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संक्षेप में: चंद्रमा 03:46 बजे तक कर्क राशि में है, फिर सिंह में (निरयन)। तिथि कृष्ण पक्ष की नवमी है, जो 11:55 बजे दशमी में बदलती है। दोपहर के आसपास चंद्रमा मघा नक्षत्र में है, जिसके देवता पितर हैं; यह उग्र नक्षत्र है, जिसे परंपरा नाज़ुक शुरुआतों के बजाय कठिन या निर्णायक कामों के लिए रखती है। सिंह में चंद्रमा के साथ गुरु और केतु हैं। विष्टि करण (भद्रा), जिसे पंचांग शुभ शुरुआत के लिए टालते हैं, 23:26 बजे से रहेगा। रिक्ता तिथि परंपरा से शुरू करने के बजाय समेटने और पूरा करने के लिए रखी जाती है।

आज का पंचांग

वार मंगलवार — स्वामी मंगल
तिथि कृष्ण पक्ष: नवमी 11:55 तक; फिर दशमी (सूर्योदय पर रिक्ता तिथि)
नक्षत्र मघा 4 नवंबर, 03:26 तक; फिर पूर्वाफाल्गुनी
योग शुक्ल 09:54 तक; फिर ब्रह्म
करण गर 11:55 तक; वणिज 23:26 तक; फिर विष्टि (भद्रा)
चंद्र राशि (निरयन) कर्क; 03:46 बजे से सिंह
वक्री ग्रह बुध, शुक्र और शनि
सूर्योदय / सूर्यास्त 06:34 / 17:34 (नई दिल्ली)
राहु काल 14:49–16:12 (नई दिल्ली)

राहु काल मंगलवार को दिनमान के आठ बराबर भागों में से सातवाँ भाग है, जो स्थानीय सूर्योदय से गिना जाता है — इसलिए इसका समय आपके शहर पर निर्भर करता है: आज नई दिल्ली में यह 14:49–16:12 बजे तक है। बहुत-से परिवार इसमें नया काम शुरू नहीं करते; अपने शहर का समय हिंदी पंचांग पर देखें।

चंद्र राशि के अनुसार राशिफल

मेष

चंद्रमा 03:46 बजे तक आपके चौथे भाव में है, जो घर-परिवार से जुड़ा है; फिर वह पाँचवें भाव में आता है — संतान, रचनात्मकता, बुद्धि और पुण्य। परंपरा चंद्रमा से पाँचवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए रचनात्मक कामों और संतान को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। वहाँ चंद्रमा का साथ गुरु और केतु दे रहे हैं, जिससे अक्सर स्थिर और उदार मन और शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन रहता है। दिन का नक्षत्र मघा है, जिसका स्वामी केतु आपके पाँचवें भाव में है — इसलिए दिन में रचनात्मक कामों और संतान की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी सूर्य आपके सातवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग साझेदारी से आता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके चौथे भाव में है — घर-परिवार की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: बच्चों, पढ़ाई या किसी रचनात्मक काम को समय दें।

वृषभ

चंद्रमा 03:46 बजे तक आपके तीसरे भाव में है, जो मेहनत और बातचीत से जुड़ा है; फिर वह चौथे भाव में आता है — घर, माँ, संपत्ति और मन की शांति। परंपरा चंद्रमा से चौथे भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए घर-परिवार को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। वहाँ चंद्रमा का साथ गुरु और केतु दे रहे हैं, जिससे अक्सर स्थिर और उदार मन और शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन रहता है। दिन का नक्षत्र मघा है, जिसका स्वामी केतु आपके चौथे भाव में है — इसलिए दिन में घर-परिवार की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी सूर्य आपके छठे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग काम और सेहत की आदतों से आता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके तीसरे भाव में है — मेहनत और बातचीत की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: माँ या किसी बुज़ुर्ग के साथ इत्मीनान से समय बिताएँ।

मिथुन

चंद्रमा 03:46 बजे तक आपके दूसरे भाव में है, जो धन और परिवार से जुड़ा है; फिर वह तीसरे भाव में आता है — साहस, भाई-बहन, हुनर और बातचीत। चंद्रमा से तीसरे भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — मेहनत और बातचीत के लिए सहायक पृष्ठभूमि। वहाँ चंद्रमा का साथ गुरु और केतु दे रहे हैं, जिससे अक्सर स्थिर और उदार मन और शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन रहता है। आज के नक्षत्र मघा के स्वामी केतु हैं; आपकी राशि से वे तीसरे भाव में हैं, जो दिन को मेहनत और बातचीत से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी सूर्य आपके पाँचवें भाव में है, जो उसे रचनात्मक कामों और संतान से जोड़ता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके दूसरे भाव में है — धन और परिवार की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: भाई-बहन या पड़ोसी की किसी छोटी बात में मदद करें।

कर्क

चंद्रमा 03:46 बजे तक आपके पहले भाव में है, जो निजी मामलों से जुड़ा है; फिर वह दूसरे भाव में आता है — धन, परिवार, भोजन और वाणी। चंद्रमा से दूसरे भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; धन और परिवार में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। उस भाव में चंद्रमा के साथ गुरु और केतु हैं: स्थिर और उदार मन और शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन। आज के नक्षत्र मघा के स्वामी केतु हैं; आपकी राशि से वे दूसरे भाव में हैं, जो दिन को धन और परिवार से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी सूर्य आपके चौथे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग घर-परिवार से आता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके पहले भाव में है — निजी मामलों की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: घर का हिसाब देखें या परिवार के लिए कुछ पकाएँ।

सिंह

चंद्रमा 03:46 बजे तक आपके बारहवें भाव में है, जो ख़र्च और विश्राम से जुड़ा है; फिर वह पहले भाव में आता है — शरीर, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व। आज चंद्रमा आपकी अपनी राशि में है, परंपरा से शुभ पर कोमल समय: जो कहना है साफ़ कहें और चाल धीमी रखें। वहाँ चंद्रमा का साथ गुरु और केतु दे रहे हैं, जिससे अक्सर स्थिर और उदार मन और शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन रहता है। आज के नक्षत्र मघा के स्वामी केतु हैं; आपकी राशि से वे पहले भाव में हैं, जो दिन को निजी मामलों से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी सूर्य आपके तीसरे भाव में है, जो उसे मेहनत और बातचीत से जोड़ता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके बारहवें भाव में है — ख़र्च और विश्राम की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: वह एक काम करें जो सचमुच आपका है।

कन्या

चंद्रमा 03:46 बजे तक आपके ग्यारहवें भाव में है, जो लाभ और मित्रता से जुड़ा है; फिर वह बारहवें भाव में आता है — ख़र्च, एकांत, विदेश और मोक्ष। परंपरा चंद्रमा से बारहवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए ख़र्च और विश्राम को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। वहाँ चंद्रमा का साथ गुरु और केतु दे रहे हैं, जिससे अक्सर स्थिर और उदार मन और शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन रहता है। आज के नक्षत्र मघा के स्वामी केतु हैं; आपकी राशि से वे बारहवें भाव में हैं, जो दिन को ख़र्च और विश्राम से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी सूर्य आपके दूसरे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग धन और परिवार से आता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके ग्यारहवें भाव में है — लाभ और मित्रता की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: ख़र्च से पहले बजट देखें।

तुला

चंद्रमा 03:46 बजे तक आपके दसवें भाव में है, जो करियर से जुड़ा है; फिर वह ग्यारहवें भाव में आता है — लाभ, मित्र, संपर्क और इच्छाएँ। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से ग्यारहवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन लाभ और मित्रता के लिए मददगार रहेगा। उस भाव में चंद्रमा के साथ गुरु और केतु हैं: स्थिर और उदार मन और शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन। आज के नक्षत्र मघा के स्वामी केतु हैं; आपकी राशि से वे ग्यारहवें भाव में हैं, जो दिन को लाभ और मित्रता से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी सूर्य आपके पहले भाव में है, जो उसे निजी मामलों से जोड़ता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके दसवें भाव में है — करियर की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: जिसका इंतज़ार था, उस पर बात आगे बढ़ाएँ।

वृश्चिक

चंद्रमा 03:46 बजे तक आपके नौवें भाव में है, जो पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जुड़ा है; फिर वह दसवें भाव में आता है — करियर, पद और कर्म। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से दसवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन करियर के लिए मददगार रहेगा। वहाँ चंद्रमा का साथ गुरु और केतु दे रहे हैं, जिससे अक्सर स्थिर और उदार मन और शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन रहता है। आज के नक्षत्र मघा के स्वामी केतु हैं; आपकी राशि से वे दसवें भाव में हैं, जो दिन को करियर से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी सूर्य आपके बारहवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग ख़र्च और विश्राम से आता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके नौवें भाव में है — पढ़ाई, आस्था और यात्रा की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: हफ़्ते के कामों को व्यवस्थित करें।

धनु

चंद्रमा 03:46 बजे तक आपके आठवें भाव में है, जो साझे धन और निजी बातों से जुड़ा है; फिर वह नौवें भाव में आता है — भाग्य, आस्था, गुरु और लंबी यात्राएँ। परंपरा चंद्रमा से नौवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए पढ़ाई, आस्था और यात्रा को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। चंद्राष्टम 03:46 बजे समाप्त होता है, इसलिए नई शुरुआत उसके बाद करें। उस भाव में चंद्रमा के साथ गुरु और केतु हैं: स्थिर और उदार मन और शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन। दिन का नक्षत्र मघा है, जिसका स्वामी केतु आपके नौवें भाव में है — इसलिए दिन में पढ़ाई, आस्था और यात्रा की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी सूर्य आपके ग्यारहवें भाव में है, जो उसे लाभ और मित्रता से जोड़ता है। दिन का अच्छा उपयोग: यात्रा की जल्दी के बजाय उसकी योजना बनाएँ।

मकर

चंद्रमा 03:46 बजे तक आपके सातवें भाव में है, जो साझेदारी से जुड़ा है; फिर वह आठवें भाव में आता है — परिवर्तन, साझा धन और गुप्त बातें। मकर चंद्र राशि वालों के लिए यह चंद्राष्टम है (03:46 बजे से): पंचांग की परंपरा ज़रूरी नई शुरुआत किसी और दिन के लिए रखती है, इसलिए साझे धन और निजी बातों में धीरे चलें। वहाँ चंद्रमा का साथ गुरु और केतु दे रहे हैं, जिससे अक्सर स्थिर और उदार मन और शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन रहता है। दिन का नक्षत्र मघा है, जिसका स्वामी केतु आपके आठवें भाव में है — इसलिए दिन में साझे धन और निजी बातों की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी सूर्य आपके दसवें भाव में है, जो उसे करियर से जोड़ता है। दिन का अच्छा उपयोग: साझे पैसे के जोखिम भरे फ़ैसले टालें।

कुंभ

चंद्रमा 03:46 बजे तक आपके छठे भाव में है, जो काम और सेहत की आदतों से जुड़ा है; फिर वह सातवें भाव में आता है — विवाह, साथी और अनुबंध। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से सातवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन साझेदारी के लिए मददगार रहेगा। उस भाव में चंद्रमा के साथ गुरु और केतु हैं: स्थिर और उदार मन और शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन। दिन का नक्षत्र मघा है, जिसका स्वामी केतु आपके सातवें भाव में है — इसलिए दिन में साझेदारी की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी सूर्य आपके नौवें भाव में है, जो उसे पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जोड़ता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके छठे भाव में है — काम और सेहत की आदतों की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: किसी समझौते की शर्तें दस्तख़त से पहले पढ़ें।

मीन

चंद्रमा 03:46 बजे तक आपके पाँचवें भाव में है, जो रचनात्मक कामों और संतान से जुड़ा है; फिर वह छठे भाव में आता है — काम, सेवा, सेहत की आदतें, क़र्ज़ और प्रतिस्पर्धा। चंद्रमा से छठे भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — काम और सेहत की आदतों के लिए सहायक पृष्ठभूमि। उस भाव में चंद्रमा के साथ गुरु और केतु हैं: स्थिर और उदार मन और शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन। दिन का नक्षत्र मघा है, जिसका स्वामी केतु आपके छठे भाव में है — इसलिए दिन में काम और सेहत की आदतों की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी सूर्य आपके आठवें भाव में है, जो उसे साझे धन और निजी बातों से जोड़ता है। दिन का अच्छा उपयोग: काम का कोई रुका हुआ काम निपटाएँ।

इस पेज को कैसे पढ़ें

दैनिक राशिफल चंद्रमा के साथ चलता है — सबसे तेज़ चलने वाला ग्रह — और आपकी राशि से गिने गए भावों में उसकी यात्रा पढ़ता है; आकाश रोज़ बदलता है, इसलिए फल भी रोज़ बदलता है। आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं ज़्यादा सटीक है: आपका दिन आपकी जन्म-कुंडली से हर दिन का पाठ देता है, और मुफ़्त कुंडली आपकी चंद्र राशि, लग्न और चल रही दशा दिखाती है। सूर्य राशि (पश्चिमी) के राशिफल अंग्रेज़ी पेज पर हैं।

स्रोत

  1. Sunyra engine (positions verified against NASA/JPL Horizons; panchang for New Delhi)
  2. Phaladeepika of Mantreswara, ch. 26 (transits from the Moon)
  3. Muhurta Chintamani of Rama Daivajna (nakshatra classes, tithi groups)
  4. Brihat Parashara Hora Shastra, ch. 26 (graha drishti) (Santhanam)

Sunyra संपादकीय द्वारा लिखित। ज्योतिष व्याख्या की एक परंपरा है; इसे मार्गदर्शन की तरह पढ़ें, पक्की भविष्यवाणी की तरह नहीं। अस्वीकरण (Disclaimer)।

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