शारदीय नवरात्रि: घटस्थापना से महानवमी तक देवी के नौ रूपों की नौ रातें, और दसवें दिन विजयादशमी। इस साल के दिन, नई दिल्ली के लिए गणना करके:
नवरात्रि · दशहरा 2026 के दिन
घटस्थापना · नवरात्रि आरंभ
सुबह कलश स्थापित किया जाता है और जौ बोए जाते हैं; देवी की नौ रातें शुरू होती हैं। पहली रात: शैलपुत्री।
- तिथि: शुक्ल प्रतिपदा
- 21:20 (10 अक्तूबर) – 21:31
- सूर्योदय
- 06:19
- अभिजित मुहूर्त
- 11:44 – 12:30
नवरात्रि · 2वीं रात
देवी का ब्रह्मचारिणी रूप।
- तिथि: शुक्ल द्वितीया
- 21:31 (11 अक्तूबर) – 22:13
नवरात्रि · 3वीं रात
देवी का चंद्रघंटा रूप।
- तिथि: शुक्ल तृतीया
- 22:13 (12 अक्तूबर) – 23:28
नवरात्रि · 4वीं रात
देवी का कूष्मांडा रूप।
- तिथि: शुक्ल चतुर्थी
- 23:28 (13 अक्तूबर) – 01:13 (15 अक्तूबर)
नवरात्रि · 5वीं रात
देवी का स्कंदमाता रूप।
- तिथि: शुक्ल पंचमी
- 01:13 – 03:25 (16 अक्तूबर)
नवरात्रि · 6वीं रात
देवी का कात्यायनी रूप।
- तिथि: शुक्ल षष्ठी
- 03:25 – 05:54 (17 अक्तूबर)
नवरात्रि · 7वीं रात
देवी का कालरात्रि रूप।
- तिथि: शुक्ल सप्तमी
- 05:54 – 08:28 (18 अक्तूबर)
दुर्गा अष्टमी
देवी का महागौरी रूप। आठवाँ दिन: कई परिवार कन्या पूजन करते हैं, छोटी बच्चियों को देवी का रूप मानकर।
- तिथि: शुक्ल अष्टमी
- 08:28 – 10:52 (19 अक्तूबर)
महानवमी
देवी का सिद्धिदात्री रूप। नौवाँ दिन: कई घरों में कन्या पूजन और हवन के साथ नवरात्रि का व्रत पूरा होता है।
- तिथि: शुक्ल नवमी
- 10:52 – 12:50 (20 अक्तूबर)
विजयादशमी · दशहरा
रावण पर राम और महिषासुर पर दुर्गा की विजय: शाम को पुतले जलते हैं, और दोपहर के विजय मुहूर्त में नए कामों की शुरुआत शुभ मानी जाती है।
- तिथि: शुक्ल दशमी
- 12:50 – 14:12 (21 अक्तूबर)
- अपराह्न
- 13:13 – 15:30
- विजय मुहूर्त
- 13:59 – 14:44
समय नई दिल्ली के हैं (UTC+5:30), सुन्यरा इंजन से गणना (निरयन, लाहिड़ी)। सूर्योदय, सूर्यास्त और लग्न आपके शहर के हिसाब से एक घंटे तक बदल सकते हैं: अपने शहर का पंचांग देखें। अपने शहर का पंचांग →
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