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संक्षेप में: गुरु आपके दसवें भाव में (धीरज माँगने वाला गोचर); 12 नवंबर को मंगल आपके दसवें भाव में; 13 नवंबर को बुध मार्गी (आपके बारहवें भाव में); 14 नवंबर को शुक्र मार्गी (आपके ग्यारहवें भाव में)। शुभ दिन: 3–7 नवंबर, 15–17 नवंबर, 22–23 नवंबर और 30 नवंबर।
नवंबर 2026 एक नज़र में
| तारीख़ (UTC+5:30) | आकाश में | आपकी राशि के लिए |
|---|---|---|
| 31 अक्टूबर (महीने से ठीक पहले) | गुरु कर्क से सिंह में | नौवाँ → दसवाँ भाव |
| 4 नवंबर | सूर्य और बुध की तुला में सटीक युति | बारहवाँ भाव |
| 6 नवंबर | शुक्र वक्री होकर तुला से कन्या में (नीच, यानी अपनी सबसे कमज़ोर राशि) | बारहवाँ → ग्यारहवाँ भाव |
| 9 नवंबर | अमावस्या, तुला राशि, विशाखा नक्षत्र, 12:32 बजे | बारहवाँ भाव |
| 12 नवंबर | गुरु और केतु की सिंह में सटीक युति | दसवाँ भाव |
| 12 नवंबर | मंगल कर्क से सिंह में | नौवाँ → दसवाँ भाव |
| 13 नवंबर | बुध तुला में मार्गी | बारहवाँ भाव |
| 14 नवंबर | शुक्र कन्या में मार्गी | ग्यारहवाँ भाव |
| 15 नवंबर | मंगल और केतु की सिंह में सटीक युति | दसवाँ भाव |
| 16 नवंबर | मंगल और गुरु की सिंह में सटीक युति | दसवाँ भाव |
| 16 नवंबर | सूर्य तुला से वृश्चिक में | बारहवाँ → पहला भाव |
| 22 नवंबर | शुक्र कन्या से तुला में (स्वराशि) | ग्यारहवाँ → बारहवाँ भाव |
| 24 नवंबर | पूर्णिमा, वृषभ राशि, कृत्तिका नक्षत्र, 20:23 बजे | सातवाँ भाव |
महीने का हाल
गुरु 31 अक्टूबर को, यानी महीना शुरू होने से ठीक पहले, सिंह में आया — जो आपके दसवें भाव में पड़ता है — और पूरा महीना वहीं रहता है। दसवें भाव में गुरु काम को आगे लाता है, पर परंपरा इसे मिला-जुला गोचर मानती है: ज़िम्मेदारी इनाम से तेज़ बढ़ती है, इसलिए नए काम सोच-समझकर लें। सिंह से गुरु की दृष्टि दूसरे, चौथे और छठे भाव पर भी है (धन और परिवार; घर-परिवार; काम और सेहत की आदतें)।
शनि मीन में, आपके पाँचवें भाव में है और 11 दिसंबर तक वक्री रहकर उस दिन मार्गी होता है। पाँचवें भाव में शनि पढ़ाई, संतान के मामलों और रचनात्मक काम में ज़्यादा मेहनत माँगता है; एक साथ ज़ोर लगाने से नियमित, धीमा अभ्यास बेहतर है। इस समय आपकी चंद्र राशि पर न साढ़े साती है, न ढैया।
राहु आपके चौथे भाव में और केतु आपके दसवें भाव में है। चौथे भाव में राहु घर में अस्थिरता का एहसास दे सकता है; घर या वाहन बदलने में धीरज रखें। दसवें भाव में केतु पद से ज़्यादा काम को महत्व दिलाता है। 5 दिसंबर को राहु-केतु राशि बदलेंगे (Sunyra मध्यम राहु लेता है; स्पष्ट राहु वाले पंचांग पहले की तारीख़ देते हैं): राहु आपके तीसरे भाव में और केतु आपके नौवें भाव में जाएगा, जहाँ वे लगभग अठारह महीने रहेंगे।
इस महीने ग्रहों का सबसे बड़ा जमावड़ा सिंह में है: मंगल, गुरु और केतु की सटीक युति (12 नवंबर, 15 नवंबर और 16 नवंबर)। यह आपके दसवें भाव में पड़ता है — करियर, पद और सार्वजनिक काम — और वहाँ साफ़ लक्ष्य माँगता है।
प्रेम और विवाह
प्रेम का ग्रह शुक्र महीने की शुरुआत वक्री होकर तुला में (आपके बारहवें भाव में) करता है; 6 नवंबर को पीछे लौटकर कन्या (नीच, यानी अपनी सबसे कमज़ोर राशि, ग्यारहवाँ भाव) में जाता है, 14 नवंबर को मार्गी होता है, और 22 नवंबर को तुला (स्वराशि, बारहवाँ भाव) में जाता है। ग्यारहवें भाव में शुक्र लाभ, मित्र और इच्छा-पूर्ति लाता है। मार्गी होना ही मोड़ है: उससे पहले पुरानी भावनाएँ या कोई पुराना रिश्ता लौट सकता है, और स्पष्टता उसके बाद आती है।
इस महीने आपके सातवें भाव (विवाह) में कोई ग्रह नहीं है, इसलिए साझेदारी पर असर उन ग्रहों से आता है जो उसे देखते हैं। शनि की दृष्टि भी यहाँ पहुँचती है, जो धीरज और व्यावहारिक उम्मीदें माँगती है। आपके पाँचवें भाव (प्रेम और संतान) में शनि है। 24 नवंबर की पूर्णिमा आपके सातवें भाव में पड़ती है — मन की बात कहने का स्वाभाविक समय।
करियर और पैसा
सूर्य महीने की शुरुआत आपके बारहवें भाव में करता है। बारहवें भाव में सूर्य ख़र्च बढ़ाता है और ऊर्जा घटाता है; आराम के लिए समय रखें। 16 नवंबर को वह वृश्चिक में, आपके पहले भाव में जाता है: राशि पर सूर्य थकान और जल्दी ग़ुस्सा लाता है; आराम और सादा भोजन मदद करते हैं। बुध 13 नवंबर को आपके बारहवें भाव में मार्गी होता है — पिछले हफ़्तों में अटके काग़ज़, सौदे और संदेश आगे बढ़ने लगते हैं, फिर भी बड़े अनुबंध पर दस्तख़त कुछ दिन बाद करना समझदारी है।
मंगल, गुरु और केतु आपके दसवें भाव (करियर) में हैं, इसलिए ऊपर इनके बारे में जो लिखा है, वह सीधे करियर पर लागू होता है। 12 नवंबर से मंगल आपके दसवें भाव से काम करता है: दसवें भाव में मंगल काम में ऊर्जा भरता है; ठोस क़दम ध्यान खींचते हैं, पर वरिष्ठों से झगड़ा नुक़सान करता है। यह वित्तीय सलाह नहीं है: इसे मेहनत का समय चुनने के लिए पढ़ें, जोखिम लेने के लिए नहीं।
सेहत और ऊर्जा
ऊर्जा का ग्रह मंगल महीने की शुरुआत कर्क में (नीच का), आपके नौवें भाव में करता है। नौवें भाव में मंगल बड़ों और गुरुओं के साथ धीरज की परीक्षा लेता है; यात्राओं की अच्छी योजना बनाएँ। 12 नवंबर से वह सिंह में, आपके दसवें भाव में रहता है: दसवें भाव में मंगल काम में ऊर्जा भरता है; ठोस क़दम ध्यान खींचते हैं, पर वरिष्ठों से झगड़ा नुक़सान करता है। चंद्रमा 26–27 नवंबर को आपके आठवें भाव (चंद्राष्टम) से गुज़रता है: परंपरा इन दिनों आराम, जोखिम भरी यात्रा से परहेज़ और बड़े फ़ैसले टालने की सलाह देती है। इसे अपनी ऊर्जा का मौसम समझें — कोई भी चिंता डॉक्टर के पास ले जाएँ, राशिफल के पास नहीं।
इस महीने के त्योहार
| तारीख़ | त्योहार | आपके लिए चंद्रमा |
|---|---|---|
| 6 नवंबर | धनतेरस | चंद्रमा कन्या में, ग्यारहवाँ भाव |
| 8 नवंबर | दीपावली (लक्ष्मी पूजा) | चंद्रमा तुला में, बारहवाँ भाव |
| 10 नवंबर | गोवर्धन पूजा | चंद्रमा वृश्चिक में, पहला भाव |
| 11 नवंबर | भाई दूज | चंद्रमा वृश्चिक में, पहला भाव |
दीपावली की लक्ष्मी पूजा 8 नवंबर की शाम कार्तिक अमावस्या पर होती है; अमावस्या स्वयं 9 नवंबर को 12:32 बजे तुला में (आपके बारहवें भाव में) पूरी होती है। परंपरा अमावस्या को बीज मानती है; आपकी राशि के लिए यह बीज ख़र्च और विश्राम में पड़ता है। धनतेरस की ख़रीदारी एक रिवाज है, ज्योतिषीय ज़रूरत नहीं; वही ख़रीदें जो पहले से तय था।
नवंबर 2026 के शुभ और सावधानी के दिन
शुभ दिन: 3–7 नवंबर, 15–17 नवंबर, 22–23 नवंबर और 30 नवंबर। सावधानी के दिन (चंद्राष्टम): 26–27 नवंबर। शांत दिन: 8–9 नवंबर।
नियम एक ही है, हर दिन पर लागू: दोपहर 12 बजे (UTC+5:30) चंद्रमा आपकी राशि से तीसरे, छठे, दसवें या ग्यारहवें भाव में हो तो दिन काम और नतीजों के लिए अच्छा, आठवें (चंद्राष्टम) में हो तो सावधानी का, बारहवें में हो तो शांति का। अपनी कुंडली से निकला मुहूर्त हमेशा ज़्यादा सटीक होता है।
परंपरा से एक उपाय
सूर्य का गोचर आपको सामान्य से ज़्यादा थकाता है। सूर्य के लिए परंपरा उगते सूर्य को गायत्री मंत्र या आदित्य हृदय स्तोत्र के साथ जल चढ़ाने, और पिता व वरिष्ठों के आदर की सलाह देती है। उपाय एक भक्ति-परंपरा हैं: वैकल्पिक, मुफ़्त, और व्यावहारिक मदद का विकल्प कभी नहीं।
आगे क्या
5 दिसंबर को राहु-केतु राशि बदलेंगे (राहु आपके तीसरे भाव में, केतु आपके नौवें भाव में), 11 दिसंबर को शनि आपके पाँचवें भाव में मार्गी होगा, 13 दिसंबर को गुरु आपके दसवें भाव में वक्री होगा और 10 जनवरी को मंगल आपके दसवें भाव में वक्री होगा। पूरा साल पढ़ें: वृश्चिक राशिफल 2027।
राशि नहीं, आपकी अपनी कुंडली
वृश्चिक राशि वाले सभी लोग यही पेज पढ़ते हैं। इनमें से कौन-सी बातें आप पर सच में लागू होंगी, यह आपका लग्न, आपकी चल रही दशा और आपकी कुंडली के सटीक अंश तय करते हैं। फुल कुंडली रिपोर्ट आपकी पूरी कुंडली पढ़ती है — स्वभाव, करियर, विवाह और जीवन की हर दशा — और Your Year Ahead अगले बारह महीनों को आपके अपने कैलेंडर में बदल देती है।
स्रोत
- Sunyra engine (positions verified against NASA/JPL Horizons; Lahiri ayanamsa; mean node)
- Phaladeepika of Mantreswara, ch. 26 (transits from the Moon)
- Brihat Parashara Hora Shastra, ch. 26 (graha drishti) (Santhanam)
Sunyra संपादकीय द्वारा लिखित। ज्योतिष व्याख्या की एक परंपरा है; इसे मार्गदर्शन की तरह पढ़ें, पक्की भविष्यवाणी की तरह नहीं। अस्वीकरण (Disclaimer)।
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