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संक्षेप में: चंद्रमा पूरे दिन कर्क राशि में है (निरयन)। तिथि कृष्ण पक्ष की सप्तमी है, जो 14:52 बजे अष्टमी में बदलती है। दोपहर के आसपास चंद्रमा पुष्य नक्षत्र में है, जिसके देवता बृहस्पति हैं; यह क्षिप्र (लघु) नक्षत्र है, जो परंपरा से जल्दी होने वाले व्यावहारिक कामों — पढ़ाई, व्यापार, छोटी यात्राओं — के लिए अच्छा माना जाता है। कर्क में चंद्रमा के साथ मंगल है।
आज का पंचांग
| वार | रविवार — स्वामी सूर्य |
| तिथि | कृष्ण पक्ष: सप्तमी 14:52 तक; फिर अष्टमी (सूर्योदय पर भद्रा तिथि) |
| नक्षत्र | पुष्य 2 नवंबर, 04:30 तक; फिर आश्लेषा |
| योग | साध्य 14:39 तक; फिर शुभ |
| करण | बव 14:52 तक; बालव 2 नवंबर, 01:58 तक; फिर कौलव |
| चंद्र राशि (निरयन) | कर्क |
| वक्री ग्रह | बुध, शुक्र और शनि |
| सूर्योदय / सूर्यास्त | 06:32 / 17:36 (नई दिल्ली) |
| राहु काल | 16:13–17:36 (नई दिल्ली) |
राहु काल रविवार को दिनमान के आठ बराबर भागों में से आठवाँ भाग है, जो स्थानीय सूर्योदय से गिना जाता है — इसलिए इसका समय आपके शहर पर निर्भर करता है: आज नई दिल्ली में यह 16:13–17:36 बजे तक है। बहुत-से परिवार इसमें नया काम शुरू नहीं करते; अपने शहर का समय हिंदी पंचांग पर देखें।
चंद्र राशि के अनुसार राशिफल
मेष
पूरे दिन चंद्रमा आपके चौथे भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं घर, माँ, संपत्ति और मन की शांति। चंद्रमा से चौथे भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; घर-परिवार में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। उस भाव में चंद्रमा के साथ मंगल है: तेज़ भावनाएँ और ऐसी ऊर्जा जिसे सही काम चाहिए। आज के नक्षत्र पुष्य के स्वामी शनि हैं; आपकी राशि से वे बारहवें भाव में हैं, जो दिन को ख़र्च और विश्राम से जोड़ता है। चौथा भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके सातवें भाव में है — साझेदारी की ओर एक हल्का इशारा। आपके बारहवें भाव में शनि के कारण साढ़े साती चल रही है, इसलिए सधी हुई, सरल दिनचर्या मदद करती है। दिन का अच्छा उपयोग: माँ या किसी बुज़ुर्ग के साथ इत्मीनान से समय बिताएँ।
वृषभ
पूरे दिन चंद्रमा आपके तीसरे भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं साहस, भाई-बहन, हुनर और बातचीत। चंद्रमा से तीसरे भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — मेहनत और बातचीत के लिए सहायक पृष्ठभूमि। उस भाव में चंद्रमा के साथ मंगल है: तेज़ भावनाएँ और ऐसी ऊर्जा जिसे सही काम चाहिए। आज के नक्षत्र पुष्य के स्वामी शनि हैं; आपकी राशि से वे ग्यारहवें भाव में हैं, जो दिन को लाभ और मित्रता से जोड़ता है। तीसरा भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके छठे भाव में है — काम और सेहत की आदतों की ओर एक हल्का इशारा। शनि धीरे-धीरे आपके ग्यारहवें भाव से गुज़र रहा है और वहाँ धैर्य भरी मेहनत का फल देता है। दिन का अच्छा उपयोग: जो संदेश या फ़ोन टाल रहे थे, आज कर लें।
मिथुन
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके दूसरे भाव में बिताता है — धन, परिवार, भोजन और वाणी। परंपरा चंद्रमा से दूसरे भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए धन और परिवार को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। वहाँ चंद्रमा का साथ मंगल दे रहा है, जिससे अक्सर तेज़ भावनाएँ और ऐसी ऊर्जा जिसे सही काम चाहिए रहता है। दिन का नक्षत्र पुष्य है, जिसका स्वामी शनि आपके दसवें भाव में है — इसलिए दिन में करियर की भी भूमिका रहती है। दूसरा भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके पाँचवें भाव में है — रचनात्मक कामों और संतान की ओर एक हल्का इशारा। पृष्ठभूमि में गुरु आपके तीसरे भाव में है, इसलिए उसकी मदद मेहनत के रास्ते आती है। दिन का अच्छा उपयोग: घर का हिसाब देखें या परिवार के लिए कुछ पकाएँ।
कर्क
पूरे दिन चंद्रमा आपके पहले भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं शरीर, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व। यह आपका जन्म-चंद्र है — चंद्रमा आपकी अपनी राशि में — जिसे परंपरा अनुकूल मानती है; मन तेज़ रहेगा, इसलिए योजनाएँ सरल रखें। उस भाव में चंद्रमा के साथ मंगल है: तेज़ भावनाएँ और ऐसी ऊर्जा जिसे सही काम चाहिए। दिन का नक्षत्र पुष्य है, जिसका स्वामी शनि आपके नौवें भाव में है — इसलिए दिन में पढ़ाई, आस्था और यात्रा की भी भूमिका रहती है। पहला भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके चौथे भाव में है — घर-परिवार की ओर एक हल्का इशारा। शनि धीरे-धीरे आपके नौवें भाव से गुज़र रहा है और पढ़ाई, आस्था और यात्रा में धीरज माँगता है। दिन का अच्छा उपयोग: अपनी दिनचर्या सरल रखें और नींद-भोजन का ध्यान रखें।
सिंह
पूरे दिन चंद्रमा आपके बारहवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं ख़र्च, एकांत, विदेश और मोक्ष। परंपरा चंद्रमा से बारहवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए ख़र्च और विश्राम को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। वहाँ चंद्रमा का साथ मंगल दे रहा है, जिससे अक्सर तेज़ भावनाएँ और ऐसी ऊर्जा जिसे सही काम चाहिए रहता है। आज के नक्षत्र पुष्य के स्वामी शनि हैं; आपकी राशि से वे आठवें भाव में हैं, जो दिन को साझे धन और निजी बातों से जोड़ता है। बारहवाँ भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके तीसरे भाव में है — मेहनत और बातचीत की ओर एक हल्का इशारा। आपके आठवें भाव से शनि का गोचर साझे धन और निजी बातों में सावधानी माँगता है। दिन का अच्छा उपयोग: जहाँ ज़रूरत हो, चुपचाप मदद करें।
कन्या
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके ग्यारहवें भाव में बिताता है — लाभ, मित्र, संपर्क और इच्छाएँ। चंद्रमा से ग्यारहवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — लाभ और मित्रता के लिए सहायक पृष्ठभूमि। उस भाव में चंद्रमा के साथ मंगल है: तेज़ भावनाएँ और ऐसी ऊर्जा जिसे सही काम चाहिए। दिन का नक्षत्र पुष्य है, जिसका स्वामी शनि आपके सातवें भाव में है — इसलिए दिन में साझेदारी की भी भूमिका रहती है। ग्यारहवाँ भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके दूसरे भाव में है — धन और परिवार की ओर एक हल्का इशारा। शनि धीरे-धीरे आपके सातवें भाव से गुज़र रहा है और साझेदारी में धीरज माँगता है। दिन का अच्छा उपयोग: अपनी अच्छी ख़बर अपने लोगों से बाँटें।
तुला
पूरे दिन चंद्रमा आपके दसवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं करियर, पद और कर्म। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से दसवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन करियर के लिए मददगार रहेगा। वहाँ चंद्रमा का साथ मंगल दे रहा है, जिससे अक्सर तेज़ भावनाएँ और ऐसी ऊर्जा जिसे सही काम चाहिए रहता है। दिन का नक्षत्र पुष्य है, जिसका स्वामी शनि आपके छठे भाव में है — इसलिए दिन में काम और सेहत की आदतों की भी भूमिका रहती है। दसवाँ भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके पहले भाव में है — निजी मामलों की ओर एक हल्का इशारा। शनि धीरे-धीरे आपके छठे भाव से गुज़र रहा है और वहाँ धैर्य भरी मेहनत का फल देता है। दिन का अच्छा उपयोग: किसी सार्वजनिक वादे को निभाएँ।
वृश्चिक
पूरे दिन चंद्रमा आपके नौवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं भाग्य, आस्था, गुरु और लंबी यात्राएँ। परंपरा चंद्रमा से नौवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए पढ़ाई, आस्था और यात्रा को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। उस भाव में चंद्रमा के साथ मंगल है: तेज़ भावनाएँ और ऐसी ऊर्जा जिसे सही काम चाहिए। आज के नक्षत्र पुष्य के स्वामी शनि हैं; आपकी राशि से वे पाँचवें भाव में हैं, जो दिन को रचनात्मक कामों और संतान से जोड़ता है। नौवाँ भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके बारहवें भाव में है — ख़र्च और विश्राम की ओर एक हल्का इशारा। शनि धीरे-धीरे आपके पाँचवें भाव से गुज़र रहा है और रचनात्मक कामों और संतान में धीरज माँगता है। दिन का अच्छा उपयोग: पिता या किसी मार्गदर्शक के लिए कुछ अच्छा करें।
धनु
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके आठवें भाव में बिताता है — परिवर्तन, साझा धन और गुप्त बातें। धनु चंद्र राशि वालों के लिए यह चंद्राष्टम है (पूरे दिन): पंचांग की परंपरा ज़रूरी नई शुरुआत किसी और दिन के लिए रखती है, इसलिए साझे धन और निजी बातों में धीरे चलें। वहाँ चंद्रमा का साथ मंगल दे रहा है, जिससे अक्सर तेज़ भावनाएँ और ऐसी ऊर्जा जिसे सही काम चाहिए रहता है। आज के नक्षत्र पुष्य के स्वामी शनि हैं; आपकी राशि से वे चौथे भाव में हैं, जो दिन को घर-परिवार से जोड़ता है। आठवाँ भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके ग्यारहवें भाव में है — लाभ और मित्रता की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: साझे पैसे के जोखिम भरे फ़ैसले टालें।
मकर
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके सातवें भाव में बिताता है — विवाह, साथी और अनुबंध। चंद्रमा से सातवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — साझेदारी के लिए सहायक पृष्ठभूमि। वहाँ चंद्रमा का साथ मंगल दे रहा है, जिससे अक्सर तेज़ भावनाएँ और ऐसी ऊर्जा जिसे सही काम चाहिए रहता है। दिन का नक्षत्र पुष्य है, जिसका स्वामी शनि आपके तीसरे भाव में है — इसलिए दिन में मेहनत और बातचीत की भी भूमिका रहती है। सातवाँ भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके दसवें भाव में है — करियर की ओर एक हल्का इशारा। शनि धीरे-धीरे आपके तीसरे भाव से गुज़र रहा है और वहाँ धैर्य भरी मेहनत का फल देता है। दिन का अच्छा उपयोग: साथी की बात बोलने से ज़्यादा सुनें।
कुंभ
पूरे दिन चंद्रमा आपके छठे भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं काम, सेवा, सेहत की आदतें, क़र्ज़ और प्रतिस्पर्धा। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से छठे भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन काम और सेहत की आदतों के लिए मददगार रहेगा। वहाँ चंद्रमा का साथ मंगल दे रहा है, जिससे अक्सर तेज़ भावनाएँ और ऐसी ऊर्जा जिसे सही काम चाहिए रहता है। दिन का नक्षत्र पुष्य है, जिसका स्वामी शनि आपके दूसरे भाव में है — इसलिए दिन में धन और परिवार की भी भूमिका रहती है। छठा भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके नौवें भाव में है — पढ़ाई, आस्था और यात्रा की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: छूटी हुई सेहत की दिनचर्या फिर शुरू करें।
मीन
पूरे दिन चंद्रमा आपके पाँचवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं संतान, रचनात्मकता, बुद्धि और पुण्य। चंद्रमा से पाँचवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; रचनात्मक कामों और संतान में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। उस भाव में चंद्रमा के साथ मंगल है: तेज़ भावनाएँ और ऐसी ऊर्जा जिसे सही काम चाहिए। आज के नक्षत्र पुष्य के स्वामी शनि हैं; आपकी राशि से वे पहले भाव में हैं, जो दिन को निजी मामलों से जोड़ता है। पाँचवाँ भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके आठवें भाव में है — साझे धन और निजी बातों की ओर एक हल्का इशारा। पृष्ठभूमि में गुरु आपके छठे भाव में है, इसलिए उसकी मदद मेहनत के रास्ते आती है। दिन का अच्छा उपयोग: मन को कुछ अच्छा पढ़ने दें।
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दैनिक राशिफल चंद्रमा के साथ चलता है — सबसे तेज़ चलने वाला ग्रह — और आपकी राशि से गिने गए भावों में उसकी यात्रा पढ़ता है; आकाश रोज़ बदलता है, इसलिए फल भी रोज़ बदलता है। आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं ज़्यादा सटीक है: आपका दिन आपकी जन्म-कुंडली से हर दिन का पाठ देता है, और मुफ़्त कुंडली आपकी चंद्र राशि, लग्न और चल रही दशा दिखाती है। सूर्य राशि (पश्चिमी) के राशिफल अंग्रेज़ी पेज पर हैं।
स्रोत
- Sunyra engine (positions verified against NASA/JPL Horizons; panchang for New Delhi)
- Phaladeepika of Mantreswara, ch. 26 (transits from the Moon)
- Muhurta Chintamani of Rama Daivajna (nakshatra classes, tithi groups)
- Brihat Parashara Hora Shastra, ch. 26 (graha drishti) (Santhanam)
Sunyra संपादकीय द्वारा लिखित। ज्योतिष व्याख्या की एक परंपरा है; इसे मार्गदर्शन की तरह पढ़ें, पक्की भविष्यवाणी की तरह नहीं। अस्वीकरण (Disclaimer)।
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