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संक्षेप में: चंद्रमा 00:50 बजे तक कुंभ राशि में है, फिर मीन में (निरयन)। तिथि शुक्ल पक्ष की दशमी है, जो 07:16 बजे एकादशी में बदलती है। दोपहर के आसपास चंद्रमा उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में है, जिसके देवता अहिर्बुध्न्य हैं; यह ध्रुव (स्थिर) नक्षत्र है, जो परंपरा से स्थायी शुरुआतों — नींव, समझौते, रोपण — के लिए चुना जाता है। मीन में चंद्रमा के साथ शनि है। इस राशि पर मंगल की आठवीं दृष्टि और शुक्र की सातवीं दृष्टि है — जो गर्मी जोड़ती है, इसलिए रफ़्तार सँभालें और जो मन को नरम करती है। विष्टि करण (भद्रा), जिसे पंचांग शुभ शुरुआत के लिए टालते हैं, 19:00 बजे से रहेगा। वज्र योग मुहूर्त-ग्रंथों में नए काम की शुरुआत के लिए टाला जाता है; रोज़ का काम सामान्य रूप से चलता है।
आज का पंचांग
| वार | शुक्रवार — स्वामी शुक्र |
| तिथि | शुक्ल पक्ष: दशमी 07:16 तक; एकादशी 21 नवंबर, 06:32 तक; फिर द्वादशी (सूर्योदय पर पूर्णा तिथि) |
| नक्षत्र | पूर्वाभाद्रपद 06:56 तक; फिर उत्तराभाद्रपद |
| योग | वज्र 21 नवंबर, 04:55 तक; फिर सिद्धि |
| करण | गर 07:16 तक; वणिज 19:00 तक; विष्टि (भद्रा) 21 नवंबर, 06:32 तक; फिर बव |
| चंद्र राशि (निरयन) | कुंभ; 00:50 बजे से मीन |
| वक्री ग्रह | शनि |
| सूर्योदय / सूर्यास्त | 06:47 / 17:25 (नई दिल्ली) |
| राहु काल | 10:46–12:06 (नई दिल्ली) |
राहु काल शुक्रवार को दिनमान के आठ बराबर भागों में से चौथा भाग है, जो स्थानीय सूर्योदय से गिना जाता है — इसलिए इसका समय आपके शहर पर निर्भर करता है: आज नई दिल्ली में यह 10:46–12:06 बजे तक है। बहुत-से परिवार इसमें नया काम शुरू नहीं करते; अपने शहर का समय हिंदी पंचांग पर देखें।
चंद्र राशि के अनुसार राशिफल
मेष
चंद्रमा 00:50 बजे तक आपके ग्यारहवें भाव में है, जो लाभ और मित्रता से जुड़ा है; फिर वह बारहवें भाव में आता है — ख़र्च, एकांत, विदेश और मोक्ष। चंद्रमा से बारहवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; ख़र्च और विश्राम में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। वहाँ चंद्रमा का साथ शनि दे रहा है, जिससे अक्सर गंभीर, कर्तव्य से भरा मन रहता है। आज के नक्षत्र उत्तराभाद्रपद के स्वामी शनि हैं; आपकी राशि से वे बारहवें भाव में हैं, जो दिन को ख़र्च और विश्राम से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी गुरु आपके पाँचवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग रचनात्मक कामों और संतान से आता है। आज शुक्रवार है, जिसका स्वामी शुक्र आपके छठे भाव में है — काम और सेहत की आदतों की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: आराम करें, सरल रखें और एक चीज़ छोड़ दें।
वृषभ
चंद्रमा 00:50 बजे तक आपके दसवें भाव में है, जो करियर से जुड़ा है; फिर वह ग्यारहवें भाव में आता है — लाभ, मित्र, संपर्क और इच्छाएँ। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से ग्यारहवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन लाभ और मित्रता के लिए मददगार रहेगा। वहाँ चंद्रमा का साथ शनि दे रहा है, जिससे अक्सर गंभीर, कर्तव्य से भरा मन रहता है। दिन का नक्षत्र उत्तराभाद्रपद है, जिसका स्वामी शनि आपके ग्यारहवें भाव में है — इसलिए दिन में लाभ और मित्रता की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी गुरु आपके चौथे भाव में है, जो उसे घर-परिवार से जोड़ता है। आज शुक्रवार है, जिसका स्वामी शुक्र आपके पाँचवें भाव में है — रचनात्मक कामों और संतान की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: अपनी अच्छी ख़बर अपने लोगों से बाँटें।
मिथुन
चंद्रमा 00:50 बजे तक आपके नौवें भाव में है, जो पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जुड़ा है; फिर वह दसवें भाव में आता है — करियर, पद और कर्म। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से दसवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन करियर के लिए मददगार रहेगा। वहाँ चंद्रमा का साथ शनि दे रहा है, जिससे अक्सर गंभीर, कर्तव्य से भरा मन रहता है। आज के नक्षत्र उत्तराभाद्रपद के स्वामी शनि हैं; आपकी राशि से वे दसवें भाव में हैं, जो दिन को करियर से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी गुरु आपके तीसरे भाव में है, जो उसे मेहनत और बातचीत से जोड़ता है। आज शुक्रवार है, जिसका स्वामी शुक्र आपके चौथे भाव में है — घर-परिवार की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: हफ़्ते के कामों को व्यवस्थित करें।
कर्क
चंद्रमा 00:50 बजे तक आपके आठवें भाव में है, जो साझे धन और निजी बातों से जुड़ा है; फिर वह नौवें भाव में आता है — भाग्य, आस्था, गुरु और लंबी यात्राएँ। परंपरा चंद्रमा से नौवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए पढ़ाई, आस्था और यात्रा को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। चंद्राष्टम 00:50 बजे समाप्त होता है, इसलिए नई शुरुआत उसके बाद करें। वहाँ चंद्रमा का साथ शनि दे रहा है, जिससे अक्सर गंभीर, कर्तव्य से भरा मन रहता है। आज के नक्षत्र उत्तराभाद्रपद के स्वामी शनि हैं; आपकी राशि से वे नौवें भाव में हैं, जो दिन को पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी गुरु आपके दूसरे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग धन और परिवार से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: पिता या किसी मार्गदर्शक के लिए कुछ अच्छा करें।
सिंह
चंद्रमा 00:50 बजे तक आपके सातवें भाव में है, जो साझेदारी से जुड़ा है; फिर वह आठवें भाव में आता है — परिवर्तन, साझा धन और गुप्त बातें। सिंह चंद्र राशि वालों के लिए यह चंद्राष्टम है (00:50 बजे से): पंचांग की परंपरा ज़रूरी नई शुरुआत किसी और दिन के लिए रखती है, इसलिए साझे धन और निजी बातों में धीरे चलें। उस भाव में चंद्रमा के साथ शनि है: गंभीर, कर्तव्य से भरा मन। आज के नक्षत्र उत्तराभाद्रपद के स्वामी शनि हैं; आपकी राशि से वे आठवें भाव में हैं, जो दिन को साझे धन और निजी बातों से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी गुरु आपके पहले भाव में है, जो उसे निजी मामलों से जोड़ता है। दिन का अच्छा उपयोग: कुछ समय मनन या अध्ययन में बिताएँ।
कन्या
चंद्रमा 00:50 बजे तक आपके छठे भाव में है, जो काम और सेहत की आदतों से जुड़ा है; फिर वह सातवें भाव में आता है — विवाह, साथी और अनुबंध। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से सातवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन साझेदारी के लिए मददगार रहेगा। उस भाव में चंद्रमा के साथ शनि है: गंभीर, कर्तव्य से भरा मन। आज के नक्षत्र उत्तराभाद्रपद के स्वामी शनि हैं; आपकी राशि से वे सातवें भाव में हैं, जो दिन को साझेदारी से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी गुरु आपके बारहवें भाव में है, जो उसे ख़र्च और विश्राम से जोड़ता है। आज शुक्रवार है, जिसका स्वामी शुक्र आपके पहले भाव में है — निजी मामलों की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: किसी सहकर्मी के साथ बीच का रास्ता निकालें।
तुला
चंद्रमा 00:50 बजे तक आपके पाँचवें भाव में है, जो रचनात्मक कामों और संतान से जुड़ा है; फिर वह छठे भाव में आता है — काम, सेवा, सेहत की आदतें, क़र्ज़ और प्रतिस्पर्धा। चंद्रमा से छठे भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — काम और सेहत की आदतों के लिए सहायक पृष्ठभूमि। वहाँ चंद्रमा का साथ शनि दे रहा है, जिससे अक्सर गंभीर, कर्तव्य से भरा मन रहता है। आज के नक्षत्र उत्तराभाद्रपद के स्वामी शनि हैं; आपकी राशि से वे छठे भाव में हैं, जो दिन को काम और सेहत की आदतों से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी गुरु आपके ग्यारहवें भाव में है, जो उसे लाभ और मित्रता से जोड़ता है। आज शुक्रवार है, जिसका स्वामी शुक्र आपके बारहवें भाव में है — ख़र्च और विश्राम की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: छूटी हुई सेहत की दिनचर्या फिर शुरू करें।
वृश्चिक
चंद्रमा 00:50 बजे तक आपके चौथे भाव में है, जो घर-परिवार से जुड़ा है; फिर वह पाँचवें भाव में आता है — संतान, रचनात्मकता, बुद्धि और पुण्य। चंद्रमा से पाँचवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; रचनात्मक कामों और संतान में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। वहाँ चंद्रमा का साथ शनि दे रहा है, जिससे अक्सर गंभीर, कर्तव्य से भरा मन रहता है। आज के नक्षत्र उत्तराभाद्रपद के स्वामी शनि हैं; आपकी राशि से वे पाँचवें भाव में हैं, जो दिन को रचनात्मक कामों और संतान से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी गुरु आपके दसवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग करियर से आता है। आज शुक्रवार है, जिसका स्वामी शुक्र आपके ग्यारहवें भाव में है — लाभ और मित्रता की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: मन को कुछ अच्छा पढ़ने दें।
धनु
चंद्रमा 00:50 बजे तक आपके तीसरे भाव में है, जो मेहनत और बातचीत से जुड़ा है; फिर वह चौथे भाव में आता है — घर, माँ, संपत्ति और मन की शांति। परंपरा चंद्रमा से चौथे भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए घर-परिवार को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। वहाँ चंद्रमा का साथ शनि दे रहा है, जिससे अक्सर गंभीर, कर्तव्य से भरा मन रहता है। आज के नक्षत्र उत्तराभाद्रपद के स्वामी शनि हैं; आपकी राशि से वे चौथे भाव में हैं, जो दिन को घर-परिवार से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी गुरु आपके नौवें भाव में है, जो उसे पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जोड़ता है। आज शुक्रवार है, जिसका स्वामी शुक्र आपके दसवें भाव में है — करियर की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: घर का एक कोना सहेजें।
मकर
चंद्रमा 00:50 बजे तक आपके दूसरे भाव में है, जो धन और परिवार से जुड़ा है; फिर वह तीसरे भाव में आता है — साहस, भाई-बहन, हुनर और बातचीत। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से तीसरे भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन मेहनत और बातचीत के लिए मददगार रहेगा। वहाँ चंद्रमा का साथ शनि दे रहा है, जिससे अक्सर गंभीर, कर्तव्य से भरा मन रहता है। दिन का नक्षत्र उत्तराभाद्रपद है, जिसका स्वामी शनि आपके तीसरे भाव में है — इसलिए दिन में मेहनत और बातचीत की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी गुरु आपके आठवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग साझे धन और निजी बातों से आता है। आज शुक्रवार है, जिसका स्वामी शुक्र आपके नौवें भाव में है — पढ़ाई, आस्था और यात्रा की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: भाई-बहन या पड़ोसी की किसी छोटी बात में मदद करें।
कुंभ
चंद्रमा 00:50 बजे तक आपके पहले भाव में है, जो निजी मामलों से जुड़ा है; फिर वह दूसरे भाव में आता है — धन, परिवार, भोजन और वाणी। चंद्रमा से दूसरे भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; धन और परिवार में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। उस भाव में चंद्रमा के साथ शनि है: गंभीर, कर्तव्य से भरा मन। दिन का नक्षत्र उत्तराभाद्रपद है, जिसका स्वामी शनि आपके दूसरे भाव में है — इसलिए दिन में धन और परिवार की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी गुरु आपके सातवें भाव में है, जो उसे साझेदारी से जोड़ता है। आज शुक्रवार है, जिसका स्वामी शुक्र आपके आठवें भाव में है — साझे धन और निजी बातों की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: घर का हिसाब देखें या परिवार के लिए कुछ पकाएँ।
मीन
चंद्रमा 00:50 बजे तक आपके बारहवें भाव में है, जो ख़र्च और विश्राम से जुड़ा है; फिर वह पहले भाव में आता है — शरीर, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व। आज चंद्रमा आपकी अपनी राशि में है, परंपरा से शुभ पर कोमल समय: जो कहना है साफ़ कहें और चाल धीमी रखें। उस भाव में चंद्रमा के साथ शनि है: गंभीर, कर्तव्य से भरा मन। दिन का नक्षत्र उत्तराभाद्रपद है, जिसका स्वामी शनि आपके पहले भाव में है — इसलिए दिन में निजी मामलों की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी गुरु आपके छठे भाव में है, जो उसे काम और सेहत की आदतों से जोड़ता है। आज शुक्रवार है, जिसका स्वामी शुक्र आपके सातवें भाव में है — साझेदारी की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: दिन की शुरुआत थोड़ी सैर या शांति से करें।
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दैनिक राशिफल चंद्रमा के साथ चलता है — सबसे तेज़ चलने वाला ग्रह — और आपकी राशि से गिने गए भावों में उसकी यात्रा पढ़ता है; आकाश रोज़ बदलता है, इसलिए फल भी रोज़ बदलता है। आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं ज़्यादा सटीक है: आपका दिन आपकी जन्म-कुंडली से हर दिन का पाठ देता है, और मुफ़्त कुंडली आपकी चंद्र राशि, लग्न और चल रही दशा दिखाती है। सूर्य राशि (पश्चिमी) के राशिफल अंग्रेज़ी पेज पर हैं।
स्रोत
- Sunyra engine (positions verified against NASA/JPL Horizons; panchang for New Delhi)
- Phaladeepika of Mantreswara, ch. 26 (transits from the Moon)
- Muhurta Chintamani of Rama Daivajna (nakshatra classes, tithi groups)
- Brihat Parashara Hora Shastra, ch. 26 (graha drishti) (Santhanam)
Sunyra संपादकीय द्वारा लिखित। ज्योतिष व्याख्या की एक परंपरा है; इसे मार्गदर्शन की तरह पढ़ें, पक्की भविष्यवाणी की तरह नहीं। अस्वीकरण (Disclaimer)।
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