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संक्षेप में: चंद्रमा पूरे दिन कर्क राशि में है (निरयन)। तिथि कृष्ण पक्ष की षष्ठी है, जो 30 नवंबर, 01:47 बजे सप्तमी में बदलती है। दोपहर के आसपास चंद्रमा आश्लेषा नक्षत्र में है, जिसके देवता सर्प (नाग) हैं; यह तीक्ष्ण नक्षत्र है, जो परंपरा से पूरे हो चुके कामों को समेटने, खोज और सफ़ाई के लिए अच्छा माना जाता है।

आज का पंचांग

वार रविवार — स्वामी सूर्य
तिथि कृष्ण पक्ष: षष्ठी 30 नवंबर, 01:47 तक; फिर सप्तमी (सूर्योदय पर नंदा तिथि)
नक्षत्र पुष्य 10:59 तक; फिर आश्लेषा
योग ब्रह्म 17:08 तक; फिर इन्द्र
करण गर 14:48 तक; वणिज 30 नवंबर, 01:47 तक; फिर विष्टि (भद्रा)
चंद्र राशि (निरयन) कर्क
वक्री ग्रह शनि
सूर्योदय / सूर्यास्त 06:54 / 17:23 (नई दिल्ली)
राहु काल 16:05–17:23 (नई दिल्ली)

राहु काल रविवार को दिनमान के आठ बराबर भागों में से आठवाँ भाग है, जो स्थानीय सूर्योदय से गिना जाता है — इसलिए इसका समय आपके शहर पर निर्भर करता है: आज नई दिल्ली में यह 16:05–17:23 बजे तक है। बहुत-से परिवार इसमें नया काम शुरू नहीं करते; अपने शहर का समय हिंदी पंचांग पर देखें।

चंद्र राशि के अनुसार राशिफल

मेष

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके चौथे भाव में बिताता है — घर, माँ, संपत्ति और मन की शांति। चंद्रमा से चौथे भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; घर-परिवार में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। दिन का नक्षत्र आश्लेषा है, जिसका स्वामी बुध आपके सातवें भाव में है — इसलिए दिन में साझेदारी की भी भूमिका रहती है। कल 09:42 बजे चंद्रमा आपके पाँचवें भाव में जाएगा, जो रचनात्मक कामों और संतान से जुड़ा है। चौथा भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके आठवें भाव में है — साझे धन और निजी बातों की ओर एक हल्का इशारा। आपके बारहवें भाव में शनि के कारण साढ़े साती चल रही है, इसलिए सधी हुई, सरल दिनचर्या मदद करती है। दिन का अच्छा उपयोग: माँ या किसी बुज़ुर्ग के साथ इत्मीनान से समय बिताएँ।

वृषभ

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके तीसरे भाव में बिताता है — साहस, भाई-बहन, हुनर और बातचीत। चंद्रमा से तीसरे भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — मेहनत और बातचीत के लिए सहायक पृष्ठभूमि। आज के नक्षत्र आश्लेषा के स्वामी बुध हैं; आपकी राशि से वे छठे भाव में हैं, जो दिन को काम और सेहत की आदतों से जोड़ता है। कल 09:42 बजे चंद्रमा आपके चौथे भाव में जाएगा, जो घर-परिवार से जुड़ा है। तीसरा भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके सातवें भाव में है — साझेदारी की ओर एक हल्का इशारा। पृष्ठभूमि में गुरु आपके चौथे भाव में है, इसलिए उसकी मदद मेहनत के रास्ते आती है। दिन का अच्छा उपयोग: आधा घंटा किसी हुनर के अभ्यास में लगाएँ।

मिथुन

पूरे दिन चंद्रमा आपके दूसरे भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं धन, परिवार, भोजन और वाणी। चंद्रमा से दूसरे भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; धन और परिवार में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। आज के नक्षत्र आश्लेषा के स्वामी बुध हैं; आपकी राशि से वे पाँचवें भाव में हैं, जो दिन को रचनात्मक कामों और संतान से जोड़ता है। कल 09:42 बजे चंद्रमा आपके तीसरे भाव में जाएगा, जो मेहनत और बातचीत से जुड़ा है। दूसरा भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके छठे भाव में है — काम और सेहत की आदतों की ओर एक हल्का इशारा। आपके तीसरे भाव में मंगल मेहनत और बातचीत में ऊर्जा डालता है। दिन का अच्छा उपयोग: घर का हिसाब देखें या परिवार के लिए कुछ पकाएँ।

कर्क

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके पहले भाव में बिताता है — शरीर, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व। यह आपका जन्म-चंद्र है — चंद्रमा आपकी अपनी राशि में — जिसे परंपरा अनुकूल मानती है; मन तेज़ रहेगा, इसलिए योजनाएँ सरल रखें। दिन का नक्षत्र आश्लेषा है, जिसका स्वामी बुध आपके चौथे भाव में है — इसलिए दिन में घर-परिवार की भी भूमिका रहती है। कल 09:42 बजे चंद्रमा आपके दूसरे भाव में जाएगा, जो धन और परिवार से जुड़ा है। पहला भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके पाँचवें भाव में है — रचनात्मक कामों और संतान की ओर एक हल्का इशारा। आपके दूसरे भाव में मंगल धन और परिवार में ऊर्जा डालता है। दिन का अच्छा उपयोग: अपनी दिनचर्या सरल रखें और नींद-भोजन का ध्यान रखें।

सिंह

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके बारहवें भाव में बिताता है — ख़र्च, एकांत, विदेश और मोक्ष। परंपरा चंद्रमा से बारहवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए ख़र्च और विश्राम को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। आज के नक्षत्र आश्लेषा के स्वामी बुध हैं; आपकी राशि से वे तीसरे भाव में हैं, जो दिन को मेहनत और बातचीत से जोड़ता है। कल 09:42 बजे चंद्रमा आपके पहले भाव में जाएगा, जो निजी मामलों से जुड़ा है। बारहवाँ भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके चौथे भाव में है — घर-परिवार की ओर एक हल्का इशारा। पृष्ठभूमि में गुरु आपके पहले भाव में है, इसलिए उसकी मदद मेहनत के रास्ते आती है। दिन का अच्छा उपयोग: जहाँ ज़रूरत हो, चुपचाप मदद करें।

कन्या

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके ग्यारहवें भाव में बिताता है — लाभ, मित्र, संपर्क और इच्छाएँ। चंद्रमा से ग्यारहवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — लाभ और मित्रता के लिए सहायक पृष्ठभूमि। दिन का नक्षत्र आश्लेषा है, जिसका स्वामी बुध आपके दूसरे भाव में है — इसलिए दिन में धन और परिवार की भी भूमिका रहती है। कल 09:42 बजे चंद्रमा आपके बारहवें भाव में जाएगा, जो ख़र्च और विश्राम से जुड़ा है। ग्यारहवाँ भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके तीसरे भाव में है — मेहनत और बातचीत की ओर एक हल्का इशारा। शनि धीरे-धीरे आपके सातवें भाव से गुज़र रहा है और साझेदारी में धीरज माँगता है। दिन का अच्छा उपयोग: किसी मित्र से फिर जुड़ें।

तुला

पूरे दिन चंद्रमा आपके दसवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं करियर, पद और कर्म। चंद्रमा से दसवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — करियर के लिए सहायक पृष्ठभूमि। आज के नक्षत्र आश्लेषा के स्वामी बुध हैं; आपकी राशि से वे पहले भाव में हैं, जो दिन को निजी मामलों से जोड़ता है। कल 09:42 बजे चंद्रमा आपके ग्यारहवें भाव में जाएगा, जो लाभ और मित्रता से जुड़ा है। दसवाँ भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके दूसरे भाव में है — धन और परिवार की ओर एक हल्का इशारा। शनि धीरे-धीरे आपके छठे भाव से गुज़र रहा है और वहाँ धैर्य भरी मेहनत का फल देता है। दिन का अच्छा उपयोग: हफ़्ते के कामों को व्यवस्थित करें।

वृश्चिक

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके नौवें भाव में बिताता है — भाग्य, आस्था, गुरु और लंबी यात्राएँ। परंपरा चंद्रमा से नौवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए पढ़ाई, आस्था और यात्रा को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। आज के नक्षत्र आश्लेषा के स्वामी बुध हैं; आपकी राशि से वे बारहवें भाव में हैं, जो दिन को ख़र्च और विश्राम से जोड़ता है। कल 09:42 बजे चंद्रमा आपके दसवें भाव में जाएगा, जो करियर से जुड़ा है। नौवाँ भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके पहले भाव में है — निजी मामलों की ओर एक हल्का इशारा। आपके दसवें भाव में मंगल करियर में ऊर्जा डालता है। दिन का अच्छा उपयोग: यात्रा की जल्दी के बजाय उसकी योजना बनाएँ।

धनु

पूरे दिन चंद्रमा आपके आठवें भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं परिवर्तन, साझा धन और गुप्त बातें। धनु चंद्र राशि वालों के लिए यह चंद्राष्टम है (पूरे दिन): पंचांग की परंपरा ज़रूरी नई शुरुआत किसी और दिन के लिए रखती है, इसलिए साझे धन और निजी बातों में धीरे चलें। आज के नक्षत्र आश्लेषा के स्वामी बुध हैं; आपकी राशि से वे ग्यारहवें भाव में हैं, जो दिन को लाभ और मित्रता से जोड़ता है। कल 09:42 बजे चंद्रमा आपके नौवें भाव में जाएगा, जो पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जुड़ा है। आठवाँ भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके बारहवें भाव में है — ख़र्च और विश्राम की ओर एक हल्का इशारा। दिन का अच्छा उपयोग: योजनाएँ छोटी रखें और जो शुरू है उसे पूरा करें।

मकर

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके सातवें भाव में बिताता है — विवाह, साथी और अनुबंध। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से सातवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन साझेदारी के लिए मददगार रहेगा। दिन का नक्षत्र आश्लेषा है, जिसका स्वामी बुध आपके दसवें भाव में है — इसलिए दिन में करियर की भी भूमिका रहती है। कल 09:42 बजे चंद्रमा आपके आठवें भाव में जाएगा, जो साझे धन और निजी बातों से जुड़ा है। सातवाँ भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके ग्यारहवें भाव में है — लाभ और मित्रता की ओर एक हल्का इशारा। शनि धीरे-धीरे आपके तीसरे भाव से गुज़र रहा है और वहाँ धैर्य भरी मेहनत का फल देता है। दिन का अच्छा उपयोग: किसी सहकर्मी के साथ बीच का रास्ता निकालें।

कुंभ

पूरे दिन चंद्रमा आपके छठे भाव में रहेगा, जिसके विषय हैं काम, सेवा, सेहत की आदतें, क़र्ज़ और प्रतिस्पर्धा। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से छठे भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन काम और सेहत की आदतों के लिए मददगार रहेगा। आज के नक्षत्र आश्लेषा के स्वामी बुध हैं; आपकी राशि से वे नौवें भाव में हैं, जो दिन को पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जोड़ता है। कल 09:42 बजे चंद्रमा आपके सातवें भाव में जाएगा, जो साझेदारी से जुड़ा है। छठा भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके दसवें भाव में है — करियर की ओर एक हल्का इशारा। आपके दूसरे भाव में शनि के कारण साढ़े साती चल रही है, इसलिए सधी हुई, सरल दिनचर्या मदद करती है। दिन का अच्छा उपयोग: छूटी हुई सेहत की दिनचर्या फिर शुरू करें।

मीन

चंद्रमा आज पूरा दिन आपके पाँचवें भाव में बिताता है — संतान, रचनात्मकता, बुद्धि और पुण्य। परंपरा चंद्रमा से पाँचवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए रचनात्मक कामों और संतान को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। आज के नक्षत्र आश्लेषा के स्वामी बुध हैं; आपकी राशि से वे आठवें भाव में हैं, जो दिन को साझे धन और निजी बातों से जोड़ता है। कल 09:42 बजे चंद्रमा आपके छठे भाव में जाएगा, जो काम और सेहत की आदतों से जुड़ा है। पाँचवाँ भाव आपके लिए चंद्रमा का अपना भाव है, इसलिए इसके मामले आज निजी लगेंगे। आज रविवार है, जिसका स्वामी सूर्य आपके नौवें भाव में है — पढ़ाई, आस्था और यात्रा की ओर एक हल्का इशारा। आपके छठे भाव में मंगल काम और सेहत की आदतों में ऊर्जा डालता है। दिन का अच्छा उपयोग: यदि आपकी साधना है, तो थोड़ी प्रार्थना या मंत्र-जप करें।

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दैनिक राशिफल चंद्रमा के साथ चलता है — सबसे तेज़ चलने वाला ग्रह — और आपकी राशि से गिने गए भावों में उसकी यात्रा पढ़ता है; आकाश रोज़ बदलता है, इसलिए फल भी रोज़ बदलता है। आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं ज़्यादा सटीक है: आपका दिन आपकी जन्म-कुंडली से हर दिन का पाठ देता है, और मुफ़्त कुंडली आपकी चंद्र राशि, लग्न और चल रही दशा दिखाती है। सूर्य राशि (पश्चिमी) के राशिफल अंग्रेज़ी पेज पर हैं।

स्रोत

  1. Sunyra engine (positions verified against NASA/JPL Horizons; panchang for New Delhi)
  2. Phaladeepika of Mantreswara, ch. 26 (transits from the Moon)
  3. Muhurta Chintamani of Rama Daivajna (nakshatra classes, tithi groups)
  4. Brihat Parashara Hora Shastra, ch. 26 (graha drishti) (Santhanam)

Sunyra संपादकीय द्वारा लिखित। ज्योतिष व्याख्या की एक परंपरा है; इसे मार्गदर्शन की तरह पढ़ें, पक्की भविष्यवाणी की तरह नहीं। अस्वीकरण (Disclaimer)।

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