इस पेज पर
संक्षेप में: चंद्रमा 07:11 बजे तक वृषभ राशि में है, फिर मिथुन में (निरयन)। तिथि कृष्ण पक्ष की द्वितीया है, जो 13:15 बजे तृतीया में बदलती है। दोपहर के आसपास चंद्रमा मृगशिरा नक्षत्र में है, जिसके देवता सोम हैं; यह मृदु नक्षत्र है, जो परंपरा से कोमल कामों — मित्रता, कला, सेवा — के लिए अच्छा माना जाता है। विष्टि करण (भद्रा), जिसे पंचांग शुभ शुरुआत के लिए टालते हैं, 23:30 बजे से रहेगा।
आज का पंचांग
| वार | गुरुवार — स्वामी गुरु |
| तिथि | कृष्ण पक्ष: द्वितीया 13:15 तक; फिर तृतीया (सूर्योदय पर भद्रा तिथि) |
| नक्षत्र | मृगशिरा 17:47 तक; फिर आर्द्रा |
| योग | सिद्ध 07:49 तक; साध्य 27 नवंबर, 03:44 तक; फिर शुभ |
| करण | गर 13:15 तक; वणिज 23:30 तक; फिर विष्टि (भद्रा) |
| चंद्र राशि (निरयन) | वृषभ; 07:11 बजे से मिथुन |
| वक्री ग्रह | शनि |
| सूर्योदय / सूर्यास्त | 06:52 / 17:24 (नई दिल्ली) |
| राहु काल | 13:27–14:46 (नई दिल्ली) |
राहु काल गुरुवार को दिनमान के आठ बराबर भागों में से छठा भाग है, जो स्थानीय सूर्योदय से गिना जाता है — इसलिए इसका समय आपके शहर पर निर्भर करता है: आज नई दिल्ली में यह 13:27–14:46 बजे तक है। बहुत-से परिवार इसमें नया काम शुरू नहीं करते; अपने शहर का समय हिंदी पंचांग पर देखें।
चंद्र राशि के अनुसार राशिफल
मेष
चंद्रमा 07:11 बजे तक आपके दूसरे भाव में है, जो धन और परिवार से जुड़ा है; फिर वह तीसरे भाव में आता है — साहस, भाई-बहन, हुनर और बातचीत। चंद्रमा से तीसरे भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — मेहनत और बातचीत के लिए सहायक पृष्ठभूमि। दिन का नक्षत्र मृगशिरा है, जिसका स्वामी मंगल आपके पाँचवें भाव में है — इसलिए दिन में रचनात्मक कामों और संतान की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी बुध आपके सातवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग साझेदारी से आता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके पाँचवें भाव में है — रचनात्मक कामों और संतान की ओर एक हल्का इशारा। आपके पाँचवें भाव में मंगल रचनात्मक कामों और संतान में ऊर्जा डालता है। दिन का अच्छा उपयोग: भाई-बहन या पड़ोसी की किसी छोटी बात में मदद करें।
वृषभ
चंद्रमा 07:11 बजे तक आपके पहले भाव में है, जो निजी मामलों से जुड़ा है; फिर वह दूसरे भाव में आता है — धन, परिवार, भोजन और वाणी। चंद्रमा से दूसरे भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; धन और परिवार में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। दिन का नक्षत्र मृगशिरा है, जिसका स्वामी मंगल आपके चौथे भाव में है — इसलिए दिन में घर-परिवार की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी बुध आपके छठे भाव में है, जो उसे काम और सेहत की आदतों से जोड़ता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके चौथे भाव में है — घर-परिवार की ओर एक हल्का इशारा। पृष्ठभूमि में गुरु आपके चौथे भाव में है, इसलिए उसकी मदद मेहनत के रास्ते आती है। दिन का अच्छा उपयोग: घर का हिसाब देखें या परिवार के लिए कुछ पकाएँ।
मिथुन
चंद्रमा 07:11 बजे तक आपके बारहवें भाव में है, जो ख़र्च और विश्राम से जुड़ा है; फिर वह पहले भाव में आता है — शरीर, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व। यह आपका जन्म-चंद्र है — चंद्रमा आपकी अपनी राशि में — जिसे परंपरा अनुकूल मानती है; मन तेज़ रहेगा, इसलिए योजनाएँ सरल रखें। दिन का नक्षत्र मृगशिरा है, जिसका स्वामी मंगल आपके तीसरे भाव में है — इसलिए दिन में मेहनत और बातचीत की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी बुध आपके पाँचवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग रचनात्मक कामों और संतान से आता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके तीसरे भाव में है — मेहनत और बातचीत की ओर एक हल्का इशारा। शनि धीरे-धीरे आपके दसवें भाव से गुज़र रहा है और करियर में धीरज माँगता है। दिन का अच्छा उपयोग: अपनी दिनचर्या सरल रखें और नींद-भोजन का ध्यान रखें।
कर्क
चंद्रमा 07:11 बजे तक आपके ग्यारहवें भाव में है, जो लाभ और मित्रता से जुड़ा है; फिर वह बारहवें भाव में आता है — ख़र्च, एकांत, विदेश और मोक्ष। चंद्रमा से बारहवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; ख़र्च और विश्राम में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। दिन का नक्षत्र मृगशिरा है, जिसका स्वामी मंगल आपके दूसरे भाव में है — इसलिए दिन में धन और परिवार की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी बुध आपके चौथे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग घर-परिवार से आता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके दूसरे भाव में है — धन और परिवार की ओर एक हल्का इशारा। आपके दूसरे भाव में मंगल धन और परिवार में ऊर्जा डालता है। दिन का अच्छा उपयोग: ख़र्च से पहले बजट देखें।
सिंह
चंद्रमा 07:11 बजे तक आपके दसवें भाव में है, जो करियर से जुड़ा है; फिर वह ग्यारहवें भाव में आता है — लाभ, मित्र, संपर्क और इच्छाएँ। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से ग्यारहवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन लाभ और मित्रता के लिए मददगार रहेगा। दिन का नक्षत्र मृगशिरा है, जिसका स्वामी मंगल आपके पहले भाव में है — इसलिए दिन में निजी मामलों की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी बुध आपके तीसरे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग मेहनत और बातचीत से आता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके पहले भाव में है — निजी मामलों की ओर एक हल्का इशारा। पृष्ठभूमि में गुरु आपके पहले भाव में है, इसलिए उसकी मदद मेहनत के रास्ते आती है। दिन का अच्छा उपयोग: जिसका इंतज़ार था, उस पर बात आगे बढ़ाएँ।
कन्या
चंद्रमा 07:11 बजे तक आपके नौवें भाव में है, जो पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जुड़ा है; फिर वह दसवें भाव में आता है — करियर, पद और कर्म। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से दसवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन करियर के लिए मददगार रहेगा। आज के नक्षत्र मृगशिरा के स्वामी मंगल हैं; आपकी राशि से वे बारहवें भाव में हैं, जो दिन को ख़र्च और विश्राम से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी बुध आपके दूसरे भाव में है, जो उसे धन और परिवार से जोड़ता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके बारहवें भाव में है — ख़र्च और विश्राम की ओर एक हल्का इशारा। शनि धीरे-धीरे आपके सातवें भाव से गुज़र रहा है और साझेदारी में धीरज माँगता है। दिन का अच्छा उपयोग: हफ़्ते के कामों को व्यवस्थित करें।
तुला
चंद्रमा 07:11 बजे तक आपके आठवें भाव में है, जो साझे धन और निजी बातों से जुड़ा है; फिर वह नौवें भाव में आता है — भाग्य, आस्था, गुरु और लंबी यात्राएँ। चंद्रमा से नौवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; पढ़ाई, आस्था और यात्रा में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। चंद्राष्टम 07:11 बजे समाप्त होता है, इसलिए नई शुरुआत उसके बाद करें। आज के नक्षत्र मृगशिरा के स्वामी मंगल हैं; आपकी राशि से वे ग्यारहवें भाव में हैं, जो दिन को लाभ और मित्रता से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी बुध आपके पहले भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग निजी मामलों से आता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके ग्यारहवें भाव में है — लाभ और मित्रता की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: पिता या किसी मार्गदर्शक के लिए कुछ अच्छा करें।
वृश्चिक
चंद्रमा 07:11 बजे तक आपके सातवें भाव में है, जो साझेदारी से जुड़ा है; फिर वह आठवें भाव में आता है — परिवर्तन, साझा धन और गुप्त बातें। वृश्चिक चंद्र राशि वालों के लिए यह चंद्राष्टम है (07:11 बजे से): पंचांग की परंपरा ज़रूरी नई शुरुआत किसी और दिन के लिए रखती है, इसलिए साझे धन और निजी बातों में धीरे चलें। दिन का नक्षत्र मृगशिरा है, जिसका स्वामी मंगल आपके दसवें भाव में है — इसलिए दिन में करियर की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी बुध आपके बारहवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग ख़र्च और विश्राम से आता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके दसवें भाव में है — करियर की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: योजनाएँ छोटी रखें और जो शुरू है उसे पूरा करें।
धनु
चंद्रमा 07:11 बजे तक आपके छठे भाव में है, जो काम और सेहत की आदतों से जुड़ा है; फिर वह सातवें भाव में आता है — विवाह, साथी और अनुबंध। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से सातवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन साझेदारी के लिए मददगार रहेगा। आज के नक्षत्र मृगशिरा के स्वामी मंगल हैं; आपकी राशि से वे नौवें भाव में हैं, जो दिन को पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी बुध आपके ग्यारहवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग लाभ और मित्रता से आता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके नौवें भाव में है — पढ़ाई, आस्था और यात्रा की ओर एक हल्का इशारा। पृष्ठभूमि में गुरु आपके नौवें भाव में है, जो एक सहायक स्थिति है। दिन का अच्छा उपयोग: साथी की बात बोलने से ज़्यादा सुनें।
मकर
चंद्रमा 07:11 बजे तक आपके पाँचवें भाव में है, जो रचनात्मक कामों और संतान से जुड़ा है; फिर वह छठे भाव में आता है — काम, सेवा, सेहत की आदतें, क़र्ज़ और प्रतिस्पर्धा। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से छठे भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन काम और सेहत की आदतों के लिए मददगार रहेगा। आज के नक्षत्र मृगशिरा के स्वामी मंगल हैं; आपकी राशि से वे आठवें भाव में हैं, जो दिन को साझे धन और निजी बातों से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी बुध आपके दसवें भाव में है, जो उसे करियर से जोड़ता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके आठवें भाव में है — साझे धन और निजी बातों की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: काम का कोई रुका हुआ काम निपटाएँ।
कुंभ
चंद्रमा 07:11 बजे तक आपके चौथे भाव में है, जो घर-परिवार से जुड़ा है; फिर वह पाँचवें भाव में आता है — संतान, रचनात्मकता, बुद्धि और पुण्य। चंद्रमा से पाँचवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; रचनात्मक कामों और संतान में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। दिन का नक्षत्र मृगशिरा है, जिसका स्वामी मंगल आपके सातवें भाव में है — इसलिए दिन में साझेदारी की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी बुध आपके नौवें भाव में है, जो उसे पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जोड़ता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके सातवें भाव में है — साझेदारी की ओर एक हल्का इशारा। पृष्ठभूमि में गुरु आपके सातवें भाव में है, जो एक सहायक स्थिति है। दिन का अच्छा उपयोग: मन को कुछ अच्छा पढ़ने दें।
मीन
चंद्रमा 07:11 बजे तक आपके तीसरे भाव में है, जो मेहनत और बातचीत से जुड़ा है; फिर वह चौथे भाव में आता है — घर, माँ, संपत्ति और मन की शांति। परंपरा चंद्रमा से चौथे भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए घर-परिवार को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। आज के नक्षत्र मृगशिरा के स्वामी मंगल हैं; आपकी राशि से वे छठे भाव में हैं, जो दिन को काम और सेहत की आदतों से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी बुध आपके आठवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग साझे धन और निजी बातों से आता है। आज गुरुवार है, जिसका स्वामी गुरु आपके छठे भाव में है — काम और सेहत की आदतों की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: घर का एक कोना सहेजें।
इस पेज को कैसे पढ़ें
दैनिक राशिफल चंद्रमा के साथ चलता है — सबसे तेज़ चलने वाला ग्रह — और आपकी राशि से गिने गए भावों में उसकी यात्रा पढ़ता है; आकाश रोज़ बदलता है, इसलिए फल भी रोज़ बदलता है। आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं ज़्यादा सटीक है: आपका दिन आपकी जन्म-कुंडली से हर दिन का पाठ देता है, और मुफ़्त कुंडली आपकी चंद्र राशि, लग्न और चल रही दशा दिखाती है। सूर्य राशि (पश्चिमी) के राशिफल अंग्रेज़ी पेज पर हैं।
स्रोत
- Sunyra engine (positions verified against NASA/JPL Horizons; panchang for New Delhi)
- Phaladeepika of Mantreswara, ch. 26 (transits from the Moon)
- Muhurta Chintamani of Rama Daivajna (nakshatra classes, tithi groups)
- Brihat Parashara Hora Shastra, ch. 26 (graha drishti) (Santhanam)
Sunyra संपादकीय द्वारा लिखित। ज्योतिष व्याख्या की एक परंपरा है; इसे मार्गदर्शन की तरह पढ़ें, पक्की भविष्यवाणी की तरह नहीं। अस्वीकरण (Disclaimer)।
Last reviewed