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संक्षेप में: गुरु आपके दसवें भाव में (धीरज माँगने वाला गोचर); 5 दिसंबर को राहु आपके तीसरे भाव में और केतु आपके नौवें भाव में; 11 दिसंबर को शनि मार्गी; 13 दिसंबर को गुरु वक्री। शुभ दिन: 1–4 दिसंबर, 12–14 दिसंबर, 20–21 दिसंबर और 28–31 दिसंबर।
दिसंबर 2026 एक नज़र में
| तारीख़ (UTC+5:30) | आकाश में | आपकी राशि के लिए |
|---|---|---|
| 2 दिसंबर | बुध तुला से वृश्चिक में | बारहवाँ → पहला भाव |
| 5 दिसंबर | राहु मकर में और केतु कर्क में (मध्यम राहु) | राहु तीसरा भाव, केतु नौवाँ भाव |
| 9 दिसंबर | अमावस्या, वृश्चिक राशि, ज्येष्ठा नक्षत्र, 06:21 बजे | पहला भाव |
| 11 दिसंबर | शनि मीन में मार्गी | पाँचवाँ भाव |
| 13 दिसंबर | गुरु सिंह में वक्री | दसवाँ भाव |
| 16 दिसंबर | सूर्य वृश्चिक से धनु में | पहला → दूसरा भाव |
| 22 दिसंबर | बुध वृश्चिक से धनु में | पहला → दूसरा भाव |
| 24 दिसंबर | पूर्णिमा, मिथुन राशि, आर्द्रा नक्षत्र, 06:58 बजे | आठवाँ भाव |
महीने का हाल
पूरे महीने गुरु सिंह राशि में है, जो आपकी चंद्र राशि से दसवाँ भाव है। 13 दिसंबर को वह वहीं वक्री होता है; इसके बाद उसके विषयों में नई शुरुआत से ज़्यादा पुराने कामों की समीक्षा ठीक रहती है। दसवें भाव में गुरु काम को आगे लाता है, पर परंपरा इसे मिला-जुला गोचर मानती है: ज़िम्मेदारी इनाम से तेज़ बढ़ती है, इसलिए नए काम सोच-समझकर लें। सिंह से गुरु की दृष्टि दूसरे, चौथे और छठे भाव पर भी है (धन और परिवार; घर-परिवार; काम और सेहत की आदतें)।
शनि मीन में, आपके पाँचवें भाव में है और 11 दिसंबर तक वक्री रहकर उस दिन मार्गी होता है। पाँचवें भाव में शनि पढ़ाई, संतान के मामलों और रचनात्मक काम में ज़्यादा मेहनत माँगता है; एक साथ ज़ोर लगाने से नियमित, धीमा अभ्यास बेहतर है। इस समय आपकी चंद्र राशि पर न साढ़े साती है, न ढैया।
राहु और केतु 5 दिसंबर को राशि बदलते हैं (Sunyra मध्यम राहु लेता है; स्पष्ट राहु वाले पंचांग इससे पहले की तारीख़ देते हैं)। तब तक राहु आपके चौथे भाव में और केतु आपके दसवें भाव में है; उसके बाद राहु आपके तीसरे भाव से और केतु आपके नौवें भाव से काम करते हैं, जहाँ वे लगभग अठारह महीने रहेंगे। तीसरे भाव में राहु इसकी अच्छी स्थितियों में से है: साहसी क़दम, मीडिया, यात्रा और नए हुनर को सहारा मिलता है। नौवें भाव में केतु कर्मकांड और गुरुओं पर सवाल उठाता है; अपनी निजी आस्था गहरी होती है।
प्रेम और विवाह
प्रेम का ग्रह शुक्र महीने की शुरुआत तुला में (आपके बारहवें भाव में) करता है। बारहवें भाव में शुक्र सुख-सुविधाओं के लिए अनुकूल है, और उन पर ख़र्च के लिए पैसा भी आता है।
चंद्र राशि से सातवाँ भाव इस महीने ख़ाली है; रोज़ का लेन-देन और आपसी समझ ही यहाँ मुख्य बात है। शनि की दृष्टि भी यहाँ पहुँचती है, जो धीरज और व्यावहारिक उम्मीदें माँगती है। आपके पाँचवें भाव (प्रेम और संतान) में शनि है।
करियर और पैसा
सूर्य महीने की शुरुआत आपके पहले भाव में करता है। राशि पर सूर्य थकान और जल्दी ग़ुस्सा लाता है; आराम और सादा भोजन मदद करते हैं। 16 दिसंबर को वह धनु में, आपके दूसरे भाव में जाता है: दूसरे भाव में सूर्य पैसे में और परिवार से बात करने के ढंग में सावधानी माँगता है। 2 दिसंबर को बुध वृश्चिक में, आपके पहले भाव में जाता है। 22 दिसंबर को बुध धनु में, आपके दूसरे भाव में जाता है।
मंगल और गुरु आपके दसवें भाव (करियर) में हैं, इसलिए ऊपर इनके बारे में जो लिखा है, वह सीधे करियर पर लागू होता है। ज्योतिष समय चुनने में मदद कर सकता है; पैसे के फ़ैसलों के लिए हिसाब और अच्छी सलाह ज़रूरी है।
सेहत और ऊर्जा
ऊर्जा का ग्रह मंगल महीने की शुरुआत सिंह में, आपके दसवें भाव में करता है। दसवें भाव में मंगल काम में ऊर्जा भरता है; ठोस क़दम ध्यान खींचते हैं, पर वरिष्ठों से झगड़ा नुक़सान करता है। चंद्रमा 24–25 दिसंबर को आपके आठवें भाव (चंद्राष्टम) से गुज़रता है: परंपरा इन दिनों आराम, जोखिम भरी यात्रा से परहेज़ और बड़े फ़ैसले टालने की सलाह देती है। ये प्रवृत्तियाँ हैं, निदान नहीं; सेहत की किसी भी चिंता के लिए डॉक्टर से मिलें।
दिसंबर 2026 के शुभ और सावधानी के दिन
शुभ दिन: 1–4 दिसंबर, 12–14 दिसंबर, 20–21 दिसंबर और 28–31 दिसंबर। सावधानी के दिन (चंद्राष्टम): 24–25 दिसंबर। शांत दिन: 5–6 दिसंबर।
नियम एक ही है, हर दिन पर लागू: दोपहर 12 बजे (UTC+5:30) चंद्रमा आपकी राशि से तीसरे, छठे, दसवें या ग्यारहवें भाव में हो तो दिन काम और नतीजों के लिए अच्छा, आठवें (चंद्राष्टम) में हो तो सावधानी का, बारहवें में हो तो शांति का। अपनी कुंडली से निकला मुहूर्त हमेशा ज़्यादा सटीक होता है।
परंपरा से एक उपाय
सूर्य का गोचर आपको सामान्य से ज़्यादा थकाता है। सूर्य के लिए परंपरा उगते सूर्य को गायत्री मंत्र या आदित्य हृदय स्तोत्र के साथ जल चढ़ाने, और पिता व वरिष्ठों के आदर की सलाह देती है। उपाय एक भक्ति-परंपरा हैं: वैकल्पिक, मुफ़्त, और व्यावहारिक मदद का विकल्प कभी नहीं।
आगे क्या
10 जनवरी को मंगल आपके दसवें भाव में वक्री होगा, 25 जनवरी को गुरु कर्क में (आपके नौवें भाव में) जाएगा और 6 फ़रवरी को आपके तीसरे भाव में ग्रहण पड़ेगा। पूरा साल पढ़ें: वृश्चिक राशिफल 2027।
राशि नहीं, आपकी अपनी कुंडली
वृश्चिक राशि वाले सभी लोग यही पेज पढ़ते हैं। इनमें से कौन-सी बातें आप पर सच में लागू होंगी, यह आपका लग्न, आपकी चल रही दशा और आपकी कुंडली के सटीक अंश तय करते हैं। फुल कुंडली रिपोर्ट आपकी पूरी कुंडली पढ़ती है — स्वभाव, करियर, विवाह और जीवन की हर दशा — और Your Year Ahead अगले बारह महीनों को आपके अपने कैलेंडर में बदल देती है।
स्रोत
- Sunyra engine (positions verified against NASA/JPL Horizons; Lahiri ayanamsa; mean node)
- Phaladeepika of Mantreswara, ch. 26 (transits from the Moon)
- Brihat Parashara Hora Shastra, ch. 26 (graha drishti) (Santhanam)
Sunyra संपादकीय द्वारा लिखित। ज्योतिष व्याख्या की एक परंपरा है; इसे मार्गदर्शन की तरह पढ़ें, पक्की भविष्यवाणी की तरह नहीं। अस्वीकरण (Disclaimer)।
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