इस पेज पर
संक्षेप में: चंद्रमा 22:06 बजे तक वृषभ राशि में है, फिर मिथुन में (निरयन)। तिथि कृष्ण पक्ष की चतुर्थी है, जो 22:10 बजे पंचमी में बदलती है। दोपहर के आसपास चंद्रमा मृगशिरा नक्षत्र में है, जिसके देवता सोम हैं; यह मृदु नक्षत्र है, जो परंपरा से कोमल कामों — मित्रता, कला, सेवा — के लिए अच्छा माना जाता है। इस राशि पर शनि की तीसरी दृष्टि है — जो गंभीरता और धीरज की माँग जोड़ती है। परिघ योग मुहूर्त-ग्रंथों में नए काम की शुरुआत के लिए टाला जाता है; रोज़ का काम सामान्य रूप से चलता है। रिक्ता तिथि परंपरा से शुरू करने के बजाय समेटने और पूरा करने के लिए रखी जाती है।
आज का पंचांग
| वार | गुरुवार — स्वामी गुरु |
| तिथि | कृष्ण पक्ष: चतुर्थी 22:10 तक; फिर पंचमी (सूर्योदय पर रिक्ता तिथि) |
| नक्षत्र | रोहिणी 11:11 तक; फिर मृगशिरा |
| योग | परिघ 30 अक्टूबर, 00:06 तक; फिर शिव |
| करण | बव 11:37 तक; बालव 22:10 तक; फिर कौलव |
| चंद्र राशि (निरयन) | वृषभ; 22:06 बजे से मिथुन |
| वक्री ग्रह | बुध, शुक्र और शनि |
| सूर्योदय / सूर्यास्त | 06:30 / 17:38 (नई दिल्ली) |
| राहु काल | 13:28–14:51 (नई दिल्ली) |
राहु काल गुरुवार को दिनमान के आठ बराबर भागों में से छठा भाग है, जो स्थानीय सूर्योदय से गिना जाता है — इसलिए इसका समय आपके शहर पर निर्भर करता है: आज नई दिल्ली में यह 13:28–14:51 बजे तक है। बहुत-से परिवार इसमें नया काम शुरू नहीं करते; अपने शहर का समय हिंदी पंचांग पर देखें।
चंद्र राशि के अनुसार राशिफल
मेष
चंद्रमा 22:06 बजे तक आपके दूसरे भाव में है, जो धन और परिवार से जुड़ा है; फिर वह तीसरे भाव में आता है — साहस, भाई-बहन, हुनर और बातचीत। परंपरा चंद्रमा से दूसरे भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए धन और परिवार को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। आज के नक्षत्र मृगशिरा के स्वामी मंगल हैं; आपकी राशि से वे चौथे भाव में हैं, जो दिन को घर-परिवार से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके सातवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग साझेदारी से आता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके चौथे भाव में है — घर-परिवार की ओर एक हल्का इशारा। पृष्ठभूमि में गुरु आपके चौथे भाव में है, इसलिए उसकी मदद मेहनत के रास्ते आती है। दिन का अच्छा उपयोग: घर का हिसाब देखें या परिवार के लिए कुछ पकाएँ।
वृषभ
चंद्रमा 22:06 बजे तक आपके पहले भाव में है, जो निजी मामलों से जुड़ा है; फिर वह दूसरे भाव में आता है — धन, परिवार, भोजन और वाणी। यह आपका जन्म-चंद्र है — चंद्रमा आपकी अपनी राशि में — जिसे परंपरा अनुकूल मानती है; मन तेज़ रहेगा, इसलिए योजनाएँ सरल रखें। आज के नक्षत्र मृगशिरा के स्वामी मंगल हैं; आपकी राशि से वे तीसरे भाव में हैं, जो दिन को मेहनत और बातचीत से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके छठे भाव में है, जो उसे काम और सेहत की आदतों से जोड़ता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके तीसरे भाव में है — मेहनत और बातचीत की ओर एक हल्का इशारा। शनि धीरे-धीरे आपके ग्यारहवें भाव से गुज़र रहा है और वहाँ धैर्य भरी मेहनत का फल देता है। दिन का अच्छा उपयोग: दिन की शुरुआत थोड़ी सैर या शांति से करें।
मिथुन
चंद्रमा 22:06 बजे तक आपके बारहवें भाव में है, जो ख़र्च और विश्राम से जुड़ा है; फिर वह पहले भाव में आता है — शरीर, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व। परंपरा चंद्रमा से बारहवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए ख़र्च और विश्राम को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। दिन का नक्षत्र मृगशिरा है, जिसका स्वामी मंगल आपके दूसरे भाव में है — इसलिए दिन में धन और परिवार की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके पाँचवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग रचनात्मक कामों और संतान से आता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके दूसरे भाव में है — धन और परिवार की ओर एक हल्का इशारा। आपके दूसरे भाव में मंगल धन और परिवार में ऊर्जा डालता है। दिन का अच्छा उपयोग: जहाँ ज़रूरत हो, चुपचाप मदद करें।
कर्क
चंद्रमा 22:06 बजे तक आपके ग्यारहवें भाव में है, जो लाभ और मित्रता से जुड़ा है; फिर वह बारहवें भाव में आता है — ख़र्च, एकांत, विदेश और मोक्ष। चंद्रमा से ग्यारहवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — लाभ और मित्रता के लिए सहायक पृष्ठभूमि। दिन का नक्षत्र मृगशिरा है, जिसका स्वामी मंगल आपके पहले भाव में है — इसलिए दिन में निजी मामलों की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके चौथे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग घर-परिवार से आता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके पहले भाव में है — निजी मामलों की ओर एक हल्का इशारा। शनि धीरे-धीरे आपके नौवें भाव से गुज़र रहा है और पढ़ाई, आस्था और यात्रा में धीरज माँगता है। दिन का अच्छा उपयोग: जिसका इंतज़ार था, उस पर बात आगे बढ़ाएँ।
सिंह
चंद्रमा 22:06 बजे तक आपके दसवें भाव में है, जो करियर से जुड़ा है; फिर वह ग्यारहवें भाव में आता है — लाभ, मित्र, संपर्क और इच्छाएँ। चंद्रमा से दसवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — करियर के लिए सहायक पृष्ठभूमि। दिन का नक्षत्र मृगशिरा है, जिसका स्वामी मंगल आपके बारहवें भाव में है — इसलिए दिन में ख़र्च और विश्राम की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके तीसरे भाव में है, जो उसे मेहनत और बातचीत से जोड़ता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके बारहवें भाव में है — ख़र्च और विश्राम की ओर एक हल्का इशारा। आपके बारहवें भाव में मंगल ख़र्च और विश्राम में ऊर्जा डालता है। दिन का अच्छा उपयोग: हफ़्ते के कामों को व्यवस्थित करें।
कन्या
चंद्रमा 22:06 बजे तक आपके नौवें भाव में है, जो पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जुड़ा है; फिर वह दसवें भाव में आता है — करियर, पद और कर्म। चंद्रमा से नौवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; पढ़ाई, आस्था और यात्रा में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। दिन का नक्षत्र मृगशिरा है, जिसका स्वामी मंगल आपके ग्यारहवें भाव में है — इसलिए दिन में लाभ और मित्रता की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके दूसरे भाव में है, जो उसे धन और परिवार से जोड़ता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके ग्यारहवें भाव में है — लाभ और मित्रता की ओर एक हल्का इशारा। शनि धीरे-धीरे आपके सातवें भाव से गुज़र रहा है और साझेदारी में धीरज माँगता है। दिन का अच्छा उपयोग: पिता या किसी मार्गदर्शक के लिए कुछ अच्छा करें।
तुला
चंद्रमा 22:06 बजे तक आपके आठवें भाव में है, जो साझे धन और निजी बातों से जुड़ा है; फिर वह नौवें भाव में आता है — भाग्य, आस्था, गुरु और लंबी यात्राएँ। तुला चंद्र राशि वालों के लिए यह चंद्राष्टम है (22:06 बजे तक): पंचांग की परंपरा ज़रूरी नई शुरुआत किसी और दिन के लिए रखती है, इसलिए साझे धन और निजी बातों में धीरे चलें। दिन का नक्षत्र मृगशिरा है, जिसका स्वामी मंगल आपके दसवें भाव में है — इसलिए दिन में करियर की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके पहले भाव में है, जो उसे निजी मामलों से जोड़ता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके दसवें भाव में है — करियर की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: साझे पैसे के जोखिम भरे फ़ैसले टालें।
वृश्चिक
चंद्रमा 22:06 बजे तक आपके सातवें भाव में है, जो साझेदारी से जुड़ा है; फिर वह आठवें भाव में आता है — परिवर्तन, साझा धन और गुप्त बातें। चंद्रमा से सातवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — साझेदारी के लिए सहायक पृष्ठभूमि। चंद्राष्टम 22:06 बजे शुरू होता है, इसलिए नई शुरुआत उसके पहले करें। दिन का नक्षत्र मृगशिरा है, जिसका स्वामी मंगल आपके नौवें भाव में है — इसलिए दिन में पढ़ाई, आस्था और यात्रा की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके बारहवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग ख़र्च और विश्राम से आता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके नौवें भाव में है — पढ़ाई, आस्था और यात्रा की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: साथी की बात बोलने से ज़्यादा सुनें।
धनु
चंद्रमा 22:06 बजे तक आपके छठे भाव में है, जो काम और सेहत की आदतों से जुड़ा है; फिर वह सातवें भाव में आता है — विवाह, साथी और अनुबंध। चंद्रमा से छठे भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — काम और सेहत की आदतों के लिए सहायक पृष्ठभूमि। आज के नक्षत्र मृगशिरा के स्वामी मंगल हैं; आपकी राशि से वे आठवें भाव में हैं, जो दिन को साझे धन और निजी बातों से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके ग्यारहवें भाव में है, जो उसे लाभ और मित्रता से जोड़ता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके आठवें भाव में है — साझे धन और निजी बातों की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: छूटी हुई सेहत की दिनचर्या फिर शुरू करें।
मकर
चंद्रमा 22:06 बजे तक आपके पाँचवें भाव में है, जो रचनात्मक कामों और संतान से जुड़ा है; फिर वह छठे भाव में आता है — काम, सेवा, सेहत की आदतें, क़र्ज़ और प्रतिस्पर्धा। चंद्रमा से पाँचवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; रचनात्मक कामों और संतान में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। आज के नक्षत्र मृगशिरा के स्वामी मंगल हैं; आपकी राशि से वे सातवें भाव में हैं, जो दिन को साझेदारी से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके दसवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग करियर से आता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके सातवें भाव में है — साझेदारी की ओर एक हल्का इशारा। शनि धीरे-धीरे आपके तीसरे भाव से गुज़र रहा है और वहाँ धैर्य भरी मेहनत का फल देता है। दिन का अच्छा उपयोग: मन को कुछ अच्छा पढ़ने दें।
कुंभ
चंद्रमा 22:06 बजे तक आपके चौथे भाव में है, जो घर-परिवार से जुड़ा है; फिर वह पाँचवें भाव में आता है — संतान, रचनात्मकता, बुद्धि और पुण्य। चंद्रमा से चौथे भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; घर-परिवार में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। दिन का नक्षत्र मृगशिरा है, जिसका स्वामी मंगल आपके छठे भाव में है — इसलिए दिन में काम और सेहत की आदतों की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके नौवें भाव में है, जो उसे पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जोड़ता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके छठे भाव में है — काम और सेहत की आदतों की ओर एक हल्का इशारा। आपके छठे भाव में मंगल काम और सेहत की आदतों में ऊर्जा डालता है। दिन का अच्छा उपयोग: शाम घर पर आराम के लिए रखें।
मीन
चंद्रमा 22:06 बजे तक आपके तीसरे भाव में है, जो मेहनत और बातचीत से जुड़ा है; फिर वह चौथे भाव में आता है — घर, माँ, संपत्ति और मन की शांति। चंद्रमा से तीसरे भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — मेहनत और बातचीत के लिए सहायक पृष्ठभूमि। आज के नक्षत्र मृगशिरा के स्वामी मंगल हैं; आपकी राशि से वे पाँचवें भाव में हैं, जो दिन को रचनात्मक कामों और संतान से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके आठवें भाव में है, जो उसे साझे धन और निजी बातों से जोड़ता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके पाँचवें भाव में है — रचनात्मक कामों और संतान की ओर एक हल्का इशारा। आपके पहले भाव में शनि के कारण साढ़े साती चल रही है, इसलिए सधी हुई, सरल दिनचर्या मदद करती है। दिन का अच्छा उपयोग: आधा घंटा किसी हुनर के अभ्यास में लगाएँ।
इस पेज को कैसे पढ़ें
दैनिक राशिफल चंद्रमा के साथ चलता है — सबसे तेज़ चलने वाला ग्रह — और आपकी राशि से गिने गए भावों में उसकी यात्रा पढ़ता है; आकाश रोज़ बदलता है, इसलिए फल भी रोज़ बदलता है। आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं ज़्यादा सटीक है: आपका दिन आपकी जन्म-कुंडली से हर दिन का पाठ देता है, और मुफ़्त कुंडली आपकी चंद्र राशि, लग्न और चल रही दशा दिखाती है। सूर्य राशि (पश्चिमी) के राशिफल अंग्रेज़ी पेज पर हैं।
स्रोत
- Sunyra engine (positions verified against NASA/JPL Horizons; panchang for New Delhi)
- Phaladeepika of Mantreswara, ch. 26 (transits from the Moon)
- Muhurta Chintamani of Rama Daivajna (nakshatra classes, tithi groups)
- Brihat Parashara Hora Shastra, ch. 26 (graha drishti) (Santhanam)
Sunyra संपादकीय द्वारा लिखित। ज्योतिष व्याख्या की एक परंपरा है; इसे मार्गदर्शन की तरह पढ़ें, पक्की भविष्यवाणी की तरह नहीं। अस्वीकरण (Disclaimer)।
Last reviewed