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संक्षेप में: चंद्रमा 07:22 बजे तक मिथुन राशि में है, फिर कर्क में (निरयन)। तिथि कृष्ण पक्ष की पंचमी है, जो 29 नवंबर, 03:57 बजे षष्ठी में बदलती है। दोपहर के आसपास चंद्रमा पुनर्वसु नक्षत्र में है, जिसके देवता अदिति हैं; यह चर नक्षत्र है, जो परंपरा से यात्रा, भाग-दौड़ और फेरबदल के लिए अच्छा माना जाता है।
आज का पंचांग
| वार | शनिवार — स्वामी शनि |
| तिथि | कृष्ण पक्ष: पंचमी 29 नवंबर, 03:57 तक; फिर षष्ठी (सूर्योदय पर पूर्णा तिथि) |
| नक्षत्र | पुनर्वसु 12:50 तक; फिर पुष्य |
| योग | शुक्ल 20:18 तक; फिर ब्रह्म |
| करण | कौलव 17:15 तक; तैतिल 29 नवंबर, 03:57 तक; फिर गर |
| चंद्र राशि (निरयन) | मिथुन; 07:22 बजे से कर्क |
| वक्री ग्रह | शनि |
| सूर्योदय / सूर्यास्त | 06:53 / 17:24 (नई दिल्ली) |
| राहु काल | 09:31–10:50 (नई दिल्ली) |
राहु काल शनिवार को दिनमान के आठ बराबर भागों में से तीसरा भाग है, जो स्थानीय सूर्योदय से गिना जाता है — इसलिए इसका समय आपके शहर पर निर्भर करता है: आज नई दिल्ली में यह 09:31–10:50 बजे तक है। बहुत-से परिवार इसमें नया काम शुरू नहीं करते; अपने शहर का समय हिंदी पंचांग पर देखें।
चंद्र राशि के अनुसार राशिफल
मेष
चंद्रमा 07:22 बजे तक आपके तीसरे भाव में है, जो मेहनत और बातचीत से जुड़ा है; फिर वह चौथे भाव में आता है — घर, माँ, संपत्ति और मन की शांति। परंपरा चंद्रमा से चौथे भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए घर-परिवार को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। दिन का नक्षत्र पुनर्वसु है, जिसका स्वामी गुरु आपके पाँचवें भाव में है — इसलिए दिन में रचनात्मक कामों और संतान की भी भूमिका रहती है। चौथा भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके बारहवें भाव में है — ख़र्च और विश्राम की ओर एक हल्का इशारा। पृष्ठभूमि में गुरु आपके पाँचवें भाव में है, जो एक सहायक स्थिति है। दिन का अच्छा उपयोग: घर का एक कोना सहेजें।
वृषभ
चंद्रमा 07:22 बजे तक आपके दूसरे भाव में है, जो धन और परिवार से जुड़ा है; फिर वह तीसरे भाव में आता है — साहस, भाई-बहन, हुनर और बातचीत। चंद्रमा से तीसरे भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — मेहनत और बातचीत के लिए सहायक पृष्ठभूमि। आज के नक्षत्र पुनर्वसु के स्वामी गुरु हैं; आपकी राशि से वे चौथे भाव में हैं, जो दिन को घर-परिवार से जोड़ता है। तीसरा भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके ग्यारहवें भाव में है — लाभ और मित्रता की ओर एक हल्का इशारा। शनि धीरे-धीरे आपके ग्यारहवें भाव से गुज़र रहा है और वहाँ धैर्य भरी मेहनत का फल देता है। दिन का अच्छा उपयोग: आधा घंटा किसी हुनर के अभ्यास में लगाएँ।
मिथुन
चंद्रमा 07:22 बजे तक आपके पहले भाव में है, जो निजी मामलों से जुड़ा है; फिर वह दूसरे भाव में आता है — धन, परिवार, भोजन और वाणी। परंपरा चंद्रमा से दूसरे भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए धन और परिवार को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। दिन का नक्षत्र पुनर्वसु है, जिसका स्वामी गुरु आपके तीसरे भाव में है — इसलिए दिन में मेहनत और बातचीत की भी भूमिका रहती है। दूसरा भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके दसवें भाव में है — करियर की ओर एक हल्का इशारा। आपके तीसरे भाव में मंगल मेहनत और बातचीत में ऊर्जा डालता है। शनि धीरे-धीरे आपके दसवें भाव से गुज़र रहा है और करियर में धीरज माँगता है। दिन का अच्छा उपयोग: शब्द सोच-समझकर चुनें; आज वाणी का वज़न है।
कर्क
चंद्रमा 07:22 बजे तक आपके बारहवें भाव में है, जो ख़र्च और विश्राम से जुड़ा है; फिर वह पहले भाव में आता है — शरीर, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व। आज चंद्रमा आपकी अपनी राशि में है, परंपरा से शुभ पर कोमल समय: जो कहना है साफ़ कहें और चाल धीमी रखें। दिन का नक्षत्र पुनर्वसु है, जिसका स्वामी गुरु आपके दूसरे भाव में है — इसलिए दिन में धन और परिवार की भी भूमिका रहती है। पहला भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके नौवें भाव में है — पढ़ाई, आस्था और यात्रा की ओर एक हल्का इशारा। शनि धीरे-धीरे आपके नौवें भाव से गुज़र रहा है और पढ़ाई, आस्था और यात्रा में धीरज माँगता है। दिन का अच्छा उपयोग: वह एक काम करें जो सचमुच आपका है।
सिंह
चंद्रमा 07:22 बजे तक आपके ग्यारहवें भाव में है, जो लाभ और मित्रता से जुड़ा है; फिर वह बारहवें भाव में आता है — ख़र्च, एकांत, विदेश और मोक्ष। परंपरा चंद्रमा से बारहवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए ख़र्च और विश्राम को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। दिन का नक्षत्र पुनर्वसु है, जिसका स्वामी गुरु आपके पहले भाव में है — इसलिए दिन में निजी मामलों की भी भूमिका रहती है। बारहवाँ भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके आठवें भाव में है — साझे धन और निजी बातों की ओर एक हल्का इशारा। आपके पहले भाव में मंगल निजी मामलों में ऊर्जा डालता है। दिन का अच्छा उपयोग: जहाँ ज़रूरत हो, चुपचाप मदद करें।
कन्या
चंद्रमा 07:22 बजे तक आपके दसवें भाव में है, जो करियर से जुड़ा है; फिर वह ग्यारहवें भाव में आता है — लाभ, मित्र, संपर्क और इच्छाएँ। चंद्रमा से ग्यारहवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — लाभ और मित्रता के लिए सहायक पृष्ठभूमि। आज के नक्षत्र पुनर्वसु के स्वामी गुरु हैं; आपकी राशि से वे बारहवें भाव में हैं, जो दिन को ख़र्च और विश्राम से जोड़ता है। ग्यारहवाँ भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके सातवें भाव में है — साझेदारी की ओर एक हल्का इशारा। पृष्ठभूमि में गुरु आपके बारहवें भाव में है, इसलिए उसकी मदद मेहनत के रास्ते आती है। दिन का अच्छा उपयोग: जिसका इंतज़ार था, उस पर बात आगे बढ़ाएँ।
तुला
चंद्रमा 07:22 बजे तक आपके नौवें भाव में है, जो पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जुड़ा है; फिर वह दसवें भाव में आता है — करियर, पद और कर्म। चंद्रमा से दसवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — करियर के लिए सहायक पृष्ठभूमि। दिन का नक्षत्र पुनर्वसु है, जिसका स्वामी गुरु आपके ग्यारहवें भाव में है — इसलिए दिन में लाभ और मित्रता की भी भूमिका रहती है। दसवाँ भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके छठे भाव में है — काम और सेहत की आदतों की ओर एक हल्का इशारा। आपके ग्यारहवें भाव में मंगल लाभ और मित्रता में ऊर्जा डालता है। दिन का अच्छा उपयोग: किसी सार्वजनिक वादे को निभाएँ।
वृश्चिक
चंद्रमा 07:22 बजे तक आपके आठवें भाव में है, जो साझे धन और निजी बातों से जुड़ा है; फिर वह नौवें भाव में आता है — भाग्य, आस्था, गुरु और लंबी यात्राएँ। परंपरा चंद्रमा से नौवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए पढ़ाई, आस्था और यात्रा को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। चंद्राष्टम 07:22 बजे समाप्त होता है, इसलिए नई शुरुआत उसके बाद करें। आज के नक्षत्र पुनर्वसु के स्वामी गुरु हैं; आपकी राशि से वे दसवें भाव में हैं, जो दिन को करियर से जोड़ता है। नौवाँ भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके पाँचवें भाव में है — रचनात्मक कामों और संतान की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: पिता या किसी मार्गदर्शक के लिए कुछ अच्छा करें।
धनु
चंद्रमा 07:22 बजे तक आपके सातवें भाव में है, जो साझेदारी से जुड़ा है; फिर वह आठवें भाव में आता है — परिवर्तन, साझा धन और गुप्त बातें। धनु चंद्र राशि वालों के लिए यह चंद्राष्टम है (07:22 बजे से): पंचांग की परंपरा ज़रूरी नई शुरुआत किसी और दिन के लिए रखती है, इसलिए साझे धन और निजी बातों में धीरे चलें। दिन का नक्षत्र पुनर्वसु है, जिसका स्वामी गुरु आपके नौवें भाव में है — इसलिए दिन में पढ़ाई, आस्था और यात्रा की भी भूमिका रहती है। आठवाँ भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके चौथे भाव में है — घर-परिवार की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: कुछ समय मनन या अध्ययन में बिताएँ।
मकर
चंद्रमा 07:22 बजे तक आपके छठे भाव में है, जो काम और सेहत की आदतों से जुड़ा है; फिर वह सातवें भाव में आता है — विवाह, साथी और अनुबंध। चंद्रमा से सातवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — साझेदारी के लिए सहायक पृष्ठभूमि। आज के नक्षत्र पुनर्वसु के स्वामी गुरु हैं; आपकी राशि से वे आठवें भाव में हैं, जो दिन को साझे धन और निजी बातों से जोड़ता है। सातवाँ भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके तीसरे भाव में है — मेहनत और बातचीत की ओर एक हल्का इशारा। पृष्ठभूमि में गुरु आपके आठवें भाव में है, इसलिए उसकी मदद मेहनत के रास्ते आती है। दिन का अच्छा उपयोग: किसी सहकर्मी के साथ बीच का रास्ता निकालें।
कुंभ
चंद्रमा 07:22 बजे तक आपके पाँचवें भाव में है, जो रचनात्मक कामों और संतान से जुड़ा है; फिर वह छठे भाव में आता है — काम, सेवा, सेहत की आदतें, क़र्ज़ और प्रतिस्पर्धा। चंद्रमा से छठे भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — काम और सेहत की आदतों के लिए सहायक पृष्ठभूमि। दिन का नक्षत्र पुनर्वसु है, जिसका स्वामी गुरु आपके सातवें भाव में है — इसलिए दिन में साझेदारी की भी भूमिका रहती है। छठा भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके दूसरे भाव में है — धन और परिवार की ओर एक हल्का इशारा। आपके सातवें भाव में मंगल साझेदारी में ऊर्जा डालता है। दिन का अच्छा उपयोग: कोई छोटा क़र्ज़ या विवाद शांति से सुलझाएँ।
मीन
चंद्रमा 07:22 बजे तक आपके चौथे भाव में है, जो घर-परिवार से जुड़ा है; फिर वह पाँचवें भाव में आता है — संतान, रचनात्मकता, बुद्धि और पुण्य। परंपरा चंद्रमा से पाँचवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए रचनात्मक कामों और संतान को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। आज के नक्षत्र पुनर्वसु के स्वामी गुरु हैं; आपकी राशि से वे छठे भाव में हैं, जो दिन को काम और सेहत की आदतों से जोड़ता है। पाँचवाँ भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज शनिवार है, जिसका स्वामी शनि आपके पहले भाव में है — निजी मामलों की ओर एक हल्का इशारा। आपके पहले भाव में शनि के कारण साढ़े साती चल रही है, इसलिए सधी हुई, सरल दिनचर्या मदद करती है। दिन का अच्छा उपयोग: मन को कुछ अच्छा पढ़ने दें।
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दैनिक राशिफल चंद्रमा के साथ चलता है — सबसे तेज़ चलने वाला ग्रह — और आपकी राशि से गिने गए भावों में उसकी यात्रा पढ़ता है; आकाश रोज़ बदलता है, इसलिए फल भी रोज़ बदलता है। आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं ज़्यादा सटीक है: आपका दिन आपकी जन्म-कुंडली से हर दिन का पाठ देता है, और मुफ़्त कुंडली आपकी चंद्र राशि, लग्न और चल रही दशा दिखाती है। सूर्य राशि (पश्चिमी) के राशिफल अंग्रेज़ी पेज पर हैं।
स्रोत
- Sunyra engine (positions verified against NASA/JPL Horizons; panchang for New Delhi)
- Phaladeepika of Mantreswara, ch. 26 (transits from the Moon)
- Muhurta Chintamani of Rama Daivajna (nakshatra classes, tithi groups)
- Brihat Parashara Hora Shastra, ch. 26 (graha drishti) (Santhanam)
Sunyra संपादकीय द्वारा लिखित। ज्योतिष व्याख्या की एक परंपरा है; इसे मार्गदर्शन की तरह पढ़ें, पक्की भविष्यवाणी की तरह नहीं। अस्वीकरण (Disclaimer)।
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