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संक्षेप में: चंद्रमा पूरे दिन धनु राशि में है (निरयन)। तिथि शुक्ल पक्ष की चतुर्थी है, जो 20:43 बजे पंचमी में बदलती है। दोपहर के आसपास चंद्रमा मूल नक्षत्र में है, जिसके देवता निऋति हैं; यह तीक्ष्ण नक्षत्र है, जो परंपरा से पूरे हो चुके कामों को समेटने, खोज और सफ़ाई के लिए अच्छा माना जाता है। इस राशि पर गुरु की पाँचवीं दृष्टि और शनि की दसवीं दृष्टि है — जिसे परंपरा रक्षा करने वाली मानती है और जो गंभीरता और धीरज की माँग जोड़ती है। विष्टि करण (भद्रा), जिसे पंचांग शुभ शुरुआत के लिए टालते हैं, 07:24 से 20:43 बजे तक रहेगा। रिक्ता तिथि परंपरा से शुरू करने के बजाय समेटने और पूरा करने के लिए रखी जाती है।

आज का पंचांग

वार शुक्रवार — स्वामी शुक्र
तिथि शुक्ल पक्ष: चतुर्थी 20:43 तक; फिर पंचमी (सूर्योदय पर रिक्ता तिथि)
नक्षत्र मूल 17:17 तक; फिर पूर्वाषाढ़ा
योग धृति 14 नवंबर, 05:23 तक; फिर शूल
करण वणिज 07:24 तक; विष्टि (भद्रा) 20:43 तक; फिर बव
चंद्र राशि (निरयन) धनु
वक्री / मार्गी बुध 21:23 बजे मार्गी (तुला राशि में)
वक्री ग्रह बुध, शुक्र और शनि
सूर्योदय / सूर्यास्त 06:41 / 17:28 (नई दिल्ली)
राहु काल 10:44–12:05 (नई दिल्ली)

राहु काल शुक्रवार को दिनमान के आठ बराबर भागों में से चौथा भाग है, जो स्थानीय सूर्योदय से गिना जाता है — इसलिए इसका समय आपके शहर पर निर्भर करता है: आज नई दिल्ली में यह 10:44–12:05 बजे तक है। बहुत-से परिवार इसमें नया काम शुरू नहीं करते; अपने शहर का समय हिंदी पंचांग पर देखें।

चंद्र राशि के अनुसार राशिफल

मेष

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके नौवें भाव में बिताता है — भाग्य, आस्था, गुरु और लंबी यात्राएँ। चंद्रमा से नौवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; पढ़ाई, आस्था और यात्रा में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। बुध आज आपके सातवें भाव में मार्गी होता है — साझेदारी में काम फिर आगे बढ़ सकते हैं। दिन का नक्षत्र मूल है, जिसका स्वामी केतु आपके पाँचवें भाव में है — इसलिए दिन में रचनात्मक कामों और संतान की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी गुरु आपके पाँचवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग रचनात्मक कामों और संतान से आता है। आज शुक्रवार है, जिसका स्वामी शुक्र आपके छठे भाव में है — काम और सेहत की आदतों की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: किसी ऐसे गुरु को पढ़ें या सुनें जिनका आप आदर करते हैं।

वृषभ

पूरे दिन चंद्रमा आपके आठवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं परिवर्तन, साझा धन और गुप्त बातें। वृषभ चंद्र राशि वालों के लिए यह चंद्राष्टम है (पूरे दिन): पंचांग की परंपरा ज़रूरी नई शुरुआत किसी और दिन के लिए रखती है, इसलिए साझे धन और निजी बातों में धीरे चलें। बुध आज आपके छठे भाव में मार्गी होता है — काम और सेहत की आदतों में काम फिर आगे बढ़ सकते हैं। दिन का नक्षत्र मूल है, जिसका स्वामी केतु आपके चौथे भाव में है — इसलिए दिन में घर-परिवार की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी गुरु आपके चौथे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग घर-परिवार से आता है। आज शुक्रवार है, जिसका स्वामी शुक्र आपके पाँचवें भाव में है — रचनात्मक कामों और संतान की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: योजनाएँ छोटी रखें और जो शुरू है उसे पूरा करें।

मिथुन

पूरे दिन चंद्रमा आपके सातवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं विवाह, साथी और अनुबंध। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से सातवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन साझेदारी के लिए मददगार रहेगा। बुध आज आपके पाँचवें भाव में मार्गी होता है — रचनात्मक कामों और संतान में काम फिर आगे बढ़ सकते हैं। दिन का नक्षत्र मूल है, जिसका स्वामी केतु आपके तीसरे भाव में है — इसलिए दिन में मेहनत और बातचीत की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी गुरु आपके तीसरे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग मेहनत और बातचीत से आता है। आज शुक्रवार है, जिसका स्वामी शुक्र आपके चौथे भाव में है — घर-परिवार की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: किसी समझौते की शर्तें दस्तख़त से पहले पढ़ें।

कर्क

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके छठे भाव में बिताता है — काम, सेवा, सेहत की आदतें, क़र्ज़ और प्रतिस्पर्धा। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से छठे भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन काम और सेहत की आदतों के लिए मददगार रहेगा। बुध आज आपके चौथे भाव में मार्गी होता है — घर-परिवार में काम फिर आगे बढ़ सकते हैं। आज के नक्षत्र मूल के स्वामी केतु हैं; आपकी राशि से वे दूसरे भाव में हैं, जो दिन को धन और परिवार से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी गुरु आपके दूसरे भाव में है, जो उसे धन और परिवार से जोड़ता है। आज शुक्रवार है, जिसका स्वामी शुक्र आपके तीसरे भाव में है — मेहनत और बातचीत की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: कोई छोटा क़र्ज़ या विवाद शांति से सुलझाएँ।

सिंह

पूरे दिन चंद्रमा आपके पाँचवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं संतान, रचनात्मकता, बुद्धि और पुण्य। परंपरा चंद्रमा से पाँचवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए रचनात्मक कामों और संतान को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। बुध आज आपके तीसरे भाव में मार्गी होता है — मेहनत और बातचीत में काम फिर आगे बढ़ सकते हैं। दिन का नक्षत्र मूल है, जिसका स्वामी केतु आपके पहले भाव में है — इसलिए दिन में निजी मामलों की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी गुरु आपके पहले भाव में है, जो उसे निजी मामलों से जोड़ता है। आज शुक्रवार है, जिसका स्वामी शुक्र आपके दूसरे भाव में है — धन और परिवार की ओर एक हल्का इशारा। आपके आठवें भाव से शनि का गोचर साझे धन और निजी बातों में सावधानी माँगता है। दिन का अच्छा उपयोग: यदि आपकी साधना है, तो थोड़ी प्रार्थना या मंत्र-जप करें।

कन्या

पूरे दिन चंद्रमा आपके चौथे भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं घर, माँ, संपत्ति और मन की शांति। चंद्रमा से चौथे भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; घर-परिवार में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। बुध आज आपके दूसरे भाव में मार्गी होता है — धन और परिवार में काम फिर आगे बढ़ सकते हैं। दिन का नक्षत्र मूल है, जिसका स्वामी केतु आपके बारहवें भाव में है — इसलिए दिन में ख़र्च और विश्राम की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी गुरु आपके बारहवें भाव में है, जो उसे ख़र्च और विश्राम से जोड़ता है। आज शुक्रवार है, जिसका स्वामी शुक्र आपके पहले भाव में है — निजी मामलों की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: शाम घर पर आराम के लिए रखें।

तुला

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके तीसरे भाव में बिताता है — साहस, भाई-बहन, हुनर और बातचीत। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से तीसरे भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन मेहनत और बातचीत के लिए मददगार रहेगा। बुध आज आपके पहले भाव में मार्गी होता है — निजी मामलों में काम फिर आगे बढ़ सकते हैं। दिन का नक्षत्र मूल है, जिसका स्वामी केतु आपके ग्यारहवें भाव में है — इसलिए दिन में लाभ और मित्रता की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी गुरु आपके ग्यारहवें भाव में है, जो उसे लाभ और मित्रता से जोड़ता है। आज शुक्रवार है, जिसका स्वामी शुक्र आपके बारहवें भाव में है — ख़र्च और विश्राम की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: आधा घंटा किसी हुनर के अभ्यास में लगाएँ।

वृश्चिक

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके दूसरे भाव में बिताता है — धन, परिवार, भोजन और वाणी। चंद्रमा से दूसरे भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; धन और परिवार में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। बुध आज आपके बारहवें भाव में मार्गी होता है — ख़र्च और विश्राम में काम फिर आगे बढ़ सकते हैं। आज के नक्षत्र मूल के स्वामी केतु हैं; आपकी राशि से वे दसवें भाव में हैं, जो दिन को करियर से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी गुरु आपके दसवें भाव में है, जो उसे करियर से जोड़ता है। आज शुक्रवार है, जिसका स्वामी शुक्र आपके ग्यारहवें भाव में है — लाभ और मित्रता की ओर एक हल्का इशारा। पृष्ठभूमि में गुरु आपके दसवें भाव में है, इसलिए उसकी मदद मेहनत के रास्ते आती है। दिन का अच्छा उपयोग: शब्द सोच-समझकर चुनें; आज वाणी का वज़न है।

धनु

पूरे दिन चंद्रमा आपके पहले भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं शरीर, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व। आज चंद्रमा आपकी अपनी राशि में है, परंपरा से शुभ पर कोमल समय: जो कहना है साफ़ कहें और चाल धीमी रखें। बुध आज आपके ग्यारहवें भाव में मार्गी होता है — लाभ और मित्रता में काम फिर आगे बढ़ सकते हैं। दिन का नक्षत्र मूल है, जिसका स्वामी केतु आपके नौवें भाव में है — इसलिए दिन में पढ़ाई, आस्था और यात्रा की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी गुरु आपके नौवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग पढ़ाई, आस्था और यात्रा से आता है। आज शुक्रवार है, जिसका स्वामी शुक्र आपके दसवें भाव में है — करियर की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: दिन की शुरुआत थोड़ी सैर या शांति से करें।

मकर

पूरे दिन चंद्रमा आपके बारहवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं ख़र्च, एकांत, विदेश और मोक्ष। चंद्रमा से बारहवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; ख़र्च और विश्राम में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। बुध आज आपके दसवें भाव में मार्गी होता है — करियर में काम फिर आगे बढ़ सकते हैं। दिन का नक्षत्र मूल है, जिसका स्वामी केतु आपके आठवें भाव में है — इसलिए दिन में साझे धन और निजी बातों की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी गुरु आपके आठवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग साझे धन और निजी बातों से आता है। आज शुक्रवार है, जिसका स्वामी शुक्र आपके नौवें भाव में है — पढ़ाई, आस्था और यात्रा की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: ख़र्च से पहले बजट देखें।

कुंभ

पूरे दिन चंद्रमा आपके ग्यारहवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं लाभ, मित्र, संपर्क और इच्छाएँ। चंद्रमा से ग्यारहवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — लाभ और मित्रता के लिए सहायक पृष्ठभूमि। बुध आज आपके नौवें भाव में मार्गी होता है — पढ़ाई, आस्था और यात्रा में काम फिर आगे बढ़ सकते हैं। दिन का नक्षत्र मूल है, जिसका स्वामी केतु आपके सातवें भाव में है — इसलिए दिन में साझेदारी की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी गुरु आपके सातवें भाव में है, जो उसे साझेदारी से जोड़ता है। आज शुक्रवार है, जिसका स्वामी शुक्र आपके आठवें भाव में है — साझे धन और निजी बातों की ओर एक हल्का इशारा। आपके सातवें भाव में मंगल साझेदारी में ऊर्जा डालता है। दिन का अच्छा उपयोग: जिसका इंतज़ार था, उस पर बात आगे बढ़ाएँ।

मीन

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके दसवें भाव में बिताता है — करियर, पद और कर्म। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से दसवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन करियर के लिए मददगार रहेगा। बुध आज आपके आठवें भाव में मार्गी होता है — साझे धन और निजी बातों में काम फिर आगे बढ़ सकते हैं। दिन का नक्षत्र मूल है, जिसका स्वामी केतु आपके छठे भाव में है — इसलिए दिन में काम और सेहत की आदतों की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी गुरु आपके छठे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग काम और सेहत की आदतों से आता है। आज शुक्रवार है, जिसका स्वामी शुक्र आपके सातवें भाव में है — साझेदारी की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: दिन का सबसे अच्छा घंटा अपने मुख्य काम को दें।

इस पेज को कैसे पढ़ें

दैनिक राशिफल चंद्रमा के साथ चलता है — सबसे तेज़ चलने वाला ग्रह — और आपकी राशि से गिने गए भावों में उसकी यात्रा पढ़ता है; आकाश रोज़ बदलता है, इसलिए फल भी रोज़ बदलता है। आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं ज़्यादा सटीक है: आपका दिन आपकी जन्म-कुंडली से हर दिन का पाठ देता है, और मुफ़्त कुंडली आपकी चंद्र राशि, लग्न और चल रही दशा दिखाती है। सूर्य राशि (पश्चिमी) के राशिफल अंग्रेज़ी पेज पर हैं।

स्रोत

  1. Sunyra engine (positions verified against NASA/JPL Horizons; panchang for New Delhi)
  2. Phaladeepika of Mantreswara, ch. 26 (transits from the Moon)
  3. Muhurta Chintamani of Rama Daivajna (nakshatra classes, tithi groups)
  4. Brihat Parashara Hora Shastra, ch. 26 (graha drishti) (Santhanam)

Sunyra संपादकीय द्वारा लिखित। ज्योतिष व्याख्या की एक परंपरा है; इसे मार्गदर्शन की तरह पढ़ें, पक्की भविष्यवाणी की तरह नहीं। अस्वीकरण (Disclaimer)।

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