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संक्षेप में: चंद्रमा पूरे दिन मीन राशि में है (निरयन)। तिथि शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी है, जो 13:37 बजे चतुर्दशी में बदलती है। दोपहर के आसपास चंद्रमा उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में है, जिसके देवता अहिर्बुध्न्य हैं; यह ध्रुव (स्थिर) नक्षत्र है, जो परंपरा से स्थायी शुरुआतों — नींव, समझौते, रोपण — के लिए चुना जाता है। मीन में चंद्रमा के साथ शनि है। इस राशि पर गुरु की नौवीं दृष्टि है — जिसे परंपरा रक्षा करने वाली मानती है। व्याघात योग मुहूर्त-ग्रंथों में नए काम की शुरुआत के लिए टाला जाता है; रोज़ का काम सामान्य रूप से चलता है।

आज का पंचांग

वार शनिवार — स्वामी शनि
तिथि शुक्ल पक्ष: त्रयोदशी 13:37 तक; फिर चतुर्दशी (सूर्योदय पर जया तिथि)
नक्षत्र उत्तराभाद्रपद 20:32 तक; फिर रेवती
योग व्याघात 20:01 तक; फिर हर्षण
करण तैतिल 13:37 तक; गर 25 अक्टूबर, 00:51 तक; फिर वणिज
चंद्र राशि (निरयन) मीन
वक्री / मार्गी बुध 12:44 बजे वक्री (तुला राशि में)
वक्री ग्रह बुध, शुक्र और शनि
सूर्योदय / सूर्यास्त 06:27 / 17:42 (नई दिल्ली)
राहु काल 09:16–10:40 (नई दिल्ली)

राहु काल शनिवार को दिनमान के आठ बराबर भागों में से तीसरा भाग है, जो स्थानीय सूर्योदय से गिना जाता है — इसलिए इसका समय आपके शहर पर निर्भर करता है: आज नई दिल्ली में यह 09:16–10:40 बजे तक है। बहुत-से परिवार इसमें नया काम शुरू नहीं करते; अपने शहर का समय हिंदी पंचांग पर देखें।

चंद्र राशि के अनुसार राशिफल

मेष

पूरे दिन चंद्रमा आपके बारहवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं ख़र्च, एकांत, विदेश और मोक्ष। चंद्रमा से बारहवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; ख़र्च और विश्राम में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। बुध आज आपके सातवें भाव में वक्री होता है — साझेदारी की समीक्षा का समय। उस भाव में चंद्रमा के साथ शनि है: गंभीर, कर्तव्य से भरा मन। दिन का नक्षत्र उत्तराभाद्रपद है, जिसका स्वामी शनि आपके बारहवें भाव में है — इसलिए दिन में ख़र्च और विश्राम की भी भूमिका रहती है। कल 19:22 बजे चंद्रमा आपके पहले भाव में जाएगा, जो निजी मामलों से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी गुरु आपके चौथे भाव में है, जो उसे घर-परिवार से जोड़ता है। दिन का अच्छा उपयोग: आराम करें, सरल रखें और एक चीज़ छोड़ दें।

वृषभ

पूरे दिन चंद्रमा आपके ग्यारहवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं लाभ, मित्र, संपर्क और इच्छाएँ। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से ग्यारहवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन लाभ और मित्रता के लिए मददगार रहेगा। बुध आज आपके छठे भाव में वक्री होता है — काम और सेहत की आदतों की समीक्षा का समय। उस भाव में चंद्रमा के साथ शनि है: गंभीर, कर्तव्य से भरा मन। दिन का नक्षत्र उत्तराभाद्रपद है, जिसका स्वामी शनि आपके ग्यारहवें भाव में है — इसलिए दिन में लाभ और मित्रता की भी भूमिका रहती है। कल 19:22 बजे चंद्रमा आपके बारहवें भाव में जाएगा, जो ख़र्च और विश्राम से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी गुरु आपके तीसरे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग मेहनत और बातचीत से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: किसी मित्र से फिर जुड़ें।

मिथुन

पूरे दिन चंद्रमा आपके दसवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं करियर, पद और कर्म। चंद्रमा से दसवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — करियर के लिए सहायक पृष्ठभूमि। बुध आज आपके पाँचवें भाव में वक्री होता है — रचनात्मक कामों और संतान की समीक्षा का समय। उस भाव में चंद्रमा के साथ शनि है: गंभीर, कर्तव्य से भरा मन। आज के नक्षत्र उत्तराभाद्रपद के स्वामी शनि हैं; आपकी राशि से वे दसवें भाव में हैं, जो दिन को करियर से जोड़ता है। कल 19:22 बजे चंद्रमा आपके ग्यारहवें भाव में जाएगा, जो लाभ और मित्रता से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी गुरु आपके दूसरे भाव में है, जो उसे धन और परिवार से जोड़ता है। दिन का अच्छा उपयोग: हफ़्ते के कामों को व्यवस्थित करें।

कर्क

पूरे दिन चंद्रमा आपके नौवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं भाग्य, आस्था, गुरु और लंबी यात्राएँ। चंद्रमा से नौवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; पढ़ाई, आस्था और यात्रा में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। बुध आज आपके चौथे भाव में वक्री होता है — घर-परिवार की समीक्षा का समय। उस भाव में चंद्रमा के साथ शनि है: गंभीर, कर्तव्य से भरा मन। आज के नक्षत्र उत्तराभाद्रपद के स्वामी शनि हैं; आपकी राशि से वे नौवें भाव में हैं, जो दिन को पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जोड़ता है। कल 19:22 बजे चंद्रमा आपके दसवें भाव में जाएगा, जो करियर से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी गुरु आपके पहले भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग निजी मामलों से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: पिता या किसी मार्गदर्शक के लिए कुछ अच्छा करें।

सिंह

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके आठवें भाव में बिताता है — परिवर्तन, साझा धन और गुप्त बातें। सिंह चंद्र राशि वालों के लिए यह चंद्राष्टम है (पूरे दिन): पंचांग की परंपरा ज़रूरी नई शुरुआत किसी और दिन के लिए रखती है, इसलिए साझे धन और निजी बातों में धीरे चलें। बुध आज आपके तीसरे भाव में वक्री होता है — मेहनत और बातचीत की समीक्षा का समय। उस भाव में चंद्रमा के साथ शनि है: गंभीर, कर्तव्य से भरा मन। आज के नक्षत्र उत्तराभाद्रपद के स्वामी शनि हैं; आपकी राशि से वे आठवें भाव में हैं, जो दिन को साझे धन और निजी बातों से जोड़ता है। कल 19:22 बजे चंद्रमा आपके नौवें भाव में जाएगा, जो पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जुड़ा है। दिन का अच्छा उपयोग: साझे पैसे के जोखिम भरे फ़ैसले टालें।

कन्या

पूरे दिन चंद्रमा आपके सातवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं विवाह, साथी और अनुबंध। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से सातवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन साझेदारी के लिए मददगार रहेगा। बुध आज आपके दूसरे भाव में वक्री होता है — धन और परिवार की समीक्षा का समय। उस भाव में चंद्रमा के साथ शनि है: गंभीर, कर्तव्य से भरा मन। दिन का नक्षत्र उत्तराभाद्रपद है, जिसका स्वामी शनि आपके सातवें भाव में है — इसलिए दिन में साझेदारी की भी भूमिका रहती है। कल 19:22 बजे चंद्रमा आपके आठवें भाव में जाएगा, जो साझे धन और निजी बातों से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी गुरु आपके ग्यारहवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग लाभ और मित्रता से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: किसी सहकर्मी के साथ बीच का रास्ता निकालें।

तुला

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके छठे भाव में बिताता है — काम, सेवा, सेहत की आदतें, क़र्ज़ और प्रतिस्पर्धा। चंद्रमा से छठे भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — काम और सेहत की आदतों के लिए सहायक पृष्ठभूमि। बुध आज आपके पहले भाव में वक्री होता है — निजी मामलों की समीक्षा का समय। उस भाव में चंद्रमा के साथ शनि है: गंभीर, कर्तव्य से भरा मन। आज के नक्षत्र उत्तराभाद्रपद के स्वामी शनि हैं; आपकी राशि से वे छठे भाव में हैं, जो दिन को काम और सेहत की आदतों से जोड़ता है। कल 19:22 बजे चंद्रमा आपके सातवें भाव में जाएगा, जो साझेदारी से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी गुरु आपके दसवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग करियर से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: कोई छोटा क़र्ज़ या विवाद शांति से सुलझाएँ।

वृश्चिक

पूरे दिन चंद्रमा आपके पाँचवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं संतान, रचनात्मकता, बुद्धि और पुण्य। परंपरा चंद्रमा से पाँचवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए रचनात्मक कामों और संतान को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। बुध आज आपके बारहवें भाव में वक्री होता है — ख़र्च और विश्राम की समीक्षा का समय। उस भाव में चंद्रमा के साथ शनि है: गंभीर, कर्तव्य से भरा मन। आज के नक्षत्र उत्तराभाद्रपद के स्वामी शनि हैं; आपकी राशि से वे पाँचवें भाव में हैं, जो दिन को रचनात्मक कामों और संतान से जोड़ता है। कल 19:22 बजे चंद्रमा आपके छठे भाव में जाएगा, जो काम और सेहत की आदतों से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी गुरु आपके नौवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग पढ़ाई, आस्था और यात्रा से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: बच्चों, पढ़ाई या किसी रचनात्मक काम को समय दें।

धनु

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके चौथे भाव में बिताता है — घर, माँ, संपत्ति और मन की शांति। परंपरा चंद्रमा से चौथे भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए घर-परिवार को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। बुध आज आपके ग्यारहवें भाव में वक्री होता है — लाभ और मित्रता की समीक्षा का समय। वहाँ चंद्रमा का साथ शनि दे रहा है, जिससे अक्सर गंभीर, कर्तव्य से भरा मन रहता है। दिन का नक्षत्र उत्तराभाद्रपद है, जिसका स्वामी शनि आपके चौथे भाव में है — इसलिए दिन में घर-परिवार की भी भूमिका रहती है। कल 19:22 बजे चंद्रमा आपके पाँचवें भाव में जाएगा, जो रचनात्मक कामों और संतान से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी गुरु आपके आठवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग साझे धन और निजी बातों से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: शाम घर पर आराम के लिए रखें।

मकर

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके तीसरे भाव में बिताता है — साहस, भाई-बहन, हुनर और बातचीत। चंद्रमा से तीसरे भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — मेहनत और बातचीत के लिए सहायक पृष्ठभूमि। बुध आज आपके दसवें भाव में वक्री होता है — करियर की समीक्षा का समय। उस भाव में चंद्रमा के साथ शनि है: गंभीर, कर्तव्य से भरा मन। दिन का नक्षत्र उत्तराभाद्रपद है, जिसका स्वामी शनि आपके तीसरे भाव में है — इसलिए दिन में मेहनत और बातचीत की भी भूमिका रहती है। कल 19:22 बजे चंद्रमा आपके चौथे भाव में जाएगा, जो घर-परिवार से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी गुरु आपके सातवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग साझेदारी से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: आधा घंटा किसी हुनर के अभ्यास में लगाएँ।

कुंभ

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके दूसरे भाव में बिताता है — धन, परिवार, भोजन और वाणी। चंद्रमा से दूसरे भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; धन और परिवार में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। बुध आज आपके नौवें भाव में वक्री होता है — पढ़ाई, आस्था और यात्रा की समीक्षा का समय। वहाँ चंद्रमा का साथ शनि दे रहा है, जिससे अक्सर गंभीर, कर्तव्य से भरा मन रहता है। दिन का नक्षत्र उत्तराभाद्रपद है, जिसका स्वामी शनि आपके दूसरे भाव में है — इसलिए दिन में धन और परिवार की भी भूमिका रहती है। कल 19:22 बजे चंद्रमा आपके तीसरे भाव में जाएगा, जो मेहनत और बातचीत से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी गुरु आपके छठे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग काम और सेहत की आदतों से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: घर का हिसाब देखें या परिवार के लिए कुछ पकाएँ।

मीन

पूरे दिन चंद्रमा आपके पहले भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं शरीर, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व। आज चंद्रमा आपकी अपनी राशि में है, परंपरा से शुभ पर कोमल समय: जो कहना है साफ़ कहें और चाल धीमी रखें। बुध आज आपके आठवें भाव में वक्री होता है — साझे धन और निजी बातों की समीक्षा का समय। वहाँ चंद्रमा का साथ शनि दे रहा है, जिससे अक्सर गंभीर, कर्तव्य से भरा मन रहता है। दिन का नक्षत्र उत्तराभाद्रपद है, जिसका स्वामी शनि आपके पहले भाव में है — इसलिए दिन में निजी मामलों की भी भूमिका रहती है। कल 19:22 बजे चंद्रमा आपके दूसरे भाव में जाएगा, जो धन और परिवार से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी गुरु आपके पाँचवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग रचनात्मक कामों और संतान से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: अपनी दिनचर्या सरल रखें और नींद-भोजन का ध्यान रखें।

इस पेज को कैसे पढ़ें

दैनिक राशिफल चंद्रमा के साथ चलता है — सबसे तेज़ चलने वाला ग्रह — और आपकी राशि से गिने गए भावों में उसकी यात्रा पढ़ता है; आकाश रोज़ बदलता है, इसलिए फल भी रोज़ बदलता है। आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं ज़्यादा सटीक है: आपका दिन आपकी जन्म-कुंडली से हर दिन का पाठ देता है, और मुफ़्त कुंडली आपकी चंद्र राशि, लग्न और चल रही दशा दिखाती है। सूर्य राशि (पश्चिमी) के राशिफल अंग्रेज़ी पेज पर हैं।

स्रोत

  1. Sunyra engine (positions verified against NASA/JPL Horizons; panchang for New Delhi)
  2. Phaladeepika of Mantreswara, ch. 26 (transits from the Moon)
  3. Muhurta Chintamani of Rama Daivajna (nakshatra classes, tithi groups)
  4. Brihat Parashara Hora Shastra, ch. 26 (graha drishti) (Santhanam)

Sunyra संपादकीय द्वारा लिखित। ज्योतिष व्याख्या की एक परंपरा है; इसे मार्गदर्शन की तरह पढ़ें, पक्की भविष्यवाणी की तरह नहीं। अस्वीकरण (Disclaimer)।

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