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संक्षेप में: चंद्रमा पूरे दिन कन्या राशि में है (निरयन)। तिथि कृष्ण पक्ष की द्वादशी है, जो 10:31 बजे त्रयोदशी में बदलती है। दोपहर के आसपास चंद्रमा हस्त नक्षत्र में है, जिसके देवता सविता हैं; यह क्षिप्र (लघु) नक्षत्र है, जो परंपरा से जल्दी होने वाले व्यावहारिक कामों — पढ़ाई, व्यापार, छोटी यात्राओं — के लिए अच्छा माना जाता है। कन्या में चंद्रमा के साथ शुक्र है। इस राशि पर शनि की सातवीं दृष्टि है — जो गंभीरता और धीरज की माँग जोड़ती है। विष्कुम्भ योग मुहूर्त-ग्रंथों में नए काम की शुरुआत के लिए टाला जाता है; रोज़ का काम सामान्य रूप से चलता है।
आज का पंचांग
| वार | शुक्रवार — स्वामी शुक्र |
| तिथि | कृष्ण पक्ष: द्वादशी 10:31 तक; फिर त्रयोदशी (सूर्योदय पर भद्रा तिथि) |
| नक्षत्र | हस्त 7 नवंबर, 04:43 तक; फिर चित्रा |
| योग | विष्कुम्भ 7 नवंबर, 04:10 तक; फिर प्रीति |
| करण | तैतिल 10:31 तक; गर 22:36 तक; फिर वणिज |
| चंद्र राशि (निरयन) | कन्या |
| राशि परिवर्तन | शुक्र 00:45 बजे कन्या राशि में |
| वक्री ग्रह | बुध, शुक्र और शनि |
| सूर्योदय / सूर्यास्त | 06:36 / 17:32 (नई दिल्ली) |
| राहु काल | 10:42–12:04 (नई दिल्ली) |
राहु काल शुक्रवार को दिनमान के आठ बराबर भागों में से चौथा भाग है, जो स्थानीय सूर्योदय से गिना जाता है — इसलिए इसका समय आपके शहर पर निर्भर करता है: आज नई दिल्ली में यह 10:42–12:04 बजे तक है। बहुत-से परिवार इसमें नया काम शुरू नहीं करते; अपने शहर का समय हिंदी पंचांग पर देखें।
चंद्र राशि के अनुसार राशिफल
मेष
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके छठे भाव में बिताता है — काम, सेवा, सेहत की आदतें, क़र्ज़ और प्रतिस्पर्धा। चंद्रमा से छठे भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — काम और सेहत की आदतों के लिए सहायक पृष्ठभूमि। शुक्र 00:45 बजे आपके छठे भाव में प्रवेश करता है, जिससे काम और सेहत की आदतों में स्नेह और आनंद का असर आता है। उस भाव में चंद्रमा के साथ शुक्र है: अपनापन और सुंदरता की परख। आज के नक्षत्र हस्त के स्वामी चंद्रमा हैं; आपकी राशि से वे छठे भाव में हैं, जो दिन को काम और सेहत की आदतों से जोड़ता है। कल 17:15 बजे चंद्रमा आपके सातवें भाव में जाएगा, जो साझेदारी से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी बुध आपके सातवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग साझेदारी से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: कोई छोटा क़र्ज़ या विवाद शांति से सुलझाएँ।
वृषभ
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके पाँचवें भाव में बिताता है — संतान, रचनात्मकता, बुद्धि और पुण्य। चंद्रमा से पाँचवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; रचनात्मक कामों और संतान में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। शुक्र 00:45 बजे आपके पाँचवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे रचनात्मक कामों और संतान में स्नेह और आनंद का असर आता है। उस भाव में चंद्रमा के साथ शुक्र है: अपनापन और सुंदरता की परख। आज के नक्षत्र हस्त के स्वामी चंद्रमा हैं; आपकी राशि से वे पाँचवें भाव में हैं, जो दिन को रचनात्मक कामों और संतान से जोड़ता है। कल 17:15 बजे चंद्रमा आपके छठे भाव में जाएगा, जो काम और सेहत की आदतों से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी बुध आपके छठे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग काम और सेहत की आदतों से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: बच्चों, पढ़ाई या किसी रचनात्मक काम को समय दें।
मिथुन
पूरे दिन चंद्रमा आपके चौथे भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं घर, माँ, संपत्ति और मन की शांति। चंद्रमा से चौथे भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; घर-परिवार में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। शुक्र 00:45 बजे आपके चौथे भाव में प्रवेश करता है, जिससे घर-परिवार में स्नेह और आनंद का असर आता है। उस भाव में चंद्रमा के साथ शुक्र है: अपनापन और सुंदरता की परख। आज के नक्षत्र हस्त के स्वामी चंद्रमा हैं; आपकी राशि से वे चौथे भाव में हैं, जो दिन को घर-परिवार से जोड़ता है। कल 17:15 बजे चंद्रमा आपके पाँचवें भाव में जाएगा, जो रचनात्मक कामों और संतान से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी बुध आपके पाँचवें भाव में है, जो उसे रचनात्मक कामों और संतान से जोड़ता है। दिन का अच्छा उपयोग: माँ या किसी बुज़ुर्ग के साथ इत्मीनान से समय बिताएँ।
कर्क
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके तीसरे भाव में बिताता है — साहस, भाई-बहन, हुनर और बातचीत। चंद्रमा से तीसरे भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — मेहनत और बातचीत के लिए सहायक पृष्ठभूमि। शुक्र 00:45 बजे आपके तीसरे भाव में प्रवेश करता है, जिससे मेहनत और बातचीत में स्नेह और आनंद का असर आता है। उस भाव में चंद्रमा के साथ शुक्र है: अपनापन और सुंदरता की परख। आज के नक्षत्र हस्त के स्वामी चंद्रमा हैं; आपकी राशि से वे तीसरे भाव में हैं, जो दिन को मेहनत और बातचीत से जोड़ता है। कल 17:15 बजे चंद्रमा आपके चौथे भाव में जाएगा, जो घर-परिवार से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी बुध आपके चौथे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग घर-परिवार से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: भाई-बहन या पड़ोसी की किसी छोटी बात में मदद करें।
सिंह
पूरे दिन चंद्रमा आपके दूसरे भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं धन, परिवार, भोजन और वाणी। चंद्रमा से दूसरे भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; धन और परिवार में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। शुक्र 00:45 बजे आपके दूसरे भाव में प्रवेश करता है, जिससे धन और परिवार में स्नेह और आनंद का असर आता है। वहाँ चंद्रमा का साथ शुक्र दे रहा है, जिससे अक्सर अपनापन और सुंदरता की परख रहता है। दिन का नक्षत्र हस्त है, जिसका स्वामी चंद्रमा आपके दूसरे भाव में है — इसलिए दिन में धन और परिवार की भी भूमिका रहती है। कल 17:15 बजे चंद्रमा आपके तीसरे भाव में जाएगा, जो मेहनत और बातचीत से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी बुध आपके तीसरे भाव में है, जो उसे मेहनत और बातचीत से जोड़ता है। दिन का अच्छा उपयोग: परिवार का कोई छोटा मामला सुलझाएँ।
कन्या
पूरे दिन चंद्रमा आपके पहले भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं शरीर, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व। यह आपका जन्म-चंद्र है — चंद्रमा आपकी अपनी राशि में — जिसे परंपरा अनुकूल मानती है; मन तेज़ रहेगा, इसलिए योजनाएँ सरल रखें। शुक्र 00:45 बजे आपके पहले भाव में प्रवेश करता है, जिससे निजी मामलों में स्नेह और आनंद का असर आता है। उस भाव में चंद्रमा के साथ शुक्र है: अपनापन और सुंदरता की परख। दिन का नक्षत्र हस्त है, जिसका स्वामी चंद्रमा आपके पहले भाव में है — इसलिए दिन में निजी मामलों की भी भूमिका रहती है। कल 17:15 बजे चंद्रमा आपके दूसरे भाव में जाएगा, जो धन और परिवार से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी बुध आपके दूसरे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग धन और परिवार से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: वह एक काम करें जो सचमुच आपका है।
तुला
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके बारहवें भाव में बिताता है — ख़र्च, एकांत, विदेश और मोक्ष। चंद्रमा से बारहवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; ख़र्च और विश्राम में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। शुक्र 00:45 बजे आपके बारहवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे ख़र्च और विश्राम में स्नेह और आनंद का असर आता है। वहाँ चंद्रमा का साथ शुक्र दे रहा है, जिससे अक्सर अपनापन और सुंदरता की परख रहता है। दिन का नक्षत्र हस्त है, जिसका स्वामी चंद्रमा आपके बारहवें भाव में है — इसलिए दिन में ख़र्च और विश्राम की भी भूमिका रहती है। कल 17:15 बजे चंद्रमा आपके पहले भाव में जाएगा, जो निजी मामलों से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी बुध आपके पहले भाव में है, जो उसे निजी मामलों से जोड़ता है। दिन का अच्छा उपयोग: ख़र्च से पहले बजट देखें।
वृश्चिक
पूरे दिन चंद्रमा आपके ग्यारहवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं लाभ, मित्र, संपर्क और इच्छाएँ। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से ग्यारहवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन लाभ और मित्रता के लिए मददगार रहेगा। शुक्र 00:45 बजे आपके ग्यारहवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे लाभ और मित्रता में स्नेह और आनंद का असर आता है। वहाँ चंद्रमा का साथ शुक्र दे रहा है, जिससे अक्सर अपनापन और सुंदरता की परख रहता है। दिन का नक्षत्र हस्त है, जिसका स्वामी चंद्रमा आपके ग्यारहवें भाव में है — इसलिए दिन में लाभ और मित्रता की भी भूमिका रहती है। कल 17:15 बजे चंद्रमा आपके बारहवें भाव में जाएगा, जो ख़र्च और विश्राम से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी बुध आपके बारहवें भाव में है, जो उसे ख़र्च और विश्राम से जोड़ता है। दिन का अच्छा उपयोग: किसी मित्र से फिर जुड़ें।
धनु
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके दसवें भाव में बिताता है — करियर, पद और कर्म। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से दसवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन करियर के लिए मददगार रहेगा। शुक्र 00:45 बजे आपके दसवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे करियर में स्नेह और आनंद का असर आता है। वहाँ चंद्रमा का साथ शुक्र दे रहा है, जिससे अक्सर अपनापन और सुंदरता की परख रहता है। आज के नक्षत्र हस्त के स्वामी चंद्रमा हैं; आपकी राशि से वे दसवें भाव में हैं, जो दिन को करियर से जोड़ता है। कल 17:15 बजे चंद्रमा आपके ग्यारहवें भाव में जाएगा, जो लाभ और मित्रता से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी बुध आपके ग्यारहवें भाव में है, जो उसे लाभ और मित्रता से जोड़ता है। दिन का अच्छा उपयोग: किसी सार्वजनिक वादे को निभाएँ।
मकर
पूरे दिन चंद्रमा आपके नौवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं भाग्य, आस्था, गुरु और लंबी यात्राएँ। परंपरा चंद्रमा से नौवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए पढ़ाई, आस्था और यात्रा को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। शुक्र 00:45 बजे आपके नौवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे पढ़ाई, आस्था और यात्रा में स्नेह और आनंद का असर आता है। वहाँ चंद्रमा का साथ शुक्र दे रहा है, जिससे अक्सर अपनापन और सुंदरता की परख रहता है। दिन का नक्षत्र हस्त है, जिसका स्वामी चंद्रमा आपके नौवें भाव में है — इसलिए दिन में पढ़ाई, आस्था और यात्रा की भी भूमिका रहती है। कल 17:15 बजे चंद्रमा आपके दसवें भाव में जाएगा, जो करियर से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी बुध आपके दसवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग करियर से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: किसी ऐसे गुरु को पढ़ें या सुनें जिनका आप आदर करते हैं।
कुंभ
पूरे दिन चंद्रमा आपके आठवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं परिवर्तन, साझा धन और गुप्त बातें। कुंभ चंद्र राशि वालों के लिए यह चंद्राष्टम है (पूरे दिन): पंचांग की परंपरा ज़रूरी नई शुरुआत किसी और दिन के लिए रखती है, इसलिए साझे धन और निजी बातों में धीरे चलें। शुक्र 00:45 बजे आपके आठवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे साझे धन और निजी बातों में स्नेह और आनंद का असर आता है। वहाँ चंद्रमा का साथ शुक्र दे रहा है, जिससे अक्सर अपनापन और सुंदरता की परख रहता है। आज के नक्षत्र हस्त के स्वामी चंद्रमा हैं; आपकी राशि से वे आठवें भाव में हैं, जो दिन को साझे धन और निजी बातों से जोड़ता है। कल 17:15 बजे चंद्रमा आपके नौवें भाव में जाएगा, जो पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जुड़ा है। दिन का अच्छा उपयोग: योजनाएँ छोटी रखें और जो शुरू है उसे पूरा करें।
मीन
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके सातवें भाव में बिताता है — विवाह, साथी और अनुबंध। चंद्रमा से सातवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — साझेदारी के लिए सहायक पृष्ठभूमि। शुक्र 00:45 बजे आपके सातवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे साझेदारी में स्नेह और आनंद का असर आता है। उस भाव में चंद्रमा के साथ शुक्र है: अपनापन और सुंदरता की परख। आज के नक्षत्र हस्त के स्वामी चंद्रमा हैं; आपकी राशि से वे सातवें भाव में हैं, जो दिन को साझेदारी से जोड़ता है। कल 17:15 बजे चंद्रमा आपके आठवें भाव में जाएगा, जो साझे धन और निजी बातों से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी बुध आपके आठवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग साझे धन और निजी बातों से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: किसी सहकर्मी के साथ बीच का रास्ता निकालें।
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दैनिक राशिफल चंद्रमा के साथ चलता है — सबसे तेज़ चलने वाला ग्रह — और आपकी राशि से गिने गए भावों में उसकी यात्रा पढ़ता है; आकाश रोज़ बदलता है, इसलिए फल भी रोज़ बदलता है। आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं ज़्यादा सटीक है: आपका दिन आपकी जन्म-कुंडली से हर दिन का पाठ देता है, और मुफ़्त कुंडली आपकी चंद्र राशि, लग्न और चल रही दशा दिखाती है। सूर्य राशि (पश्चिमी) के राशिफल अंग्रेज़ी पेज पर हैं।
स्रोत
- Sunyra engine (positions verified against NASA/JPL Horizons; panchang for New Delhi)
- Phaladeepika of Mantreswara, ch. 26 (transits from the Moon)
- Muhurta Chintamani of Rama Daivajna (nakshatra classes, tithi groups)
- Brihat Parashara Hora Shastra, ch. 26 (graha drishti) (Santhanam)
Sunyra संपादकीय द्वारा लिखित। ज्योतिष व्याख्या की एक परंपरा है; इसे मार्गदर्शन की तरह पढ़ें, पक्की भविष्यवाणी की तरह नहीं। अस्वीकरण (Disclaimer)।
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