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संक्षेप में: चंद्रमा 07:25 बजे तक मेष राशि में है, फिर वृषभ में (निरयन)। तिथि शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा है, जो 20:23 बजे प्रतिपदा में बदलती है। दोपहर के आसपास चंद्रमा कृत्तिका नक्षत्र में है, जिसके देवता अग्नि हैं; यह मिश्र नक्षत्र है, जो परंपरा से रोज़मर्रा के सामान्य कामों के लिए अच्छा माना जाता है। इस राशि पर सूर्य की सातवीं दृष्टि और शनि की तीसरी दृष्टि है — जो स्वाभिमान और उद्देश्य जोड़ती है और जो गंभीरता और धीरज की माँग जोड़ती है। विष्टि करण (भद्रा), जिसे पंचांग शुभ शुरुआत के लिए टालते हैं, 10:05 बजे तक रहेगा। परिघ योग मुहूर्त-ग्रंथों में नए काम की शुरुआत के लिए टाला जाता है; रोज़ का काम सामान्य रूप से चलता है।
आज का पंचांग
| वार | मंगलवार — स्वामी मंगल |
| तिथि | शुक्ल पक्ष: पूर्णिमा 20:23 तक; फिर प्रतिपदा (सूर्योदय पर पूर्णा तिथि) |
| नक्षत्र | कृत्तिका 23:25 तक; फिर रोहिणी |
| योग | परिघ 16:05 तक; फिर शिव |
| करण | विष्टि (भद्रा) 10:05 तक; बव 20:23 तक; बालव 25 नवंबर, 06:38 तक; फिर कौलव |
| चंद्र राशि (निरयन) | मेष; 07:25 बजे से वृषभ |
| चंद्र कला | पूर्णिमा 20:23 बजे (चंद्रमा निरयन वृषभ में) |
| वक्री ग्रह | शनि |
| सूर्योदय / सूर्यास्त | 06:50 / 17:24 (नई दिल्ली) |
| राहु काल | 14:46–16:05 (नई दिल्ली) |
राहु काल मंगलवार को दिनमान के आठ बराबर भागों में से सातवाँ भाग है, जो स्थानीय सूर्योदय से गिना जाता है — इसलिए इसका समय आपके शहर पर निर्भर करता है: आज नई दिल्ली में यह 14:46–16:05 बजे तक है। बहुत-से परिवार इसमें नया काम शुरू नहीं करते; अपने शहर का समय हिंदी पंचांग पर देखें।
चंद्र राशि के अनुसार राशिफल
मेष
चंद्रमा 07:25 बजे तक आपके पहले भाव में है, जो निजी मामलों से जुड़ा है; फिर वह दूसरे भाव में आता है — धन, परिवार, भोजन और वाणी। चंद्रमा से दूसरे भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; धन और परिवार में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। आज के नक्षत्र कृत्तिका के स्वामी सूर्य हैं; आपकी राशि से वे आठवें भाव में हैं, जो दिन को साझे धन और निजी बातों से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके सातवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग साझेदारी से आता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके पाँचवें भाव में है — रचनात्मक कामों और संतान की ओर एक हल्का इशारा। आपके बारहवें भाव में शनि के कारण साढ़े साती चल रही है, इसलिए सधी हुई, सरल दिनचर्या मदद करती है। दिन का अच्छा उपयोग: शब्द सोच-समझकर चुनें; आज वाणी का वज़न है।
वृषभ
चंद्रमा 07:25 बजे तक आपके बारहवें भाव में है, जो ख़र्च और विश्राम से जुड़ा है; फिर वह पहले भाव में आता है — शरीर, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व। चंद्रमा आपकी अपनी राशि में लौटा है, इसलिए भावनाएँ सतह के क़रीब हैं; परंपरा इसे शुभ चंद्रमा मानती है, जो सरल और ईमानदार योजनाओं के लिए सबसे अच्छा है। आज के नक्षत्र कृत्तिका के स्वामी सूर्य हैं; आपकी राशि से वे सातवें भाव में हैं, जो दिन को साझेदारी से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके छठे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग काम और सेहत की आदतों से आता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके चौथे भाव में है — घर-परिवार की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: वह एक काम करें जो सचमुच आपका है।
मिथुन
चंद्रमा 07:25 बजे तक आपके ग्यारहवें भाव में है, जो लाभ और मित्रता से जुड़ा है; फिर वह बारहवें भाव में आता है — ख़र्च, एकांत, विदेश और मोक्ष। परंपरा चंद्रमा से बारहवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए ख़र्च और विश्राम को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। दिन का नक्षत्र कृत्तिका है, जिसका स्वामी सूर्य आपके छठे भाव में है — इसलिए दिन में काम और सेहत की आदतों की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके पाँचवें भाव में है, जो उसे रचनात्मक कामों और संतान से जोड़ता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके तीसरे भाव में है — मेहनत और बातचीत की ओर एक हल्का इशारा। पृष्ठभूमि में गुरु आपके तीसरे भाव में है, इसलिए उसकी मदद मेहनत के रास्ते आती है। दिन का अच्छा उपयोग: आराम करें, सरल रखें और एक चीज़ छोड़ दें।
कर्क
चंद्रमा 07:25 बजे तक आपके दसवें भाव में है, जो करियर से जुड़ा है; फिर वह ग्यारहवें भाव में आता है — लाभ, मित्र, संपर्क और इच्छाएँ। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से ग्यारहवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन लाभ और मित्रता के लिए मददगार रहेगा। दिन का नक्षत्र कृत्तिका है, जिसका स्वामी सूर्य आपके पाँचवें भाव में है — इसलिए दिन में रचनात्मक कामों और संतान की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके चौथे भाव में है, जो उसे घर-परिवार से जोड़ता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके दूसरे भाव में है — धन और परिवार की ओर एक हल्का इशारा। शनि धीरे-धीरे आपके नौवें भाव से गुज़र रहा है और पढ़ाई, आस्था और यात्रा में धीरज माँगता है। दिन का अच्छा उपयोग: किसी मित्र से फिर जुड़ें।
सिंह
चंद्रमा 07:25 बजे तक आपके नौवें भाव में है, जो पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जुड़ा है; फिर वह दसवें भाव में आता है — करियर, पद और कर्म। चंद्रमा से दसवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — करियर के लिए सहायक पृष्ठभूमि। आज के नक्षत्र कृत्तिका के स्वामी सूर्य हैं; आपकी राशि से वे चौथे भाव में हैं, जो दिन को घर-परिवार से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके तीसरे भाव में है, जो उसे मेहनत और बातचीत से जोड़ता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके पहले भाव में है — निजी मामलों की ओर एक हल्का इशारा। पृष्ठभूमि में गुरु आपके पहले भाव में है, इसलिए उसकी मदद मेहनत के रास्ते आती है। दिन का अच्छा उपयोग: दिन का सबसे अच्छा घंटा अपने मुख्य काम को दें।
कन्या
चंद्रमा 07:25 बजे तक आपके आठवें भाव में है, जो साझे धन और निजी बातों से जुड़ा है; फिर वह नौवें भाव में आता है — भाग्य, आस्था, गुरु और लंबी यात्राएँ। परंपरा चंद्रमा से नौवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए पढ़ाई, आस्था और यात्रा को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। चंद्राष्टम 07:25 बजे समाप्त होता है, इसलिए नई शुरुआत उसके बाद करें। आज के नक्षत्र कृत्तिका के स्वामी सूर्य हैं; आपकी राशि से वे तीसरे भाव में हैं, जो दिन को मेहनत और बातचीत से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके दूसरे भाव में है, जो उसे धन और परिवार से जोड़ता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके बारहवें भाव में है — ख़र्च और विश्राम की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: यात्रा की जल्दी के बजाय उसकी योजना बनाएँ।
तुला
चंद्रमा 07:25 बजे तक आपके सातवें भाव में है, जो साझेदारी से जुड़ा है; फिर वह आठवें भाव में आता है — परिवर्तन, साझा धन और गुप्त बातें। तुला चंद्र राशि वालों के लिए यह चंद्राष्टम है (07:25 बजे से): पंचांग की परंपरा ज़रूरी नई शुरुआत किसी और दिन के लिए रखती है, इसलिए साझे धन और निजी बातों में धीरे चलें। आज के नक्षत्र कृत्तिका के स्वामी सूर्य हैं; आपकी राशि से वे दूसरे भाव में हैं, जो दिन को धन और परिवार से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके पहले भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग निजी मामलों से आता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके ग्यारहवें भाव में है — लाभ और मित्रता की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: कुछ समय मनन या अध्ययन में बिताएँ।
वृश्चिक
चंद्रमा 07:25 बजे तक आपके छठे भाव में है, जो काम और सेहत की आदतों से जुड़ा है; फिर वह सातवें भाव में आता है — विवाह, साथी और अनुबंध। चंद्रमा से सातवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — साझेदारी के लिए सहायक पृष्ठभूमि। आज के नक्षत्र कृत्तिका के स्वामी सूर्य हैं; आपकी राशि से वे पहले भाव में हैं, जो दिन को निजी मामलों से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके बारहवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग ख़र्च और विश्राम से आता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके दसवें भाव में है — करियर की ओर एक हल्का इशारा। आपके दसवें भाव में मंगल करियर में ऊर्जा डालता है। दिन का अच्छा उपयोग: किसी सहकर्मी के साथ बीच का रास्ता निकालें।
धनु
चंद्रमा 07:25 बजे तक आपके पाँचवें भाव में है, जो रचनात्मक कामों और संतान से जुड़ा है; फिर वह छठे भाव में आता है — काम, सेवा, सेहत की आदतें, क़र्ज़ और प्रतिस्पर्धा। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से छठे भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन काम और सेहत की आदतों के लिए मददगार रहेगा। आज के नक्षत्र कृत्तिका के स्वामी सूर्य हैं; आपकी राशि से वे बारहवें भाव में हैं, जो दिन को ख़र्च और विश्राम से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके ग्यारहवें भाव में है, जो उसे लाभ और मित्रता से जोड़ता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके नौवें भाव में है — पढ़ाई, आस्था और यात्रा की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: कोई छोटा क़र्ज़ या विवाद शांति से सुलझाएँ।
मकर
चंद्रमा 07:25 बजे तक आपके चौथे भाव में है, जो घर-परिवार से जुड़ा है; फिर वह पाँचवें भाव में आता है — संतान, रचनात्मकता, बुद्धि और पुण्य। परंपरा चंद्रमा से पाँचवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए रचनात्मक कामों और संतान को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। दिन का नक्षत्र कृत्तिका है, जिसका स्वामी सूर्य आपके ग्यारहवें भाव में है — इसलिए दिन में लाभ और मित्रता की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी शुक्र आपके दसवें भाव में है, जो उसे करियर से जोड़ता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके आठवें भाव में है — साझे धन और निजी बातों की ओर एक हल्का इशारा। आपके आठवें भाव में मंगल साझे धन और निजी बातों में ऊर्जा डालता है। दिन का अच्छा उपयोग: यदि आपकी साधना है, तो थोड़ी प्रार्थना या मंत्र-जप करें।
कुंभ
चंद्रमा 07:25 बजे तक आपके तीसरे भाव में है, जो मेहनत और बातचीत से जुड़ा है; फिर वह चौथे भाव में आता है — घर, माँ, संपत्ति और मन की शांति। चंद्रमा से चौथे भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; घर-परिवार में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। आज के नक्षत्र कृत्तिका के स्वामी सूर्य हैं; आपकी राशि से वे दसवें भाव में हैं, जो दिन को करियर से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके नौवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग पढ़ाई, आस्था और यात्रा से आता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके सातवें भाव में है — साझेदारी की ओर एक हल्का इशारा। पृष्ठभूमि में गुरु आपके सातवें भाव में है, जो एक सहायक स्थिति है। दिन का अच्छा उपयोग: घर का एक कोना सहेजें।
मीन
चंद्रमा 07:25 बजे तक आपके दूसरे भाव में है, जो धन और परिवार से जुड़ा है; फिर वह तीसरे भाव में आता है — साहस, भाई-बहन, हुनर और बातचीत। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से तीसरे भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन मेहनत और बातचीत के लिए मददगार रहेगा। दिन का नक्षत्र कृत्तिका है, जिसका स्वामी सूर्य आपके नौवें भाव में है — इसलिए दिन में पढ़ाई, आस्था और यात्रा की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी शुक्र आपके आठवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग साझे धन और निजी बातों से आता है। आज मंगलवार है, जिसका स्वामी मंगल आपके छठे भाव में है — काम और सेहत की आदतों की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: भाई-बहन या पड़ोसी की किसी छोटी बात में मदद करें।
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दैनिक राशिफल चंद्रमा के साथ चलता है — सबसे तेज़ चलने वाला ग्रह — और आपकी राशि से गिने गए भावों में उसकी यात्रा पढ़ता है; आकाश रोज़ बदलता है, इसलिए फल भी रोज़ बदलता है। आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं ज़्यादा सटीक है: आपका दिन आपकी जन्म-कुंडली से हर दिन का पाठ देता है, और मुफ़्त कुंडली आपकी चंद्र राशि, लग्न और चल रही दशा दिखाती है। सूर्य राशि (पश्चिमी) के राशिफल अंग्रेज़ी पेज पर हैं।
स्रोत
- Sunyra engine (positions verified against NASA/JPL Horizons; panchang for New Delhi)
- Phaladeepika of Mantreswara, ch. 26 (transits from the Moon)
- Muhurta Chintamani of Rama Daivajna (nakshatra classes, tithi groups)
- Brihat Parashara Hora Shastra, ch. 26 (graha drishti) (Santhanam)
Sunyra संपादकीय द्वारा लिखित। ज्योतिष व्याख्या की एक परंपरा है; इसे मार्गदर्शन की तरह पढ़ें, पक्की भविष्यवाणी की तरह नहीं। अस्वीकरण (Disclaimer)।
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