक से धनु में पाँचवाँ → छठा भाव
24 दिसंबर पूर्णिमा, मिथुन राशि, आर्द्रा नक्षत्र, 06:58 बजे बारहवाँ भाव

महीने का हाल

गुरु पूरे महीने सिंह में, यानी आपके दूसरे भाव में रहता है। 13 दिसंबर को वह वहीं वक्री होता है; इसके बाद उसके विषयों में नई शुरुआत से ज़्यादा पुराने कामों की समीक्षा ठीक रहती है। दूसरे भाव में गुरु इसके सबसे अच्छे गोचरों में से है: बचत, परिवार में मेल और वाणी की मिठास बढ़ती है, और पैसों के मामले आसानी से सुलझते हैं। सिंह से गुरु की दृष्टि छठे, आठवें और दसवें भाव पर भी है (काम और सेहत की आदतें; साझे धन और निजी बातें; करियर)।

शनि मीन में, आपके नौवें भाव में है और 11 दिसंबर तक वक्री रहकर उस दिन मार्गी होता है। नौवें भाव में शनि भाग्य को धीमा महसूस कराता है: यात्रा या पढ़ाई की योजनाओं में ज़्यादा काग़ज़ी काम लगता है, और बड़ों को आपके सहारे की ज़रूरत हो सकती है। इस समय आपकी चंद्र राशि पर न साढ़े साती है, न ढैया।

राहु और केतु 5 दिसंबर को राशि बदलते हैं (Sunyra मध्यम राहु लेता है; स्पष्ट राहु वाले पंचांग इससे पहले की तारीख़ देते हैं)। तब तक राहु आपके आठवें भाव में और केतु आपके दूसरे भाव में है; उसके बाद राहु आपके सातवें भाव से और केतु आपके पहले भाव से काम करते हैं, जहाँ वे लगभग अठारह महीने रहेंगे। सातवें भाव में राहु असामान्य साथी या असामान्य शर्तें लाता है; अनुबंध ध्यान से पढ़ें और साथी से खुलकर बात करें। राशि पर केतु मन को भीतर की ओर मोड़ता है; वैराग्य मदद करता है, पर शरीर का ध्यान रखें।

प्रेम और विवाह

प्रेम का ग्रह शुक्र महीने की शुरुआत तुला में (आपके चौथे भाव में) करता है। चौथे भाव में शुक्र घर के सुख, वाहन और मित्रता के लिए अनुकूल है।

महीने के बीच आपके सातवें भाव (विवाह) में राहु है। वहाँ राहु क्या लाता है, यह ऊपर लिखा है; प्रेम के लिए इस महीने यही भाव सबसे ज़्यादा ख़याल और अपनापन माँगता है। आपके पाँचवें भाव (प्रेम और संतान) में सूर्य और बुध हैं। पाँचवें भाव में सूर्य संतान या फ़ैसलों को लेकर चिंता लाता है; मन साफ़ रखें। पाँचवें भाव में बुध साथी या संतान से खटपट ला सकता है। 9 दिसंबर की अमावस्या आपके पाँचवें भाव में पड़ती है — साथ में नई शुरुआत करने का स्वाभाविक समय।

करियर और पैसा

सूर्य महीने की शुरुआत आपके पाँचवें भाव में करता है। पाँचवें भाव में सूर्य संतान या फ़ैसलों को लेकर चिंता लाता है; मन साफ़ रखें। 16 दिसंबर को वह धनु में, आपके छठे भाव में जाता है: छठे भाव में सूर्य मज़बूत है: आप समस्याओं और विरोधियों पर जीत पाते हैं। 2 दिसंबर को बुध वृश्चिक में, आपके पाँचवें भाव में जाता है। 22 दिसंबर को बुध धनु में, आपके छठे भाव में जाता है।

मंगल और गुरु आपके दूसरे भाव (बचत और परिवार के धन) में हैं, इसलिए ऊपर इनके बारे में जो लिखा है, वह सीधे बचत और परिवार के धन पर लागू होता है। यह वित्तीय सलाह नहीं है: इसे मेहनत का समय चुनने के लिए पढ़ें, जोखिम लेने के लिए नहीं।

सेहत और ऊर्जा

ऊर्जा का ग्रह मंगल महीने की शुरुआत सिंह में, आपके दूसरे भाव में करता है। दूसरे भाव में मंगल शब्दों को तीखा और ख़र्च को तेज़ करता है; जवाब देने या ख़रीदने से पहले रुकें। चंद्रमा 15–16 दिसंबर को आपके आठवें भाव (चंद्राष्टम) से गुज़रता है: परंपरा इन दिनों आराम, जोखिम भरी यात्रा से परहेज़ और बड़े फ़ैसले टालने की सलाह देती है। इसे अपनी ऊर्जा का मौसम समझें — कोई भी चिंता डॉक्टर के पास ले जाएँ, राशिफल के पास नहीं।

दिसंबर 2026 के शुभ और सावधानी के दिन

शुभ दिन: 3–4 दिसंबर, 10–11 दिसंबर, 20–23 दिसंबर और 30–31 दिसंबर। सावधानी के दिन (चंद्राष्टम): 15–16 दिसंबर। शांत दिन: 24–25 दिसंबर।

ये दिन कैसे चुने गए: हर दिन दोपहर 12 बजे (UTC+5:30) का चंद्रमा आपकी चंद्र राशि से गिना गया है। तीसरे, छठे, दसवें और ग्यारहवें भाव (उपचय भाव) में चंद्रमा मेहनत और नतीजों में मदद करता है; आठवाँ भाव चंद्राष्टम है, जिसमें नई शुरुआत नहीं की जाती; बारहवाँ आराम के लिए है। आपकी अपनी दशा और तारा बल किसी एक दिन को बदल सकते हैं।

परंपरा से एक उपाय

राहु की स्थिति आपके महीने का बेचैन सुर है। राहु के शास्त्रीय उपाय स्थिरता और साफ़ आदतें हैं: यदि आपकी साधना है तो दुर्गा सप्तश्लोकी पढ़ें, और पैसे या नियमों में शॉर्टकट से बचें। उपाय एक भक्ति-परंपरा हैं: वैकल्पिक, मुफ़्त, और व्यावहारिक मदद का विकल्प कभी नहीं।

आगे क्या

10 जनवरी को मंगल आपके दूसरे भाव में वक्री होगा, 25 जनवरी को गुरु कर्क में (आपके पहले भाव में) जाएगा और 6 फ़रवरी को आपके सातवें भाव में ग्रहण पड़ेगा। पूरा साल पढ़ें: कर्क राशिफल 2027।

राशि नहीं, आपकी अपनी कुंडली

यह पाठ आपकी चंद्र राशि पर रुक जाता है, आपकी कुंडली आगे जाती है: फुल कुंडली रिपोर्ट आपके सटीक जन्म समय से पूरा जीवन पढ़ती है, और Your Year Ahead आने वाले बारह महीने सिर्फ़ आपके लिए।

स्रोत

  1. Sunyra engine (positions verified against NASA/JPL Horizons; Lahiri ayanamsa; mean node)
  2. Phaladeepika of Mantreswara, ch. 26 (transits from the Moon)
  3. Brihat Parashara Hora Shastra, ch. 26 (graha drishti) (Santhanam)

Sunyra संपादकीय द्वारा लिखित। ज्योतिष व्याख्या की एक परंपरा है; इसे मार्गदर्शन की तरह पढ़ें, पक्की भविष्यवाणी की तरह नहीं। अस्वीकरण (Disclaimer)।

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