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संक्षेप में: चंद्रमा पूरे दिन सिंह राशि में है (निरयन)। तिथि कृष्ण पक्ष की दशमी है, जो 11:03 बजे एकादशी में बदलती है। दोपहर के आसपास चंद्रमा पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में है, जिसके देवता भग हैं; यह उग्र नक्षत्र है, जिसे परंपरा नाज़ुक शुरुआतों के बजाय कठिन या निर्णायक कामों के लिए रखती है। सिंह में चंद्रमा के साथ गुरु और केतु हैं। विष्टि करण (भद्रा), जिसे पंचांग शुभ शुरुआत के लिए टालते हैं, 11:03 बजे तक रहेगा।
आज का पंचांग
| वार | बुधवार — स्वामी बुध |
| तिथि | कृष्ण पक्ष: दशमी 11:03 तक; फिर एकादशी (सूर्योदय पर पूर्णा तिथि) |
| नक्षत्र | पूर्वाफाल्गुनी 5 नवंबर, 03:30 तक; फिर उत्तराफाल्गुनी |
| योग | ब्रह्म 08:01 तक; इन्द्र 5 नवंबर, 06:26 तक; फिर वैधृति |
| करण | विष्टि (भद्रा) 11:03 तक; बव 22:47 तक; फिर बालव |
| चंद्र राशि (निरयन) | सिंह |
| वक्री ग्रह | बुध, शुक्र और शनि |
| सूर्योदय / सूर्यास्त | 06:35 / 17:33 (नई दिल्ली) |
| राहु काल | 12:04–13:26 (नई दिल्ली) |
राहु काल बुधवार को दिनमान के आठ बराबर भागों में से पाँचवाँ भाग है, जो स्थानीय सूर्योदय से गिना जाता है — इसलिए इसका समय आपके शहर पर निर्भर करता है: आज नई दिल्ली में यह 12:04–13:26 बजे तक है। बहुत-से परिवार इसमें नया काम शुरू नहीं करते; अपने शहर का समय हिंदी पंचांग पर देखें।
चंद्र राशि के अनुसार राशिफल
मेष
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके पाँचवें भाव में बिताता है — संतान, रचनात्मकता, बुद्धि और पुण्य। परंपरा चंद्रमा से पाँचवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए रचनात्मक कामों और संतान को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। वहाँ चंद्रमा का साथ गुरु और केतु दे रहे हैं, जिससे अक्सर स्थिर और उदार मन और शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन रहता है। दिन का नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी है, जिसका स्वामी शुक्र आपके सातवें भाव में है — इसलिए दिन में साझेदारी की भी भूमिका रहती है। कल 09:35 बजे चंद्रमा आपके छठे भाव में जाएगा, जो काम और सेहत की आदतों से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी सूर्य आपके सातवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग साझेदारी से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: यदि आपकी साधना है, तो थोड़ी प्रार्थना या मंत्र-जप करें।
वृषभ
पूरे दिन चंद्रमा आपके चौथे भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं घर, माँ, संपत्ति और मन की शांति। परंपरा चंद्रमा से चौथे भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए घर-परिवार को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। उस भाव में चंद्रमा के साथ गुरु और केतु हैं: स्थिर और उदार मन और शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन। आज के नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी के स्वामी शुक्र हैं; आपकी राशि से वे छठे भाव में हैं, जो दिन को काम और सेहत की आदतों से जोड़ता है। कल 09:35 बजे चंद्रमा आपके पाँचवें भाव में जाएगा, जो रचनात्मक कामों और संतान से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी सूर्य आपके छठे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग काम और सेहत की आदतों से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: माँ या किसी बुज़ुर्ग के साथ इत्मीनान से समय बिताएँ।
मिथुन
पूरे दिन चंद्रमा आपके तीसरे भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं साहस, भाई-बहन, हुनर और बातचीत। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से तीसरे भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन मेहनत और बातचीत के लिए मददगार रहेगा। वहाँ चंद्रमा का साथ गुरु और केतु दे रहे हैं, जिससे अक्सर स्थिर और उदार मन और शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन रहता है। दिन का नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी है, जिसका स्वामी शुक्र आपके पाँचवें भाव में है — इसलिए दिन में रचनात्मक कामों और संतान की भी भूमिका रहती है। कल 09:35 बजे चंद्रमा आपके चौथे भाव में जाएगा, जो घर-परिवार से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी सूर्य आपके पाँचवें भाव में है, जो उसे रचनात्मक कामों और संतान से जोड़ता है। दिन का अच्छा उपयोग: भाई-बहन या पड़ोसी की किसी छोटी बात में मदद करें।
कर्क
पूरे दिन चंद्रमा आपके दूसरे भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं धन, परिवार, भोजन और वाणी। चंद्रमा से दूसरे भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; धन और परिवार में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। उस भाव में चंद्रमा के साथ गुरु और केतु हैं: स्थिर और उदार मन और शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन। दिन का नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी है, जिसका स्वामी शुक्र आपके चौथे भाव में है — इसलिए दिन में घर-परिवार की भी भूमिका रहती है। कल 09:35 बजे चंद्रमा आपके तीसरे भाव में जाएगा, जो मेहनत और बातचीत से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी सूर्य आपके चौथे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग घर-परिवार से आता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके चौथे भाव में है — घर-परिवार की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: परिवार का कोई छोटा मामला सुलझाएँ।
सिंह
पूरे दिन चंद्रमा आपके पहले भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं शरीर, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व। आज चंद्रमा आपकी अपनी राशि में है, परंपरा से शुभ पर कोमल समय: जो कहना है साफ़ कहें और चाल धीमी रखें। वहाँ चंद्रमा का साथ गुरु और केतु दे रहे हैं, जिससे अक्सर स्थिर और उदार मन और शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन रहता है। आज के नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी के स्वामी शुक्र हैं; आपकी राशि से वे तीसरे भाव में हैं, जो दिन को मेहनत और बातचीत से जोड़ता है। कल 09:35 बजे चंद्रमा आपके दूसरे भाव में जाएगा, जो धन और परिवार से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी सूर्य आपके तीसरे भाव में है, जो उसे मेहनत और बातचीत से जोड़ता है। दिन का अच्छा उपयोग: वह एक काम करें जो सचमुच आपका है।
कन्या
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके बारहवें भाव में बिताता है — ख़र्च, एकांत, विदेश और मोक्ष। परंपरा चंद्रमा से बारहवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए ख़र्च और विश्राम को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। वहाँ चंद्रमा का साथ गुरु और केतु दे रहे हैं, जिससे अक्सर स्थिर और उदार मन और शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन रहता है। दिन का नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी है, जिसका स्वामी शुक्र आपके दूसरे भाव में है — इसलिए दिन में धन और परिवार की भी भूमिका रहती है। कल 09:35 बजे चंद्रमा आपके पहले भाव में जाएगा, जो निजी मामलों से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी सूर्य आपके दूसरे भाव में है, जो उसे धन और परिवार से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके दूसरे भाव में है — धन और परिवार की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: जहाँ ज़रूरत हो, चुपचाप मदद करें।
तुला
पूरे दिन चंद्रमा आपके ग्यारहवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं लाभ, मित्र, संपर्क और इच्छाएँ। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से ग्यारहवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन लाभ और मित्रता के लिए मददगार रहेगा। वहाँ चंद्रमा का साथ गुरु और केतु दे रहे हैं, जिससे अक्सर स्थिर और उदार मन और शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन रहता है। दिन का नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी है, जिसका स्वामी शुक्र आपके पहले भाव में है — इसलिए दिन में निजी मामलों की भी भूमिका रहती है। कल 09:35 बजे चंद्रमा आपके बारहवें भाव में जाएगा, जो ख़र्च और विश्राम से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी सूर्य आपके पहले भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग निजी मामलों से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: अपनी अच्छी ख़बर अपने लोगों से बाँटें।
वृश्चिक
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके दसवें भाव में बिताता है — करियर, पद और कर्म। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से दसवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन करियर के लिए मददगार रहेगा। वहाँ चंद्रमा का साथ गुरु और केतु दे रहे हैं, जिससे अक्सर स्थिर और उदार मन और शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन रहता है। दिन का नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी है, जिसका स्वामी शुक्र आपके बारहवें भाव में है — इसलिए दिन में ख़र्च और विश्राम की भी भूमिका रहती है। कल 09:35 बजे चंद्रमा आपके ग्यारहवें भाव में जाएगा, जो लाभ और मित्रता से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी सूर्य आपके बारहवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग ख़र्च और विश्राम से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: किसी सार्वजनिक वादे को निभाएँ।
धनु
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके नौवें भाव में बिताता है — भाग्य, आस्था, गुरु और लंबी यात्राएँ। परंपरा चंद्रमा से नौवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए पढ़ाई, आस्था और यात्रा को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। उस भाव में चंद्रमा के साथ गुरु और केतु हैं: स्थिर और उदार मन और शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन। दिन का नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी है, जिसका स्वामी शुक्र आपके ग्यारहवें भाव में है — इसलिए दिन में लाभ और मित्रता की भी भूमिका रहती है। कल 09:35 बजे चंद्रमा आपके दसवें भाव में जाएगा, जो करियर से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी सूर्य आपके ग्यारहवें भाव में है, जो उसे लाभ और मित्रता से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके ग्यारहवें भाव में है — लाभ और मित्रता की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: पिता या किसी मार्गदर्शक के लिए कुछ अच्छा करें।
मकर
पूरे दिन चंद्रमा आपके आठवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं परिवर्तन, साझा धन और गुप्त बातें। मकर चंद्र राशि वालों के लिए यह चंद्राष्टम है (पूरे दिन): पंचांग की परंपरा ज़रूरी नई शुरुआत किसी और दिन के लिए रखती है, इसलिए साझे धन और निजी बातों में धीरे चलें। वहाँ चंद्रमा का साथ गुरु और केतु दे रहे हैं, जिससे अक्सर स्थिर और उदार मन और शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन रहता है। दिन का नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी है, जिसका स्वामी शुक्र आपके दसवें भाव में है — इसलिए दिन में करियर की भी भूमिका रहती है। कल 09:35 बजे चंद्रमा आपके नौवें भाव में जाएगा, जो पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी सूर्य आपके दसवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग करियर से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: साझे पैसे के जोखिम भरे फ़ैसले टालें।
कुंभ
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके सातवें भाव में बिताता है — विवाह, साथी और अनुबंध। चंद्रमा से सातवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — साझेदारी के लिए सहायक पृष्ठभूमि। उस भाव में चंद्रमा के साथ गुरु और केतु हैं: स्थिर और उदार मन और शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन। आज के नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी के स्वामी शुक्र हैं; आपकी राशि से वे नौवें भाव में हैं, जो दिन को पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जोड़ता है। कल 09:35 बजे चंद्रमा आपके आठवें भाव में जाएगा, जो साझे धन और निजी बातों से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी सूर्य आपके नौवें भाव में है, जो उसे पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके नौवें भाव में है — पढ़ाई, आस्था और यात्रा की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: किसी सहकर्मी के साथ बीच का रास्ता निकालें।
मीन
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके छठे भाव में बिताता है — काम, सेवा, सेहत की आदतें, क़र्ज़ और प्रतिस्पर्धा। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से छठे भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन काम और सेहत की आदतों के लिए मददगार रहेगा। वहाँ चंद्रमा का साथ गुरु और केतु दे रहे हैं, जिससे अक्सर स्थिर और उदार मन और शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन रहता है। आज के नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी के स्वामी शुक्र हैं; आपकी राशि से वे आठवें भाव में हैं, जो दिन को साझे धन और निजी बातों से जोड़ता है। कल 09:35 बजे चंद्रमा आपके सातवें भाव में जाएगा, जो साझेदारी से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी सूर्य आपके आठवें भाव में है, जो उसे साझे धन और निजी बातों से जोड़ता है। दिन का अच्छा उपयोग: छूटी हुई सेहत की दिनचर्या फिर शुरू करें।
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दैनिक राशिफल चंद्रमा के साथ चलता है — सबसे तेज़ चलने वाला ग्रह — और आपकी राशि से गिने गए भावों में उसकी यात्रा पढ़ता है; आकाश रोज़ बदलता है, इसलिए फल भी रोज़ बदलता है। आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं ज़्यादा सटीक है: आपका दिन आपकी जन्म-कुंडली से हर दिन का पाठ देता है, और मुफ़्त कुंडली आपकी चंद्र राशि, लग्न और चल रही दशा दिखाती है। सूर्य राशि (पश्चिमी) के राशिफल अंग्रेज़ी पेज पर हैं।
स्रोत
- Sunyra engine (positions verified against NASA/JPL Horizons; panchang for New Delhi)
- Phaladeepika of Mantreswara, ch. 26 (transits from the Moon)
- Muhurta Chintamani of Rama Daivajna (nakshatra classes, tithi groups)
- Brihat Parashara Hora Shastra, ch. 26 (graha drishti) (Santhanam)
Sunyra संपादकीय द्वारा लिखित। ज्योतिष व्याख्या की एक परंपरा है; इसे मार्गदर्शन की तरह पढ़ें, पक्की भविष्यवाणी की तरह नहीं। अस्वीकरण (Disclaimer)।
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