इस पेज पर

संक्षेप में: चंद्रमा 21:06 बजे तक मेष राशि में है, फिर वृषभ में (निरयन)। तिथि कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा है, जो 07:02 बजे द्वितीया में बदलती है। दोपहर के आसपास चंद्रमा भरणी नक्षत्र में है, जिसके देवता यम (धर्मराज) हैं; यह उग्र नक्षत्र है, जिसे परंपरा नाज़ुक शुरुआतों के बजाय कठिन या निर्णायक कामों के लिए रखती है। इस राशि पर सूर्य की सातवीं दृष्टि, बुध की सातवीं दृष्टि और शुक्र की सातवीं दृष्टि है — जो स्वाभिमान और उद्देश्य जोड़ती है और जो जिज्ञासा जोड़ती है। व्यतीपात योग मुहूर्त-ग्रंथों में नए काम की शुरुआत के लिए टाला जाता है; रोज़ का काम सामान्य रूप से चलता है।

आज का पंचांग

वार मंगलवार — स्वामी मंगल
तिथि कृष्ण पक्ष: प्रतिपदा 07:02 तक; द्वितीया 28 अक्टूबर, 04:07 तक; फिर तृतीया (सूर्योदय पर नंदा तिथि)
नक्षत्र भरणी 15:39 तक; फिर कृत्तिका
योग सिद्धि 10:53 तक; फिर व्यतीपात
करण कौलव 07:02 तक; तैतिल 17:36 तक; गर 28 अक्टूबर, 04:07 तक; फिर वणिज
चंद्र राशि (निरयन) मेष; 21:06 बजे से वृषभ
वक्री ग्रह बुध, शुक्र और शनि
सूर्योदय / सूर्यास्त 06:29 / 17:40 (नई दिल्ली)
राहु काल 14:52–16:16 (नई दिल्ली)

राहु काल मंगलवार को दिनमान के आठ बराबर भागों में से सातवाँ भाग है, जो स्थानीय सूर्योदय से गिना जाता है — इसलिए इसका समय आपके शहर पर निर्भर करता है: आज नई दिल्ली में यह 14:52–16:16 बजे तक है। बहुत-से परिवार इसमें नया काम शुरू नहीं करते; अपने शहर का समय हिंदी पंचांग पर देखें।

चंद्र राशि के अनुसार राशिफल

मेष

चंद्रमा 21:06 बजे तक आपके पहले भाव में है, जो निजी मामलों से जुड़ा है; फिर वह दूसरे भाव में आता है — धन, परिवार, भोजन और वाणी। यह आपका जन्म-चंद्र है — चंद्रमा आपकी अपनी राशि में — जिसे परंपरा अनुकूल मानती है; मन तेज़ रहेगा, इसलिए योजनाएँ सरल रखें। आज के नक्षत्र भरणी के स्वामी शुक्र हैं; आपकी राशि से वे सातवें भाव में हैं, जो दिन को साझेदारी से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी मंगल आपके चौथे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग घर-परिवार से आता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके चौथे भाव में है — घर-परिवार की ओर एक हल्का इशारा। आपके बारहवें भाव में शनि के कारण साढ़े साती चल रही है, इसलिए सधी हुई, सरल दिनचर्या मदद करती है। दिन का अच्छा उपयोग: अपनी दिनचर्या सरल रखें और नींद-भोजन का ध्यान रखें।

वृषभ

चंद्रमा 21:06 बजे तक आपके बारहवें भाव में है, जो ख़र्च और विश्राम से जुड़ा है; फिर वह पहले भाव में आता है — शरीर, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व। चंद्रमा से बारहवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; ख़र्च और विश्राम में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। दिन का नक्षत्र भरणी है, जिसका स्वामी शुक्र आपके छठे भाव में है — इसलिए दिन में काम और सेहत की आदतों की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी मंगल आपके तीसरे भाव में है, जो उसे मेहनत और बातचीत से जोड़ता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके तीसरे भाव में है — मेहनत और बातचीत की ओर एक हल्का इशारा। पृष्ठभूमि में गुरु आपके तीसरे भाव में है, इसलिए उसकी मदद मेहनत के रास्ते आती है। दिन का अच्छा उपयोग: जहाँ ज़रूरत हो, चुपचाप मदद करें।

मिथुन

चंद्रमा 21:06 बजे तक आपके ग्यारहवें भाव में है, जो लाभ और मित्रता से जुड़ा है; फिर वह बारहवें भाव में आता है — ख़र्च, एकांत, विदेश और मोक्ष। चंद्रमा से ग्यारहवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — लाभ और मित्रता के लिए सहायक पृष्ठभूमि। दिन का नक्षत्र भरणी है, जिसका स्वामी शुक्र आपके पाँचवें भाव में है — इसलिए दिन में रचनात्मक कामों और संतान की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी मंगल आपके दूसरे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग धन और परिवार से आता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके दूसरे भाव में है — धन और परिवार की ओर एक हल्का इशारा। शनि धीरे-धीरे आपके दसवें भाव से गुज़र रहा है और करियर में धीरज माँगता है। दिन का अच्छा उपयोग: अपनी अच्छी ख़बर अपने लोगों से बाँटें।

कर्क

चंद्रमा 21:06 बजे तक आपके दसवें भाव में है, जो करियर से जुड़ा है; फिर वह ग्यारहवें भाव में आता है — लाभ, मित्र, संपर्क और इच्छाएँ। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से दसवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन करियर के लिए मददगार रहेगा। दिन का नक्षत्र भरणी है, जिसका स्वामी शुक्र आपके चौथे भाव में है — इसलिए दिन में घर-परिवार की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी मंगल आपके पहले भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग निजी मामलों से आता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके पहले भाव में है — निजी मामलों की ओर एक हल्का इशारा। शनि धीरे-धीरे आपके नौवें भाव से गुज़र रहा है और पढ़ाई, आस्था और यात्रा में धीरज माँगता है। दिन का अच्छा उपयोग: दिन का सबसे अच्छा घंटा अपने मुख्य काम को दें।

सिंह

चंद्रमा 21:06 बजे तक आपके नौवें भाव में है, जो पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जुड़ा है; फिर वह दसवें भाव में आता है — करियर, पद और कर्म। परंपरा चंद्रमा से नौवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए पढ़ाई, आस्था और यात्रा को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। आज के नक्षत्र भरणी के स्वामी शुक्र हैं; आपकी राशि से वे तीसरे भाव में हैं, जो दिन को मेहनत और बातचीत से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी मंगल आपके बारहवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग ख़र्च और विश्राम से आता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके बारहवें भाव में है — ख़र्च और विश्राम की ओर एक हल्का इशारा। आपके आठवें भाव से शनि का गोचर साझे धन और निजी बातों में सावधानी माँगता है। दिन का अच्छा उपयोग: किसी ऐसे गुरु को पढ़ें या सुनें जिनका आप आदर करते हैं।

कन्या

चंद्रमा 21:06 बजे तक आपके आठवें भाव में है, जो साझे धन और निजी बातों से जुड़ा है; फिर वह नौवें भाव में आता है — भाग्य, आस्था, गुरु और लंबी यात्राएँ। कन्या चंद्र राशि वालों के लिए यह चंद्राष्टम है (21:06 बजे तक): पंचांग की परंपरा ज़रूरी नई शुरुआत किसी और दिन के लिए रखती है, इसलिए साझे धन और निजी बातों में धीरे चलें। दिन का नक्षत्र भरणी है, जिसका स्वामी शुक्र आपके दूसरे भाव में है — इसलिए दिन में धन और परिवार की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी मंगल आपके ग्यारहवें भाव में है, जो उसे लाभ और मित्रता से जोड़ता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके ग्यारहवें भाव में है — लाभ और मित्रता की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: साझे पैसे के जोखिम भरे फ़ैसले टालें।

तुला

चंद्रमा 21:06 बजे तक आपके सातवें भाव में है, जो साझेदारी से जुड़ा है; फिर वह आठवें भाव में आता है — परिवर्तन, साझा धन और गुप्त बातें। चंद्रमा से सातवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — साझेदारी के लिए सहायक पृष्ठभूमि। चंद्राष्टम 21:06 बजे शुरू होता है, इसलिए नई शुरुआत उसके पहले करें। आज के नक्षत्र भरणी के स्वामी शुक्र हैं; आपकी राशि से वे पहले भाव में हैं, जो दिन को निजी मामलों से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी मंगल आपके दसवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग करियर से आता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके दसवें भाव में है — करियर की ओर एक हल्का इशारा। शनि धीरे-धीरे आपके छठे भाव से गुज़र रहा है और वहाँ धैर्य भरी मेहनत का फल देता है। दिन का अच्छा उपयोग: किसी सहकर्मी के साथ बीच का रास्ता निकालें।

वृश्चिक

चंद्रमा 21:06 बजे तक आपके छठे भाव में है, जो काम और सेहत की आदतों से जुड़ा है; फिर वह सातवें भाव में आता है — विवाह, साथी और अनुबंध। चंद्रमा से छठे भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — काम और सेहत की आदतों के लिए सहायक पृष्ठभूमि। दिन का नक्षत्र भरणी है, जिसका स्वामी शुक्र आपके बारहवें भाव में है — इसलिए दिन में ख़र्च और विश्राम की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी मंगल आपके नौवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग पढ़ाई, आस्था और यात्रा से आता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके नौवें भाव में है — पढ़ाई, आस्था और यात्रा की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: कोई छोटा क़र्ज़ या विवाद शांति से सुलझाएँ।

धनु

चंद्रमा 21:06 बजे तक आपके पाँचवें भाव में है, जो रचनात्मक कामों और संतान से जुड़ा है; फिर वह छठे भाव में आता है — काम, सेवा, सेहत की आदतें, क़र्ज़ और प्रतिस्पर्धा। परंपरा चंद्रमा से पाँचवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए रचनात्मक कामों और संतान को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। आज के नक्षत्र भरणी के स्वामी शुक्र हैं; आपकी राशि से वे ग्यारहवें भाव में हैं, जो दिन को लाभ और मित्रता से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी मंगल आपके आठवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग साझे धन और निजी बातों से आता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके आठवें भाव में है — साझे धन और निजी बातों की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: मन को कुछ अच्छा पढ़ने दें।

मकर

चंद्रमा 21:06 बजे तक आपके चौथे भाव में है, जो घर-परिवार से जुड़ा है; फिर वह पाँचवें भाव में आता है — संतान, रचनात्मकता, बुद्धि और पुण्य। चंद्रमा से चौथे भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; घर-परिवार में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। आज के नक्षत्र भरणी के स्वामी शुक्र हैं; आपकी राशि से वे दसवें भाव में हैं, जो दिन को करियर से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी मंगल आपके सातवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग साझेदारी से आता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके सातवें भाव में है — साझेदारी की ओर एक हल्का इशारा। शनि धीरे-धीरे आपके तीसरे भाव से गुज़र रहा है और वहाँ धैर्य भरी मेहनत का फल देता है। दिन का अच्छा उपयोग: माँ या किसी बुज़ुर्ग के साथ इत्मीनान से समय बिताएँ।

कुंभ

चंद्रमा 21:06 बजे तक आपके तीसरे भाव में है, जो मेहनत और बातचीत से जुड़ा है; फिर वह चौथे भाव में आता है — घर, माँ, संपत्ति और मन की शांति। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से तीसरे भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन मेहनत और बातचीत के लिए मददगार रहेगा। दिन का नक्षत्र भरणी है, जिसका स्वामी शुक्र आपके नौवें भाव में है — इसलिए दिन में पढ़ाई, आस्था और यात्रा की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी मंगल आपके छठे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग काम और सेहत की आदतों से आता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके छठे भाव में है — काम और सेहत की आदतों की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: जो संदेश या फ़ोन टाल रहे थे, आज कर लें।

मीन

चंद्रमा 21:06 बजे तक आपके दूसरे भाव में है, जो धन और परिवार से जुड़ा है; फिर वह तीसरे भाव में आता है — साहस, भाई-बहन, हुनर और बातचीत। चंद्रमा से दूसरे भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; धन और परिवार में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। आज के नक्षत्र भरणी के स्वामी शुक्र हैं; आपकी राशि से वे आठवें भाव में हैं, जो दिन को साझे धन और निजी बातों से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी मंगल आपके पाँचवें भाव में है, जो उसे रचनात्मक कामों और संतान से जोड़ता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके पाँचवें भाव में है — रचनात्मक कामों और संतान की ओर एक हल्का इशारा। पृष्ठभूमि में गुरु आपके पाँचवें भाव में है, जो एक सहायक स्थिति है। दिन का अच्छा उपयोग: घर का हिसाब देखें या परिवार के लिए कुछ पकाएँ।

इस पेज को कैसे पढ़ें

दैनिक राशिफल चंद्रमा के साथ चलता है — सबसे तेज़ चलने वाला ग्रह — और आपकी राशि से गिने गए भावों में उसकी यात्रा पढ़ता है; आकाश रोज़ बदलता है, इसलिए फल भी रोज़ बदलता है। आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं ज़्यादा सटीक है: आपका दिन आपकी जन्म-कुंडली से हर दिन का पाठ देता है, और मुफ़्त कुंडली आपकी चंद्र राशि, लग्न और चल रही दशा दिखाती है। सूर्य राशि (पश्चिमी) के राशिफल अंग्रेज़ी पेज पर हैं।

स्रोत

  1. Sunyra engine (positions verified against NASA/JPL Horizons; panchang for New Delhi)
  2. Phaladeepika of Mantreswara, ch. 26 (transits from the Moon)
  3. Muhurta Chintamani of Rama Daivajna (nakshatra classes, tithi groups)
  4. Brihat Parashara Hora Shastra, ch. 26 (graha drishti) (Santhanam)

Sunyra संपादकीय द्वारा लिखित। ज्योतिष व्याख्या की एक परंपरा है; इसे मार्गदर्शन की तरह पढ़ें, पक्की भविष्यवाणी की तरह नहीं। अस्वीकरण (Disclaimer)।

Last reviewed