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संक्षेप में: गुरु आपके चौथे भाव में (धीरज माँगने वाला गोचर); 5 दिसंबर को राहु आपके नौवें भाव में और केतु आपके तीसरे भाव में; 11 दिसंबर को शनि मार्गी; 13 दिसंबर को गुरु वक्री। शुभ दिन: 5–6 दिसंबर, 15–19 दिसंबर और 26–27 दिसंबर।
दिसंबर 2026 एक नज़र में
| तारीख़ (UTC+5:30) | आकाश में | आपकी राशि के लिए |
|---|---|---|
| 2 दिसंबर | बुध तुला से वृश्चिक में | छठा → सातवाँ भाव |
| 5 दिसंबर | राहु मकर में और केतु कर्क में (मध्यम राहु) | राहु नौवाँ भाव, केतु तीसरा भाव |
| 9 दिसंबर | अमावस्या, वृश्चिक राशि, ज्येष्ठा नक्षत्र, 06:21 बजे | सातवाँ भाव |
| 11 दिसंबर | शनि मीन में मार्गी | ग्यारहवाँ भाव |
| 13 दिसंबर | गुरु सिंह में वक्री | चौथा भाव |
| 16 दिसंबर | सूर्य वृश्चिक से धनु में | सातवाँ → आठवाँ भाव |
| 22 दिसंबर | बुध वृश्चिक से धनु में | सातवाँ → आठवाँ भाव |
| 24 दिसंबर | पूर्णिमा, मिथुन राशि, आर्द्रा नक्षत्र, 06:58 बजे | दूसरा भाव |
महीने का हाल
पूरे महीने गुरु सिंह राशि में है, जो आपकी चंद्र राशि से चौथा भाव है। 13 दिसंबर को वह वहीं वक्री होता है; इसके बाद उसके विषयों में नई शुरुआत से ज़्यादा पुराने कामों की समीक्षा ठीक रहती है। चौथे भाव में गुरु ध्यान घर की ओर ले जाता है: रिश्तेदार, मकान या वाहन और मन की शांति देखभाल माँगते हैं, और परिवार के पुराने सवाल प्रेम से सुलझाने के लिए सामने आते हैं। सिंह से गुरु की दृष्टि आठवें, दसवें और बारहवें भाव पर भी है (साझे धन और निजी बातें; करियर; ख़र्च और विश्राम)।
शनि मीन में, आपके ग्यारहवें भाव में है और 11 दिसंबर तक वक्री रहकर उस दिन मार्गी होता है। ग्यारहवें भाव में शनि परंपरा से लाभ देने वाला गोचर है: आय स्थिर होती है और पुरानी मेहनत का फल मिलने लगता है। इस समय आपकी चंद्र राशि पर न साढ़े साती है, न ढैया।
राहु और केतु 5 दिसंबर को राशि बदलते हैं (Sunyra मध्यम राहु लेता है; स्पष्ट राहु वाले पंचांग इससे पहले की तारीख़ देते हैं)। तब तक राहु आपके दसवें भाव में और केतु आपके चौथे भाव में है; उसके बाद राहु आपके नौवें भाव से और केतु आपके तीसरे भाव से काम करते हैं, जहाँ वे लगभग अठारह महीने रहेंगे। नौवें भाव में राहु पुरानी मान्यताओं पर सवाल उठाता है; विदेश से जुड़ाव और नए गुरु मिलते हैं, पर जो बताया जाए उसे परखें। तीसरे भाव में केतु अच्छी स्थिति है: बिना दिखावे का शांत साहस और हुनर।
प्रेम और विवाह
प्रेम का ग्रह शुक्र महीने की शुरुआत तुला में (आपके छठे भाव में) करता है। छठे भाव में शुक्र आसान नहीं: छोटी-मोटी खटपट और ज़रूरत से ज़्यादा भोग-विलास पर नज़र रखें।
महीने के बीच आपके सातवें भाव (विवाह) में सूर्य और बुध हैं। सातवें भाव में सूर्य साझेदारी और ताक़त पर दबाव डाल सकता है; अहं के टकराव से बचें। सातवें भाव में बुध मतभेद ला सकता है; शर्तें साफ़-साफ़ लिखें। 9 दिसंबर की अमावस्या आपके सातवें भाव में पड़ती है — साथ में नई शुरुआत करने का स्वाभाविक समय।
करियर और पैसा
सूर्य महीने की शुरुआत आपके सातवें भाव में करता है। सातवें भाव में सूर्य साझेदारी और ताक़त पर दबाव डाल सकता है; अहं के टकराव से बचें। 16 दिसंबर को वह धनु में, आपके आठवें भाव में जाता है: आठवें भाव में सूर्य आराम, सेहत और सरकारी मामलों में सावधानी माँगता है। 2 दिसंबर को बुध वृश्चिक में, आपके सातवें भाव में जाता है। 22 दिसंबर को बुध धनु में, आपके आठवें भाव में जाता है।
शनि आपके ग्यारहवें भाव (आय और लाभ) में है, इसलिए ऊपर इसके बारे में जो लिखा है, वह सीधे आय और लाभ पर लागू होता है। यह वित्तीय सलाह नहीं है: इसे मेहनत का समय चुनने के लिए पढ़ें, जोखिम लेने के लिए नहीं।
सेहत और ऊर्जा
ऊर्जा का ग्रह मंगल महीने की शुरुआत सिंह में, आपके चौथे भाव में करता है। चौथे भाव में मंगल घर और संपत्ति के मामलों में हलचल लाता है; घर में झगड़े से बचें और गाड़ी सावधानी से चलाएँ। चंद्रमा 10–11 दिसंबर को आपके आठवें भाव (चंद्राष्टम) से गुज़रता है: परंपरा इन दिनों आराम, जोखिम भरी यात्रा से परहेज़ और बड़े फ़ैसले टालने की सलाह देती है। ये प्रवृत्तियाँ हैं, निदान नहीं; सेहत की किसी भी चिंता के लिए डॉक्टर से मिलें।
दिसंबर 2026 के शुभ और सावधानी के दिन
शुभ दिन: 5–6 दिसंबर, 15–19 दिसंबर और 26–27 दिसंबर। सावधानी के दिन (चंद्राष्टम): 10–11 दिसंबर। शांत दिन: 20–21 दिसंबर।
ये दिन कैसे चुने गए: हर दिन दोपहर 12 बजे (UTC+5:30) का चंद्रमा आपकी चंद्र राशि से गिना गया है। तीसरे, छठे, दसवें और ग्यारहवें भाव (उपचय भाव) में चंद्रमा मेहनत और नतीजों में मदद करता है; आठवाँ भाव चंद्राष्टम है, जिसमें नई शुरुआत नहीं की जाती; बारहवाँ आराम के लिए है। आपकी अपनी दशा और तारा बल किसी एक दिन को बदल सकते हैं।
परंपरा से एक उपाय
मंगल आपके लिए एक कठिन भाव में है। मंगलवार को बहुत-से लोग हनुमान मंदिर जाते हैं या मंगल स्तोत्र पढ़ते हैं; इससे भी शांत उपाय है ग़ुस्से में जवाब देने से पहले एक गहरी साँस लेना। उपाय एक भक्ति-परंपरा हैं: वैकल्पिक, मुफ़्त, और व्यावहारिक मदद का विकल्प कभी नहीं।
आगे क्या
10 जनवरी को मंगल आपके चौथे भाव में वक्री होगा, 25 जनवरी को गुरु कर्क में (आपके तीसरे भाव में) जाएगा और 6 फ़रवरी को आपके नौवें भाव में ग्रहण पड़ेगा। पूरा साल पढ़ें: वृषभ राशिफल 2027।
राशि नहीं, आपकी अपनी कुंडली
वृषभ राशि वाले सभी लोग यही पेज पढ़ते हैं। इनमें से कौन-सी बातें आप पर सच में लागू होंगी, यह आपका लग्न, आपकी चल रही दशा और आपकी कुंडली के सटीक अंश तय करते हैं। फुल कुंडली रिपोर्ट आपकी पूरी कुंडली पढ़ती है — स्वभाव, करियर, विवाह और जीवन की हर दशा — और Your Year Ahead अगले बारह महीनों को आपके अपने कैलेंडर में बदल देती है।
स्रोत
- Sunyra engine (positions verified against NASA/JPL Horizons; Lahiri ayanamsa; mean node)
- Phaladeepika of Mantreswara, ch. 26 (transits from the Moon)
- Brihat Parashara Hora Shastra, ch. 26 (graha drishti) (Santhanam)
Sunyra संपादकीय द्वारा लिखित। ज्योतिष व्याख्या की एक परंपरा है; इसे मार्गदर्शन की तरह पढ़ें, पक्की भविष्यवाणी की तरह नहीं। अस्वीकरण (Disclaimer)।
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