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संक्षेप में: चंद्रमा 03:11 बजे तक धनु राशि में है, फिर मकर में (निरयन)। तिथि शुक्ल पक्ष की षष्ठी है, जो 16 नवंबर, 02:01 बजे सप्तमी में बदलती है। दोपहर के आसपास चंद्रमा उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में है, जिसके देवता विश्वेदेव हैं; यह ध्रुव (स्थिर) नक्षत्र है, जो परंपरा से स्थायी शुरुआतों — नींव, समझौते, रोपण — के लिए चुना जाता है। गण्ड योग मुहूर्त-ग्रंथों में नए काम की शुरुआत के लिए टाला जाता है; रोज़ का काम सामान्य रूप से चलता है।

आज का पंचांग

वार रविवार — स्वामी सूर्य
तिथि शुक्ल पक्ष: षष्ठी 16 नवंबर, 02:01 तक; फिर सप्तमी (सूर्योदय पर नंदा तिथि)
नक्षत्र उत्तराषाढ़ा 23:29 तक; फिर श्रवण
योग फिर गण्ड
करण कौलव 12:44 तक; तैतिल 16 नवंबर, 02:01 तक; फिर गर
चंद्र राशि (निरयन) धनु; 03:11 बजे से मकर
वक्री ग्रह शनि
सूर्योदय / सूर्यास्त 06:43 / 17:27 (नई दिल्ली)
राहु काल 16:07–17:27 (नई दिल्ली)

राहु काल रविवार को दिनमान के आठ बराबर भागों में से आठवाँ भाग है, जो स्थानीय सूर्योदय से गिना जाता है — इसलिए इसका समय आपके शहर पर निर्भर करता है: आज नई दिल्ली में यह 16:07–17:27 बजे तक है। बहुत-से परिवार इसमें नया काम शुरू नहीं करते; अपने शहर का समय हिंदी पंचांग पर देखें।

चंद्र राशि के अनुसार राशिफल

मेष

चंद्रमा 03:11 बजे तक आपके नौवें भाव में है, जो पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जुड़ा है; फिर वह दसवें भाव में आता है — करियर, पद और कर्म। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से दसवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन करियर के लिए मददगार रहेगा। दिन का नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है, जिसका स्वामी सूर्य आपके सातवें भाव में है — इसलिए दिन में साझेदारी की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी शनि आपके बारहवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग ख़र्च और विश्राम से आता है। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके सातवें भाव में है — साझेदारी की ओर एक हल्का इशारा। पृष्ठभूमि में गुरु आपके पाँचवें भाव में है, जो एक सहायक स्थिति है। दिन का अच्छा उपयोग: हफ़्ते के कामों को व्यवस्थित करें।

वृषभ

चंद्रमा 03:11 बजे तक आपके आठवें भाव में है, जो साझे धन और निजी बातों से जुड़ा है; फिर वह नौवें भाव में आता है — भाग्य, आस्था, गुरु और लंबी यात्राएँ। चंद्रमा से नौवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; पढ़ाई, आस्था और यात्रा में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। चंद्राष्टम 03:11 बजे समाप्त होता है, इसलिए नई शुरुआत उसके बाद करें। दिन का नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है, जिसका स्वामी सूर्य आपके छठे भाव में है — इसलिए दिन में काम और सेहत की आदतों की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शनि आपके ग्यारहवें भाव में है, जो उसे लाभ और मित्रता से जोड़ता है। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके छठे भाव में है — काम और सेहत की आदतों की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: यात्रा की जल्दी के बजाय उसकी योजना बनाएँ।

मिथुन

चंद्रमा 03:11 बजे तक आपके सातवें भाव में है, जो साझेदारी से जुड़ा है; फिर वह आठवें भाव में आता है — परिवर्तन, साझा धन और गुप्त बातें। मिथुन चंद्र राशि वालों के लिए यह चंद्राष्टम है (03:11 बजे से): पंचांग की परंपरा ज़रूरी नई शुरुआत किसी और दिन के लिए रखती है, इसलिए साझे धन और निजी बातों में धीरे चलें। दिन का नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है, जिसका स्वामी सूर्य आपके पाँचवें भाव में है — इसलिए दिन में रचनात्मक कामों और संतान की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शनि आपके दसवें भाव में है, जो उसे करियर से जोड़ता है। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके पाँचवें भाव में है — रचनात्मक कामों और संतान की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: योजनाएँ छोटी रखें और जो शुरू है उसे पूरा करें।

कर्क

चंद्रमा 03:11 बजे तक आपके छठे भाव में है, जो काम और सेहत की आदतों से जुड़ा है; फिर वह सातवें भाव में आता है — विवाह, साथी और अनुबंध। चंद्रमा से सातवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — साझेदारी के लिए सहायक पृष्ठभूमि। आज के नक्षत्र उत्तराषाढ़ा के स्वामी सूर्य हैं; आपकी राशि से वे चौथे भाव में हैं, जो दिन को घर-परिवार से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शनि आपके नौवें भाव में है, जो उसे पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जोड़ता है। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके चौथे भाव में है — घर-परिवार की ओर एक हल्का इशारा। शनि धीरे-धीरे आपके नौवें भाव से गुज़र रहा है और पढ़ाई, आस्था और यात्रा में धीरज माँगता है। दिन का अच्छा उपयोग: साथी की बात बोलने से ज़्यादा सुनें।

सिंह

चंद्रमा 03:11 बजे तक आपके पाँचवें भाव में है, जो रचनात्मक कामों और संतान से जुड़ा है; फिर वह छठे भाव में आता है — काम, सेवा, सेहत की आदतें, क़र्ज़ और प्रतिस्पर्धा। चंद्रमा से छठे भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — काम और सेहत की आदतों के लिए सहायक पृष्ठभूमि। आज के नक्षत्र उत्तराषाढ़ा के स्वामी सूर्य हैं; आपकी राशि से वे तीसरे भाव में हैं, जो दिन को मेहनत और बातचीत से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी शनि आपके आठवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग साझे धन और निजी बातों से आता है। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके तीसरे भाव में है — मेहनत और बातचीत की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: कोई छोटा क़र्ज़ या विवाद शांति से सुलझाएँ।

कन्या

चंद्रमा 03:11 बजे तक आपके चौथे भाव में है, जो घर-परिवार से जुड़ा है; फिर वह पाँचवें भाव में आता है — संतान, रचनात्मकता, बुद्धि और पुण्य। परंपरा चंद्रमा से पाँचवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए रचनात्मक कामों और संतान को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। दिन का नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है, जिसका स्वामी सूर्य आपके दूसरे भाव में है — इसलिए दिन में धन और परिवार की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शनि आपके सातवें भाव में है, जो उसे साझेदारी से जोड़ता है। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके दूसरे भाव में है — धन और परिवार की ओर एक हल्का इशारा। आपके बारहवें भाव में मंगल ख़र्च और विश्राम में ऊर्जा डालता है। दिन का अच्छा उपयोग: यदि आपकी साधना है, तो थोड़ी प्रार्थना या मंत्र-जप करें।

तुला

चंद्रमा 03:11 बजे तक आपके तीसरे भाव में है, जो मेहनत और बातचीत से जुड़ा है; फिर वह चौथे भाव में आता है — घर, माँ, संपत्ति और मन की शांति। चंद्रमा से चौथे भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; घर-परिवार में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। दिन का नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है, जिसका स्वामी सूर्य आपके पहले भाव में है — इसलिए दिन में निजी मामलों की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी शनि आपके छठे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग काम और सेहत की आदतों से आता है। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके पहले भाव में है — निजी मामलों की ओर एक हल्का इशारा। पृष्ठभूमि में गुरु आपके ग्यारहवें भाव में है, जो एक सहायक स्थिति है। दिन का अच्छा उपयोग: माँ या किसी बुज़ुर्ग के साथ इत्मीनान से समय बिताएँ।

वृश्चिक

चंद्रमा 03:11 बजे तक आपके दूसरे भाव में है, जो धन और परिवार से जुड़ा है; फिर वह तीसरे भाव में आता है — साहस, भाई-बहन, हुनर और बातचीत। चंद्रमा से तीसरे भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — मेहनत और बातचीत के लिए सहायक पृष्ठभूमि। आज के नक्षत्र उत्तराषाढ़ा के स्वामी सूर्य हैं; आपकी राशि से वे बारहवें भाव में हैं, जो दिन को ख़र्च और विश्राम से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शनि आपके पाँचवें भाव में है, जो उसे रचनात्मक कामों और संतान से जोड़ता है। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके बारहवें भाव में है — ख़र्च और विश्राम की ओर एक हल्का इशारा। पृष्ठभूमि में गुरु आपके दसवें भाव में है, इसलिए उसकी मदद मेहनत के रास्ते आती है। दिन का अच्छा उपयोग: जो संदेश या फ़ोन टाल रहे थे, आज कर लें।

धनु

चंद्रमा 03:11 बजे तक आपके पहले भाव में है, जो निजी मामलों से जुड़ा है; फिर वह दूसरे भाव में आता है — धन, परिवार, भोजन और वाणी। चंद्रमा से दूसरे भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; धन और परिवार में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। दिन का नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है, जिसका स्वामी सूर्य आपके ग्यारहवें भाव में है — इसलिए दिन में लाभ और मित्रता की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शनि आपके चौथे भाव में है, जो उसे घर-परिवार से जोड़ता है। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके ग्यारहवें भाव में है — लाभ और मित्रता की ओर एक हल्का इशारा। आपके नौवें भाव में मंगल पढ़ाई, आस्था और यात्रा में ऊर्जा डालता है। दिन का अच्छा उपयोग: परिवार का कोई छोटा मामला सुलझाएँ।

मकर

चंद्रमा 03:11 बजे तक आपके बारहवें भाव में है, जो ख़र्च और विश्राम से जुड़ा है; फिर वह पहले भाव में आता है — शरीर, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व। यह आपका जन्म-चंद्र है — चंद्रमा आपकी अपनी राशि में — जिसे परंपरा अनुकूल मानती है; मन तेज़ रहेगा, इसलिए योजनाएँ सरल रखें। आज के नक्षत्र उत्तराषाढ़ा के स्वामी सूर्य हैं; आपकी राशि से वे दसवें भाव में हैं, जो दिन को करियर से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शनि आपके तीसरे भाव में है, जो उसे मेहनत और बातचीत से जोड़ता है। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके दसवें भाव में है — करियर की ओर एक हल्का इशारा। शनि धीरे-धीरे आपके तीसरे भाव से गुज़र रहा है और वहाँ धैर्य भरी मेहनत का फल देता है। दिन का अच्छा उपयोग: दिन की शुरुआत थोड़ी सैर या शांति से करें।

कुंभ

चंद्रमा 03:11 बजे तक आपके ग्यारहवें भाव में है, जो लाभ और मित्रता से जुड़ा है; फिर वह बारहवें भाव में आता है — ख़र्च, एकांत, विदेश और मोक्ष। चंद्रमा से बारहवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; ख़र्च और विश्राम में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। आज के नक्षत्र उत्तराषाढ़ा के स्वामी सूर्य हैं; आपकी राशि से वे नौवें भाव में हैं, जो दिन को पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शनि आपके दूसरे भाव में है, जो उसे धन और परिवार से जोड़ता है। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके नौवें भाव में है — पढ़ाई, आस्था और यात्रा की ओर एक हल्का इशारा। आपके दूसरे भाव में शनि के कारण साढ़े साती चल रही है, इसलिए सधी हुई, सरल दिनचर्या मदद करती है। दिन का अच्छा उपयोग: ख़र्च से पहले बजट देखें।

मीन

चंद्रमा 03:11 बजे तक आपके दसवें भाव में है, जो करियर से जुड़ा है; फिर वह ग्यारहवें भाव में आता है — लाभ, मित्र, संपर्क और इच्छाएँ। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से ग्यारहवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन लाभ और मित्रता के लिए मददगार रहेगा। दिन का नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है, जिसका स्वामी सूर्य आपके आठवें भाव में है — इसलिए दिन में साझे धन और निजी बातों की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शनि आपके पहले भाव में है, जो उसे निजी मामलों से जोड़ता है। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके आठवें भाव में है — साझे धन और निजी बातों की ओर एक हल्का इशारा। पृष्ठभूमि में गुरु आपके छठे भाव में है, इसलिए उसकी मदद मेहनत के रास्ते आती है। दिन का अच्छा उपयोग: अपनी अच्छी ख़बर अपने लोगों से बाँटें।

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दैनिक राशिफल चंद्रमा के साथ चलता है — सबसे तेज़ चलने वाला ग्रह — और आपकी राशि से गिने गए भावों में उसकी यात्रा पढ़ता है; आकाश रोज़ बदलता है, इसलिए फल भी रोज़ बदलता है। आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं ज़्यादा सटीक है: आपका दिन आपकी जन्म-कुंडली से हर दिन का पाठ देता है, और मुफ़्त कुंडली आपकी चंद्र राशि, लग्न और चल रही दशा दिखाती है। सूर्य राशि (पश्चिमी) के राशिफल अंग्रेज़ी पेज पर हैं।

स्रोत

  1. Sunyra engine (positions verified against NASA/JPL Horizons; panchang for New Delhi)
  2. Phaladeepika of Mantreswara, ch. 26 (transits from the Moon)
  3. Muhurta Chintamani of Rama Daivajna (nakshatra classes, tithi groups)
  4. Brihat Parashara Hora Shastra, ch. 26 (graha drishti) (Santhanam)

Sunyra संपादकीय द्वारा लिखित। ज्योतिष व्याख्या की एक परंपरा है; इसे मार्गदर्शन की तरह पढ़ें, पक्की भविष्यवाणी की तरह नहीं। अस्वीकरण (Disclaimer)।

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