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संक्षेप में: चंद्रमा 14:19 बजे तक वृश्चिक राशि में है, फिर धनु में (निरयन)। तिथि शुक्ल पक्ष की तृतीया है, जो 18:09 बजे चतुर्थी में बदलती है। दोपहर के आसपास चंद्रमा ज्येष्ठा नक्षत्र में है, जिसके देवता इंद्र हैं; यह तीक्ष्ण नक्षत्र है, जो परंपरा से पूरे हो चुके कामों को समेटने, खोज और सफ़ाई के लिए अच्छा माना जाता है।

आज का पंचांग

वार गुरुवार — स्वामी गुरु
तिथि शुक्ल पक्ष: तृतीया 18:09 तक; फिर चतुर्थी (सूर्योदय पर जया तिथि)
नक्षत्र ज्येष्ठा 14:19 तक; फिर मूल
योग सुकर्मा 13 नवंबर, 04:26 तक; फिर धृति
करण गर 18:09 तक; फिर वणिज
चंद्र राशि (निरयन) वृश्चिक; 14:19 बजे से धनु
राशि परिवर्तन मंगल 20:19 बजे सिंह राशि में
वक्री ग्रह बुध, शुक्र और शनि
सूर्योदय / सूर्यास्त 06:41 / 17:29 (नई दिल्ली)
राहु काल 13:26–14:47 (नई दिल्ली)

राहु काल गुरुवार को दिनमान के आठ बराबर भागों में से छठा भाग है, जो स्थानीय सूर्योदय से गिना जाता है — इसलिए इसका समय आपके शहर पर निर्भर करता है: आज नई दिल्ली में यह 13:26–14:47 बजे तक है। बहुत-से परिवार इसमें नया काम शुरू नहीं करते; अपने शहर का समय हिंदी पंचांग पर देखें।

चंद्र राशि के अनुसार राशिफल

मेष

चंद्रमा 14:19 बजे तक आपके आठवें भाव में है, जो साझे धन और निजी बातों से जुड़ा है; फिर वह नौवें भाव में आता है — भाग्य, आस्था, गुरु और लंबी यात्राएँ। मेष चंद्र राशि वालों के लिए यह चंद्राष्टम है (14:19 बजे तक): पंचांग की परंपरा ज़रूरी नई शुरुआत किसी और दिन के लिए रखती है, इसलिए साझे धन और निजी बातों में धीरे चलें। मंगल 20:19 बजे आपके पाँचवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे रचनात्मक कामों और संतान में जोश और ताक़त का असर आता है। दिन का नक्षत्र ज्येष्ठा है, जिसका स्वामी बुध आपके सातवें भाव में है — इसलिए दिन में साझेदारी की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी मंगल आपके चौथे भाव में है, जो उसे घर-परिवार से जोड़ता है। दिन का अच्छा उपयोग: साझे पैसे के जोखिम भरे फ़ैसले टालें।

वृषभ

चंद्रमा 14:19 बजे तक आपके सातवें भाव में है, जो साझेदारी से जुड़ा है; फिर वह आठवें भाव में आता है — परिवर्तन, साझा धन और गुप्त बातें। चंद्रमा से सातवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — साझेदारी के लिए सहायक पृष्ठभूमि। चंद्राष्टम 14:19 बजे शुरू होता है, इसलिए नई शुरुआत उसके पहले करें। मंगल 20:19 बजे आपके चौथे भाव में प्रवेश करता है, जिससे घर-परिवार में जोश और ताक़त का असर आता है। आज के नक्षत्र ज्येष्ठा के स्वामी बुध हैं; आपकी राशि से वे छठे भाव में हैं, जो दिन को काम और सेहत की आदतों से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी मंगल आपके तीसरे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग मेहनत और बातचीत से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: किसी सहकर्मी के साथ बीच का रास्ता निकालें।

मिथुन

चंद्रमा 14:19 बजे तक आपके छठे भाव में है, जो काम और सेहत की आदतों से जुड़ा है; फिर वह सातवें भाव में आता है — विवाह, साथी और अनुबंध। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से छठे भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन काम और सेहत की आदतों के लिए मददगार रहेगा। मंगल 20:19 बजे आपके तीसरे भाव में प्रवेश करता है, जिससे मेहनत और बातचीत में जोश और ताक़त का असर आता है। दिन का नक्षत्र ज्येष्ठा है, जिसका स्वामी बुध आपके पाँचवें भाव में है — इसलिए दिन में रचनात्मक कामों और संतान की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी मंगल आपके दूसरे भाव में है, जो उसे धन और परिवार से जोड़ता है। दिन का अच्छा उपयोग: कोई छोटा क़र्ज़ या विवाद शांति से सुलझाएँ।

कर्क

चंद्रमा 14:19 बजे तक आपके पाँचवें भाव में है, जो रचनात्मक कामों और संतान से जुड़ा है; फिर वह छठे भाव में आता है — काम, सेवा, सेहत की आदतें, क़र्ज़ और प्रतिस्पर्धा। चंद्रमा से पाँचवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; रचनात्मक कामों और संतान में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। मंगल 20:19 बजे आपके दूसरे भाव में प्रवेश करता है, जिससे धन और परिवार में जोश और ताक़त का असर आता है। आज के नक्षत्र ज्येष्ठा के स्वामी बुध हैं; आपकी राशि से वे चौथे भाव में हैं, जो दिन को घर-परिवार से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी मंगल आपके पहले भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग निजी मामलों से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: यदि आपकी साधना है, तो थोड़ी प्रार्थना या मंत्र-जप करें।

सिंह

चंद्रमा 14:19 बजे तक आपके चौथे भाव में है, जो घर-परिवार से जुड़ा है; फिर वह पाँचवें भाव में आता है — संतान, रचनात्मकता, बुद्धि और पुण्य। परंपरा चंद्रमा से चौथे भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए घर-परिवार को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। मंगल 20:19 बजे आपके पहले भाव में प्रवेश करता है, जिससे निजी मामलों में जोश और ताक़त का असर आता है। आज के नक्षत्र ज्येष्ठा के स्वामी बुध हैं; आपकी राशि से वे तीसरे भाव में हैं, जो दिन को मेहनत और बातचीत से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी मंगल आपके बारहवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग ख़र्च और विश्राम से आता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके पहले भाव में है — निजी मामलों की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: माँ या किसी बुज़ुर्ग के साथ इत्मीनान से समय बिताएँ।

कन्या

चंद्रमा 14:19 बजे तक आपके तीसरे भाव में है, जो मेहनत और बातचीत से जुड़ा है; फिर वह चौथे भाव में आता है — घर, माँ, संपत्ति और मन की शांति। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से तीसरे भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन मेहनत और बातचीत के लिए मददगार रहेगा। मंगल 20:19 बजे आपके बारहवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे ख़र्च और विश्राम में जोश और ताक़त का असर आता है। दिन का नक्षत्र ज्येष्ठा है, जिसका स्वामी बुध आपके दूसरे भाव में है — इसलिए दिन में धन और परिवार की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी मंगल आपके ग्यारहवें भाव में है, जो उसे लाभ और मित्रता से जोड़ता है। दिन का अच्छा उपयोग: भाई-बहन या पड़ोसी की किसी छोटी बात में मदद करें।

तुला

चंद्रमा 14:19 बजे तक आपके दूसरे भाव में है, जो धन और परिवार से जुड़ा है; फिर वह तीसरे भाव में आता है — साहस, भाई-बहन, हुनर और बातचीत। परंपरा चंद्रमा से दूसरे भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए धन और परिवार को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। मंगल 20:19 बजे आपके ग्यारहवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे लाभ और मित्रता में जोश और ताक़त का असर आता है। दिन का नक्षत्र ज्येष्ठा है, जिसका स्वामी बुध आपके पहले भाव में है — इसलिए दिन में निजी मामलों की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी मंगल आपके दसवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग करियर से आता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके ग्यारहवें भाव में है — लाभ और मित्रता की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: परिवार का कोई छोटा मामला सुलझाएँ।

वृश्चिक

चंद्रमा 14:19 बजे तक आपके पहले भाव में है, जो निजी मामलों से जुड़ा है; फिर वह दूसरे भाव में आता है — धन, परिवार, भोजन और वाणी। यह आपका जन्म-चंद्र है — चंद्रमा आपकी अपनी राशि में — जिसे परंपरा अनुकूल मानती है; मन तेज़ रहेगा, इसलिए योजनाएँ सरल रखें। मंगल 20:19 बजे आपके दसवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे करियर में जोश और ताक़त का असर आता है। आज के नक्षत्र ज्येष्ठा के स्वामी बुध हैं; आपकी राशि से वे बारहवें भाव में हैं, जो दिन को ख़र्च और विश्राम से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी मंगल आपके नौवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग पढ़ाई, आस्था और यात्रा से आता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके दसवें भाव में है — करियर की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: दिन की शुरुआत थोड़ी सैर या शांति से करें।

धनु

चंद्रमा 14:19 बजे तक आपके बारहवें भाव में है, जो ख़र्च और विश्राम से जुड़ा है; फिर वह पहले भाव में आता है — शरीर, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व। चंद्रमा से बारहवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; ख़र्च और विश्राम में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। मंगल 20:19 बजे आपके नौवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे पढ़ाई, आस्था और यात्रा में जोश और ताक़त का असर आता है। आज के नक्षत्र ज्येष्ठा के स्वामी बुध हैं; आपकी राशि से वे ग्यारहवें भाव में हैं, जो दिन को लाभ और मित्रता से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी मंगल आपके आठवें भाव में है, जो उसे साझे धन और निजी बातों से जोड़ता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके नौवें भाव में है — पढ़ाई, आस्था और यात्रा की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: ख़र्च से पहले बजट देखें।

मकर

चंद्रमा 14:19 बजे तक आपके ग्यारहवें भाव में है, जो लाभ और मित्रता से जुड़ा है; फिर वह बारहवें भाव में आता है — ख़र्च, एकांत, विदेश और मोक्ष। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से ग्यारहवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन लाभ और मित्रता के लिए मददगार रहेगा। मंगल 20:19 बजे आपके आठवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे साझे धन और निजी बातों में जोश और ताक़त का असर आता है। दिन का नक्षत्र ज्येष्ठा है, जिसका स्वामी बुध आपके दसवें भाव में है — इसलिए दिन में करियर की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी मंगल आपके सातवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग साझेदारी से आता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके आठवें भाव में है — साझे धन और निजी बातों की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: जिसका इंतज़ार था, उस पर बात आगे बढ़ाएँ।

कुंभ

चंद्रमा 14:19 बजे तक आपके दसवें भाव में है, जो करियर से जुड़ा है; फिर वह ग्यारहवें भाव में आता है — लाभ, मित्र, संपर्क और इच्छाएँ। चंद्रमा से दसवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — करियर के लिए सहायक पृष्ठभूमि। मंगल 20:19 बजे आपके सातवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे साझेदारी में जोश और ताक़त का असर आता है। दिन का नक्षत्र ज्येष्ठा है, जिसका स्वामी बुध आपके नौवें भाव में है — इसलिए दिन में पढ़ाई, आस्था और यात्रा की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी मंगल आपके छठे भाव में है, जो उसे काम और सेहत की आदतों से जोड़ता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके सातवें भाव में है — साझेदारी की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: किसी सार्वजनिक वादे को निभाएँ।

मीन

चंद्रमा 14:19 बजे तक आपके नौवें भाव में है, जो पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जुड़ा है; फिर वह दसवें भाव में आता है — करियर, पद और कर्म। परंपरा चंद्रमा से नौवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए पढ़ाई, आस्था और यात्रा को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। मंगल 20:19 बजे आपके छठे भाव में प्रवेश करता है, जिससे काम और सेहत की आदतों में जोश और ताक़त का असर आता है। आज के नक्षत्र ज्येष्ठा के स्वामी बुध हैं; आपकी राशि से वे आठवें भाव में हैं, जो दिन को साझे धन और निजी बातों से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी मंगल आपके पाँचवें भाव में है, जो उसे रचनात्मक कामों और संतान से जोड़ता है। दिन का अच्छा उपयोग: यात्रा की जल्दी के बजाय उसकी योजना बनाएँ।

इस पेज को कैसे पढ़ें

दैनिक राशिफल चंद्रमा के साथ चलता है — सबसे तेज़ चलने वाला ग्रह — और आपकी राशि से गिने गए भावों में उसकी यात्रा पढ़ता है; आकाश रोज़ बदलता है, इसलिए फल भी रोज़ बदलता है। आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं ज़्यादा सटीक है: आपका दिन आपकी जन्म-कुंडली से हर दिन का पाठ देता है, और मुफ़्त कुंडली आपकी चंद्र राशि, लग्न और चल रही दशा दिखाती है। सूर्य राशि (पश्चिमी) के राशिफल अंग्रेज़ी पेज पर हैं।

स्रोत

  1. Sunyra engine (positions verified against NASA/JPL Horizons; panchang for New Delhi)
  2. Phaladeepika of Mantreswara, ch. 26 (transits from the Moon)
  3. Muhurta Chintamani of Rama Daivajna (nakshatra classes, tithi groups)
  4. Brihat Parashara Hora Shastra, ch. 26 (graha drishti) (Santhanam)

Sunyra संपादकीय द्वारा लिखित। ज्योतिष व्याख्या की एक परंपरा है; इसे मार्गदर्शन की तरह पढ़ें, पक्की भविष्यवाणी की तरह नहीं। अस्वीकरण (Disclaimer)।

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