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संक्षेप में: चंद्रमा पूरे दिन तुला राशि में है (निरयन)। तिथि कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी है, जो 11:28 बजे अमावस्या में बदलती है। दोपहर के आसपास चंद्रमा स्वाती नक्षत्र में है, जिसके देवता वायु हैं; यह चर नक्षत्र है, जो परंपरा से यात्रा, भाग-दौड़ और फेरबदल के लिए अच्छा माना जाता है। तुला में चंद्रमा के साथ सूर्य और बुध हैं। इस राशि पर मंगल की चौथी दृष्टि है — जो गर्मी जोड़ती है, इसलिए रफ़्तार सँभालें। रिक्ता तिथि परंपरा से शुरू करने के बजाय समेटने और पूरा करने के लिए रखी जाती है।

आज का पंचांग

वार रविवार — स्वामी सूर्य
तिथि कृष्ण पक्ष: चतुर्दशी 11:28 तक; फिर अमावस्या (सूर्योदय पर रिक्ता तिथि)
नक्षत्र फिर स्वाती
योग आयुष्मान 9 नवंबर, 03:03 तक; फिर सौभाग्य
करण शकुनि 11:28 तक; चतुष्पद 23:57 तक; फिर नाग
चंद्र राशि (निरयन) तुला
वक्री ग्रह बुध, शुक्र और शनि
सूर्योदय / सूर्यास्त 06:38 / 17:31 (नई दिल्ली)
राहु काल 16:09–17:31 (नई दिल्ली)

राहु काल रविवार को दिनमान के आठ बराबर भागों में से आठवाँ भाग है, जो स्थानीय सूर्योदय से गिना जाता है — इसलिए इसका समय आपके शहर पर निर्भर करता है: आज नई दिल्ली में यह 16:09–17:31 बजे तक है। बहुत-से परिवार इसमें नया काम शुरू नहीं करते; अपने शहर का समय हिंदी पंचांग पर देखें।

चंद्र राशि के अनुसार राशिफल

मेष

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके सातवें भाव में बिताता है — विवाह, साथी और अनुबंध। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से सातवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन साझेदारी के लिए मददगार रहेगा। उस भाव में चंद्रमा के साथ सूर्य और बुध हैं: आराम से ज़्यादा उद्देश्य और व्यस्त, बातूनी मन। दिन का नक्षत्र स्वाती है, जिसका स्वामी राहु आपके ग्यारहवें भाव में है — इसलिए दिन में लाभ और मित्रता की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके छठे भाव में है, जो उसे काम और सेहत की आदतों से जोड़ता है। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके सातवें भाव में है — साझेदारी की ओर एक हल्का इशारा। आपके बारहवें भाव में शनि के कारण साढ़े साती चल रही है, इसलिए सधी हुई, सरल दिनचर्या मदद करती है। दिन का अच्छा उपयोग: किसी समझौते की शर्तें दस्तख़त से पहले पढ़ें।

वृषभ

पूरे दिन चंद्रमा आपके छठे भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं काम, सेवा, सेहत की आदतें, क़र्ज़ और प्रतिस्पर्धा। चंद्रमा से छठे भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — काम और सेहत की आदतों के लिए सहायक पृष्ठभूमि। उस भाव में चंद्रमा के साथ सूर्य और बुध हैं: आराम से ज़्यादा उद्देश्य और व्यस्त, बातूनी मन। दिन का नक्षत्र स्वाती है, जिसका स्वामी राहु आपके दसवें भाव में है — इसलिए दिन में करियर की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके पाँचवें भाव में है, जो उसे रचनात्मक कामों और संतान से जोड़ता है। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके छठे भाव में है — काम और सेहत की आदतों की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: काम का कोई रुका हुआ काम निपटाएँ।

मिथुन

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके पाँचवें भाव में बिताता है — संतान, रचनात्मकता, बुद्धि और पुण्य। परंपरा चंद्रमा से पाँचवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए रचनात्मक कामों और संतान को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। वहाँ चंद्रमा का साथ सूर्य और बुध दे रहे हैं, जिससे अक्सर आराम से ज़्यादा उद्देश्य और व्यस्त, बातूनी मन रहता है। दिन का नक्षत्र स्वाती है, जिसका स्वामी राहु आपके नौवें भाव में है — इसलिए दिन में पढ़ाई, आस्था और यात्रा की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके चौथे भाव में है, जो उसे घर-परिवार से जोड़ता है। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके पाँचवें भाव में है — रचनात्मक कामों और संतान की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: यदि आपकी साधना है, तो थोड़ी प्रार्थना या मंत्र-जप करें।

कर्क

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके चौथे भाव में बिताता है — घर, माँ, संपत्ति और मन की शांति। परंपरा चंद्रमा से चौथे भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए घर-परिवार को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। वहाँ चंद्रमा का साथ सूर्य और बुध दे रहे हैं, जिससे अक्सर आराम से ज़्यादा उद्देश्य और व्यस्त, बातूनी मन रहता है। दिन का नक्षत्र स्वाती है, जिसका स्वामी राहु आपके आठवें भाव में है — इसलिए दिन में साझे धन और निजी बातों की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके तीसरे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग मेहनत और बातचीत से आता है। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके चौथे भाव में है — घर-परिवार की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: माँ या किसी बुज़ुर्ग के साथ इत्मीनान से समय बिताएँ।

सिंह

पूरे दिन चंद्रमा आपके तीसरे भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं साहस, भाई-बहन, हुनर और बातचीत। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से तीसरे भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन मेहनत और बातचीत के लिए मददगार रहेगा। उस भाव में चंद्रमा के साथ सूर्य और बुध हैं: आराम से ज़्यादा उद्देश्य और व्यस्त, बातूनी मन। दिन का नक्षत्र स्वाती है, जिसका स्वामी राहु आपके सातवें भाव में है — इसलिए दिन में साझेदारी की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके दूसरे भाव में है, जो उसे धन और परिवार से जोड़ता है। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके तीसरे भाव में है — मेहनत और बातचीत की ओर एक हल्का इशारा। पृष्ठभूमि में गुरु आपके पहले भाव में है, इसलिए उसकी मदद मेहनत के रास्ते आती है। दिन का अच्छा उपयोग: जो संदेश या फ़ोन टाल रहे थे, आज कर लें।

कन्या

पूरे दिन चंद्रमा आपके दूसरे भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं धन, परिवार, भोजन और वाणी। परंपरा चंद्रमा से दूसरे भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए धन और परिवार को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। वहाँ चंद्रमा का साथ सूर्य और बुध दे रहे हैं, जिससे अक्सर आराम से ज़्यादा उद्देश्य और व्यस्त, बातूनी मन रहता है। दिन का नक्षत्र स्वाती है, जिसका स्वामी राहु आपके छठे भाव में है — इसलिए दिन में काम और सेहत की आदतों की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके पहले भाव में है, जो उसे निजी मामलों से जोड़ता है। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके दूसरे भाव में है — धन और परिवार की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: घर का हिसाब देखें या परिवार के लिए कुछ पकाएँ।

तुला

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके पहले भाव में बिताता है — शरीर, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व। आज चंद्रमा आपकी अपनी राशि में है, परंपरा से शुभ पर कोमल समय: जो कहना है साफ़ कहें और चाल धीमी रखें। वहाँ चंद्रमा का साथ सूर्य और बुध दे रहे हैं, जिससे अक्सर आराम से ज़्यादा उद्देश्य और व्यस्त, बातूनी मन रहता है। आज के नक्षत्र स्वाती के स्वामी राहु हैं; आपकी राशि से वे पाँचवें भाव में हैं, जो दिन को रचनात्मक कामों और संतान से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके बारहवें भाव में है, जो उसे ख़र्च और विश्राम से जोड़ता है। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके पहले भाव में है — निजी मामलों की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: अपनी दिनचर्या सरल रखें और नींद-भोजन का ध्यान रखें।

वृश्चिक

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके बारहवें भाव में बिताता है — ख़र्च, एकांत, विदेश और मोक्ष। परंपरा चंद्रमा से बारहवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए ख़र्च और विश्राम को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। वहाँ चंद्रमा का साथ सूर्य और बुध दे रहे हैं, जिससे अक्सर आराम से ज़्यादा उद्देश्य और व्यस्त, बातूनी मन रहता है। आज के नक्षत्र स्वाती के स्वामी राहु हैं; आपकी राशि से वे चौथे भाव में हैं, जो दिन को घर-परिवार से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके ग्यारहवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग लाभ और मित्रता से आता है। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके बारहवें भाव में है — ख़र्च और विश्राम की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: जहाँ ज़रूरत हो, चुपचाप मदद करें।

धनु

पूरे दिन चंद्रमा आपके ग्यारहवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं लाभ, मित्र, संपर्क और इच्छाएँ। चंद्रमा से ग्यारहवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — लाभ और मित्रता के लिए सहायक पृष्ठभूमि। उस भाव में चंद्रमा के साथ सूर्य और बुध हैं: आराम से ज़्यादा उद्देश्य और व्यस्त, बातूनी मन। दिन का नक्षत्र स्वाती है, जिसका स्वामी राहु आपके तीसरे भाव में है — इसलिए दिन में मेहनत और बातचीत की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके दसवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग करियर से आता है। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके ग्यारहवें भाव में है — लाभ और मित्रता की ओर एक हल्का इशारा। आपके चौथे भाव से शनि का गोचर घर-परिवार में सावधानी माँगता है। दिन का अच्छा उपयोग: जिसका इंतज़ार था, उस पर बात आगे बढ़ाएँ।

मकर

पूरे दिन चंद्रमा आपके दसवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं करियर, पद और कर्म। चंद्रमा से दसवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — करियर के लिए सहायक पृष्ठभूमि। वहाँ चंद्रमा का साथ सूर्य और बुध दे रहे हैं, जिससे अक्सर आराम से ज़्यादा उद्देश्य और व्यस्त, बातूनी मन रहता है। दिन का नक्षत्र स्वाती है, जिसका स्वामी राहु आपके दूसरे भाव में है — इसलिए दिन में धन और परिवार की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके नौवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग पढ़ाई, आस्था और यात्रा से आता है। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके दसवें भाव में है — करियर की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: किसी सार्वजनिक वादे को निभाएँ।

कुंभ

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके नौवें भाव में बिताता है — भाग्य, आस्था, गुरु और लंबी यात्राएँ। चंद्रमा से नौवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; पढ़ाई, आस्था और यात्रा में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। वहाँ चंद्रमा का साथ सूर्य और बुध दे रहे हैं, जिससे अक्सर आराम से ज़्यादा उद्देश्य और व्यस्त, बातूनी मन रहता है। आज के नक्षत्र स्वाती के स्वामी राहु हैं; आपकी राशि से वे पहले भाव में हैं, जो दिन को निजी मामलों से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके आठवें भाव में है, जो उसे साझे धन और निजी बातों से जोड़ता है। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके नौवें भाव में है — पढ़ाई, आस्था और यात्रा की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: किसी ऐसे गुरु को पढ़ें या सुनें जिनका आप आदर करते हैं।

मीन

पूरे दिन चंद्रमा आपके आठवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं परिवर्तन, साझा धन और गुप्त बातें। मीन चंद्र राशि वालों के लिए यह चंद्राष्टम है (पूरे दिन): पंचांग की परंपरा ज़रूरी नई शुरुआत किसी और दिन के लिए रखती है, इसलिए साझे धन और निजी बातों में धीरे चलें। उस भाव में चंद्रमा के साथ सूर्य और बुध हैं: आराम से ज़्यादा उद्देश्य और व्यस्त, बातूनी मन। दिन का नक्षत्र स्वाती है, जिसका स्वामी राहु आपके बारहवें भाव में है — इसलिए दिन में ख़र्च और विश्राम की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके सातवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग साझेदारी से आता है। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके आठवें भाव में है — साझे धन और निजी बातों की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: साझे पैसे के जोखिम भरे फ़ैसले टालें।

इस पेज को कैसे पढ़ें

दैनिक राशिफल चंद्रमा के साथ चलता है — सबसे तेज़ चलने वाला ग्रह — और आपकी राशि से गिने गए भावों में उसकी यात्रा पढ़ता है; आकाश रोज़ बदलता है, इसलिए फल भी रोज़ बदलता है। आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं ज़्यादा सटीक है: आपका दिन आपकी जन्म-कुंडली से हर दिन का पाठ देता है, और मुफ़्त कुंडली आपकी चंद्र राशि, लग्न और चल रही दशा दिखाती है। सूर्य राशि (पश्चिमी) के राशिफल अंग्रेज़ी पेज पर हैं।

स्रोत

  1. Sunyra engine (positions verified against NASA/JPL Horizons; panchang for New Delhi)
  2. Phaladeepika of Mantreswara, ch. 26 (transits from the Moon)
  3. Muhurta Chintamani of Rama Daivajna (nakshatra classes, tithi groups)
  4. Brihat Parashara Hora Shastra, ch. 26 (graha drishti) (Santhanam)

Sunyra संपादकीय द्वारा लिखित। ज्योतिष व्याख्या की एक परंपरा है; इसे मार्गदर्शन की तरह पढ़ें, पक्की भविष्यवाणी की तरह नहीं। अस्वीकरण (Disclaimer)।

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