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संक्षेप में: चंद्रमा पूरे दिन तुला राशि में है (निरयन)। तिथि कृष्ण पक्ष की अमावस्या है, जो 12:32 बजे प्रतिपदा में बदलती है। दोपहर के आसपास चंद्रमा विशाखा नक्षत्र में है, जिसके देवता इंद्राग्नि हैं; यह मिश्र नक्षत्र है, जो परंपरा से रोज़मर्रा के सामान्य कामों के लिए अच्छा माना जाता है। तुला में चंद्रमा के साथ सूर्य और बुध हैं। इस राशि पर मंगल की चौथी दृष्टि है — जो गर्मी जोड़ती है, इसलिए रफ़्तार सँभालें।
आज का पंचांग
| वार | सोमवार — स्वामी चंद्रमा |
| तिथि | कृष्ण पक्ष: अमावस्या 12:32 तक; फिर प्रतिपदा (सूर्योदय पर पूर्णा तिथि) |
| नक्षत्र | स्वाती 07:24 तक; फिर विशाखा |
| योग | सौभाग्य 10 नवंबर, 02:57 तक; फिर शोभन |
| करण | नाग 12:32 तक; किंस्तुघ्न 10 नवंबर, 01:13 तक; फिर बव |
| चंद्र राशि (निरयन) | तुला |
| चंद्र कला | अमावस्या 12:32 बजे (चंद्रमा निरयन तुला में) |
| वक्री ग्रह | बुध, शुक्र और शनि |
| सूर्योदय / सूर्यास्त | 06:38 / 17:30 (नई दिल्ली) |
| राहु काल | 08:00–09:21 (नई दिल्ली) |
राहु काल सोमवार को दिनमान के आठ बराबर भागों में से दूसरा भाग है, जो स्थानीय सूर्योदय से गिना जाता है — इसलिए इसका समय आपके शहर पर निर्भर करता है: आज नई दिल्ली में यह 08:00–09:21 बजे तक है। बहुत-से परिवार इसमें नया काम शुरू नहीं करते; अपने शहर का समय हिंदी पंचांग पर देखें।
चंद्र राशि के अनुसार राशिफल
मेष
पूरे दिन चंद्रमा आपके सातवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं विवाह, साथी और अनुबंध। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से सातवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन साझेदारी के लिए मददगार रहेगा। वहाँ चंद्रमा का साथ सूर्य और बुध दे रहे हैं, जिससे अक्सर आराम से ज़्यादा उद्देश्य और व्यस्त, बातूनी मन रहता है। दिन का नक्षत्र विशाखा है, जिसका स्वामी गुरु आपके पाँचवें भाव में है — इसलिए दिन में रचनात्मक कामों और संतान की भी भूमिका रहती है। कल 02:48 बजे चंद्रमा आपके आठवें भाव में जाएगा, जो साझे धन और निजी बातों से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके छठे भाव में है, जो उसे काम और सेहत की आदतों से जोड़ता है। दिन का अच्छा उपयोग: किसी समझौते की शर्तें दस्तख़त से पहले पढ़ें।
वृषभ
पूरे दिन चंद्रमा आपके छठे भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं काम, सेवा, सेहत की आदतें, क़र्ज़ और प्रतिस्पर्धा। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से छठे भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन काम और सेहत की आदतों के लिए मददगार रहेगा। उस भाव में चंद्रमा के साथ सूर्य और बुध हैं: आराम से ज़्यादा उद्देश्य और व्यस्त, बातूनी मन। आज के नक्षत्र विशाखा के स्वामी गुरु हैं; आपकी राशि से वे चौथे भाव में हैं, जो दिन को घर-परिवार से जोड़ता है। कल 02:48 बजे चंद्रमा आपके सातवें भाव में जाएगा, जो साझेदारी से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके पाँचवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग रचनात्मक कामों और संतान से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: काम का कोई रुका हुआ काम निपटाएँ।
मिथुन
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके पाँचवें भाव में बिताता है — संतान, रचनात्मकता, बुद्धि और पुण्य। परंपरा चंद्रमा से पाँचवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए रचनात्मक कामों और संतान को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। उस भाव में चंद्रमा के साथ सूर्य और बुध हैं: आराम से ज़्यादा उद्देश्य और व्यस्त, बातूनी मन। दिन का नक्षत्र विशाखा है, जिसका स्वामी गुरु आपके तीसरे भाव में है — इसलिए दिन में मेहनत और बातचीत की भी भूमिका रहती है। कल 02:48 बजे चंद्रमा आपके छठे भाव में जाएगा, जो काम और सेहत की आदतों से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके चौथे भाव में है, जो उसे घर-परिवार से जोड़ता है। आज सोमवार है, जिसका स्वामी चंद्रमा आपके पाँचवें भाव में है — रचनात्मक कामों और संतान की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: मन को कुछ अच्छा पढ़ने दें।
कर्क
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके चौथे भाव में बिताता है — घर, माँ, संपत्ति और मन की शांति। परंपरा चंद्रमा से चौथे भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए घर-परिवार को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। उस भाव में चंद्रमा के साथ सूर्य और बुध हैं: आराम से ज़्यादा उद्देश्य और व्यस्त, बातूनी मन। दिन का नक्षत्र विशाखा है, जिसका स्वामी गुरु आपके दूसरे भाव में है — इसलिए दिन में धन और परिवार की भी भूमिका रहती है। कल 02:48 बजे चंद्रमा आपके पाँचवें भाव में जाएगा, जो रचनात्मक कामों और संतान से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके तीसरे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग मेहनत और बातचीत से आता है। आज सोमवार है, जिसका स्वामी चंद्रमा आपके चौथे भाव में है — घर-परिवार की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: शाम घर पर आराम के लिए रखें।
सिंह
पूरे दिन चंद्रमा आपके तीसरे भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं साहस, भाई-बहन, हुनर और बातचीत। चंद्रमा से तीसरे भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — मेहनत और बातचीत के लिए सहायक पृष्ठभूमि। उस भाव में चंद्रमा के साथ सूर्य और बुध हैं: आराम से ज़्यादा उद्देश्य और व्यस्त, बातूनी मन। आज के नक्षत्र विशाखा के स्वामी गुरु हैं; आपकी राशि से वे पहले भाव में हैं, जो दिन को निजी मामलों से जोड़ता है। कल 02:48 बजे चंद्रमा आपके चौथे भाव में जाएगा, जो घर-परिवार से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके दूसरे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग धन और परिवार से आता है। आज सोमवार है, जिसका स्वामी चंद्रमा आपके तीसरे भाव में है — मेहनत और बातचीत की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: भाई-बहन या पड़ोसी की किसी छोटी बात में मदद करें।
कन्या
पूरे दिन चंद्रमा आपके दूसरे भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं धन, परिवार, भोजन और वाणी। चंद्रमा से दूसरे भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; धन और परिवार में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। उस भाव में चंद्रमा के साथ सूर्य और बुध हैं: आराम से ज़्यादा उद्देश्य और व्यस्त, बातूनी मन। आज के नक्षत्र विशाखा के स्वामी गुरु हैं; आपकी राशि से वे बारहवें भाव में हैं, जो दिन को ख़र्च और विश्राम से जोड़ता है। कल 02:48 बजे चंद्रमा आपके तीसरे भाव में जाएगा, जो मेहनत और बातचीत से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके पहले भाव में है, जो उसे निजी मामलों से जोड़ता है। आज सोमवार है, जिसका स्वामी चंद्रमा आपके दूसरे भाव में है — धन और परिवार की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: परिवार का कोई छोटा मामला सुलझाएँ।
तुला
पूरे दिन चंद्रमा आपके पहले भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं शरीर, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व। आज चंद्रमा आपकी अपनी राशि में है, परंपरा से शुभ पर कोमल समय: जो कहना है साफ़ कहें और चाल धीमी रखें। वहाँ चंद्रमा का साथ सूर्य और बुध दे रहे हैं, जिससे अक्सर आराम से ज़्यादा उद्देश्य और व्यस्त, बातूनी मन रहता है। आज के नक्षत्र विशाखा के स्वामी गुरु हैं; आपकी राशि से वे ग्यारहवें भाव में हैं, जो दिन को लाभ और मित्रता से जोड़ता है। कल 02:48 बजे चंद्रमा आपके दूसरे भाव में जाएगा, जो धन और परिवार से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके बारहवें भाव में है, जो उसे ख़र्च और विश्राम से जोड़ता है। आज सोमवार है, जिसका स्वामी चंद्रमा आपके पहले भाव में है — निजी मामलों की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: वह एक काम करें जो सचमुच आपका है।
वृश्चिक
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके बारहवें भाव में बिताता है — ख़र्च, एकांत, विदेश और मोक्ष। परंपरा चंद्रमा से बारहवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए ख़र्च और विश्राम को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। वहाँ चंद्रमा का साथ सूर्य और बुध दे रहे हैं, जिससे अक्सर आराम से ज़्यादा उद्देश्य और व्यस्त, बातूनी मन रहता है। दिन का नक्षत्र विशाखा है, जिसका स्वामी गुरु आपके दसवें भाव में है — इसलिए दिन में करियर की भी भूमिका रहती है। कल 02:48 बजे चंद्रमा आपके पहले भाव में जाएगा, जो निजी मामलों से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके ग्यारहवें भाव में है, जो उसे लाभ और मित्रता से जोड़ता है। आज सोमवार है, जिसका स्वामी चंद्रमा आपके बारहवें भाव में है — ख़र्च और विश्राम की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: जहाँ ज़रूरत हो, चुपचाप मदद करें।
धनु
पूरे दिन चंद्रमा आपके ग्यारहवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं लाभ, मित्र, संपर्क और इच्छाएँ। चंद्रमा से ग्यारहवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — लाभ और मित्रता के लिए सहायक पृष्ठभूमि। उस भाव में चंद्रमा के साथ सूर्य और बुध हैं: आराम से ज़्यादा उद्देश्य और व्यस्त, बातूनी मन। आज के नक्षत्र विशाखा के स्वामी गुरु हैं; आपकी राशि से वे नौवें भाव में हैं, जो दिन को पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जोड़ता है। कल 02:48 बजे चंद्रमा आपके बारहवें भाव में जाएगा, जो ख़र्च और विश्राम से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके दसवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग करियर से आता है। आज सोमवार है, जिसका स्वामी चंद्रमा आपके ग्यारहवें भाव में है — लाभ और मित्रता की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: जिसका इंतज़ार था, उस पर बात आगे बढ़ाएँ।
मकर
पूरे दिन चंद्रमा आपके दसवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं करियर, पद और कर्म। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से दसवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन करियर के लिए मददगार रहेगा। उस भाव में चंद्रमा के साथ सूर्य और बुध हैं: आराम से ज़्यादा उद्देश्य और व्यस्त, बातूनी मन। आज के नक्षत्र विशाखा के स्वामी गुरु हैं; आपकी राशि से वे आठवें भाव में हैं, जो दिन को साझे धन और निजी बातों से जोड़ता है। कल 02:48 बजे चंद्रमा आपके ग्यारहवें भाव में जाएगा, जो लाभ और मित्रता से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके नौवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग पढ़ाई, आस्था और यात्रा से आता है। आज सोमवार है, जिसका स्वामी चंद्रमा आपके दसवें भाव में है — करियर की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: किसी सार्वजनिक वादे को निभाएँ।
कुंभ
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके नौवें भाव में बिताता है — भाग्य, आस्था, गुरु और लंबी यात्राएँ। चंद्रमा से नौवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; पढ़ाई, आस्था और यात्रा में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। वहाँ चंद्रमा का साथ सूर्य और बुध दे रहे हैं, जिससे अक्सर आराम से ज़्यादा उद्देश्य और व्यस्त, बातूनी मन रहता है। दिन का नक्षत्र विशाखा है, जिसका स्वामी गुरु आपके सातवें भाव में है — इसलिए दिन में साझेदारी की भी भूमिका रहती है। कल 02:48 बजे चंद्रमा आपके दसवें भाव में जाएगा, जो करियर से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके आठवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग साझे धन और निजी बातों से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: किसी ऐसे गुरु को पढ़ें या सुनें जिनका आप आदर करते हैं।
मीन
पूरे दिन चंद्रमा आपके आठवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं परिवर्तन, साझा धन और गुप्त बातें। मीन चंद्र राशि वालों के लिए यह चंद्राष्टम है (पूरे दिन): पंचांग की परंपरा ज़रूरी नई शुरुआत किसी और दिन के लिए रखती है, इसलिए साझे धन और निजी बातों में धीरे चलें। उस भाव में चंद्रमा के साथ सूर्य और बुध हैं: आराम से ज़्यादा उद्देश्य और व्यस्त, बातूनी मन। आज के नक्षत्र विशाखा के स्वामी गुरु हैं; आपकी राशि से वे छठे भाव में हैं, जो दिन को काम और सेहत की आदतों से जोड़ता है। कल 02:48 बजे चंद्रमा आपके नौवें भाव में जाएगा, जो पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके सातवें भाव में है, जो उसे साझेदारी से जोड़ता है। दिन का अच्छा उपयोग: योजनाएँ छोटी रखें और जो शुरू है उसे पूरा करें।
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दैनिक राशिफल चंद्रमा के साथ चलता है — सबसे तेज़ चलने वाला ग्रह — और आपकी राशि से गिने गए भावों में उसकी यात्रा पढ़ता है; आकाश रोज़ बदलता है, इसलिए फल भी रोज़ बदलता है। आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं ज़्यादा सटीक है: आपका दिन आपकी जन्म-कुंडली से हर दिन का पाठ देता है, और मुफ़्त कुंडली आपकी चंद्र राशि, लग्न और चल रही दशा दिखाती है। सूर्य राशि (पश्चिमी) के राशिफल अंग्रेज़ी पेज पर हैं।
स्रोत
- Sunyra engine (positions verified against NASA/JPL Horizons; panchang for New Delhi)
- Phaladeepika of Mantreswara, ch. 26 (transits from the Moon)
- Muhurta Chintamani of Rama Daivajna (nakshatra classes, tithi groups)
- Brihat Parashara Hora Shastra, ch. 26 (graha drishti) (Santhanam)
Sunyra संपादकीय द्वारा लिखित। ज्योतिष व्याख्या की एक परंपरा है; इसे मार्गदर्शन की तरह पढ़ें, पक्की भविष्यवाणी की तरह नहीं। अस्वीकरण (Disclaimer)।
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