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संक्षेप में: चंद्रमा पूरे दिन वृषभ राशि में है (निरयन)। तिथि कृष्ण पक्ष की तृतीया है, जो 29 अक्टूबर, 01:07 बजे चतुर्थी में बदलती है। दोपहर के आसपास चंद्रमा कृत्तिका नक्षत्र में है, जिसके देवता अग्नि हैं; यह मिश्र नक्षत्र है, जो परंपरा से रोज़मर्रा के सामान्य कामों के लिए अच्छा माना जाता है। इस राशि पर शनि की तीसरी दृष्टि है — जो गंभीरता और धीरज की माँग जोड़ती है। विष्टि करण (भद्रा), जिसे पंचांग शुभ शुरुआत के लिए टालते हैं, 14:37 बजे से रहेगा। व्यतीपात योग मुहूर्त-ग्रंथों में नए काम की शुरुआत के लिए टाला जाता है; रोज़ का काम सामान्य रूप से चलता है।
आज का पंचांग
| वार | बुधवार — स्वामी बुध |
| तिथि | कृष्ण पक्ष: तृतीया 29 अक्टूबर, 01:07 तक; फिर चतुर्थी (सूर्योदय पर जया तिथि) |
| नक्षत्र | कृत्तिका 13:26 तक; फिर रोहिणी |
| योग | व्यतीपात 07:18 तक; वरीयान 29 अक्टूबर, 03:40 तक; फिर परिघ |
| करण | वणिज 14:37 तक; विष्टि (भद्रा) 29 अक्टूबर, 01:07 तक; फिर बव |
| चंद्र राशि (निरयन) | वृषभ |
| वक्री ग्रह | बुध, शुक्र और शनि |
| सूर्योदय / सूर्यास्त | 06:30 / 17:39 (नई दिल्ली) |
| राहु काल | 12:04–13:28 (नई दिल्ली) |
राहु काल बुधवार को दिनमान के आठ बराबर भागों में से पाँचवाँ भाग है, जो स्थानीय सूर्योदय से गिना जाता है — इसलिए इसका समय आपके शहर पर निर्भर करता है: आज नई दिल्ली में यह 12:04–13:28 बजे तक है। बहुत-से परिवार इसमें नया काम शुरू नहीं करते; अपने शहर का समय हिंदी पंचांग पर देखें।
चंद्र राशि के अनुसार राशिफल
मेष
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके दूसरे भाव में बिताता है — धन, परिवार, भोजन और वाणी। परंपरा चंद्रमा से दूसरे भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए धन और परिवार को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। आज के नक्षत्र कृत्तिका के स्वामी सूर्य हैं; आपकी राशि से वे सातवें भाव में हैं, जो दिन को साझेदारी से जोड़ता है। कल 22:06 बजे चंद्रमा आपके तीसरे भाव में जाएगा, जो मेहनत और बातचीत से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके सातवें भाव में है, जो उसे साझेदारी से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके सातवें भाव में है — साझेदारी की ओर एक हल्का इशारा। आपके चौथे भाव में मंगल घर-परिवार में ऊर्जा डालता है। आपके बारहवें भाव में शनि के कारण साढ़े साती चल रही है, इसलिए सधी हुई, सरल दिनचर्या मदद करती है। दिन का अच्छा उपयोग: शब्द सोच-समझकर चुनें; आज वाणी का वज़न है।
वृषभ
पूरे दिन चंद्रमा आपके पहले भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं शरीर, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व। आज चंद्रमा आपकी अपनी राशि में है, परंपरा से शुभ पर कोमल समय: जो कहना है साफ़ कहें और चाल धीमी रखें। आज के नक्षत्र कृत्तिका के स्वामी सूर्य हैं; आपकी राशि से वे छठे भाव में हैं, जो दिन को काम और सेहत की आदतों से जोड़ता है। कल 22:06 बजे चंद्रमा आपके दूसरे भाव में जाएगा, जो धन और परिवार से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके छठे भाव में है, जो उसे काम और सेहत की आदतों से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके छठे भाव में है — काम और सेहत की आदतों की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: दिन की शुरुआत थोड़ी सैर या शांति से करें।
मिथुन
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके बारहवें भाव में बिताता है — ख़र्च, एकांत, विदेश और मोक्ष। परंपरा चंद्रमा से बारहवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए ख़र्च और विश्राम को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। दिन का नक्षत्र कृत्तिका है, जिसका स्वामी सूर्य आपके पाँचवें भाव में है — इसलिए दिन में रचनात्मक कामों और संतान की भी भूमिका रहती है। कल 22:06 बजे चंद्रमा आपके पहले भाव में जाएगा, जो निजी मामलों से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके पाँचवें भाव में है, जो उसे रचनात्मक कामों और संतान से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके पाँचवें भाव में है — रचनात्मक कामों और संतान की ओर एक हल्का इशारा। आपके दूसरे भाव में मंगल धन और परिवार में ऊर्जा डालता है। दिन का अच्छा उपयोग: ख़र्च से पहले बजट देखें।
कर्क
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके ग्यारहवें भाव में बिताता है — लाभ, मित्र, संपर्क और इच्छाएँ। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से ग्यारहवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन लाभ और मित्रता के लिए मददगार रहेगा। दिन का नक्षत्र कृत्तिका है, जिसका स्वामी सूर्य आपके चौथे भाव में है — इसलिए दिन में घर-परिवार की भी भूमिका रहती है। कल 22:06 बजे चंद्रमा आपके बारहवें भाव में जाएगा, जो ख़र्च और विश्राम से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके चौथे भाव में है, जो उसे घर-परिवार से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके चौथे भाव में है — घर-परिवार की ओर एक हल्का इशारा। आपके पहले भाव में मंगल निजी मामलों में ऊर्जा डालता है। दिन का अच्छा उपयोग: अपनी अच्छी ख़बर अपने लोगों से बाँटें।
सिंह
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके दसवें भाव में बिताता है — करियर, पद और कर्म। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से दसवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन करियर के लिए मददगार रहेगा। आज के नक्षत्र कृत्तिका के स्वामी सूर्य हैं; आपकी राशि से वे तीसरे भाव में हैं, जो दिन को मेहनत और बातचीत से जोड़ता है। कल 22:06 बजे चंद्रमा आपके ग्यारहवें भाव में जाएगा, जो लाभ और मित्रता से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके तीसरे भाव में है, जो उसे मेहनत और बातचीत से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके तीसरे भाव में है — मेहनत और बातचीत की ओर एक हल्का इशारा। आपके आठवें भाव से शनि का गोचर साझे धन और निजी बातों में सावधानी माँगता है। दिन का अच्छा उपयोग: दिन का सबसे अच्छा घंटा अपने मुख्य काम को दें।
कन्या
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके नौवें भाव में बिताता है — भाग्य, आस्था, गुरु और लंबी यात्राएँ। चंद्रमा से नौवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; पढ़ाई, आस्था और यात्रा में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। दिन का नक्षत्र कृत्तिका है, जिसका स्वामी सूर्य आपके दूसरे भाव में है — इसलिए दिन में धन और परिवार की भी भूमिका रहती है। कल 22:06 बजे चंद्रमा आपके दसवें भाव में जाएगा, जो करियर से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके दूसरे भाव में है, जो उसे धन और परिवार से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके दूसरे भाव में है — धन और परिवार की ओर एक हल्का इशारा। पृष्ठभूमि में गुरु आपके ग्यारहवें भाव में है, जो एक सहायक स्थिति है। दिन का अच्छा उपयोग: पिता या किसी मार्गदर्शक के लिए कुछ अच्छा करें।
तुला
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके आठवें भाव में बिताता है — परिवर्तन, साझा धन और गुप्त बातें। तुला चंद्र राशि वालों के लिए यह चंद्राष्टम है (पूरे दिन): पंचांग की परंपरा ज़रूरी नई शुरुआत किसी और दिन के लिए रखती है, इसलिए साझे धन और निजी बातों में धीरे चलें। दिन का नक्षत्र कृत्तिका है, जिसका स्वामी सूर्य आपके पहले भाव में है — इसलिए दिन में निजी मामलों की भी भूमिका रहती है। कल 22:06 बजे चंद्रमा आपके नौवें भाव में जाएगा, जो पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके पहले भाव में है, जो उसे निजी मामलों से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके पहले भाव में है — निजी मामलों की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: योजनाएँ छोटी रखें और जो शुरू है उसे पूरा करें।
वृश्चिक
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके सातवें भाव में बिताता है — विवाह, साथी और अनुबंध। चंद्रमा से सातवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — साझेदारी के लिए सहायक पृष्ठभूमि। आज के नक्षत्र कृत्तिका के स्वामी सूर्य हैं; आपकी राशि से वे बारहवें भाव में हैं, जो दिन को ख़र्च और विश्राम से जोड़ता है। कल 22:06 बजे चंद्रमा आपके आठवें भाव में जाएगा, जो साझे धन और निजी बातों से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके बारहवें भाव में है, जो उसे ख़र्च और विश्राम से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके बारहवें भाव में है — ख़र्च और विश्राम की ओर एक हल्का इशारा। आपके नौवें भाव में मंगल पढ़ाई, आस्था और यात्रा में ऊर्जा डालता है। दिन का अच्छा उपयोग: किसी सहकर्मी के साथ बीच का रास्ता निकालें।
धनु
पूरे दिन चंद्रमा आपके छठे भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं काम, सेवा, सेहत की आदतें, क़र्ज़ और प्रतिस्पर्धा। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से छठे भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन काम और सेहत की आदतों के लिए मददगार रहेगा। आज के नक्षत्र कृत्तिका के स्वामी सूर्य हैं; आपकी राशि से वे ग्यारहवें भाव में हैं, जो दिन को लाभ और मित्रता से जोड़ता है। कल 22:06 बजे चंद्रमा आपके सातवें भाव में जाएगा, जो साझेदारी से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके ग्यारहवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग लाभ और मित्रता से आता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके ग्यारहवें भाव में है — लाभ और मित्रता की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: छूटी हुई सेहत की दिनचर्या फिर शुरू करें।
मकर
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके पाँचवें भाव में बिताता है — संतान, रचनात्मकता, बुद्धि और पुण्य। चंद्रमा से पाँचवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; रचनात्मक कामों और संतान में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। आज के नक्षत्र कृत्तिका के स्वामी सूर्य हैं; आपकी राशि से वे दसवें भाव में हैं, जो दिन को करियर से जोड़ता है। कल 22:06 बजे चंद्रमा आपके छठे भाव में जाएगा, जो काम और सेहत की आदतों से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके दसवें भाव में है, जो उसे करियर से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके दसवें भाव में है — करियर की ओर एक हल्का इशारा। शनि धीरे-धीरे आपके तीसरे भाव से गुज़र रहा है और वहाँ धैर्य भरी मेहनत का फल देता है। दिन का अच्छा उपयोग: बच्चों, पढ़ाई या किसी रचनात्मक काम को समय दें।
कुंभ
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके चौथे भाव में बिताता है — घर, माँ, संपत्ति और मन की शांति। परंपरा चंद्रमा से चौथे भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए घर-परिवार को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। आज के नक्षत्र कृत्तिका के स्वामी सूर्य हैं; आपकी राशि से वे नौवें भाव में हैं, जो दिन को पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जोड़ता है। कल 22:06 बजे चंद्रमा आपके पाँचवें भाव में जाएगा, जो रचनात्मक कामों और संतान से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके नौवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग पढ़ाई, आस्था और यात्रा से आता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके नौवें भाव में है — पढ़ाई, आस्था और यात्रा की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: माँ या किसी बुज़ुर्ग के साथ इत्मीनान से समय बिताएँ।
मीन
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके तीसरे भाव में बिताता है — साहस, भाई-बहन, हुनर और बातचीत। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से तीसरे भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन मेहनत और बातचीत के लिए मददगार रहेगा। दिन का नक्षत्र कृत्तिका है, जिसका स्वामी सूर्य आपके आठवें भाव में है — इसलिए दिन में साझे धन और निजी बातों की भी भूमिका रहती है। कल 22:06 बजे चंद्रमा आपके चौथे भाव में जाएगा, जो घर-परिवार से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके आठवें भाव में है, जो उसे साझे धन और निजी बातों से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके आठवें भाव में है — साझे धन और निजी बातों की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: भाई-बहन या पड़ोसी की किसी छोटी बात में मदद करें।
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दैनिक राशिफल चंद्रमा के साथ चलता है — सबसे तेज़ चलने वाला ग्रह — और आपकी राशि से गिने गए भावों में उसकी यात्रा पढ़ता है; आकाश रोज़ बदलता है, इसलिए फल भी रोज़ बदलता है। आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं ज़्यादा सटीक है: आपका दिन आपकी जन्म-कुंडली से हर दिन का पाठ देता है, और मुफ़्त कुंडली आपकी चंद्र राशि, लग्न और चल रही दशा दिखाती है। सूर्य राशि (पश्चिमी) के राशिफल अंग्रेज़ी पेज पर हैं।
स्रोत
- Sunyra engine (positions verified against NASA/JPL Horizons; panchang for New Delhi)
- Phaladeepika of Mantreswara, ch. 26 (transits from the Moon)
- Muhurta Chintamani of Rama Daivajna (nakshatra classes, tithi groups)
- Brihat Parashara Hora Shastra, ch. 26 (graha drishti) (Santhanam)
Sunyra संपादकीय द्वारा लिखित। ज्योतिष व्याख्या की एक परंपरा है; इसे मार्गदर्शन की तरह पढ़ें, पक्की भविष्यवाणी की तरह नहीं। अस्वीकरण (Disclaimer)।
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