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संक्षेप में: चंद्रमा 15:30 बजे तक मकर राशि में है, फिर कुंभ में (निरयन)। तिथि शुक्ल पक्ष की अष्टमी है, जो 18 नवंबर, 06:05 बजे नवमी में बदलती है। दोपहर के आसपास चंद्रमा धनिष्ठा नक्षत्र में है, जिसके देवता अष्ट वसु हैं; यह चर नक्षत्र है, जो परंपरा से यात्रा, भाग-दौड़ और फेरबदल के लिए अच्छा माना जाता है। विष्टि करण (भद्रा), जिसे पंचांग शुभ शुरुआत के लिए टालते हैं, 04:20 से 17:17 बजे तक रहेगा।
आज का पंचांग
| वार | मंगलवार — स्वामी मंगल |
| तिथि | शुक्ल पक्ष: अष्टमी 18 नवंबर, 06:05 तक; फिर नवमी (सूर्योदय पर जया तिथि) |
| नक्षत्र | धनिष्ठा 18 नवंबर, 04:34 तक; फिर शतभिषा |
| योग | वृद्धि 07:54 तक; फिर ध्रुव |
| करण | विष्टि (भद्रा) 17:17 तक; बव 18 नवंबर, 06:05 तक; फिर बालव |
| चंद्र राशि (निरयन) | मकर; 15:30 बजे से कुंभ |
| वक्री ग्रह | शनि |
| सूर्योदय / सूर्यास्त | 06:45 / 17:26 (नई दिल्ली) |
| राहु काल | 14:46–16:06 (नई दिल्ली) |
राहु काल मंगलवार को दिनमान के आठ बराबर भागों में से सातवाँ भाग है, जो स्थानीय सूर्योदय से गिना जाता है — इसलिए इसका समय आपके शहर पर निर्भर करता है: आज नई दिल्ली में यह 14:46–16:06 बजे तक है। बहुत-से परिवार इसमें नया काम शुरू नहीं करते; अपने शहर का समय हिंदी पंचांग पर देखें।
चंद्र राशि के अनुसार राशिफल
मेष
चंद्रमा 15:30 बजे तक आपके दसवें भाव में है, जो करियर से जुड़ा है; फिर वह ग्यारहवें भाव में आता है — लाभ, मित्र, संपर्क और इच्छाएँ। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से दसवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन करियर के लिए मददगार रहेगा। आज के नक्षत्र धनिष्ठा के स्वामी मंगल हैं; आपकी राशि से वे पाँचवें भाव में हैं, जो दिन को रचनात्मक कामों और संतान से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी शनि आपके बारहवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग ख़र्च और विश्राम से आता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके पाँचवें भाव में है — रचनात्मक कामों और संतान की ओर एक हल्का इशारा। आपके पाँचवें भाव में मंगल रचनात्मक कामों और संतान में ऊर्जा डालता है। दिन का अच्छा उपयोग: किसी सार्वजनिक वादे को निभाएँ।
वृषभ
चंद्रमा 15:30 बजे तक आपके नौवें भाव में है, जो पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जुड़ा है; फिर वह दसवें भाव में आता है — करियर, पद और कर्म। चंद्रमा से नौवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; पढ़ाई, आस्था और यात्रा में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। दिन का नक्षत्र धनिष्ठा है, जिसका स्वामी मंगल आपके चौथे भाव में है — इसलिए दिन में घर-परिवार की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी शनि आपके ग्यारहवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग लाभ और मित्रता से आता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके चौथे भाव में है — घर-परिवार की ओर एक हल्का इशारा। शनि धीरे-धीरे आपके ग्यारहवें भाव से गुज़र रहा है और वहाँ धैर्य भरी मेहनत का फल देता है। दिन का अच्छा उपयोग: किसी ऐसे गुरु को पढ़ें या सुनें जिनका आप आदर करते हैं।
मिथुन
चंद्रमा 15:30 बजे तक आपके आठवें भाव में है, जो साझे धन और निजी बातों से जुड़ा है; फिर वह नौवें भाव में आता है — भाग्य, आस्था, गुरु और लंबी यात्राएँ। मिथुन चंद्र राशि वालों के लिए यह चंद्राष्टम है (15:30 बजे तक): पंचांग की परंपरा ज़रूरी नई शुरुआत किसी और दिन के लिए रखती है, इसलिए साझे धन और निजी बातों में धीरे चलें। आज के नक्षत्र धनिष्ठा के स्वामी मंगल हैं; आपकी राशि से वे तीसरे भाव में हैं, जो दिन को मेहनत और बातचीत से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी शनि आपके दसवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग करियर से आता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके तीसरे भाव में है — मेहनत और बातचीत की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: साझे पैसे के जोखिम भरे फ़ैसले टालें।
कर्क
चंद्रमा 15:30 बजे तक आपके सातवें भाव में है, जो साझेदारी से जुड़ा है; फिर वह आठवें भाव में आता है — परिवर्तन, साझा धन और गुप्त बातें। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से सातवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन साझेदारी के लिए मददगार रहेगा। चंद्राष्टम 15:30 बजे शुरू होता है, इसलिए नई शुरुआत उसके पहले करें। आज के नक्षत्र धनिष्ठा के स्वामी मंगल हैं; आपकी राशि से वे दूसरे भाव में हैं, जो दिन को धन और परिवार से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शनि आपके नौवें भाव में है, जो उसे पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जोड़ता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके दूसरे भाव में है — धन और परिवार की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: साथी की बात बोलने से ज़्यादा सुनें।
सिंह
चंद्रमा 15:30 बजे तक आपके छठे भाव में है, जो काम और सेहत की आदतों से जुड़ा है; फिर वह सातवें भाव में आता है — विवाह, साथी और अनुबंध। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से छठे भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन काम और सेहत की आदतों के लिए मददगार रहेगा। दिन का नक्षत्र धनिष्ठा है, जिसका स्वामी मंगल आपके पहले भाव में है — इसलिए दिन में निजी मामलों की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शनि आपके आठवें भाव में है, जो उसे साझे धन और निजी बातों से जोड़ता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके पहले भाव में है — निजी मामलों की ओर एक हल्का इशारा। आपके आठवें भाव से शनि का गोचर साझे धन और निजी बातों में सावधानी माँगता है। दिन का अच्छा उपयोग: कोई छोटा क़र्ज़ या विवाद शांति से सुलझाएँ।
कन्या
चंद्रमा 15:30 बजे तक आपके पाँचवें भाव में है, जो रचनात्मक कामों और संतान से जुड़ा है; फिर वह छठे भाव में आता है — काम, सेवा, सेहत की आदतें, क़र्ज़ और प्रतिस्पर्धा। परंपरा चंद्रमा से पाँचवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए रचनात्मक कामों और संतान को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। दिन का नक्षत्र धनिष्ठा है, जिसका स्वामी मंगल आपके बारहवें भाव में है — इसलिए दिन में ख़र्च और विश्राम की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी शनि आपके सातवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग साझेदारी से आता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके बारहवें भाव में है — ख़र्च और विश्राम की ओर एक हल्का इशारा। शनि धीरे-धीरे आपके सातवें भाव से गुज़र रहा है और साझेदारी में धीरज माँगता है। दिन का अच्छा उपयोग: मन को कुछ अच्छा पढ़ने दें।
तुला
चंद्रमा 15:30 बजे तक आपके चौथे भाव में है, जो घर-परिवार से जुड़ा है; फिर वह पाँचवें भाव में आता है — संतान, रचनात्मकता, बुद्धि और पुण्य। परंपरा चंद्रमा से चौथे भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए घर-परिवार को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। आज के नक्षत्र धनिष्ठा के स्वामी मंगल हैं; आपकी राशि से वे ग्यारहवें भाव में हैं, जो दिन को लाभ और मित्रता से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शनि आपके छठे भाव में है, जो उसे काम और सेहत की आदतों से जोड़ता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके ग्यारहवें भाव में है — लाभ और मित्रता की ओर एक हल्का इशारा। पृष्ठभूमि में गुरु आपके ग्यारहवें भाव में है, जो एक सहायक स्थिति है। दिन का अच्छा उपयोग: घर का एक कोना सहेजें।
वृश्चिक
चंद्रमा 15:30 बजे तक आपके तीसरे भाव में है, जो मेहनत और बातचीत से जुड़ा है; फिर वह चौथे भाव में आता है — घर, माँ, संपत्ति और मन की शांति। चंद्रमा से तीसरे भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — मेहनत और बातचीत के लिए सहायक पृष्ठभूमि। आज के नक्षत्र धनिष्ठा के स्वामी मंगल हैं; आपकी राशि से वे दसवें भाव में हैं, जो दिन को करियर से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शनि आपके पाँचवें भाव में है, जो उसे रचनात्मक कामों और संतान से जोड़ता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके दसवें भाव में है — करियर की ओर एक हल्का इशारा। शनि धीरे-धीरे आपके पाँचवें भाव से गुज़र रहा है और रचनात्मक कामों और संतान में धीरज माँगता है। दिन का अच्छा उपयोग: आधा घंटा किसी हुनर के अभ्यास में लगाएँ।
धनु
चंद्रमा 15:30 बजे तक आपके दूसरे भाव में है, जो धन और परिवार से जुड़ा है; फिर वह तीसरे भाव में आता है — साहस, भाई-बहन, हुनर और बातचीत। चंद्रमा से दूसरे भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; धन और परिवार में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। आज के नक्षत्र धनिष्ठा के स्वामी मंगल हैं; आपकी राशि से वे नौवें भाव में हैं, जो दिन को पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी शनि आपके चौथे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग घर-परिवार से आता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके नौवें भाव में है — पढ़ाई, आस्था और यात्रा की ओर एक हल्का इशारा। आपके चौथे भाव से शनि का गोचर घर-परिवार में सावधानी माँगता है। दिन का अच्छा उपयोग: परिवार का कोई छोटा मामला सुलझाएँ।
मकर
चंद्रमा 15:30 बजे तक आपके पहले भाव में है, जो निजी मामलों से जुड़ा है; फिर वह दूसरे भाव में आता है — धन, परिवार, भोजन और वाणी। यह आपका जन्म-चंद्र है — चंद्रमा आपकी अपनी राशि में — जिसे परंपरा अनुकूल मानती है; मन तेज़ रहेगा, इसलिए योजनाएँ सरल रखें। दिन का नक्षत्र धनिष्ठा है, जिसका स्वामी मंगल आपके आठवें भाव में है — इसलिए दिन में साझे धन और निजी बातों की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी शनि आपके तीसरे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग मेहनत और बातचीत से आता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके आठवें भाव में है — साझे धन और निजी बातों की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: वह एक काम करें जो सचमुच आपका है।
कुंभ
चंद्रमा 15:30 बजे तक आपके बारहवें भाव में है, जो ख़र्च और विश्राम से जुड़ा है; फिर वह पहले भाव में आता है — शरीर, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व। चंद्रमा से बारहवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; ख़र्च और विश्राम में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। दिन का नक्षत्र धनिष्ठा है, जिसका स्वामी मंगल आपके सातवें भाव में है — इसलिए दिन में साझेदारी की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी शनि आपके दूसरे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग धन और परिवार से आता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके सातवें भाव में है — साझेदारी की ओर एक हल्का इशारा। आपके दूसरे भाव में शनि के कारण साढ़े साती चल रही है, इसलिए सधी हुई, सरल दिनचर्या मदद करती है। दिन का अच्छा उपयोग: ख़र्च से पहले बजट देखें।
मीन
चंद्रमा 15:30 बजे तक आपके ग्यारहवें भाव में है, जो लाभ और मित्रता से जुड़ा है; फिर वह बारहवें भाव में आता है — ख़र्च, एकांत, विदेश और मोक्ष। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से ग्यारहवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन लाभ और मित्रता के लिए मददगार रहेगा। दिन का नक्षत्र धनिष्ठा है, जिसका स्वामी मंगल आपके छठे भाव में है — इसलिए दिन में काम और सेहत की आदतों की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी शनि आपके पहले भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग निजी मामलों से आता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके छठे भाव में है — काम और सेहत की आदतों की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: जिसका इंतज़ार था, उस पर बात आगे बढ़ाएँ।
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दैनिक राशिफल चंद्रमा के साथ चलता है — सबसे तेज़ चलने वाला ग्रह — और आपकी राशि से गिने गए भावों में उसकी यात्रा पढ़ता है; आकाश रोज़ बदलता है, इसलिए फल भी रोज़ बदलता है। आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं ज़्यादा सटीक है: आपका दिन आपकी जन्म-कुंडली से हर दिन का पाठ देता है, और मुफ़्त कुंडली आपकी चंद्र राशि, लग्न और चल रही दशा दिखाती है। सूर्य राशि (पश्चिमी) के राशिफल अंग्रेज़ी पेज पर हैं।
स्रोत
- Sunyra engine (positions verified against NASA/JPL Horizons; panchang for New Delhi)
- Phaladeepika of Mantreswara, ch. 26 (transits from the Moon)
- Muhurta Chintamani of Rama Daivajna (nakshatra classes, tithi groups)
- Brihat Parashara Hora Shastra, ch. 26 (graha drishti) (Santhanam)
Sunyra संपादकीय द्वारा लिखित। ज्योतिष व्याख्या की एक परंपरा है; इसे मार्गदर्शन की तरह पढ़ें, पक्की भविष्यवाणी की तरह नहीं। अस्वीकरण (Disclaimer)।
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