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संक्षेप में: चंद्रमा 05:55 बजे तक मीन राशि में है, फिर मेष में (निरयन)। तिथि शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी है, जो 23 नवंबर, 02:37 बजे चतुर्दशी में बदलती है। दोपहर के आसपास चंद्रमा अश्विनी नक्षत्र में है, जिसके देवता अश्विनी कुमार हैं; यह क्षिप्र (लघु) नक्षत्र है, जो परंपरा से जल्दी होने वाले व्यावहारिक कामों — पढ़ाई, व्यापार, छोटी यात्राओं — के लिए अच्छा माना जाता है। इस राशि पर बुध की सातवीं दृष्टि और गुरु की नौवीं दृष्टि है — जो जिज्ञासा जोड़ती है और जिसे परंपरा रक्षा करने वाली मानती है। व्यतीपात योग मुहूर्त-ग्रंथों में नए काम की शुरुआत के लिए टाला जाता है; रोज़ का काम सामान्य रूप से चलता है।
आज का पंचांग
| वार | रविवार — स्वामी सूर्य |
| तिथि | शुक्ल पक्ष: त्रयोदशी 23 नवंबर, 02:37 तक; फिर चतुर्दशी (सूर्योदय पर जया तिथि) |
| नक्षत्र | अश्विनी 23 नवंबर, 04:15 तक; फिर भरणी |
| योग | व्यतीपात 23:29 तक; फिर वरीयान |
| करण | कौलव 15:52 तक; तैतिल 23 नवंबर, 02:37 तक; फिर गर |
| चंद्र राशि (निरयन) | मीन; 05:55 बजे से मेष |
| राशि परिवर्तन | शुक्र 17:30 बजे तुला राशि में |
| वक्री ग्रह | शनि |
| सूर्योदय / सूर्यास्त | 06:49 / 17:25 (नई दिल्ली) |
| राहु काल | 16:05–17:25 (नई दिल्ली) |
राहु काल रविवार को दिनमान के आठ बराबर भागों में से आठवाँ भाग है, जो स्थानीय सूर्योदय से गिना जाता है — इसलिए इसका समय आपके शहर पर निर्भर करता है: आज नई दिल्ली में यह 16:05–17:25 बजे तक है। बहुत-से परिवार इसमें नया काम शुरू नहीं करते; अपने शहर का समय हिंदी पंचांग पर देखें।
चंद्र राशि के अनुसार राशिफल
मेष
चंद्रमा 05:55 बजे तक आपके बारहवें भाव में है, जो ख़र्च और विश्राम से जुड़ा है; फिर वह पहले भाव में आता है — शरीर, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व। आज चंद्रमा आपकी अपनी राशि में है, परंपरा से शुभ पर कोमल समय: जो कहना है साफ़ कहें और चाल धीमी रखें। शुक्र 17:30 बजे आपके सातवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे साझेदारी में स्नेह और आनंद का असर आता है। आज के नक्षत्र अश्विनी के स्वामी केतु हैं; आपकी राशि से वे पाँचवें भाव में हैं, जो दिन को रचनात्मक कामों और संतान से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी मंगल आपके पाँचवें भाव में है, जो उसे रचनात्मक कामों और संतान से जोड़ता है। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके आठवें भाव में है — साझे धन और निजी बातों की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: वह एक काम करें जो सचमुच आपका है।
वृषभ
चंद्रमा 05:55 बजे तक आपके ग्यारहवें भाव में है, जो लाभ और मित्रता से जुड़ा है; फिर वह बारहवें भाव में आता है — ख़र्च, एकांत, विदेश और मोक्ष। परंपरा चंद्रमा से बारहवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए ख़र्च और विश्राम को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। शुक्र 17:30 बजे आपके छठे भाव में प्रवेश करता है, जिससे काम और सेहत की आदतों में स्नेह और आनंद का असर आता है। आज के नक्षत्र अश्विनी के स्वामी केतु हैं; आपकी राशि से वे चौथे भाव में हैं, जो दिन को घर-परिवार से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी मंगल आपके चौथे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग घर-परिवार से आता है। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके सातवें भाव में है — साझेदारी की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: आराम करें, सरल रखें और एक चीज़ छोड़ दें।
मिथुन
चंद्रमा 05:55 बजे तक आपके दसवें भाव में है, जो करियर से जुड़ा है; फिर वह ग्यारहवें भाव में आता है — लाभ, मित्र, संपर्क और इच्छाएँ। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से ग्यारहवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन लाभ और मित्रता के लिए मददगार रहेगा। शुक्र 17:30 बजे आपके पाँचवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे रचनात्मक कामों और संतान में स्नेह और आनंद का असर आता है। आज के नक्षत्र अश्विनी के स्वामी केतु हैं; आपकी राशि से वे तीसरे भाव में हैं, जो दिन को मेहनत और बातचीत से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी मंगल आपके तीसरे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग मेहनत और बातचीत से आता है। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके छठे भाव में है — काम और सेहत की आदतों की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: जिसका इंतज़ार था, उस पर बात आगे बढ़ाएँ।
कर्क
चंद्रमा 05:55 बजे तक आपके नौवें भाव में है, जो पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जुड़ा है; फिर वह दसवें भाव में आता है — करियर, पद और कर्म। चंद्रमा से दसवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — करियर के लिए सहायक पृष्ठभूमि। शुक्र 17:30 बजे आपके चौथे भाव में प्रवेश करता है, जिससे घर-परिवार में स्नेह और आनंद का असर आता है। दिन का नक्षत्र अश्विनी है, जिसका स्वामी केतु आपके दूसरे भाव में है — इसलिए दिन में धन और परिवार की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी मंगल आपके दूसरे भाव में है, जो उसे धन और परिवार से जोड़ता है। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके पाँचवें भाव में है — रचनात्मक कामों और संतान की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: किसी सार्वजनिक वादे को निभाएँ।
सिंह
चंद्रमा 05:55 बजे तक आपके आठवें भाव में है, जो साझे धन और निजी बातों से जुड़ा है; फिर वह नौवें भाव में आता है — भाग्य, आस्था, गुरु और लंबी यात्राएँ। चंद्रमा से नौवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; पढ़ाई, आस्था और यात्रा में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। चंद्राष्टम 05:55 बजे समाप्त होता है, इसलिए नई शुरुआत उसके बाद करें। शुक्र 17:30 बजे आपके तीसरे भाव में प्रवेश करता है, जिससे मेहनत और बातचीत में स्नेह और आनंद का असर आता है। आज के नक्षत्र अश्विनी के स्वामी केतु हैं; आपकी राशि से वे पहले भाव में हैं, जो दिन को निजी मामलों से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी मंगल आपके पहले भाव में है, जो उसे निजी मामलों से जोड़ता है। दिन का अच्छा उपयोग: यात्रा की जल्दी के बजाय उसकी योजना बनाएँ।
कन्या
चंद्रमा 05:55 बजे तक आपके सातवें भाव में है, जो साझेदारी से जुड़ा है; फिर वह आठवें भाव में आता है — परिवर्तन, साझा धन और गुप्त बातें। कन्या चंद्र राशि वालों के लिए यह चंद्राष्टम है (05:55 बजे से): पंचांग की परंपरा ज़रूरी नई शुरुआत किसी और दिन के लिए रखती है, इसलिए साझे धन और निजी बातों में धीरे चलें। शुक्र 17:30 बजे आपके दूसरे भाव में प्रवेश करता है, जिससे धन और परिवार में स्नेह और आनंद का असर आता है। दिन का नक्षत्र अश्विनी है, जिसका स्वामी केतु आपके बारहवें भाव में है — इसलिए दिन में ख़र्च और विश्राम की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी मंगल आपके बारहवें भाव में है, जो उसे ख़र्च और विश्राम से जोड़ता है। दिन का अच्छा उपयोग: साझे पैसे के जोखिम भरे फ़ैसले टालें।
तुला
चंद्रमा 05:55 बजे तक आपके छठे भाव में है, जो काम और सेहत की आदतों से जुड़ा है; फिर वह सातवें भाव में आता है — विवाह, साथी और अनुबंध। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से सातवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन साझेदारी के लिए मददगार रहेगा। शुक्र 17:30 बजे आपके पहले भाव में प्रवेश करता है, जिससे निजी मामलों में स्नेह और आनंद का असर आता है। आज के नक्षत्र अश्विनी के स्वामी केतु हैं; आपकी राशि से वे ग्यारहवें भाव में हैं, जो दिन को लाभ और मित्रता से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी मंगल आपके ग्यारहवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग लाभ और मित्रता से आता है। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके दूसरे भाव में है — धन और परिवार की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: किसी सहकर्मी के साथ बीच का रास्ता निकालें।
वृश्चिक
चंद्रमा 05:55 बजे तक आपके पाँचवें भाव में है, जो रचनात्मक कामों और संतान से जुड़ा है; फिर वह छठे भाव में आता है — काम, सेवा, सेहत की आदतें, क़र्ज़ और प्रतिस्पर्धा। चंद्रमा से छठे भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — काम और सेहत की आदतों के लिए सहायक पृष्ठभूमि। शुक्र 17:30 बजे आपके बारहवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे ख़र्च और विश्राम में स्नेह और आनंद का असर आता है। दिन का नक्षत्र अश्विनी है, जिसका स्वामी केतु आपके दसवें भाव में है — इसलिए दिन में करियर की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी मंगल आपके दसवें भाव में है, जो उसे करियर से जोड़ता है। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके पहले भाव में है — निजी मामलों की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: छूटी हुई सेहत की दिनचर्या फिर शुरू करें।
धनु
चंद्रमा 05:55 बजे तक आपके चौथे भाव में है, जो घर-परिवार से जुड़ा है; फिर वह पाँचवें भाव में आता है — संतान, रचनात्मकता, बुद्धि और पुण्य। चंद्रमा से पाँचवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; रचनात्मक कामों और संतान में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। शुक्र 17:30 बजे आपके ग्यारहवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे लाभ और मित्रता में स्नेह और आनंद का असर आता है। आज के नक्षत्र अश्विनी के स्वामी केतु हैं; आपकी राशि से वे नौवें भाव में हैं, जो दिन को पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी मंगल आपके नौवें भाव में है, जो उसे पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जोड़ता है। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके बारहवें भाव में है — ख़र्च और विश्राम की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: यदि आपकी साधना है, तो थोड़ी प्रार्थना या मंत्र-जप करें।
मकर
चंद्रमा 05:55 बजे तक आपके तीसरे भाव में है, जो मेहनत और बातचीत से जुड़ा है; फिर वह चौथे भाव में आता है — घर, माँ, संपत्ति और मन की शांति। परंपरा चंद्रमा से चौथे भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए घर-परिवार को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। शुक्र 17:30 बजे आपके दसवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे करियर में स्नेह और आनंद का असर आता है। आज के नक्षत्र अश्विनी के स्वामी केतु हैं; आपकी राशि से वे आठवें भाव में हैं, जो दिन को साझे धन और निजी बातों से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी मंगल आपके आठवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग साझे धन और निजी बातों से आता है। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके ग्यारहवें भाव में है — लाभ और मित्रता की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: घर का एक कोना सहेजें।
कुंभ
चंद्रमा 05:55 बजे तक आपके दूसरे भाव में है, जो धन और परिवार से जुड़ा है; फिर वह तीसरे भाव में आता है — साहस, भाई-बहन, हुनर और बातचीत। चंद्रमा से तीसरे भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — मेहनत और बातचीत के लिए सहायक पृष्ठभूमि। शुक्र 17:30 बजे आपके नौवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे पढ़ाई, आस्था और यात्रा में स्नेह और आनंद का असर आता है। आज के नक्षत्र अश्विनी के स्वामी केतु हैं; आपकी राशि से वे सातवें भाव में हैं, जो दिन को साझेदारी से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी मंगल आपके सातवें भाव में है, जो उसे साझेदारी से जोड़ता है। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके दसवें भाव में है — करियर की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: जो संदेश या फ़ोन टाल रहे थे, आज कर लें।
मीन
चंद्रमा 05:55 बजे तक आपके पहले भाव में है, जो निजी मामलों से जुड़ा है; फिर वह दूसरे भाव में आता है — धन, परिवार, भोजन और वाणी। परंपरा चंद्रमा से दूसरे भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए धन और परिवार को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। शुक्र 17:30 बजे आपके आठवें भाव में प्रवेश करता है, जिससे साझे धन और निजी बातों में स्नेह और आनंद का असर आता है। आज के नक्षत्र अश्विनी के स्वामी केतु हैं; आपकी राशि से वे छठे भाव में हैं, जो दिन को काम और सेहत की आदतों से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी मंगल आपके छठे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग काम और सेहत की आदतों से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: परिवार का कोई छोटा मामला सुलझाएँ।
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दैनिक राशिफल चंद्रमा के साथ चलता है — सबसे तेज़ चलने वाला ग्रह — और आपकी राशि से गिने गए भावों में उसकी यात्रा पढ़ता है; आकाश रोज़ बदलता है, इसलिए फल भी रोज़ बदलता है। आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं ज़्यादा सटीक है: आपका दिन आपकी जन्म-कुंडली से हर दिन का पाठ देता है, और मुफ़्त कुंडली आपकी चंद्र राशि, लग्न और चल रही दशा दिखाती है। सूर्य राशि (पश्चिमी) के राशिफल अंग्रेज़ी पेज पर हैं।
स्रोत
- Sunyra engine (positions verified against NASA/JPL Horizons; panchang for New Delhi)
- Phaladeepika of Mantreswara, ch. 26 (transits from the Moon)
- Muhurta Chintamani of Rama Daivajna (nakshatra classes, tithi groups)
- Brihat Parashara Hora Shastra, ch. 26 (graha drishti) (Santhanam)
Sunyra संपादकीय द्वारा लिखित। ज्योतिष व्याख्या की एक परंपरा है; इसे मार्गदर्शन की तरह पढ़ें, पक्की भविष्यवाणी की तरह नहीं। अस्वीकरण (Disclaimer)।
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