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संक्षेप में: चंद्रमा 09:42 बजे तक कर्क राशि में है, फिर सिंह में (निरयन)। तिथि कृष्ण पक्ष की सप्तमी है, जो 1 दिसंबर, 00:12 बजे अष्टमी में बदलती है। दोपहर के आसपास चंद्रमा मघा नक्षत्र में है, जिसके देवता पितर हैं; यह उग्र नक्षत्र है, जिसे परंपरा नाज़ुक शुरुआतों के बजाय कठिन या निर्णायक कामों के लिए रखती है। सिंह में चंद्रमा के साथ मंगल, गुरु और केतु हैं। विष्टि करण (भद्रा), जिसे पंचांग शुभ शुरुआत के लिए टालते हैं, 01:47 से 12:55 बजे तक रहेगा। वैधृति योग मुहूर्त-ग्रंथों में नए काम की शुरुआत के लिए टाला जाता है; रोज़ का काम सामान्य रूप से चलता है।
आज का पंचांग
| वार | सोमवार — स्वामी चंद्रमा |
| तिथि | कृष्ण पक्ष: सप्तमी 1 दिसंबर, 00:12 तक; फिर अष्टमी (सूर्योदय पर भद्रा तिथि) |
| नक्षत्र | आश्लेषा 09:42 तक; फिर मघा |
| योग | इन्द्र 14:27 तक; फिर वैधृति |
| करण | विष्टि (भद्रा) 12:55 तक; बव 1 दिसंबर, 00:12 तक; फिर बालव |
| चंद्र राशि (निरयन) | कर्क; 09:42 बजे से सिंह |
| वक्री ग्रह | शनि |
| सूर्योदय / सूर्यास्त | 06:55 / 17:23 (नई दिल्ली) |
| राहु काल | 08:13–09:32 (नई दिल्ली) |
राहु काल सोमवार को दिनमान के आठ बराबर भागों में से दूसरा भाग है, जो स्थानीय सूर्योदय से गिना जाता है — इसलिए इसका समय आपके शहर पर निर्भर करता है: आज नई दिल्ली में यह 08:13–09:32 बजे तक है। बहुत-से परिवार इसमें नया काम शुरू नहीं करते; अपने शहर का समय हिंदी पंचांग पर देखें।
चंद्र राशि के अनुसार राशिफल
मेष
चंद्रमा 09:42 बजे तक आपके चौथे भाव में है, जो घर-परिवार से जुड़ा है; फिर वह पाँचवें भाव में आता है — संतान, रचनात्मकता, बुद्धि और पुण्य। परंपरा चंद्रमा से पाँचवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए रचनात्मक कामों और संतान को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। वहाँ चंद्रमा का साथ मंगल, गुरु और केतु दे रहे हैं, जिससे अक्सर तेज़ भावनाएँ और ऐसी ऊर्जा जिसे सही काम चाहिए, स्थिर और उदार मन और शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन रहता है। दिन का नक्षत्र मघा है, जिसका स्वामी केतु आपके पाँचवें भाव में है — इसलिए दिन में रचनात्मक कामों और संतान की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी सूर्य आपके आठवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग साझे धन और निजी बातों से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: यदि आपकी साधना है, तो थोड़ी प्रार्थना या मंत्र-जप करें।
वृषभ
चंद्रमा 09:42 बजे तक आपके तीसरे भाव में है, जो मेहनत और बातचीत से जुड़ा है; फिर वह चौथे भाव में आता है — घर, माँ, संपत्ति और मन की शांति। चंद्रमा से चौथे भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; घर-परिवार में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। उस भाव में चंद्रमा के साथ मंगल, गुरु और केतु हैं: तेज़ भावनाएँ और ऐसी ऊर्जा जिसे सही काम चाहिए, स्थिर और उदार मन और शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन। दिन का नक्षत्र मघा है, जिसका स्वामी केतु आपके चौथे भाव में है — इसलिए दिन में घर-परिवार की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी सूर्य आपके सातवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग साझेदारी से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: घर का एक कोना सहेजें।
मिथुन
चंद्रमा 09:42 बजे तक आपके दूसरे भाव में है, जो धन और परिवार से जुड़ा है; फिर वह तीसरे भाव में आता है — साहस, भाई-बहन, हुनर और बातचीत। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से तीसरे भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन मेहनत और बातचीत के लिए मददगार रहेगा। उस भाव में चंद्रमा के साथ मंगल, गुरु और केतु हैं: तेज़ भावनाएँ और ऐसी ऊर्जा जिसे सही काम चाहिए, स्थिर और उदार मन और शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन। दिन का नक्षत्र मघा है, जिसका स्वामी केतु आपके तीसरे भाव में है — इसलिए दिन में मेहनत और बातचीत की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी सूर्य आपके छठे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग काम और सेहत की आदतों से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: जो संदेश या फ़ोन टाल रहे थे, आज कर लें।
कर्क
चंद्रमा 09:42 बजे तक आपके पहले भाव में है, जो निजी मामलों से जुड़ा है; फिर वह दूसरे भाव में आता है — धन, परिवार, भोजन और वाणी। परंपरा चंद्रमा से दूसरे भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए धन और परिवार को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। उस भाव में चंद्रमा के साथ मंगल, गुरु और केतु हैं: तेज़ भावनाएँ और ऐसी ऊर्जा जिसे सही काम चाहिए, स्थिर और उदार मन और शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन। आज के नक्षत्र मघा के स्वामी केतु हैं; आपकी राशि से वे दूसरे भाव में हैं, जो दिन को धन और परिवार से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी सूर्य आपके पाँचवें भाव में है, जो उसे रचनात्मक कामों और संतान से जोड़ता है। दिन का अच्छा उपयोग: घर का हिसाब देखें या परिवार के लिए कुछ पकाएँ।
सिंह
चंद्रमा 09:42 बजे तक आपके बारहवें भाव में है, जो ख़र्च और विश्राम से जुड़ा है; फिर वह पहले भाव में आता है — शरीर, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व। यह आपका जन्म-चंद्र है — चंद्रमा आपकी अपनी राशि में — जिसे परंपरा अनुकूल मानती है; मन तेज़ रहेगा, इसलिए योजनाएँ सरल रखें। वहाँ चंद्रमा का साथ मंगल, गुरु और केतु दे रहे हैं, जिससे अक्सर तेज़ भावनाएँ और ऐसी ऊर्जा जिसे सही काम चाहिए, स्थिर और उदार मन और शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन रहता है। दिन का नक्षत्र मघा है, जिसका स्वामी केतु आपके पहले भाव में है — इसलिए दिन में निजी मामलों की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी सूर्य आपके चौथे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग घर-परिवार से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: दिन की शुरुआत थोड़ी सैर या शांति से करें।
कन्या
चंद्रमा 09:42 बजे तक आपके ग्यारहवें भाव में है, जो लाभ और मित्रता से जुड़ा है; फिर वह बारहवें भाव में आता है — ख़र्च, एकांत, विदेश और मोक्ष। परंपरा चंद्रमा से बारहवें भाव को अनुकूल गोचर नहीं मानती, इसलिए ख़र्च और विश्राम को लेकर उम्मीदें संतुलित रखें। वहाँ चंद्रमा का साथ मंगल, गुरु और केतु दे रहे हैं, जिससे अक्सर तेज़ भावनाएँ और ऐसी ऊर्जा जिसे सही काम चाहिए, स्थिर और उदार मन और शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन रहता है। आज के नक्षत्र मघा के स्वामी केतु हैं; आपकी राशि से वे बारहवें भाव में हैं, जो दिन को ख़र्च और विश्राम से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी सूर्य आपके तीसरे भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग मेहनत और बातचीत से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: ख़र्च से पहले बजट देखें।
तुला
चंद्रमा 09:42 बजे तक आपके दसवें भाव में है, जो करियर से जुड़ा है; फिर वह ग्यारहवें भाव में आता है — लाभ, मित्र, संपर्क और इच्छाएँ। चंद्रमा से ग्यारहवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — लाभ और मित्रता के लिए सहायक पृष्ठभूमि। उस भाव में चंद्रमा के साथ मंगल, गुरु और केतु हैं: तेज़ भावनाएँ और ऐसी ऊर्जा जिसे सही काम चाहिए, स्थिर और उदार मन और शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन। दिन का नक्षत्र मघा है, जिसका स्वामी केतु आपके ग्यारहवें भाव में है — इसलिए दिन में लाभ और मित्रता की भी भूमिका रहती है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी सूर्य आपके दूसरे भाव में है, जो उसे धन और परिवार से जोड़ता है। दिन का अच्छा उपयोग: अपनी अच्छी ख़बर अपने लोगों से बाँटें।
वृश्चिक
चंद्रमा 09:42 बजे तक आपके नौवें भाव में है, जो पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जुड़ा है; फिर वह दसवें भाव में आता है — करियर, पद और कर्म। चंद्रमा से दसवें भाव का गोचर परंपरा में शुभ माना गया है — करियर के लिए सहायक पृष्ठभूमि। वहाँ चंद्रमा का साथ मंगल, गुरु और केतु दे रहे हैं, जिससे अक्सर तेज़ भावनाएँ और ऐसी ऊर्जा जिसे सही काम चाहिए, स्थिर और उदार मन और शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन रहता है। दिन का नक्षत्र मघा है, जिसका स्वामी केतु आपके दसवें भाव में है — इसलिए दिन में करियर की भी भूमिका रहती है। उस भाव के स्वामी सूर्य आपके पहले भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग निजी मामलों से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: किसी सार्वजनिक वादे को निभाएँ।
धनु
चंद्रमा 09:42 बजे तक आपके आठवें भाव में है, जो साझे धन और निजी बातों से जुड़ा है; फिर वह नौवें भाव में आता है — भाग्य, आस्था, गुरु और लंबी यात्राएँ। चंद्रमा से नौवें भाव का गोचर परंपरा में सहायक नहीं गिना जाता; पढ़ाई, आस्था और यात्रा में दबाव से ज़्यादा धीरज काम आएगा। चंद्राष्टम 09:42 बजे समाप्त होता है, इसलिए नई शुरुआत उसके बाद करें। वहाँ चंद्रमा का साथ मंगल, गुरु और केतु दे रहे हैं, जिससे अक्सर तेज़ भावनाएँ और ऐसी ऊर्जा जिसे सही काम चाहिए, स्थिर और उदार मन और शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन रहता है। आज के नक्षत्र मघा के स्वामी केतु हैं; आपकी राशि से वे नौवें भाव में हैं, जो दिन को पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जोड़ता है। दिन का अच्छा उपयोग: किसी ऐसे गुरु को पढ़ें या सुनें जिनका आप आदर करते हैं।
मकर
चंद्रमा 09:42 बजे तक आपके सातवें भाव में है, जो साझेदारी से जुड़ा है; फिर वह आठवें भाव में आता है — परिवर्तन, साझा धन और गुप्त बातें। मकर चंद्र राशि वालों के लिए यह चंद्राष्टम है (09:42 बजे से): पंचांग की परंपरा ज़रूरी नई शुरुआत किसी और दिन के लिए रखती है, इसलिए साझे धन और निजी बातों में धीरे चलें। वहाँ चंद्रमा का साथ मंगल, गुरु और केतु दे रहे हैं, जिससे अक्सर तेज़ भावनाएँ और ऐसी ऊर्जा जिसे सही काम चाहिए, स्थिर और उदार मन और शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन रहता है। दिन का नक्षत्र मघा है, जिसका स्वामी केतु आपके आठवें भाव में है — इसलिए दिन में साझे धन और निजी बातों की भी भूमिका रहती है। दिन का अच्छा उपयोग: साझे पैसे के जोखिम भरे फ़ैसले टालें।
कुंभ
चंद्रमा 09:42 बजे तक आपके छठे भाव में है, जो काम और सेहत की आदतों से जुड़ा है; फिर वह सातवें भाव में आता है — विवाह, साथी और अनुबंध। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से सातवें भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन साझेदारी के लिए मददगार रहेगा। वहाँ चंद्रमा का साथ मंगल, गुरु और केतु दे रहे हैं, जिससे अक्सर तेज़ भावनाएँ और ऐसी ऊर्जा जिसे सही काम चाहिए, स्थिर और उदार मन और शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन रहता है। आज के नक्षत्र मघा के स्वामी केतु हैं; आपकी राशि से वे सातवें भाव में हैं, जो दिन को साझेदारी से जोड़ता है। उस भाव के स्वामी सूर्य आपके दसवें भाव में बैठे हैं, इसलिए दिन का रंग करियर से आता है। दिन का अच्छा उपयोग: किसी सहकर्मी के साथ बीच का रास्ता निकालें।
मीन
चंद्रमा 09:42 बजे तक आपके पाँचवें भाव में है, जो रचनात्मक कामों और संतान से जुड़ा है; फिर वह छठे भाव में आता है — काम, सेवा, सेहत की आदतें, क़र्ज़ और प्रतिस्पर्धा। परंपरा (फलदीपिका, अध्याय 26) चंद्रमा से छठे भाव को शुभ गोचर में गिनती है, इसलिए दिन काम और सेहत की आदतों के लिए मददगार रहेगा। उस भाव में चंद्रमा के साथ मंगल, गुरु और केतु हैं: तेज़ भावनाएँ और ऐसी ऊर्जा जिसे सही काम चाहिए, स्थिर और उदार मन और शांत, भीतर की ओर मुड़ा मन। आज के नक्षत्र मघा के स्वामी केतु हैं; आपकी राशि से वे छठे भाव में हैं, जो दिन को काम और सेहत की आदतों से जोड़ता है। चंद्रमा वाले भाव का स्वामी सूर्य आपके नौवें भाव में है, जो उसे पढ़ाई, आस्था और यात्रा से जोड़ता है। दिन का अच्छा उपयोग: कोई छोटा क़र्ज़ या विवाद शांति से सुलझाएँ।
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दैनिक राशिफल चंद्रमा के साथ चलता है — सबसे तेज़ चलने वाला ग्रह — और आपकी राशि से गिने गए भावों में उसकी यात्रा पढ़ता है; आकाश रोज़ बदलता है, इसलिए फल भी रोज़ बदलता है। आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं ज़्यादा सटीक है: आपका दिन आपकी जन्म-कुंडली से हर दिन का पाठ देता है, और मुफ़्त कुंडली आपकी चंद्र राशि, लग्न और चल रही दशा दिखाती है। सूर्य राशि (पश्चिमी) के राशिफल अंग्रेज़ी पेज पर हैं।
स्रोत
- Sunyra engine (positions verified against NASA/JPL Horizons; panchang for New Delhi)
- Phaladeepika of Mantreswara, ch. 26 (transits from the Moon)
- Muhurta Chintamani of Rama Daivajna (nakshatra classes, tithi groups)
- Brihat Parashara Hora Shastra, ch. 26 (graha drishti) (Santhanam)
Sunyra संपादकीय द्वारा लिखित। ज्योतिष व्याख्या की एक परंपरा है; इसे मार्गदर्शन की तरह पढ़ें, पक्की भविष्यवाणी की तरह नहीं। अस्वीकरण (Disclaimer)।
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