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संक्षेप में: चंद्रमा पूरे दिन मीन राशि में है (निरयन)। तिथि शुक्ल पक्ष की द्वादशी है, जो 22 नवंबर, 04:57 बजे त्रयोदशी में बदलती है। दोपहर के आसपास चंद्रमा रेवती नक्षत्र में है, जिसके देवता पूषा हैं; यह मृदु नक्षत्र है, जो परंपरा से कोमल कामों — मित्रता, कला, सेवा — के लिए अच्छा माना जाता है। मीन में चंद्रमा के साथ शनि है। इस राशि पर मंगल की आठवीं दृष्टि और शुक्र की सातवीं दृष्टि है — जो गर्मी जोड़ती है, इसलिए रफ़्तार सँभालें और जो मन को नरम करती है।
आज का पंचांग
| वार | शनिवार — स्वामी शनि |
| तिथि | शुक्ल पक्ष: द्वादशी 22 नवंबर, 04:57 तक; फिर त्रयोदशी (सूर्योदय पर भद्रा तिथि) |
| नक्षत्र | उत्तराभाद्रपद 06:50 तक; रेवती 22 नवंबर, 05:55 तक; फिर अश्विनी |
| योग | सिद्धि 22 नवंबर, 02:30 तक; फिर व्यतीपात |
| करण | बव 17:50 तक; बालव 22 नवंबर, 04:57 तक; फिर कौलव |
| चंद्र राशि (निरयन) | मीन |
| वक्री ग्रह | शनि |
| सूर्योदय / सूर्यास्त | 06:48 / 17:25 (नई दिल्ली) |
| राहु काल | 09:27–10:47 (नई दिल्ली) |
राहु काल शनिवार को दिनमान के आठ बराबर भागों में से तीसरा भाग है, जो स्थानीय सूर्योदय से गिना जाता है — इसलिए इसका समय आपके शहर पर निर्भर करता है: आज नई दिल्ली में यह 09:27–10:47 बजे तक है। बहुत-से परिवार इसमें नया काम शुरू नहीं करते; अपने शहर का समय हिंदी पंचांग पर देखें।
चंद्र राशि के अनुसार राशिफल
मेष
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके बारहवें भाव में बिताता है — ख़र्च, एकांत, विदेश और मोक्ष। चंद्रमा से बारहवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; ख़र्च और विश्राम में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। उस भाव में चंद्रमा के साथ शनि है: गंभीर, कर्तव्य से भरा मन। दिन का नक्षत्र रेवती है, जिसका स्वामी बुध आपके सातवें भाव में है — इसलिए दिन में साझेदारी की भी भूमिका रहती है। कल 05:55 बजे चंद्रमा आपके पहले भाव में जाएगा, जो निजी मामलों से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी गुरु आपके पाँचवें भाव में है, जो उसे रचनात्मक कामों और संतान से जोड़ता है। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके बारहवें भाव में है — ख़र्च और विश्राम की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: आराम करें, सरल रखें और एक चीज़ छोड़ दें।
वृषभ
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके ग्यारहवें भाव में बिताता है — लाभ, मित्र, संपर्क और इच्छाएँ। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से ग्यारहवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन लाभ और मित्रता के लिए मददगार रहेगा। वहाँ चंद्रमा का साथ शनि दे रहा है, जिससे अक्सर गंभीर, कर्तव्य से भरा मन रहता है। आज के नक्षत्र रेवती के स्वामी बुध हैं; आपकी राशि से वे छठे भाव में हैं, जो दिन को काम और सेहत की आदतों से जोड़ता है। कल 05:55 बजे चंद्रमा आपके बारहवें भाव में जाएगा, जो ख़र्च और विश्राम से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी गुरु आपके चौथे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग घर-परिवार से आता है। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके ग्यारहवें भाव में है — लाभ और मित्रता की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: किसी मित्र से फिर जुड़ें।
मिथुन
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके दसवें भाव में बिताता है — करियर, पद और कर्म। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से दसवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन करियर के लिए मददगार रहेगा। वहाँ चंद्रमा का साथ शनि दे रहा है, जिससे अक्सर गंभीर, कर्तव्य से भरा मन रहता है। दिन का नक्षत्र रेवती है, जिसका स्वामी बुध आपके पाँचवें भाव में है — इसलिए दिन में रचनात्मक कामों और संतान की भी भूमिका रहती है। कल 05:55 बजे चंद्रमा आपके ग्यारहवें भाव में जाएगा, जो लाभ और मित्रता से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी गुरु आपके तीसरे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग मेहनत और बातचीत से आता है। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके दसवें भाव में है — करियर की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: हफ़्ते के कामों को व्यवस्थित करें।
कर्क
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके नौवें भाव में बिताता है — भाग्य, आस्था, गुरु और लंबी यात्राएँ। परंपरा चंद्रमा से नौवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए पढ़ाई, आस्था और यात्रा को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। वहाँ चंद्रमा का साथ शनि दे रहा है, जिससे अक्सर गंभीर, कर्तव्य से भरा मन रहता है। आज के नक्षत्र रेवती के स्वामी बुध हैं; आपकी राशि से वे चौथे भाव में हैं, जो दिन को घर-परिवार से जोड़ता है। कल 05:55 बजे चंद्रमा आपके दसवें भाव में जाएगा, जो करियर से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी गुरु आपके दूसरे भाव में है, जो उसे धन और परिवार से जोड़ता है। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके नौवें भाव में है — पढ़ाई, आस्था और यात्रा की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: पिता या किसी मार्गदर्शक के लिए कुछ अच्छा करें।
सिंह
पूरे दिन चंद्रमा आपके आठवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं परिवर्तन, साझा धन और गुप्त बातें। सिंह चंद्र राशि वालों के लिए यह चंद्राष्टम है (पूरे दिन): पंचांग की परंपरा ज़रूरी नई शुरुआत किसी और दिन के लिए रखती है, इसलिए साझे धन और निजी बातों में धीरे चलें। उस भाव में चंद्रमा के साथ शनि है: गंभीर, कर्तव्य से भरा मन। दिन का नक्षत्र रेवती है, जिसका स्वामी बुध आपके तीसरे भाव में है — इसलिए दिन में मेहनत और बातचीत की भी भूमिका रहती है। कल 05:55 बजे चंद्रमा आपके नौवें भाव में जाएगा, जो पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी गुरु आपके पहले भाव में है, जो उसे निजी मामलों से जोड़ता है। दिन का अच्छा उपयोग: कुछ समय मनन या अध्ययन में बिताएँ।
कन्या
पूरे दिन चंद्रमा आपके सातवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं विवाह, साथी और अनुबंध। चंद्रमा से सातवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — साझेदारी के लिए सहायक पृष्ठभूमि। वहाँ चंद्रमा का साथ शनि दे रहा है, जिससे अक्सर गंभीर, कर्तव्य से भरा मन रहता है। आज के नक्षत्र रेवती के स्वामी बुध हैं; आपकी राशि से वे दूसरे भाव में हैं, जो दिन को धन और परिवार से जोड़ता है। कल 05:55 बजे चंद्रमा आपके आठवें भाव में जाएगा, जो साझे धन और निजी बातों से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी गुरु आपके बारहवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग ख़र्च और विश्राम से आता है। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके सातवें भाव में है — साझेदारी की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: किसी सहकर्मी के साथ बीच का रास्ता निकालें।
तुला
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके छठे भाव में बिताता है — काम, सेवा, सेहत की आदतें, क़र्ज़ और प्रतिस्पर्धा। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से छठे भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन काम और सेहत की आदतों के लिए मददगार रहेगा। वहाँ चंद्रमा का साथ शनि दे रहा है, जिससे अक्सर गंभीर, कर्तव्य से भरा मन रहता है। दिन का नक्षत्र रेवती है, जिसका स्वामी बुध आपके पहले भाव में है — इसलिए दिन में निजी मामलों की भी भूमिका रहती है। कल 05:55 बजे चंद्रमा आपके सातवें भाव में जाएगा, जो साझेदारी से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी गुरु आपके ग्यारहवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग लाभ और मित्रता से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: काम का कोई रुका हुआ काम निपटाएँ।
वृश्चिक
पूरे दिन चंद्रमा आपके पाँचवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं संतान, रचनात्मकता, बुद्धि और पुण्य। परंपरा चंद्रमा से पाँचवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए रचनात्मक कामों और संतान को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। उस भाव में चंद्रमा के साथ शनि है: गंभीर, कर्तव्य से भरा मन। दिन का नक्षत्र रेवती है, जिसका स्वामी बुध आपके बारहवें भाव में है — इसलिए दिन में ख़र्च और विश्राम की भी भूमिका रहती है। कल 05:55 बजे चंद्रमा आपके छठे भाव में जाएगा, जो काम और सेहत की आदतों से जुड़ा है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी गुरु आपके दसवें भाव में है, जो उसे करियर से जोड़ता है। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके पाँचवें भाव में है — रचनात्मक कामों और संतान की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: मन को कुछ अच्छा पढ़ने दें।
धनु
पूरे दिन चंद्रमा आपके चौथे भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं घर, माँ, संपत्ति और मन की शांति। परंपरा चंद्रमा से चौथे भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए घर-परिवार को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। उस भाव में चंद्रमा के साथ शनि है: गंभीर, कर्तव्य से भरा मन। दिन का नक्षत्र रेवती है, जिसका स्वामी बुध आपके ग्यारहवें भाव में है — इसलिए दिन में लाभ और मित्रता की भी भूमिका रहती है। कल 05:55 बजे चंद्रमा आपके पाँचवें भाव में जाएगा, जो रचनात्मक कामों और संतान से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी गुरु आपके नौवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग पढ़ाई, आस्था और यात्रा से आता है। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके चौथे भाव में है — घर-परिवार की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: माँ या किसी बुज़ुर्ग के साथ इत्मीनान से समय बिताएँ।
मकर
चंद्रमा आज पूरा दिन आपके तीसरे भाव में बिताता है — साहस, भाई-बहन, हुनर और बातचीत। चंद्रमा से तीसरे भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — मेहनत और बातचीत के लिए सहायक पृष्ठभूमि। वहाँ चंद्रमा का साथ शनि दे रहा है, जिससे अक्सर गंभीर, कर्तव्य से भरा मन रहता है। दिन का नक्षत्र रेवती है, जिसका स्वामी बुध आपके दसवें भाव में है — इसलिए दिन में करियर की भी भूमिका रहती है। कल 05:55 बजे चंद्रमा आपके चौथे भाव में जाएगा, जो घर-परिवार से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी गुरु आपके आठवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग साझे धन और निजी बातों से आता है। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके तीसरे भाव में है — मेहनत और बातचीत की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: जो संदेश या फ़ोन टाल रहे थे, आज कर लें।
कुंभ
पूरे दिन चंद्रमा आपके दूसरे भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं धन, परिवार, भोजन और वाणी। चंद्रमा से दूसरे भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; धन और परिवार में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। उस भाव में चंद्रमा के साथ शनि है: गंभीर, कर्तव्य से भरा मन। आज के नक्षत्र रेवती के स्वामी बुध हैं; आपकी राशि से वे नौवें भाव में हैं, जो दिन को पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जोड़ता है। कल 05:55 बजे चंद्रमा आपके तीसरे भाव में जाएगा, जो मेहनत और बातचीत से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी गुरु आपके सातवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग साझेदारी से आता है। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके दूसरे भाव में है — धन और परिवार की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: घर का हिसाब देखें या परिवार के लिए कुछ पकाएँ।
मीन
पूरे दिन चंद्रमा आपके पहले भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं शरीर, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व। यह आपका जन्म-चंद्र है — चंद्रमा आपकी अपनी राशि में — जिसे परंपरा अनुकूल मानती है; मन तेज़ रहेगा, इसलिए योजनाएँ सरल रखें। वहाँ चंद्रमा का साथ शनि दे रहा है, जिससे अक्सर गंभीर, कर्तव्य से भरा मन रहता है। आज के नक्षत्र रेवती के स्वामी बुध हैं; आपकी राशि से वे आठवें भाव में हैं, जो दिन को साझे धन और निजी बातों से जोड़ता है। कल 05:55 बजे चंद्रमा आपके दूसरे भाव में जाएगा, जो धन और परिवार से जुड़ा है। उस भाव के स्वामी गुरु आपके छठे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग काम और सेहत की आदतों से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: वह एक काम करें जो सचमुच आपका है।
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दैनिक राशिफल चंद्रमा के साथ चलता है — सबसे तेज़ चलने वाला ग्रह — और आपकी राशि से गिने गए भावों में उसकी यात्रा पढ़ता है; आकाश रोज़ बदलता है, इसलिए फल भी रोज़ बदलता है। आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं ज़्यादा सटीक है: आपका दिन आपकी जन्म-कुंडली से हर दिन का पाठ देता है, और मुफ़्त कुंडली आपकी चंद्र राशि, लग्न और चल रही दशा दिखाती है। सूर्य राशि (पश्चिमी) के राशिफल अंग्रेज़ी पेज पर हैं।
स्रोत
- Sunyra engine (positions verified against NASA/JPL Horizons; panchang for New Delhi)
- Phaladeepika of Mantreswara, ch. 26 (transits from the Moon)
- Muhurta Chintamani of Rama Daivajna (nakshatra classes, tithi groups)
- Brihat Parashara Hora Shastra, ch. 26 (graha drishti) (Santhanam)
Sunyra संपादकीय द्वारा लिखित। ज्योतिष व्याख्या की एक परंपरा है; इसे मार्गदर्शन की तरह पढ़ें, पक्की भविष्यवाणी की तरह नहीं। अस्वीकरण (Disclaimer)।
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