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संक्षेप में: चंद्रमा पूरे दिन कुंभ राशि में है (निरयन)। तिथि शुक्ल पक्ष की नवमी है। दोपहर के आसपास चंद्रमा शतभिषा नक्षत्र में है, जिसके देवता वरुण हैं; यह चर नक्षत्र है, जो परंपरा से यात्रा, भाग-दौड़ और फेरबदल के लिए अच्छा माना जाता है। कुंभ में चंद्रमा के साथ राहु है। इस राशि पर मंगल की सातवीं दृष्टि और गुरु की सातवीं दृष्टि है — जो गर्मी जोड़ती है, इसलिए रफ़्तार सँभालें और जिसे परंपरा रक्षा करने वाली मानती है। व्याघात योग मुहूर्त-ग्रंथों में नए काम की शुरुआत के लिए टाला जाता है; रोज़ का काम सामान्य रूप से चलता है। रिक्ता तिथि परंपरा से शुरू करने के बजाय समेटने और पूरा करने के लिए रखी जाती है।
आज का पंचांग
| वार | बुधवार — स्वामी बुध |
| तिथि | शुक्ल पक्ष: फिर नवमी (सूर्योदय पर रिक्ता तिथि) |
| नक्षत्र | शतभिषा 19 नवंबर, 06:10 तक; फिर पूर्वाभाद्रपद |
| योग | ध्रुव 08:05 तक; फिर व्याघात |
| करण | बालव 18:42 तक; फिर कौलव |
| चंद्र राशि (निरयन) | कुंभ |
| वक्री ग्रह | शनि |
| सूर्योदय / सूर्यास्त | 06:45 / 17:26 (नई दिल्ली) |
| राहु काल | 12:06–13:26 (नई दिल्ली) |
राहु काल बुधवार को दिनमान के आठ बराबर भागों में से पाँचवाँ भाग है, जो स्थानीय सूर्योदय से गिना जाता है — इसलिए इसका समय आपके शहर पर निर्भर करता है: आज नई दिल्ली में यह 12:06–13:26 बजे तक है। बहुत-से परिवार इसमें नया काम शुरू नहीं करते; अपने शहर का समय हिंदी पंचांग पर देखें।
चंद्र राशि के अनुसार राशिफल
मेष
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके ग्यारहवें भाव में बिताता है — लाभ, मित्र, संपर्क और इच्छाएँ। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से ग्यारहवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन लाभ और मित्रता के लिए मददगार रहेगा। वहाँ चंद्रमा का साथ राहु दे रहा है, जिससे अक्सर बेचैनी और कुछ नया पाने की चाह रहता है। आज के नक्षत्र शतभिषा के स्वामी राहु हैं; आपकी राशि से वे ग्यारहवें भाव में हैं, जो दिन को लाभ और मित्रता से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी शनि आपके बारहवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग ख़र्च और विश्राम से आता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके सातवें भाव में है — साझेदारी की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: किसी मित्र से फिर जुड़ें।
वृषभ
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके दसवें भाव में बिताता है — करियर, पद और कर्म। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से दसवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन करियर के लिए मददगार रहेगा। उस भाव में चंद्रमा के साथ राहु है: बेचैनी और कुछ नया पाने की चाह। आज के नक्षत्र शतभिषा के स्वामी राहु हैं; आपकी राशि से वे दसवें भाव में हैं, जो दिन को करियर से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शनि आपके ग्यारहवें भाव में है, जो उसे लाभ और मित्रता से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके छठे भाव में है — काम और सेहत की आदतों की ओर एक हल्का इशारा। शनि धीरे-धीरे आपके ग्यारहवें भाव से गुज़र रहा है और वहाँ धैर्य भरी मेहनत का फल देता है। दिन का अच्छा उपयोग: दिन का सबसे अच्छा घंटा अपने मुख्य काम को दें।
मिथुन
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके नौवें भाव में बिताता है — भाग्य, आस्था, गुरु और लंबी यात्राएँ। परंपरा चंद्रमा से नौवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए पढ़ाई, आस्था और यात्रा को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। वहाँ चंद्रमा का साथ राहु दे रहा है, जिससे अक्सर बेचैनी और कुछ नया पाने की चाह रहता है। आज के नक्षत्र शतभिषा के स्वामी राहु हैं; आपकी राशि से वे नौवें भाव में हैं, जो दिन को पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शनि आपके दसवें भाव में है, जो उसे करियर से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके पाँचवें भाव में है — रचनात्मक कामों और संतान की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: किसी ऐसे गुरु को पढ़ें या सुनें जिनका आप आदर करते हैं।
कर्क
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके आठवें भाव में बिताता है — परिवर्तन, साझा धन और गुप्त बातें। कर्क चंद्र राशि वालों के लिए यह चंद्राष्टम है (पूरे दिन): पंचांग की परंपरा ज़रूरी नई शुरुआत किसी और दिन के लिए रखती है, इसलिए साझे धन और निजी बातों में धीरे चलें। वहाँ चंद्रमा का साथ राहु दे रहा है, जिससे अक्सर बेचैनी और कुछ नया पाने की चाह रहता है। दिन का नक्षत्र शतभिषा है, जिसका स्वामी राहु आपके आठवें भाव में है — इसलिए दिन में साझे धन और निजी बातों की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शनि आपके नौवें भाव में है, जो उसे पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके चौथे भाव में है — घर-परिवार की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: साझे पैसे के जोखिम भरे फ़ैसले टालें।
सिंह
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके सातवें भाव में बिताता है — विवाह, साथी और अनुबंध। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से सातवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन साझेदारी के लिए मददगार रहेगा। उस भाव में चंद्रमा के साथ राहु है: बेचैनी और कुछ नया पाने की चाह। आज के नक्षत्र शतभिषा के स्वामी राहु हैं; आपकी राशि से वे सातवें भाव में हैं, जो दिन को साझेदारी से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी शनि आपके आठवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग साझे धन और निजी बातों से आता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके तीसरे भाव में है — मेहनत और बातचीत की ओर एक हल्का इशारा। आपके पहले भाव में मंगल निजी मामलों में ऊर्जा डालता है। दिन का अच्छा उपयोग: किसी समझौते की शर्तें दस्तख़त से पहले पढ़ें।
कन्या
पूरे दिन चंद्रमा आपके छठे भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं काम, सेवा, सेहत की आदतें, क़र्ज़ और प्रतिस्पर्धा। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से छठे भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन काम और सेहत की आदतों के लिए मददगार रहेगा। उस भाव में चंद्रमा के साथ राहु है: बेचैनी और कुछ नया पाने की चाह। आज के नक्षत्र शतभिषा के स्वामी राहु हैं; आपकी राशि से वे छठे भाव में हैं, जो दिन को काम और सेहत की आदतों से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी शनि आपके सातवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग साझेदारी से आता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके दूसरे भाव में है — धन और परिवार की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: छूटी हुई सेहत की दिनचर्या फिर शुरू करें।
तुला
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके पाँचवें भाव में बिताता है — संतान, रचनात्मकता, बुद्धि और पुण्य। परंपरा चंद्रमा से पाँचवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए रचनात्मक कामों और संतान को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। उस भाव में चंद्रमा के साथ राहु है: बेचैनी और कुछ नया पाने की चाह। आज के नक्षत्र शतभिषा के स्वामी राहु हैं; आपकी राशि से वे पाँचवें भाव में हैं, जो दिन को रचनात्मक कामों और संतान से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शनि आपके छठे भाव में है, जो उसे काम और सेहत की आदतों से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके पहले भाव में है — निजी मामलों की ओर एक हल्का इशारा। आपके ग्यारहवें भाव में मंगल लाभ और मित्रता में ऊर्जा डालता है। दिन का अच्छा उपयोग: यदि आपकी साधना है, तो थोड़ी प्रार्थना या मंत्र-जप करें।
वृश्चिक
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके चौथे भाव में बिताता है — घर, माँ, संपत्ति और मन की शांति। चंद्रमा से चौथे भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; घर-परिवार में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। वहाँ चंद्रमा का साथ राहु दे रहा है, जिससे अक्सर बेचैनी और कुछ नया पाने की चाह रहता है। आज के नक्षत्र शतभिषा के स्वामी राहु हैं; आपकी राशि से वे चौथे भाव में हैं, जो दिन को घर-परिवार से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शनि आपके पाँचवें भाव में है, जो उसे रचनात्मक कामों और संतान से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके बारहवें भाव में है — ख़र्च और विश्राम की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: माँ या किसी बुज़ुर्ग के साथ इत्मीनान से समय बिताएँ।
धनु
पूरे दिन चंद्रमा आपके तीसरे भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं साहस, भाई-बहन, हुनर और बातचीत। चंद्रमा से तीसरे भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — मेहनत और बातचीत के लिए सहायक पृष्ठभूमि। वहाँ चंद्रमा का साथ राहु दे रहा है, जिससे अक्सर बेचैनी और कुछ नया पाने की चाह रहता है। आज के नक्षत्र शतभिषा के स्वामी राहु हैं; आपकी राशि से वे तीसरे भाव में हैं, जो दिन को मेहनत और बातचीत से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी शनि आपके चौथे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग घर-परिवार से आता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके ग्यारहवें भाव में है — लाभ और मित्रता की ओर एक हल्का इशारा। पृष्ठभूमि में गुरु आपके नौवें भाव में है, जो एक सहायक स्थिति है। दिन का अच्छा उपयोग: जो संदेश या फ़ोन टाल रहे थे, आज कर लें।
मकर
पूरे दिन चंद्रमा आपके दूसरे भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं धन, परिवार, भोजन और वाणी। चंद्रमा से दूसरे भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; धन और परिवार में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। वहाँ चंद्रमा का साथ राहु दे रहा है, जिससे अक्सर बेचैनी और कुछ नया पाने की चाह रहता है। आज के नक्षत्र शतभिषा के स्वामी राहु हैं; आपकी राशि से वे दूसरे भाव में हैं, जो दिन को धन और परिवार से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी शनि आपके तीसरे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग मेहनत और बातचीत से आता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके दसवें भाव में है — करियर की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: शब्द सोच-समझकर चुनें; आज वाणी का वज़न है।
कुंभ
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके पहले भाव में बिताता है — शरीर, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व। चंद्रमा आपकी अपनी राशि में लौटा है, इसलिए भावनाएँ सतह के क़रीब हैं; परंपरा इसे शुभ चंद्रमा मानती है, जो सरल और ईमानदार योजनाओं के लिए सबसे अच्छा है। उस भाव में चंद्रमा के साथ राहु है: बेचैनी और कुछ नया पाने की चाह। दिन का नक्षत्र शतभिषा है, जिसका स्वामी राहु आपके पहले भाव में है — इसलिए दिन में निजी मामलों की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शनि आपके दूसरे भाव में है, जो उसे धन और परिवार से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके नौवें भाव में है — पढ़ाई, आस्था और यात्रा की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: दिन की शुरुआत थोड़ी सैर या शांति से करें।
मीन
पूरे दिन चंद्रमा आपके बारहवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं ख़र्च, एकांत, विदेश और मोक्ष। चंद्रमा से बारहवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; ख़र्च और विश्राम में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। उस भाव में चंद्रमा के साथ राहु है: बेचैनी और कुछ नया पाने की चाह। आज के नक्षत्र शतभिषा के स्वामी राहु हैं; आपकी राशि से वे बारहवें भाव में हैं, जो दिन को ख़र्च और विश्राम से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शनि आपके पहले भाव में है, जो उसे निजी मामलों से जोड़ता है। आज बुधवार है, जिसका स्वामी बुध आपके आठवें भाव में है — साझे धन और निजी बातों की ओर एक हल्का इशारा। पृष्ठभूमि में गुरु आपके छठे भाव में है, इसलिए उसकी मदद मेहनत के रास्ते आती है। दिन का अच्छा उपयोग: जहाँ ज़रूरत हो, चुपचाप मदद करें।
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दैनिक राशिफल चंद्रमा के साथ चलता है — सबसे तेज़ चलने वाला ग्रह — और आपकी राशि से गिने गए भावों में उसकी यात्रा पढ़ता है; आकाश रोज़ बदलता है, इसलिए फल भी रोज़ बदलता है। आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं ज़्यादा सटीक है: आपका दिन आपकी जन्म-कुंडली से हर दिन का पाठ देता है, और मुफ़्त कुंडली आपकी चंद्र राशि, लग्न और चल रही दशा दिखाती है। सूर्य राशि (पश्चिमी) के राशिफल अंग्रेज़ी पेज पर हैं।
स्रोत
- Sunyra engine (positions verified against NASA/JPL Horizons; panchang for New Delhi)
- Phaladeepika of Mantreswara, ch. 26 (transits from the Moon)
- Muhurta Chintamani of Rama Daivajna (nakshatra classes, tithi groups)
- Brihat Parashara Hora Shastra, ch. 26 (graha drishti) (Santhanam)
Sunyra संपादकीय द्वारा लिखित। ज्योतिष व्याख्या की एक परंपरा है; इसे मार्गदर्शन की तरह पढ़ें, पक्की भविष्यवाणी की तरह नहीं। अस्वीकरण (Disclaimer)।
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